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Ravish kumar


'Ravish kumar' - more than 1000 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • ...तो ब्रांच मैनेजर दे रहे हैं भारत को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने का आइडिया!

    ...तो ब्रांच मैनेजर दे रहे हैं भारत को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने का आइडिया!

    क्या आपको पता है कि बैंकों के अफसर इस महीने क्या कर रहे हैं? वे वित्त मंत्रालय के निर्देश पर चर्चा कर रहे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था का आकार 5 ट्रिलियन डॉलर का कैसे किया जा सकता है. जब बजट के आस-पास 5 ट्रिलियन डॉलर का सपना बेचा जाने लगा तो किसी को पता नहीं होगा कि सरकार को पता नहीं है कि कैसे होगा. इसलिए उसने बैंक के मैनजरों से कहा है कि वे शनिवार और रविवार को विचार करें और सरकार को आइडिया दें.

  • क्या नेहरू युवा केंद्र के 300 प्रोग्राम कोर्डिनेटर निकाले जा रहे हैं?

    क्या नेहरू युवा केंद्र के 300 प्रोग्राम कोर्डिनेटर निकाले जा रहे हैं?

    कल कई कोर्डिनेटरों ने मुझे मैसेज पर मैसेज करना शुरू कर दिया. ज़ाहिर है किसी की नौकरी जाएगी तो परेशान होगा. जब चुनाव आया तो मिनिरत्न कंपनी बेसिल के ज़रिए 300 कार्यक्रम समन्वयक की नियुक्ति होती है. 1500 रुपये का फार्म ख़रीदा था इन युवाओं ने. ऑनलाइन परीक्षा दी और इंटरव्यू दिया. तब जाकर 3 साल के कांट्रेक्ट की नौकरी पर हुआ. इनकी सैलरी 31000 फिक्स हुई. अब इनकी आशंका है कि सरकार निकाल रही है क्योंकि चुनाव हो गया है. कांट्रेक्ट के तीन साल भी नहीं हुए हैं. उन्हीं के मैसेज के आधार पर लिख रहा हूं.

  • एक डॉक्टर और उसका कश्मीर, एक पत्रकार और उसका हिन्दी प्रदेश

    एक डॉक्टर और उसका कश्मीर, एक पत्रकार और उसका हिन्दी प्रदेश

    अचानक दरवाज़ा खुला और एक शख़्स सामने आकर खड़ा हो गया. कंधे पर आला लटका हुआ था. नाम बताने और फैन कहने के कुछ अधूरे वाक्यों के बीच वह फफक पड़ा. पल भर में संभाला, लेकिन तब तक आंखों से आंसू बाहर आ चुके थे.

  • इंसाफ़ के पहलू, अमेरिका का लिंचिंग म्यूज़ियम

    इंसाफ़ के पहलू, अमेरिका का लिंचिंग म्यूज़ियम

    भारत माता की जय करने वालों ने आरोपी का ख़्याल रखा, रखना भी चाहिए लेकिन जो मारा गया वो उनके जय के उद्घोष से बाहर कर दिया गया. आरोपी बरी हुए हैं, पहलू ख़ान को इंसाफ़ नहीं मिला है. हमारी पब्लिक ओपिनियन में इंसाफ़ की ये जगह है. जिसकी हत्या होगी उस पर चुप रहा जाएगा, आरोपी बरी होंगे तो भारत माता की जय कहा जाएगा. सब कुछ कितना बदल गया है. भारत माता की जय. भारत माता ने जयकारा सुनकर ज़रूर उस पुलिस की तरफ देखा होगा जो दो साल की तफ्तीश के बाद इंसाफ नहीं दिला सकी. पुलिस ने किस तरफ देखा होगा, ये बताने की ज़रूरत नहीं है.

  • क्या इंटरनेट के बिना विरोध प्रदर्शन मुमकिन नहीं?

    क्या इंटरनेट के बिना विरोध प्रदर्शन मुमकिन नहीं?

    दुनिया भर में सरकारी पाबंदियों का दायरा बदलता भी जा रहा है और उनका घेरा कसता भी जा रहा है. धरना-प्रदर्शन या आंदोलन करना मुश्किल होता जा रहा है. आवाज़ दबाना आसान हो गया है. भले ही असहमति के स्वर की संख्या लाखों में हो मगर अब यह संभव है और हो भी रहा है कि पहले की तुलना में इन्हें आसानी से दबा दिया जाता है, खासकर तब जब कहा जाता है कि सूचना के बहुत सारे माध्यम हो गए हैं.

  • बेरोज़गारी के मुद्दे का हल कब तक निकलेगा?

    बेरोज़गारी के मुद्दे का हल कब तक निकलेगा?

    बरोज़गारी का सवाल अजीब होता है. न चुनाव में होता है और न चुनाव के बाद होता है. सरकारी सेक्टर की नौकरियों की परीक्षाओं का हाल विकराल है. मध्यप्रेश, बिहार, यूपी से रोज़ किसी न किसी परीक्षा के नौजवानों के मेसेज आते रहते हैं. इनकी संख्या लाखों में है फिर भी सरकारों को फर्क नहीं पड़ता. किसी परीक्षा में इंतज़ार की अवधि सात महीने है तो किसी परीक्षा में 3 साल.

  • कश्मीर बनकर रह गए हैं यूपी और एमपी के 8 लाख नौजवान, मुझे व्हाट्सऐप कर रहे हैं

    कश्मीर बनकर रह गए हैं यूपी और एमपी के 8 लाख नौजवान, मुझे व्हाट्सऐप कर रहे हैं

    मेरे व्हाट्सएप के इनबॉक्स में सुबह से 500 से अधिक मैसेज आ चुके हैं. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सरकारी परीक्षाओं से तंग आए ये नौजवान मिनट-मिनट पर टाइप किया हुआ मैसेज भेज रहे हैं. उन तमाम मैसेज में कश्मीर पर एक शब्द नहीं है. इनकी चिन्ताओं में कश्मीर नहीं है.

  • 69,000 और अन्य भर्तियों को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी जी को रवीश कुमार का पहला पत्र

    69,000 और अन्य भर्तियों को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी जी को रवीश कुमार का पहला पत्र

    फिलहाल 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती के मामले के बारे में छात्र पत्र लिख रहे हैं कि मैं इसे उठाऊं ताकि आपकी सरकार अदालत में इस मामले की सुनवाई जल्दी निपटाने में मदद करें और नौजवानों को नियुक्ति पत्र मिले.

  • बाढ़ की वजह इंसानों की बनाई नीतियां?

    बाढ़ की वजह इंसानों की बनाई नीतियां?

    ज़मीन पर बाढ़ के कारण इंसानों की बनाई नीतियां हैं जिसे मैन मेड क्राइसिस कहते हैं. प्राकृतिक संसाधनों का बेख़ौफ़ इस्तमाल जलवायु परिवर्तन के कारणों को बढ़ाता है. इस बाढ़ को दो तरह से समझिए. दो महीने की बारिश अगर दो हफ्ते में हो जाए तो क्या होगा. क्यों ऐसा हो रहा है. आप मानें या न मानें जो लोग ऊंचे बांधों, कार्बन उत्सर्जन, और नदियों के किनारे निर्माण कार्यों को लेकर चेतावनी देते रहे हैं, जिन्हें हम एक्सपर्ट कहते हैं, बुलाते हैं और सुनकर भुला देते हैं, उनका मज़ाक उड़ाते हैं, लेकिन उनकी एक एक बात सही साबित होती जा रही है.

  • नैरेटिव नेशनलिज़्म में फंसा नौजवान नौकरी के लिए व्हाट्सऐप क्यों करता है?

    नैरेटिव नेशनलिज़्म में फंसा नौजवान नौकरी के लिए व्हाट्सऐप क्यों करता है?

    मैं यही सोचता हूं कि जब उनके पीछे इतनी संख्या है तो फिर उनकी बात क्यों नहीं सुनी जा रही है. क्यों वे इतने परेशान हैं और महीनों बाद भी उनकी समस्या जस की तस है. बहुत दिनों से सीजीएल 2017 के पीड़ित छात्र लिखते रहते हैं.

  • जम्मू-कश्मीर का भरोसा जीतने की मोदी की कोशिश

    जम्मू-कश्मीर का भरोसा जीतने की मोदी की कोशिश

    प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आतंकवाद से लड़ते हुए जान देने वाले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के जवानों अफसरों और नागरिकों को भी याद किया. गुलामदीन, कर्नल सोनम वांग्चुक, रुखसाना कौसर, औरंगजेब. संविधान में भरोसा करने वाले नागरिकों सो भरोसा दिलाया कि उनके सपने पूरे होंगे.

  • RRB RRC Group D: ग्रुप डी एप्लीकेशन रिजेक्ट मामले पर रवीश कुमार ने पीयूष गोयल को लिखी चिठ्ठी

    RRB RRC Group D: ग्रुप डी एप्लीकेशन रिजेक्ट मामले पर रवीश कुमार ने पीयूष गोयल को लिखी चिठ्ठी

    रेलवे के ग्रुप डी का फार्म रिजेक्ट (RRC Group D Application Reject) होने के आधार को लेकर सवालरेलवे ग्रुप डी (RRB, RRC Group D) के लाखों उम्मीदवारों के एप्लीकेशन फॉर्म रिजेक्ट किए गए हैं. उम्मीदवार अपना फॉर्म रिजेक्ट होने के कारण परेशान हैं और रेलवे (Railway Recruitment Board) से मांग कर रहे हैं कि उनके लिए मॉडिफिकेशन का लिंक एक्टिव किया जाए.

  • सुषमा स्वराज बीजेपी की ही रहीं, कभी केंद्र में, तो कभी हाशिये पर

    सुषमा स्वराज बीजेपी की ही रहीं, कभी केंद्र में, तो कभी हाशिये पर

    राजनीति की दुनिया की रिश्तेदारियां लुभाती भी हैं और दुखाती भी हैं. उसकी कशिश को समझना मुश्किल है. पक्ष और विपक्ष का बंटवारा इतना गहरा होता है कि अक्सर इस तरफ के लोग उस तरफ के नेता में अपना अक्स खोजते हैं. लगता है कि वहां भी कोई उनके जैसा हो. यह कमी आप तब और महसूस करते हैं जब राजनीतिक विरोध दुश्मनी का रूप लेने के दौर में पहुंच जाए. सुषमा स्वराज को आज उस तरफ के लोग भी मिस कर रहे हैं. उनके निधन पर आ रही प्रतिक्रियाओं में यह बात अक्सर उभरकर आ रही है कि वे पुराने स्कूल की नेता थीं. नए स्कूल के साथ चलती हुई सुषमा स्वराज पुराने स्कूल वाली नेता क्यों किसी को लग रही थीं. वो अपने पीछे बहुत गहरा सवाल छोड़ गईं हैं.

  • आर्टिकल 370 पर संसद में निराश किया कांग्रेस ने

    आर्टिकल 370 पर संसद में निराश किया कांग्रेस ने

    जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक लोकसभा में भी पास हो गया. राज्यसभा में सोमवार को पास हो गया था. गृह मंत्रालय का विधेयक था इसलिए दोनों ही दिन अमित शाह के रहे. प्रधानमंत्री दोनों दिन मौजूद रहे मगर वे सुनते ही रहे. खबर है कि वे देश को संबोधित करेंगे. अमित शाह ने पूरी तैयारी के साथ भाषण दिया. दोनों दिनों का भाषण एक जैसा ही था फिर भी विपक्ष उन्हें प्रभावशाली तरीके से घेर नहीं सका. शशि थरूर ने सरदार पटेल को लेकर अपनी बात रखी कि धारा 370 पर नेहरू और पटेल सबके दस्तखत थे. कांग्रेस भीतर से बंटती चली गई है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ज़रूर संवैधानिक प्रक्रियाओं का सवाल उठाया है लेकिन उन्होंने भी सरकार के विधेयक का समर्थन किया है.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग : कश्मीर ताले में बंद है, कश्मीर की कोई ख़बर नहीं है

    रवीश कुमार का ब्लॉग : कश्मीर ताले में बंद है, कश्मीर की कोई ख़बर नहीं है

    कश्मीर ताले में बंद है. कश्मीर की कोई ख़बर नहीं है. शेष भारत में कश्मीर को लेकर जश्न है. शेष भारत को कश्मीर की ख़बर से मतलब नहीं है. एक का दरवाज़ा बंद कर दिया गया है. एक ने दरवाज़ा बंद कर लिया है. जम्मू कश्मीर और लद्दाख का पुनर्गठन विधेयक पेश होता है. ज़ाहिर है यह महत्वपूर्ण है और ऐतिहासिक भी. राज्यसभा में पेश होता है और विचार के लिए वक्त भी नहीं दिया जाता है. जैसे कश्मीर बंद है वैसे संसद भी बंद थी. पर कांग्रेस ने भी ऐसा किया था इसलिए सबने राहत की सांस ली. कांग्रेस ने बीजेपी पर बहुत अहसान किया है.

  • क्‍या धारा 370 की धार खत्‍म करने से पहले कश्‍मीर की राय ली गई?

    क्‍या धारा 370 की धार खत्‍म करने से पहले कश्‍मीर की राय ली गई?

    जम्मू कश्मीर और लद्दाख अब दो हिस्सों में बंट गया. पहले राज्य था अब केंद्र शासित प्रदेश हो गया. मुख्यमंत्री का पद समाप्त हो गया. राज्यपाल का पद समाप्त हो गया. दिल्ली की तरह उपराज्यपाल का पद होगा और पुलिस केंद्र सरकार के पास होगी. जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश होगा. लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश होगा. लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी.

  • बधाई का शुक्रिया नहीं हो सकता है : रवीश कुमार

    बधाई का शुक्रिया नहीं हो सकता है : रवीश कुमार

    आपका लिखा हुआ मिटाया नहीं जा रहा है. सहेजा भी नहीं जा रहा है. दो दशक से मेरा हिस्सा आपके बीच जाने किस-किस रूप में गया होगा, आज वो सारा कुछ इन संदेशों में लौट कर आ गया है. जैसे महीनों यात्रा के बाद कोई बड़ी सी नाव लौट किनारे लौट आई हो. आपके हज़ारों मैसेज में लगता है कि मेरे कई साल लौट आए हैं. हर मेसेज में प्यार, आभार और ख़्याल भरा है. उनमें ख़ुद को धड़कता देख रहा हूं. जहां आपकी जान हो, वहां आप डिलिट का बटन कैसे दबा सकते हैं. चाहता हूं मगर सभी को जवाब नहीं दे पा रहा हूं.

  • रैमॉन मैगसेसे पुरस्‍कार मिलने पर रवीश कुमार ने दर्शकों को कहा शुक्रिया

    रैमॉन मैगसेसे पुरस्‍कार मिलने पर रवीश कुमार ने दर्शकों को कहा शुक्रिया

    हर चैनल पर एक ही कटेंट है, एक ही ख़बर है, आप चैनल बदल सकते हैं मगर चैनल के बदलने से डिबेट का टॉपिक नहीं बदल जाता