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Rashtriya swayamsevak sangh (rss)


'Rashtriya swayamsevak sangh (rss)' - 63 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • पुस्तक समीक्षा : RSS के बारे में उठे सवालों के जवाब देती है 'द RSS रोडमैप्स फॉर द ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी'

    पुस्तक समीक्षा : RSS के बारे में उठे सवालों के जवाब देती है 'द RSS रोडमैप्स फॉर द ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी'

    यह पहली बार है, जब RSS के एक वरिष्ठ प्रचारक ने एक पुस्तक के माध्यम से संघ के अंदरूनी क्रियाकलाप, उसकी विचारधारा, भारत के प्रति उसकी दृष्टि तथा विभिन्न विषयों पर सोच को सामने रखने का प्रयास किया है. लंबे समय से संघ के छात्र संगठन ABVP में संगठन महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे सुनील आम्बेकर की पुस्तक – 'द RSS रोडमैप्स फॉर द ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी' - उन तमाम विषयों पर संघ की राय स्पष्ट करने का प्रयास करती है, जिन्हें लेकर RSS को कठघरे में खड़ा किया जाता रहा है.

  • पूर्व RSS कार्यकर्ता बोले- अमेरिका का चंद्रमा मिशन इसलिए सफल हुआ था, क्योंकि उन्होंने 'एकादशी' को किया था लॉन्च

    पूर्व RSS कार्यकर्ता बोले- अमेरिका का चंद्रमा मिशन इसलिए सफल हुआ था, क्योंकि उन्होंने 'एकादशी' को किया था लॉन्च

    उन्होंने दावा किया कि बार-बार की नाकामियों के बाद एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने भारतीय काल गणना अपनाने का सुझाव दिया था. इसका अनुपालन करते हुए अमेरिका अपनी 39 वीं कोशिश में सफल रहा. इससे पहले भिडे ने नासिक में कहा था, ‘उनके बाग का आम खाने पर कई दंपतियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है.'

  • RSS के वरिष्ठ नेता ने कहा- इस्लाम के आने से हुई छुआछूत की शुरुआत, प्राचीन भारत में गौमांस खाने वालों को माना जाता था अछूत

    RSS के वरिष्ठ नेता ने कहा- इस्लाम के आने से हुई छुआछूत की शुरुआत, प्राचीन भारत में गौमांस खाने वालों को माना जाता था अछूत

    आरएसएस के वरिष्ठ नेता कृष्ण गोपाल ने सोमवार को दावा किया कि भारत में छुआछूत की शुरुआत इस्लाम की शुरुआत से हुई. उन्होंने यह भी कहा कि दलित का कॉन्सेप्ट ब्रिटिश शासन द्वारा फूट डालने और राज करने के लिए लाया गया था. उन्होंने कहा, 'पहली बार छुआछूत का मामला इस्लाम के आने के बाद देखा गया. उन्होंने अपनी बात को साबित करने के लिए सिंध के आखिरी हिंदू राजा दाहिर के परिवार की कहानी का भी जिक्र किया.

  • अनुच्छेद 370 तो हट गया, अब मोदी सरकार का अगला कदम क्या होगा...?

    अनुच्छेद 370 तो हट गया, अब मोदी सरकार का अगला कदम क्या होगा...?

    15 अगस्त को RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दुर्लभ तरीके से बेहद उदार शब्दों में अनुच्छेद 370 को हटाकर कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के लिए प्रधानमंत्री की सार्वजनिक रूप से सराहना की. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनावी नारे का इस्तेमाल करते हुए RSS के सरसंघचालक ने कहा, "अनुच्छेद 370 इसलिए गया, क्योंकि मोदी है, तो मुमकिन है..."

  • RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले, संस्कृत जाने बिना भारत को पूरी तरह समझना मुश्किल

    RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले, संस्कृत जाने बिना भारत को पूरी तरह समझना मुश्किल

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि संस्कृत को जाने बिना भारत को पूरी तरह से समझना मुश्किल है. भागवत ने कहा कि यहां तक कि डा. बी आर आंबेडकर ने भी इस बात पर अफसोस जताया था कि उन्हें संस्कृत सीखने का अवसर नहीं मिला क्योंकि यह देश की परंपराओं के बारे में जानने के लिए महत्वपूर्ण है.

  • पीएम मोदी के इंटरव्यू के बाद बोले मोहन भागवत: अयोध्या में केवल राम मंदिर बनेगा

    पीएम मोदी के इंटरव्यू के बाद बोले मोहन भागवत: अयोध्या में केवल राम मंदिर बनेगा

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि अयोध्या में केवल राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा.

  • राम मंदिर के लिए माहौल बना रहे RSS की कवायद दिल्ली में फेल, 100 लोग भी संकल्प यात्रा में नहीं जुटे

    राम मंदिर के लिए माहौल बना रहे RSS की कवायद दिल्ली में फेल, 100 लोग भी संकल्प यात्रा में नहीं जुटे

    अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर न सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तेज है, बल्कि राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ भी काफी सक्रिय हो गया है. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की कवायद में जुटा आरएसएस आज से देश की राजधानी दिल्ली में यात्रा निकाल रहा है. अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आज से दिल्ली में संकल्प रथ यात्रा निकाला है. ये यात्रा 9 दिन चलेगी. इस यात्रा की शुरुआत झंडेवालां मंदिर से हुई. 9 दिसंबर को जब ये यात्रा ख़त्म होगी तब विश्व हिंदू परिषद एक धर्म सभा का आयोजन कर रही है. इस यात्रा में स्वदेशी जागरण मंच और संघ की इकोनॉमिक विंग के साथ सभी संस्थाएं शामिल हो रही हैं.

  • मध्य प्रदेश में कांग्रेस के घोषणापत्र पर बवाल, उमा भारती बोलीं- जब तक हम जिंदा हैं तब तक RSS पर कोई बैन नहीं लगा सकता

    मध्य प्रदेश में कांग्रेस के घोषणापत्र पर बवाल, उमा भारती बोलीं- जब तक हम जिंदा हैं तब तक RSS पर कोई बैन नहीं लगा सकता

    च केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने संघ के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि RSS पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि यह संगठन एक विचारधारा के रूप में उन जैसे कई लोगों के मन में बसा है. उमा भारती ने कहा, "संघ एक राष्ट्रवादी विचारधारा है जो हम सबके अंदर बसी है.

  • 'फिर राम याद आए, क्या चुनाव नजदीक आए'?

    'फिर राम याद आए, क्या चुनाव नजदीक आए'?

    इन्हें फिर राम याद आए हैं. पूछो क्या चुनाव नजदीक आए हैं. यह वो आरोप है जो विपक्ष आरएसएस और बीजेपी पर हमेशा लगाता रहा है. लेकिन पिछले एक महीने में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने चार बार राम मंदिर का नाम लेकर एक तरह से विपक्ष के आरोप की पुष्टि ही की है.

  • कांग्रेस कोर ग्रुप की राहुल गांधी को सलाह: RSS का न्योता न कबूल करें, वह जहर है, न चखें

    कांग्रेस कोर ग्रुप की राहुल गांधी को सलाह: RSS का न्योता न कबूल करें, वह जहर है, न चखें

    कांग्रेस के कोर ग्रुप ने राहुल गांधी को आरएसएस के कार्यक्रम में न जाने की सलाह दी है. कांग्रेस के सीनियर नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी से कहा कि आरएसएस एक जहर है, ये सभी जानते हैं. अगर आप जानते हैं कि सामने जहर है तो फिर उसके चखकर देखने की जरूरत नहीं है. क्योंकि चखने का नतीजा सब जानते हैं. 

  • क्या राहुल गांधी RSS के कार्यक्रम में शामिल होंगे, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया यह जवाब...

    क्या राहुल गांधी RSS के कार्यक्रम में शामिल होंगे, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया यह जवाब...

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) या पार्टी के किसी अन्य नेता के आरएसएस कार्यक्रम (RSS lecture) में भाग लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. आरएसएस की अगले महीने व्याख्यान सीरीज में कांग्रेस अध्यक्ष को कथित तौर पर आमंत्रित करने की योजना के बारे में पूछे जाने पर खड़गे ने कहा, 'पहले पत्र (निमंत्रण) आने दें. यह (निमंत्रण) चुनावों को देखते हुए है.' 2019 के चुनावों से पहले पार्टी की महाराष्ट्र और मुंबई इकाई के कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद खड़गे संवाददाताओं से बात कर रहे थे.

  • पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बाद अब संघ प्रमुख के साथ मंच साझा करेंगे उद्योगपति रतन टाटा

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बाद अब संघ प्रमुख के साथ मंच साझा करेंगे उद्योगपति रतन टाटा

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बाद अब अगले महीने होने वाले एक कार्यक्रम में उद्योगपति रतन टाटा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ मंच साझा करेंगे. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी पिछले महीने नागपुर में राष्ट्रीय आरएसएस के एक कार्यक्रम का हिस्सा बन चुके हैं. कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति का हिस्सा लेना चर्चा का विषय बन गया था.

  • बहुलतावाद और सहिष्णुता है भारत की आत्मा : संघ मुख्‍यालय में प्रणब मुखर्जी के भाषण की 10 बड़ी बातें

    बहुलतावाद और सहिष्णुता है भारत की आत्मा : संघ मुख्‍यालय में प्रणब मुखर्जी के भाषण की 10 बड़ी बातें

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बहुलतावाद एवं सहिष्णुता को भारत की 'आत्मा’ करार देते हुए गुरुवार को आरएसएस को परोक्ष तौर पर आगाह किया कि ‘धार्मिक मत और असहिष्णुता’ के माध्यम से भारत को परिभाषित करने का कोई भी प्रयास देश के अस्तित्व को कमजोर करेगा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे मुखर्जी ने कांग्रेस के तमाम नेताओं के विरोध के बावजूद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयं सेवकों के प्रशिक्षण वर्ग के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात नागपुर में रेशमबाग स्थित आरएसएस मुख्यालय में कही.

  • महात्मा गांधी, डॉ जाकिर हुसैन सहित कई दिग्गज नेता जा चुके हैं संघ के कार्यक्रमों में

    महात्मा गांधी, डॉ जाकिर हुसैन सहित कई दिग्गज नेता जा चुके हैं संघ के कार्यक्रमों में

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में शिरकत करने पर विवाद चल रहा है. कांग्रेस के कई नेताओं के अलावा मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुख्रर्जी ने भी अपने पिता के नागपुर में संघ मुख्यालय में जाने के फैसले पर आपत्ति जताई है. हालांकि प्रणब मुखर्जी से पहले कांग्रेस और अन्य संगठनों के देश के कई दिग्गज नेता आरएसएस के कार्यक्रमों में भाग ले चुके हैं.

  • वो तीन फैसले, जिनके लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल को हमेशा याद किया जाएगा

    वो तीन फैसले, जिनके लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल को हमेशा याद किया जाएगा

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आज नागपुर में आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के मुख्यालय में एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे. यहां वह संघ शिक्षा वर्ग के तीसरे वर्ष के दिक्षांत समारोह में अपना भाषण देंगे. हालांकि, इस पर घमासाम अभी भी जारी है. कल तक कांग्रेस के नेता प्रणब मुखर्जी के इस फैसले की आलोचना कर रहे थे, मगर बुधवार को उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी उनके फैसले को सही नहीं ठहराया. हालांकि, अब प्रणब मुखर्जी के कार्यक्रम में किसी तरह के बदलाव के आसार नहीं दिख रहे हैं. वह नागपुर पहुंच चुके हैं और शाम को करीब 6 बजे संघ के मुख्यालय में अपना भाषण देंगे. सबकी नजरें सिर्फ इस बात पर होगी कि आखिर कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी क्या बोलते हैं, जो अपने राजनीतिक जीवन में संघ के विरोधी रहे हैं. मगर इन सबसे इतर आज हम पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के उन बड़े फैसलों की बात करेंगे, जिन्होंने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उऩ्होंने ली और उसकी वजह से उन्हें आज भी याद किया जाता है. पूर्व राष्ट्रपतियों की तुलना में अक्सर प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल को बेहतर माना जाता है क्योंकि इन्होंने अपने कार्यकाल में करीब 37 दया याचिकाएं खारिज की और कसाब और अफजल गुरु जैसे खूंखार आतंकियों को भी फांसी की सजा को मंजूरी दी.  

  • BJP में शामिल होने की अफवाह पर प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा बोलीं- राजनीति छोड़ दूंगी, मगर...

    BJP में शामिल होने की अफवाह पर प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा बोलीं- राजनीति छोड़ दूंगी, मगर...

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने पर घमासान जारी है. खुद प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि आपके भाषण भुला दिये जाएंगे, मगर तस्वीरें हमेशा के लिए रह जाएंगी. इतना ही नहीं, बुधवार को शर्मिष्ठा मुखर्जी के बीजेपी में शामिल होने के शिगुफे भी खूब छाए रहे. अफवाह इतनी ज्यादा फैल गई कि खुद शर्मिष्ठा को ट्वीट कर इन अफवाहों को खारिज करना पड़ा. बता दें कि आज पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आरएसएस के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. 

  • महापुरुषों की मूर्तियां तोड़ने की घटनाओं पर आरएसएस नाराज, बैठक में की निंदा

    महापुरुषों की मूर्तियां तोड़ने की घटनाओं पर आरएसएस नाराज, बैठक में की निंदा

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कई राज्यों में महापुरुषों की मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ की घटनाओं की निंदा की है. संघ के मुताबिक विभाजनकारी ताक़तों से सावधान रहने का जरूरत है. इस बीच संघ के दूसरे सबसे ताकतवर पद महासचिव (सरकार्यवाह) के चुनाव को लेकर अटकलों का दौर जारी है.

  • प्रवीण तोगड़िया कैसे बने कैंसर सर्जन से कद्दावर नेता, जानिए

    प्रवीण तोगड़िया कैसे बने कैंसर सर्जन से कद्दावर नेता, जानिए

    विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और पेशे से विख्यात कैंसर सर्जन प्रवीण तोगड़िया ने आईबी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. तोगडि़या ने कहा कि उनकी एनकाउंटर की साजिश रची गई.