NDTV Khabar

Ravish kumar


'Ravish kumar' - more than 1000 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • मेक्सिको ने 311 भारतीयों को वापस भेजा, मानव तस्‍करी रैकेट को कड़ा संदेश

    मेक्सिको ने 311 भारतीयों को वापस भेजा, मानव तस्‍करी रैकेट को कड़ा संदेश

    बहुत दिनों से मेक्सिको का झगड़ा अमरीका से चल रहा था, ट्रंप साहब मेक्सिको की सीमा पर दीवार चिनवा रहे थे कि वहां से कोई माइग्रेंट नहीं आ जाए. हम समझ रहे थे कि ये दोनों मुल्क आपस में समझ रहे हैं, हमारा क्या है. मगर मेक्सिको ने तो 311 भारतीयों को जहाज़ में बिठाकर दिल्ली भेज दिया.

  • गुप्त काल पर इतिहास लिखने के लिए संदर्भ सूची, आप भी पढ़ें और इतिहासकार बनें

    गुप्त काल पर इतिहास लिखने के लिए संदर्भ सूची, आप भी पढ़ें और इतिहासकार बनें

    कभी ख़ुद से पूछिएगा. छात्र जीवन में खपे नौजवानों का कितना प्रतिशत इतिहास पढ़ता होगा. इतिहास में प्राचीन इतिहास कितने पढ़ते होंगे. पूरा जीवन लगा देंगे तो भी आप प्राचीन इतिहास के सारे पहलुओं के बारे में जान नहीं सकेंगे.

  • NEET परीक्षा में धांधली की सज़ा छात्र क्यों भुगतें?

    NEET परीक्षा में धांधली की सज़ा छात्र क्यों भुगतें?

    अगर आप छात्र हैं और किसी परीक्षा सिस्टम से गुज़र रहे हैं तो आपको मालूम है कि यहां सिर्फ परीक्षा ही नहीं देनी होती है. दुनिया में शायद ही कोई ऐसा देश हो, और आप किसी भी नॉन रेज़िडेंट इंडियन से पूछ सकते हैं, जहां परीक्षाओं को लेकर धांधली की इतनी ख़बरें आती हैं. मैं करीब दो साल से इस तरह के विषयों पर प्राइम टाइम कर रहा हूं. हर दिन सैकड़ों मैसेज और तस्वीरों से गुज़रता हूं. घंटों इन्हें पढ़ता रहता हूं. मैं चाहता हूं कि आप ये बात ध्यान से सुनें और इस शोध पर नोबेल देने की ज़रूरत नहीं है. इसका निष्कर्ष यह है कि आप इन परीक्षा सिस्टम के ज़रिए भारत के करोड़ों नौजवानों की ज़िंदगी पांच से दस साल तक बर्बाद कर सकते हैं.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग: 'सर सैय्यद डे' पर AMU के एक छात्र डॉ. शोएब अहमद से मुलाकात

    रवीश कुमार का ब्लॉग: 'सर सैय्यद डे' पर AMU के एक छात्र डॉ. शोएब अहमद से मुलाकात

    अलीगढ़ के छात्रों को पता भी है या नहीं कि उनके लिए कोई हसन कमाल साहब इतना सोचते हैं. उनके कारण कुछ ऐसे ही जुनूनी लोगों से मुलाक़ात हुई जो अपने छात्रों की हर संभव मदद के लिए बेताब थे. पैसे और हुनर दोनों से मदद करने के लिए. हसन कमाल वैसे तो बेहद ख़ूबसूरत भी हैं और इंसान भी बड़े अच्छे. अपने काम करने के शहर के चप्पे चप्पे से जानते हैं जैसे कोई अलीगढ़ का छात्र अपने शहर की गलियों को जानता होगा. उनकी मुस्तैदी का क़ायल हो गया. हाथ में एक घड़ी पहन रखी है. आई-फोन वाली. कदमों का हिसाब रखते हैं. शायद इसीलिए फिट भी हैं.

  • कोर्ट में मामला भूमि विवाद का, लेकिन मीडिया के लिए आस्था

    कोर्ट में मामला भूमि विवाद का, लेकिन मीडिया के लिए आस्था

    भारत के इतिहास में यह सबसे लंबा, सबसे हिंसक, सबसे विवादास्पद और सबसे राजनीतिक भूमि विवाद है. इस विवाद को राजनीति के मैदान में लड़ा गया. दावों और प्रतिदावों के बीच इससे संबंधित हिंसा में न जाने कहां-कहां लोग मारे गए. हिन्दू भी मारे गए, मुस्लिम भी मारे गए. अंत में लड़ते-झगड़ते सब इस बिन्दु पर पहुंचे कि जो भी अदालत का फैसला होगा, सब मानेंगे. अदालतों का फैसला भी रेगिस्तान की गर्मी और ऊंचे पहाड़ों की थकान से गुज़रते हुए अब अंजाम पर पहुंचता दिख रहा है. 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहा दी गई. उस मामले में कौन-कौन शामिल थे, इस पर पता लगाने के लिए 17 साल तक लिबरहान आयोग की सुनवाई चली. यूपी के ट्रायल कोर्ट में जारी है, मगर अपराधी सजा से दूर हैं. इस सवाल को मौजूदा बहस से गायब कर दिया गया है. मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम पर जो मर्यादाएं तोड़ी गईं उन पर न प्रायश्चित है और न अदालत का फैसला.

  • आंदोलन की राह पर मध्‍यप्रदेश पुलिस के परिवार वाले, यूपी के सिपाही भी परेशान हैं

    आंदोलन की राह पर मध्‍यप्रदेश पुलिस के परिवार वाले, यूपी के सिपाही भी परेशान हैं

    अगर देश भर के सिपाही एक हो जाएं तो वे काम करने के बेहतर हालात और सैलरी हासिल कर लेंगे. यूपी के सिपाही भी परेशान हैं. दूर पोस्टिंग होती है. सैलरी कम होती है तो दो जगह ख़र्चा चलाना मुश्किल होता है. छुट्टी नहीं मिलती तो पत्नी से मिलने नहीं जा सकते. उनके जीवन में प्यार ही नहीं है. शादी के बाद हनीमून पर भी नहीं जा पाते. दहेज लेकर शादी करते हैं और उसी दहेज की अटैची में कपड़ा रखकर पत्नी से जुदा हो जाते हैं. सिपाही चौबीस घंटे काम करते हैं. उनकी हालत दयनीय है.

  • PMC खाताधारकों की मुश्किलें कब दूर होंगी?

    PMC खाताधारकों की मुश्किलें कब दूर होंगी?

    लोकतंत्र में संख्या बेमानी हो गई है. चुनाव में इस संख्या के दम पर जीत तो हासिल कर लेते हैं, लेकिन उसके बाद इस संख्या का कोई मोल नहीं रह जाता. इसलिए जब पेड़ों के काटने के खिलाफ लोग प्रदर्शन करते हैं तो उन पर सख्त धाराएं लगा दी जाती हैं, ताकि उनकी ज़िंदगी मुकदमों में उलझकर रह जाएं और इस बात से किसी को फर्क नहीं पड़ता है. उसी शहर में जब हज़ारों लोग अपने पैसे की वापसी को लेकर सड़क पर उतरते हैं तो वही शहर उनसे भी बेगाना हो जाता है. उनकी संख्या जितनी भी हो बेमानी हो जाती है. जनता जब जनता की नहीं होती है तो संख्या फिर संख्या नहीं रह जाती, ज़ीरो हो जाती है.

  • भारतीय मूल के अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी समेत तीन को नोबेल पुरस्कार

    भारतीय मूल के अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी समेत तीन को नोबेल पुरस्कार

    आज का दिन भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बुरी ख़बर लेकर आया है, मगर भारतीय मूल के अर्थशास्त्री के लिए बहुत ही अच्छी ख़बर लाया है. विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी का अनुमान डेढ़ प्रतिशत घटा दिया है. 7.5 प्रतिशत से घटा कर 6 प्रतिशत कर दिया है. डेढ़ प्रतिशत की कमी बहुत होती है. दूसरी तरफ जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में एमए करने वाले अभिजीत विनायक बनर्जी को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला है.

  • आसमां का रंग गुलाबी ही होता है. The Sky is Pink होता है...

    आसमां का रंग गुलाबी ही होता है. The Sky is Pink होता है...

    गुलाबी ही तो होता है आसमान. बल्कि सिर्फ गुलाबी नहीं होता. वैसे ही जैसे सिर्फ नीला नहीं होता. पीला भी होता है. सफेद भी और गहरा लाल भी. सुनहरा भी. आसमान को सिर्फ नीले रंग से नहीं समझा जा सकता है. जब तक आप इस धारणा से बाहर नहीं निकलते हैं, इस फिल्म को देखते हुए भी आप नहीं देख पाते हैं. थियेटर में होते हुए भी आप बाहर होते हैं. जहां अरबों बच्चों की तरह आपको भी आसमान को सिर्फ एक ही रंग से देखना सीखाया गया है. जैसा रंग आज अपने आस-पास देखते हैं. कोई फ़िल्म सियासत पर बात न करते हुए, सियासत को समझने का ऐसे ही ताकत देती है. वही फ़िल्म है ये. जिन्होंने ये फ़िल्म देखी है, वो बहुत दिनों तक इससे बाहर नहीं निकल पाएंगे.

  • जो काम निर्मला सीतारमण अधूरा छोड़ गई थीं उसे केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पूरा किया

    जो काम निर्मला सीतारमण अधूरा छोड़ गई थीं उसे केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पूरा किया

    मैं देशभक्त हूं. सच्चा भी और अच्छा भी. दोनों का कांबो(युग्म) कम ही देशभक्त में मिलता है जो कि मुझमें मिलता हुआ दिखाई दे रहा है. इसलिए रविशंकर प्रसाद के हर बयान के साथ हूं. एक राष्ट्रवादी सरकार के मंत्री की योग्यता की सीमा नहीं होती. वह एक ही समय में अर्थशास्त्री भी होता है. कानूनविद भी होता है. शिक्षाविद भी होता है. राष्ट्रवाद की राजनीति आपको असीमित क्षमताओं से लैस कर देती है. यह बात रविशंकर प्रसाद का मज़ाक उड़ाने वाले कभी नहीं समझ पाएंगे.

  • अर्थव्यवस्था का ढलान जारी है फिर भी आयोजनों की भव्यता तूफानी है

    अर्थव्यवस्था का ढलान जारी है फिर भी आयोजनों की भव्यता तूफानी है

    आपको पता होगा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत के दौरे पर हैं. चीन का भारत आना हमेशा ही महत्वपूर्ण घटना है. इस दौरे के लिए कहा गया है कि अनौपचारिक है.कोई एजेंडा नहीं है. दोनों नेता बयान नहीं देंगे. लेकिन इसका मतलब नहीं कि दौरा महत्वपूर्ण नहीं है.अनौपचारिक बातचीत में कई उलझे हुए मसलों पर खुलकर बातचीत होती है. दोनों नेता एक दूसरे का मन टोहते हैं.

  • चीन के राष्ट्रपति का भारत दौरा, क्‍या दोनों देशों के रिश्‍ते बेहतर होंगे?

    चीन के राष्ट्रपति का भारत दौरा, क्‍या दोनों देशों के रिश्‍ते बेहतर होंगे?

    चेन्नई एयरपोर्ट पर ऐसे जहाज़ों को उतारने की क्षमता थी इसलिए यह जगह उसके हिस्से आया. चेन्नई से 56 किमी दूर बंगाल की खाड़ी के तट पर महाबलीपुरम है जिसे मामल्लापुरम कहा जाता था. यह नाम पल्लव राजा नरसिम्हावर्मन प्रथम के नाम पर पड़ा जिन्हें महान योद्धा कहा जाता था. पल्लव राजा के काल में एक ही चट्टान को काट कर कलाकृति बनाने का कौशल समृद्ध हुआ जिसे द्रविड़ स्थापत्य कला के रूप में जाना जाता है.

  • दलित अल्पसंख्यक से अन्याय की बात करना गलत कैसे?

    दलित अल्पसंख्यक से अन्याय की बात करना गलत कैसे?

    क्या महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के छह छात्रों को इसलिए निलंबित कर दिया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था. इस पत्र में दलित और अल्पसंख्यकों के साथ हो रही मॉब लिचिंग और बलात्कार की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई गई है. कश्मीर का भी ज़िक्र है और असम में नेशनल रजिस्टर आफ सिटिजन्स का भी मसला है.

  • 2015 से 2017 के बीच भारत के पासपोर्ट की रैकिंग तेजी से गिरी, तो ताकत कैसे बढ़ी?

    2015 से 2017 के बीच भारत के पासपोर्ट की रैकिंग तेजी से गिरी, तो ताकत कैसे बढ़ी?

    Henley & Partners की ग्लोबल पासपोर्ट इडेक्स की ताज़ा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है. इसके आंकने का आधार है कि एक देश का पासपोर्ट लेकर आपको कितने देशों में बिना पहले से विज़ा लिए वहां पहुंचने की अनुमति मिलती है. पहुंचने के बाद वीज़ा मिल जाता है.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग : राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों का विरोध सभी बैंकरों के लिए सबक है

    रवीश कुमार का ब्लॉग : राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों का विरोध सभी बैंकरों के लिए सबक है

    राजस्थान के दस शहरों में 4 अक्तूबर से ‘क्रॉस सेलिंग’ के ख़िलाफ़ राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं. ‘क्रॉस सेलिंग’ के खेल को समझना ज़रूरी है. बीमा कंपनी जब अपना उत्पाद बेचेगी तो उसके लिए कर्मचारी रखेगी, एजेंट रखेगी, रोज़गार भी बढ़ेगा. म

  • दुनिया की 90 फीसदी अर्थव्यवस्थाएं ढलान पर

    दुनिया की 90 फीसदी अर्थव्यवस्थाएं ढलान पर

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जियॉरजीवा ने कहा है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर में है. वो बढ़ तो रही है, लेकिन बढ़ने की रफ्तार बेहद धीमी है. बल्कि दो साल पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था ऊपर की तरफ जा रही थी, लेकिन अब धीमी होने लगी है.

  • 'BSNL और MTNL बंद होगा', इन्हें बचाने के लिए सरकार के पास पैसा नहीं, कश्मीर पर फैसले के बाद इस पर जोखिम लेना आसान

    'BSNL और MTNL बंद होगा', इन्हें बचाने के लिए सरकार के पास पैसा नहीं, कश्मीर पर फैसले के बाद इस पर जोखिम लेना आसान

    दोनों कंपनियों को 4 G नहीं देकर किस कंपनी को लाभ दिया गया इस पर बात करने से कोई फ़ायदा नहीं. उन्हें हर बात पर ही लाभ दिया जाता है और लोग इसे सहजता से लेते हैं. अनदेखा करते हैं. अब आप प्राब्लम में आए हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि चुप रहने वाले लोग बोल उठेंगे. इन पौने दो लाख लोगों के जीवन में विपदा आने वाली है. ये लोग परेशान होंगे. नौकरी किसी की भी जाय होश उड़ जाते हैं.

  • घोर आर्थिक असफलता के बाद भी मोदी सरकार की राजनीतिक सफलता शानदार

    घोर आर्थिक असफलता के बाद भी मोदी सरकार की राजनीतिक सफलता शानदार

    भारतीय खाद्य निगम के चरमराने की ख़बरें आने लगी हैं. इसी के ज़रिए भारत सरकार किसानों से अनाज ख़रीदती है. सरकार उसके बदले में निगम को पैसे देती है जिसे हम सब्सिडी बिल के रूप में जानते हैं. 2016 तक तो भारतीय खाद्य निगम को सब्सिडी सरप्लस में मिलती थी. जितना चाहिए होता था उससे अधिक. लेकिन 2016-17 में जब उसे चाहिए था एक लाख 10 हज़ार करोड़ तो मिला 78000 करोड़. बाकी का 32,000 करोड़ नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (NSSF) से कर्ज़ लिया. जिस तरह से भारत सरकार रिज़र्व बैंक की बचत से पैसे लेने लगी है उसी तरह से निगम यह काम पहले से कर रहा था. जैसे-जैसे ज़रुरत पड़ी NSSF कर्ज़ लेने लगा. नतीजा 2016-17 का वित्त वर्ष समाप्त होते ही NSSF से लिया गया कर्ज़ा 70,000 करोड़ का हो गया.