NDTV Khabar

Ravish kumar


'Ravish kumar' - 867 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • प्राइम टाइम इंट्रो: वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा कैसे दिया जाए?

    प्राइम टाइम इंट्रो: वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा कैसे दिया जाए?

    भारत के संविधान की धारा 51-ए में कहा गया है कि भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे. क्या आप बता सकतें कि संविधान की इस भावना के आधार पर मौजूदा दौर में कौन सा ऐसा नेता है जो अपना कर्तव्य पूरा कर रहा है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : सरकारी विभागों की पोल खोलती सीएजी रिपोर्ट

    प्राइम टाइम इंट्रो : सरकारी विभागों की पोल खोलती सीएजी रिपोर्ट

    भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक, सीएजी की रिपोर्ट की अजीब स्थिति है. सरकारी पक्ष नहीं चाहता कि इस रिपोर्ट को कोई और देख ले, विपक्ष नहीं देख पाता क्योंकि इस रिपोर्ट में उनकी सरकारों के बारे में भी टिप्पणियां होती हैं. सीएजी की रिपोर्ट से गुज़रते हुए आप तमाम विभागों की हालत तमाम राज्यों में समझ सकते हैं.

  • गोपाल बागले PMO में संयुक्त सचिव नियुक्त, रवीश बनाए जा सकते हैं विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता

    गोपाल बागले PMO में संयुक्त सचिव नियुक्त, रवीश बनाए जा सकते हैं विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता

    कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी किए गए एक आदेश में कहा गया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने बागले को पद पर तीन साल के लिए नियुक्त करने की मंजूरी दी. बागले 1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्या निजता के लिए नया क़ानून बने?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्या निजता के लिए नया क़ानून बने?

    26 जनवरी 1950 के संविधान लागू होने के 67 साल बाद भारत की सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ इस बात पर विचार कर रही है कि निजता, प्राइवेसी आपका मौलिक अधिकार है या नहीं. 9 जजों की बेंच के सामने यह सवाल आधार के संदर्भ में आया है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : किसानों की समस्याओं का हल क्या?

    प्राइम टाइम इंट्रो : किसानों की समस्याओं का हल क्या?

    समस्या यह है कि किसान दिल्ली आ जाते हैं तब भी कोई नहीं सुनता, मीडिया में आ जाते हैं तब भी किसी को फर्क नहीं पड़ता. ऐसा नहीं है कि सरकार कुछ करने का दावा नहीं करती है, उसके तमाम दावों और योजनाओं और उनकी वेबसाइट के बाद भी खेती का संकट जहां तहां से निकल ही आता है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : ये सीवर हैं या मौत के कुएं?

    प्राइम टाइम इंट्रो : ये सीवर हैं या मौत के कुएं?

    स्वर्ण सिंह, दीपू, अनिल और बलविंदर ये न तो विधायकों के नाम हैं और न ही सांसदों के. न ही ये लोग दल-बदल कर सरकार बनाने का प्रयास कर रहे थे. बहुतों के लिहाज़ से बड़ा काम नहीं कर रहे थे, मेरे लिहाज़ से अगर ये अपना काम नहीं करते तो सीवेज का गंदा पानी हमारे आपके घरों में भर आता. ये चारों लोग 14 जुलाई के दिन दिल्ली के घिटोरनी में एक सेप्टिक टैंक की सफाई करते वक्त मारे गए. टैंक में बनने वाली ज़हरीले गैस से इनका दम घुट गया

  • प्राइम टाइम इंट्रो : पेड न्‍यूज से लेकर फेक न्‍यूज तक

    प्राइम टाइम इंट्रो : पेड न्‍यूज से लेकर फेक न्‍यूज तक

    फेक न्यूज़ का एक और हमसफ़र है पेड न्यूज़. पैसा लेने का तत्व पेड न्यूज़ में भी है और फेक न्यूज़ में भी है. चुनावों में पेड न्यूज़ का क्या आतंक है आप किसी भी दल के उम्मीदवार से पूछ लीजिए. अब पेड न्यूज़ के कई तरीके आ गए हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : फ़ेक न्यूज़ को कैसे पहचानें?

    प्राइम टाइम इंट्रो : फ़ेक न्यूज़ को कैसे पहचानें?

    फेक न्यूज़ की यह तीसरी कड़ी है. बड़ी चुनौती है कि कोई कैसे पता लगाए कि फेक न्यूज़ है या नहीं. राजनीतिक विचारधारा से प्रेरित हो कर कई वेबसाइट मौजूद हैं जो न्यूज़ संगठन के भेष में आपके साथ छल कर रही हैं. भारत में इस तरह की कई वेबसाइट हैं जिनके नाम इस तरह से रखे गए हैं जिन्हें देखकर लगता है कि कोई न्यूज़ संगठन होगा. दिक्कत ये है कि इनकी चोरी पकड़ लेने के बाद भी जो सफाई होती है वो उस झूठ का पीछा नहीं कर पाती है जो बहुत दूर निकल चुकी होती है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : फेक न्यूज़ नफरत फैलाने की साजिश?

    प्राइम टाइम इंट्रो : फेक न्यूज़ नफरत फैलाने की साजिश?

    क्या आप फेक न्यूज़ से सावधान हैं? दुनियाभर में फेक न्यूज़ लोकतंत्र का गला घोंटने और तानाशाहों की मौज का ज़रिया बन गया है. राजधानी से लेकर ज़िला स्तर तक फेक न्यूज़ गढ़ने और फैलाने में एक पूरा तंत्र विकसित हो चुका है. यही नहीं संवैधानिक पदों पर बैठे लोग भी फेक न्यूज़ दे रहे हैं. कमज़ोर हो चुका मीडिया उनके सामने सही तथ्यों को रखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है. पहले पन्ने पर राष्ट्र प्रमुख का बयान छपता है जिसमें फेक जानकारी होती और जब गलती पकड़ी जाती है तो फिर वही अखबार अगले दिन उसी स्पेस में छापने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है कि राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री ने झूठा बयान दिया है. मीडिया, पत्रकार और पाठक दर्शक के लिए पता लगाना बहुत जोखिम का काम हो गया है कि न्यूज़ असली है या नकली. पूरी दुनिया में इस बीमारी से लड़ने पर विचार हो रहा है. फेक न्यूज़ से कैसे बचा जाए.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : अमरनाथ यात्रियों पर हमला कश्मीरियत पर धब्बा लगाने की साज़िश?

    प्राइम टाइम इंट्रो : अमरनाथ यात्रियों पर हमला कश्मीरियत पर धब्बा लगाने की साज़िश?

    अमरनाथ यात्रियों पर हमले के बाद की राजनीति ऊपरी स्तर पर कहीं ज़्यादा परिपक्व और संभली हुई है, लेकिन दूसरे दर्जे के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच इस घटना को लेकर प्रतिक्रियाएं सारी सीमाएं पार कर गई हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : कैसे बचें झूठी खबरों के जंजाल से?

    प्राइम टाइम इंट्रो : कैसे बचें झूठी खबरों के जंजाल से?

    फेक न्यूज़ हर जगह है. हम पत्रकारों को लेकर भी फेक न्यूज़ गढ़ा गया. मुख्यधारा के चैनल और अखबार फेक न्यूज़ का धड़ल्ले से इस्तमाल कर रहे हैं. फेक न्यूज़ का एक ही मकसद है. आप भीड़ का हिस्सा बनें, दंगाई बनें और घर से बाहर न भी निकलें तो भी खाने की मेज़ पर बैठकर धारणाएं गढ़ते रहें कि देखो जी आज कल उनका दिमाग़ चढ़ गया है, वो ऐसे होते हैं, उन्हें ऐसे होना होगा, सबक तो सिखाना ही होगा.

  • खंडहर में बदल रहा इतिहास : दिल्ली के जौंती गांव की मुगलकालीन धरोहरें अब सिर्फ नाम की बचीं

    खंडहर में बदल रहा इतिहास : दिल्ली के जौंती गांव की मुगलकालीन धरोहरें अब सिर्फ नाम  की बचीं

    सरकार की योजना इस गांव को ग्रामीण पर्यटन स्थल के दौर पर स्थापित करने की है, लेकिन देखना होगा कि कब तक कामयाबी मिलती है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : नशे की गिरफ़्त में फंसते लोग

    प्राइम टाइम इंट्रो : नशे की गिरफ़्त में फंसते लोग

    राजनीति और कूटनीति का रास्ता अलग अलग होता है. राजनीति के रास्ते में राहुल गांधी कहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी चीन पर चुप क्यों हैं. कूटनीति के रास्ते प्रधानमंत्री मोदी जर्मनी में चीन के राष्ट्रपति की तारीफ करते हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : चीन का इरादा आखिर क्‍या है?

    प्राइम टाइम इंट्रो : चीन का इरादा आखिर क्‍या है?

    क्या आपने भी महसूस किया है कि जब भी पाकिस्तान की बात आती है हमारा मीडिया का एक बड़ा हिस्सा युद्ध का उन्माद फैलाने लगता है, भारत के संयम को ललकारने लगता है, लेकिन जब चीन की बात आती है तो वही मीडिया और उसके एंकरों की भाषा में रक्षा, रणनीति की शब्दावली तो है लेकिन मार दो, फोड़ दो, दिखा दो टाइप के सड़क छाप विश्लेषण नहीं हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : बंगाल में हिंसा के पीछे साज़िश?

    प्राइम टाइम इंट्रो : बंगाल में हिंसा के पीछे साज़िश?

    फेसबुक पोस्ट और व्हाट्स अप की दुनिया में हर दिन सैकड़ों मैसेज किसी न किसी धर्म को आहत करते हुए लिखे जा रहे हैं. जब यह लोगों को पता है तो फिर ये कौन लोग हैं जो भीड़ लेकर सड़कों पर उतर आते हैं. इनके ख़िलाफ़ क्या ठोस कार्रवाई हो रही है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत की एक और साझेदारी

    प्राइम टाइम इंट्रो : आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत की एक और साझेदारी

    इज़राइल दौरे से पहले वहां के अख़बार इज़राइल हैलोम को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने ज़ोर दिया कि भारत-इज़राइल आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में साझेदारी और बढ़ाएंगे.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्या चीन से तनाव कुछ ज़्यादा बढ़ा?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्या चीन से तनाव कुछ ज़्यादा बढ़ा?

    जम्मू कश्मीर सीमा पर भारत और चीन लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल के पास टकराते रहे हैं. 2013 और 2014 में चीन ने भारत की सीमा में घुसपैठ की थी. डोकलाम का विवाद पहली बार इतना चर्चित हुआ है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्या जीएसटी से टैक्स सिस्टम बेहतर होगा?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्या जीएसटी से टैक्स सिस्टम बेहतर होगा?

    अखबारों में जीएसटी को लेकर अलग-अलग सेक्टर की परेशानियों की ख़बरें भी छप रही हैं, लेकिन इन सबको छोटी-मोटी दिक्कतें बताते हुए सरकार अपनी तय की हुई मंज़िल पर पहुंच चुकी है.