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Ravish kumar


'Ravish kumar' - 992 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • सरकारी नौकरियां कहां गईं : पार्ट-3

    सरकारी नौकरियां कहां गईं : पार्ट-3

    राज्यों के चयन आयोगों पर बात करना अर्जेंट हो गया है. नौजवान फार्म भर कर परीक्षा का इंतज़ार कर रहे हैं और जो परीक्षा दे चुके हैं वो रिज़ल्ट का इंतज़ार कर रहे हैं और जिनका रिज़ल्ट आ चुका है वो ज्वाइनिंग लेटर का इंतज़ार कर रहे हैं.

  • नौकरी पर नई रिपोर्ट : 2017 के साल में 55 लाख नौकरियां मिलीं?

    नौकरी पर नई रिपोर्ट : 2017 के साल में 55 लाख नौकरियां मिलीं?

    भारत में रोज़गार की संख्या की गिनती के लिए कोई मुकम्मल और पारदर्शी व्यवस्था नहीं है. आईआईएम बंगलौर के प्रोफेसर पुलक घोष और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सौम्य कांति घोष ने एक रिसर्च पेपर पेश किया है. उम्मीद है इस पर बहस होगी और नए तथ्य पेश किए जाएंगे. जब तक ऐसा नहीं होता, आप सभी को यह रिपोर्ट पढ़नी चाहिए. जब पे-रोल देख ही रहे थे तो प्रोफेसर साहब यह भी देख लेते कि कितनी नौकरियां गईं और जिन्हें मिली हैं उनमें महिलाएं कितनी हैं.

  • जमकर हो रही है कर चोरी, जीएसटी के बाद भी, राज्यों का राजस्व घटा

    जमकर हो रही है कर चोरी, जीएसटी के बाद भी, राज्यों का राजस्व घटा

    क्या जीएसटी के कारण राज्यों का औसत राजस्व घटा है? दावा था कि राज्यों का राजस्व बढ़ेगा. बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का कहना है कि ज़्यादातर व्यापारी 20 लाख से कम टर्नओवर वाले हो गए. इसके लिए सुशील मोदी ने suppression of turnovers शब्द का इस्तेमाल किया है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : चयन के बावजूद नौकरी का लंबा इंतज़ार क्यों?

    प्राइम टाइम इंट्रो : चयन के बावजूद नौकरी का लंबा इंतज़ार क्यों?

    हर राज्य में कर्मचारियों और अधिकारियों की भर्ती के लिए चयन आयोग है जिनका काम है भर्ती निकालना, परीक्षा का आयोजन करना और फिर रिज़ल्ट प्रकाशित करना. क्या आप जानते हैं कि ये चयन आयोग किस तरह काम करते हैं, इनकी काम करने की क्षमता और कुशलता कैसी है.

  • एक करोड़ नौकरियों का वादा कहां गया? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम 

    एक करोड़ नौकरियों का वादा कहां गया? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम 

    जब गांव-शहर और घर-बाहर हर जगह नौकरी की बात होती रहती है तो फिर मीडिया में नौकरी की बात क्यों नहीं होती है. विपक्ष में रहते हुए नेता बेरोज़गारी का मुद्दा उठाते हैं मगर सरकार में आकर रोज़गार के बारे में बताते ही नहीं है. यह बात हर दल और हर मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री पर लागू होती है.

  • अपनी शामों को मीडिया के खंडहर से निकाल लाइये...

    अपनी शामों को मीडिया के खंडहर से निकाल लाइये...

    जज लोया के दोस्त इसे सुनियोजित हत्या मान रहे हैं. अनुज लोया ने जब 2015 में जांच की मांग की थी और जान को ख़तरा बताया था तब गोदी मीडिया के एंकर सवाल पूछना या चीखना-चिल्लाना भूल गए. वो जानते थे कि उस स्टोरी को हाथ लगाते तो हुज़ूर थाली से रोटी हटा लेते.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : न्यायपालिका के भीतर के सुलगते सवाल

    प्राइम टाइम इंट्रो : न्यायपालिका के भीतर के सुलगते सवाल

    चार जज कहें कि हम नहीं चाहते कि कोई ऐसे याद करे कि इन्होंने अपनी आत्मा बेच दी और हम बहस उनके उठाए सवालों पर नहीं कर रहे हैं. माननीय न्यायमूर्तियों के सवालों को किनारे लगाकर टीवी मीडिया और सोशल मीडिया इस पर चर्चा करने लगा कि इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है, प्रेस कांफ्रेंस क्यों किया, राष्ट्रपति के पास क्यों नहीं गए, चीफ जस्टिस से बात क्यों नहीं की.

  • सुप्रीम कोर्ट में लगी है अंतरात्मा की अदालत

    सुप्रीम कोर्ट में लगी है अंतरात्मा की अदालत

    मेडिकल कॉलेज और जज लोया की सुनवाई के मामले में गठित बेंच ने जजों को अपना फ़र्ज़ निभाने के लिए प्रेरित किया है या कोई और वजह है, यह उन चार जजों के जवाब पर निर्भर करेगा.

  • हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की मौत पर मीडिया ने चुकाई जीएसटी

    हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की मौत पर मीडिया ने चुकाई जीएसटी

    हल्द्वानी के प्रकाश पांडे के सल्फास खाने के बाद मुख्यमंत्री 12 लाख रुपये मुआवज़ा देने का एलान कर रहे हैं. परिवार वाले स्थाई नौकरी और अधिक मुआवज़े की मांग कर रहे हैं. हल्द्वानी में व्यापारियों और ट्रांसपोर्टर ने बुधवार को बंद भी रखा. हिन्दुस्तान टाइम्स से ट्रांसपोर्टर संघ के अध्यक्ष प्रीतम सब्बरवाल ने कहा है कि बिजनेस ख़त्म हो गया है.

  • काला धन का सबसे बड़ा डॉन - इलेक्टोरल बॉन्ड

    काला धन का सबसे बड़ा डॉन - इलेक्टोरल बॉन्ड

    आप पाठकों में से कुछ तो 10वीं पास होंगे ही, इतना तो समझ ही गए होंगे कि यह पारदर्शिता नहीं, उसके नाम पर काला धन पर पर्दा है.

  • ब्रिटेन के लिए शहीद भारतीय सैनिकों को सलामी दी जा सकती है, तो भीमा-कोरेगांव के महार सैनिकों को क्यों नहीं?

    ब्रिटेन के लिए शहीद भारतीय सैनिकों को सलामी दी जा सकती है, तो भीमा-कोरेगांव के महार सैनिकों को क्यों नहीं?

    अप्रैल 2015, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के लिल (LILLE) स्थित NEUVE-CHAPELLE युद्ध स्मारक गए थे. वहां उन्होंने ब्रिटिश सेना की तरफ से फ्रांस की जमीन पर मारे गए 10,000 भारतीय सैनिकों की शहादत को सलामी दी थी. ऐसा करने वाले वह पहले प्रधानमंत्री बने थे. उन्होंने कहा था कि "हमारे जवानों ने विश्वयुद्ध में विदेशी जमीन पर लड़ाई लड़ी... अपनी निष्ठा, बहादुरी और त्याग के लिए दुनिया की प्रशंसा हासिल की... मैं उन्हें सलाम करता हूं..."

  • आ गया आर्थिक समाचारों का झटकामार बुलेटिन

    आ गया आर्थिक समाचारों का झटकामार बुलेटिन

    शेयर मार्केट में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है. अभी एक साल से कम समय पर बेचने से टैक्स देना होता है. उसके बाद टैक्स फ्री माल हो जाता है. सरकार विचार कर रही है कि अब शेयर खरीदने के तीन साल के भीतर बेचने पर टैक्स लिया जाए ताकि आपको ज्यादा से ज्यादा टैक्स देने का मौका मिले. अभी तक सरकार एक साल के भीतर बेचने पर ही टैक्स लेकर आपको टैक्स देने के गौरव से वंचित कर रही थी.

  • पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ट्रंप ज़िंदाबाद तो भारत के ख़िलाफ़...?

    पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ट्रंप ज़िंदाबाद तो भारत के ख़िलाफ़...?

    दो दिन बीते नहीं कि अब ख़बर ऐसी आ रही है जो भारतीयों के लिए अच्छी नहीं है. उम्मीद है भारत के चैनल अब ट्रंप और मोदी को साथ साथ यानी अगल बगल में नहीं दिखाएंगे. दोनों को आमने सामने दिखाएंगे.

  • स्टेट बैंक ने आपकी गरीबी पर जुर्माना वसूला 1,771 करोड़

    स्टेट बैंक ने आपकी गरीबी पर जुर्माना वसूला 1,771 करोड़

    जब आप पैसे बैंक में रखते हैं, तो कहा जाता है कि कम रखा है, अब जुर्माना भरो. ज़्यादा रखेंगे तो ब्याज़ कम दिया जाएगा. आप देखिए कि आप अपनी आर्थिक स्वतंत्रता गंवा रहे हैं या पा रहे हैं...? क्या ग़रीब होने का जुर्माना लगेगा अब इस देश में...?

  • 18 साल के मतदाताओं के नाम रवीश कुमार का एक खुला खत

    18 साल के मतदाताओं के नाम रवीश कुमार का एक खुला खत

    मतदाता बनना प्रतिशत में गिना जाना नहीं होता है. अच्छा मतदाता वह होता है जो वोट देने से पहले काफी मेहनत करता है. तर्कों का इस्तेमाल करता है, तरह-तरह की पहचान के नाम पर भड़काई गई भावुकता में नहीं बहता है.

  • टावर ले लो, स्पेक्ट्रम ले लो, कैंपस ले लो, अनिल अंबानी बेच रहे हैं, तुम भी ले लो

    टावर ले लो, स्पेक्ट्रम ले लो, कैंपस ले लो, अनिल अंबानी बेच रहे हैं, तुम भी ले लो

    2010 तक टेलिकॉम की दुनिया में नंबर दो के स्थान पर बादशाहत रखने वाली अनिल अंबानी की कंपनी RCOM तीन महीने के भीतर अपना बहुत कुछ नीलाम करने वाली है. अगर आपके पास पैसा है तो आप ख़रीद सकते हैं मगर देखना दिलचस्प होगा कि किस कंपनी के पास इतना पैसा होगा जो तीन महीने के भीतर 39000 करोड़ की ख़रीद करेगी. ज़ाहिर है एक कंपनी तो नहीं होगी, कई कंपनियां भी हो सकती हैं.

  • नौजवानों के साथ धोखा, कहां हैं मोदी और राहुल

    नौजवानों के साथ धोखा, कहां हैं मोदी और राहुल

    आप दोनों युवाओं के लिए वक्त निकालिए. प्रधानमंत्री जी आप सरकार में रहते हुए सोचिए कि क्या होना चाहिए और राहुल गांधी जी आप विपक्ष में रहते हुए आप इस मुद्दे को इतना उठाइये कि सरकार जल्दी सोचे और जल्दी कुछ करे. भारत के नौजवानों के धीरज का इम्तहान मत लीजिए.

  • भय के माहौल के बावजूद मां ने कुलभूषण से कहा- बेटा जब भी बोलना सच बोलना : सूत्र

    भय के माहौल के बावजूद मां ने कुलभूषण से कहा- बेटा जब भी बोलना सच बोलना : सूत्र

    जासूसी के आरोप में पाकिस्तानी जेल में बंद कुलभूषण जाधव से उनकी मां और पत्नी के मुलाकात के एक दिन बीत गये. मुलाकात के बाद से भारतीयों के मन में उस बातचीत के बारे में जानने की इच्छा अधिक है. सभी ये जानना चाहते हैं कि इस्लामाबाद में कुलभूषण जाधव और उनकी मां और पत्नी के बीच क्या-क्या बात हुई और वहां पर किस तरह का माहौल था. मगर सूत्रों की मानें तो भय काे माहौल के बावजूद कुलभूषण की मां ने अपने बेटे से कहा कि बेटा जब भी बोलना सच बोलना और बताना कि तुम एक कारोबारी हो.

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