NDTV Khabar

Ravish kumar


'Ravish kumar' - more than 1000 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • एन इवनिंग इन पेरिस: डील, डीलर और पीएम

    एन इवनिंग इन पेरिस: डील, डीलर और पीएम

    एफ़िल टावर के नीचे बहती सीन नदी की हवा बनारस वाले गंगा पुत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पेरिस की शाम का हिसाब मांगने आ गई है. 10 अप्रैल 2015 की पेरिस यात्रा सिरे से संदिग्ध हो गई है. गंगा के सामने सीन बहुत छोटी नदी है लेकिन वो गंगा से बेहतर बहती है. उसके किनारे खड़ा एफ़िल टावर बनारस के पुल की तरह यूं ही हवा के झोंके से गिर नहीं जाता है. प्रधानमंत्री कब तक गंगा पुत्र भीष्म की तरह चुप्पी साधे रहेंगे. क्या अंबानी के लिए ख़ुद को इस महाभारत में भीष्म बना देंगे? न कहा जा रहा है न बचा जा रहा हैय 

  • क्या है राफेल सौदे का सच?

    क्या है राफेल सौदे का सच?

    फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे राफेल मामले में तूफान मच सकता है. फ्रांस की मीडिया में ओलांद का यह बयान काफी सनसनी फैला चुका है. वहां के पत्रकार फ्रांस्वा ओलंद के इस बयान को खूब ट्वीट कर रहे हैं. यह एक ऐसा बयान है जो राफेल मामले में सरकार को नए सिरे से कटघरे में खड़ा करती है. आपको याद होगा कि जब अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस की यात्रा पर गए थे तब फ्रांस्वा ओलांद ही राष्ट्रपति थे. उन्हीं के साथ राफेल विमान का करार हुआ था.

  • नौकरियों से परेशान युवा अब मुझे मैसेज भेजना बंद कर दें, प्रधानमंत्री को भेजें

    नौकरियों से परेशान युवा अब मुझे मैसेज भेजना बंद कर दें, प्रधानमंत्री को भेजें

    EPFO ने फिर से नौकरियों को लेकर डेटा जारी किया है. सितंबर 2017 से जुलाई 2018 के बीच नौकरियों के डेटा को EPFO ने कई बार समीक्षा की है. इस बार इनका कहना है कि 11 महीने में 62 लाख लोग पे-रोल से जुड़े हैं. इनमें से 15 लाख वो हैं जिन्होंने EPFO को छोड़ा और फिर कुछ समय के बाद अपना खाता खुलवा लिया. यह दो स्थिति में होता है. या तो आप कोई नई संस्था से जुड़ते हैं या बिजनेस करने लगते हैं जिसे छोड़ कर वापस फिर से नौकरी में आ जाते हैं.

  • सरकारी नौकरियों में ज्वाइनिंग में देरी क्यों?

    सरकारी नौकरियों में ज्वाइनिंग में देरी क्यों?

    मुझे पता है कि आज भी नेताओं ने बड़े-बड़े बयान दिए हैं. बहस के गरमा गरम मुद्दे दिए हैं. लेकिन मैं आज आपको सुमित के बारे में बताना चाहता हूं. इसलिए बता रहा हूं ताकि आप यह समझ सकें कि इस मुद्दे को क्यों देश की प्राथमिकता सूची में पहले नंबर पर लाना ज़रूरी है. सुमित उस भारत के नौजवानों का प्रतिनिधित्व करता है जिसकी संख्या करोड़ों में है. जिन्हें सियासत और सिस्टम सिर्फ उल्लू बनाती है. जिनके लिए पॉलिटिक्स में आए दिन भावुक मुद्दों को गढ़ा जाता है, ताकि ऐसे नौजवानों को बहकाया जा सके. क्योंकि सबको पता है कि जिस दिन सुमित जैसे नौजवानों को इन भावुक मुद्दों का खेल समझ आ गया उस दिन सियासी नेताओं का खेल खत्म हो जाएगा. मगर चिंता मत कीजिए. इस लड़ाई में हमेशा सियासी नेता ही जीतेंगे. उन्हें आप बदल सकते हैं, हरा नहीं सकते हैं. इसलिए सुमित जैसे नौजवानों को हार जाना पड़ता है.

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों से कह सकते हैं कि...

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों से कह सकते हैं कि...

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक काम करना चाहिए. अपने मंत्रियों से कह सकते हैं कि अपने अपने मंत्रालय पर बोला कीजिए, इससे लगता है कि आपके पास अपने मंत्रालय का कोई काम नहीं है. रक्षा मंत्री डोकलाम और रफाल पर बोलेंगी और आंतरिक सुरक्षा पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह बोलेंगे.

  • अगुस्ता वेस्टलैंड विवाद, एक आरोपी को लेकर भ्रम

    अगुस्ता वेस्टलैंड विवाद, एक आरोपी को लेकर भ्रम

    ईज़ इक्वल टू वो थ्योरी है जिसके तहत अगर ये साबित हो जाए कि अगर आपके राज में घोटाला हुआ है तो उनके राज में भी घोटाला हुआ था. अदालत से भले न साबित हो मगर इनके घोटाले के सामने उनके घोटाले के आरोपों को रख दिए जाएं तो दोनों घोटाले का असर समाप्त हो जाता है.

  • मैनहोल में होने वाली मौतों का ज़िम्मेदार कौन?

    मैनहोल में होने वाली मौतों का ज़िम्मेदार कौन?

    सरफ़राज़, पंकज, राजा, उमेश और विशाल को आप नहीं जानते होंग. 9 सितंबर 2018 को पश्चिम दिल्ली के कैपिटल ग्रीन डीएलएफ अपार्टमेंट में इन पांचों की सीवर की सफाई करते हुए मौत हो गई. क्या आपको दिल्ली के घिटोरनी इलाके के स्वर्ण सिंह, दीपू, अनिल और बलविंदर याद हैं.

  • मानव संसाधन मंत्री जावड़ेकर प्रधानमंत्री के री-ट्वीट संसाधन मंत्री बन गए हैं

    मानव संसाधन मंत्री जावड़ेकर प्रधानमंत्री के री-ट्वीट संसाधन मंत्री बन गए हैं

    @PrakashJavdekar ने 2 सितंबर को न तो ट्वीट किया और न ही री-ट्वीट किया. मैं 1 सितंबर से लेकर आज तक मानव संसाधन मंत्री के ट्वीट और री-ट्वीट का अध्ययन कर रहा था. इस अध्ययन से पता चलता है कि मानव संसाधन मंत्री प्रधानमंत्री के दोनों ट्विटर हैंडल से किए ट्वीट को री-ट्विट करने में काफी तत्पर रहते हैं.

  • आमिर खान ने माना, 'हां, मुझे राजनीति से डर लगता है'- जानें क्या है वजह

    आमिर खान ने माना, 'हां, मुझे राजनीति से डर लगता है'- जानें क्या है वजह

    आमिर खान (Aamir Khan) ने माना कि पृथ्वी का कोई भी प्राणी उतना ही लेता है जितनी उसकी जरूरत होती है. लेकिन इंसान ही ऐसा है जो अपनी जरूरत से ज्यादा कंज्यूम कर रहा है.

  • एनडीटीवी युवाः भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण से क्या करेंगे मुलाकात, अखिलेश यादव का ये रहा जवाब

    एनडीटीवी युवाः भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण  से क्या करेंगे मुलाकात, अखिलेश यादव का ये रहा जवाब

    हाल में जेल से रिहा हुए दलित आंदोलनकारी नेता की छवि रखने वाले चंद्रशेखर आजाद से क्या मुलाकात करेंगे, इस सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि मुलाकात को लेकर कुछ नहीं कह सकता.

  • NDTV युवा में अखिलेश यादव बोले, 2019 के चुनाव में BJP से ज़्यादा लड़ाई RSS से

    NDTV युवा में अखिलेश यादव बोले, 2019 के चुनाव में BJP से ज़्यादा लड़ाई RSS से

    अखिलेश यादव ने कहा कि केवल हमारी पार्टी नहीं, बल्कि देश को बचाने के लिए आरएसएस से दूर रहना होगा और देश को आरएसएस से बचाना होगा. उन्‍होंने कहा कि RSS ने 70 साल तिरंगा नहीं लगाया और उन्‍हें पिछड़ा बनाने के लिए RSS का शुक्रिया अदा करता हूं. उन्‍होंने कहा कि RSS जाति-धर्म में खाई बनाती है. 

  • NDTV YUVA Highlights : देश के ज्वलंत मुद्दों पर बाबा रामदेव, अखिलेश, तेजस्वी से लेकर स्वरा भास्कर और आमिर खान ने रखी बेबाक राय

    NDTV YUVA Highlights : देश के ज्वलंत मुद्दों पर बाबा रामदेव, अखिलेश, तेजस्वी से लेकर स्वरा भास्कर और आमिर खान ने रखी बेबाक राय

    एनडीटीवी  इंडिया पर आज राजनीति, खेल, इंटरटेनमेंट जगत के चर्चित चेहरों के साथ स्पेशल यूथ कॉन्क्लेव ‘NDTV युवा’ का आयोजन किया गया.

  • NDTV युवा : बॉलीवुड में धमाल मचाने वाले रैपर बादशाह ने कहा, 'पंजाबी मिट्टी में ही सेलेब्रेशन होता है'

    NDTV युवा : बॉलीवुड में धमाल मचाने वाले रैपर बादशाह ने कहा, 'पंजाबी मिट्टी में ही सेलेब्रेशन होता है'

    दिनभर चलने वाले NDTV के इस कार्यक्रम में एशियन गेम्स के हीरों, भारत के युवाओं की चिंताओं, आशाओं, आकांक्षाओं और चुनौतियों पर की चर्चा की जाएगी.

  • जनता के जनता होने की संभावना बची है या समाप्त हो चुकी है...

    जनता के जनता होने की संभावना बची है या समाप्त हो चुकी है...

    जब आंखों पर धर्मांन्धता और धार्मिक गौरव की परतें चढ़ जाती हैं तब चढ़ाने वाले को पता होता है कि अब लोगों को कुछ नहीं दिखेगा. इसीलिए अमित शाह कहते हैं कि बीजेपी पचास साल राज करेगी. कहते हैं कि हम अख़लाक़ के बाद भी जीते. क्या वे किसी की हत्या के लिए किसी भीड़ का धन्यवाद ज्ञापन कर रहे हैं?

  • क्या माल्या को भागने से रोका जा सकता था?

    क्या माल्या को भागने से रोका जा सकता था?

    बहुत से लोग माल्या के भारत परित्याग प्रकरण को लेकर परेशान हैं. भारत की तमाम सुरक्षा प्रक्रियाओं से गुज़रते हुए विजय माल्या ने जिस तरह से भारत का परित्याग किया है वह इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि उनके पहले और उनके बाद भी कई लोगों ने भारत का परित्याग किया है.

  • जेटली न तो इस्तीफ़ा दें और न ही अपना बचाव इन चंपू पत्रकारों से करवाएं

    जेटली न तो इस्तीफ़ा दें और न ही अपना बचाव इन चंपू पत्रकारों से करवाएं

    मैं नहीं चाहता कि जेटली इस्तीफ़ा दें. मैं इसलिए ये चाहता हूं कि मुझे चांस ही नहीं मिला उनका बचाव करने के लिए. बहुत से पत्रकारों को जब जेटली का बचाव करते देखा तो उस दिन पहली बार लगा कि लाइफ में पीछे रह गया. मगर फिर लगा कि जब जेटली को भी इन पत्रकारों के बचाव की ज़रूरत पड़ जाए तब लगा कि मुझसे ज़्यादा तो जेटली जी पीछे रह गए.

  • प्रधानमंत्री जी, बैंकों के लाखों करोड़ न चुकाने वाली कंपनियां कौन हैं, मालिक कौन हैं?

    प्रधानमंत्री जी, बैंकों के लाखों करोड़ न चुकाने वाली कंपनियां कौन हैं, मालिक कौन हैं?

    क्या प्रधानमंत्री उन कंपनियों के नाम ले सकते हैं जिन्होंने भारत की जनता के जमा पैसे से सस्ती दरों पर लोन लिया और उस लोन का दस लाख करोड़ बैंकों को वापस नहीं किया? क्या वित्त मंत्री उन कंपनियों के नाम ले सकते हैं? क्या अमित शाह नाम ले सकते हैं? क्या कांग्रेस से राहुल गांधी, चिदंबरम नाम ले सकते हैं? जब ये दोनों नेता लोन लेकर भागने वालों के नाम नहीं ले सकते हैं तो फिर ये बहस हो किस चीज़ की रही है?

  • हे राजन! तब तुम्हीं थे न जो राजन का मज़ाक उड़ा रहे थे, राजन को ज़िम्मेदार बता रहे थे?

    हे राजन! तब तुम्हीं थे न जो राजन का मज़ाक उड़ा रहे थे, राजन को ज़िम्मेदार बता रहे थे?

    अप्रैल 2015 में हिन्दुस्तान टाइम्स ने लिखा था कि रघुराम राजन ने नॉन परफॉर्मिंग असेट के कुछ हाई-प्रोफाइल फ्रॉड की सूची प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपी थी. मांग की थी कि जांच हो और कुछ को जेल भेजा जाए. अखबार के अनुसार राजन ने 17,500 करोड़ के फ्रॉड के बारे में सूचना दी थी. इसमें विनसम डायमंड एंड ज्वेलरी, ज़ूम डेवलपर्स, तिवारी ग्रुप, सूर्य विनायक इंडस्ट्री, डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग, फर्स्ट लीजिंग कंपनी ऑफ इंडिया, सूर्या फार्मा. इन कंपनियों के नाम हिन्दुस्तान टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा था. दो साल बाद विनसम डायमंड के खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज किया था.

Advertisement