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Ravish kumar article


'Ravish kumar article' - 21 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • प्राइम टाइम इंट्रो : उद्योग जगत को मिल गई इनकम टैक्स से मुक्ति!

    प्राइम टाइम इंट्रो : उद्योग जगत को मिल गई इनकम टैक्स से मुक्ति!

    2014 के बाद शायद यह पहला बड़ा मौक़ा है जब उद्योगपतियों की सुगबुगाहट, खुली नाराज़गी और अर्थव्यवस्था के संकट के दबाव में वित्त मंत्री निमर्ला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेस में कई बड़े एलान किए. ये वो एलान थे जिनके बारे में सरकार के पीछे हटने की उम्मीद कम नज़र आ रही थी

  • प्राइम टाइम इंट्रो : आखिर रैगिंग को क्यों छिपा रहे हैं कुलपति?

    प्राइम टाइम इंट्रो : आखिर रैगिंग को क्यों छिपा रहे हैं कुलपति?

    इस देश में आप जिसे चाहें लाइन में खड़ा कर सकते हैं, उसे हांक सकते हैं. इसी की नुमाइश है यह वीडियो और कतार में चले आ रहे मेडिकल के छात्र. यूपी के सैफई आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में मेडिकल कालेज के छात्र हैं, जिनकी रैगिंग हुई है और सिर मुड़वा दिया गया है.

  • एक डॉक्टर और उसका कश्मीर, एक पत्रकार और उसका हिन्दी प्रदेश

    एक डॉक्टर और उसका कश्मीर, एक पत्रकार और उसका हिन्दी प्रदेश

    अचानक दरवाज़ा खुला और एक शख़्स सामने आकर खड़ा हो गया. कंधे पर आला लटका हुआ था. नाम बताने और फैन कहने के कुछ अधूरे वाक्यों के बीच वह फफक पड़ा. पल भर में संभाला, लेकिन तब तक आंखों से आंसू बाहर आ चुके थे.

  • जम्मू-कश्मीर का भरोसा जीतने की मोदी की कोशिश

    जम्मू-कश्मीर का भरोसा जीतने की मोदी की कोशिश

    प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आतंकवाद से लड़ते हुए जान देने वाले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के जवानों अफसरों और नागरिकों को भी याद किया. गुलामदीन, कर्नल सोनम वांग्चुक, रुखसाना कौसर, औरंगजेब. संविधान में भरोसा करने वाले नागरिकों सो भरोसा दिलाया कि उनके सपने पूरे होंगे.

  • आर्टिकल 370 पर संसद में निराश किया कांग्रेस ने

    आर्टिकल 370 पर संसद में निराश किया कांग्रेस ने

    जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक लोकसभा में भी पास हो गया. राज्यसभा में सोमवार को पास हो गया था. गृह मंत्रालय का विधेयक था इसलिए दोनों ही दिन अमित शाह के रहे. प्रधानमंत्री दोनों दिन मौजूद रहे मगर वे सुनते ही रहे. खबर है कि वे देश को संबोधित करेंगे. अमित शाह ने पूरी तैयारी के साथ भाषण दिया. दोनों दिनों का भाषण एक जैसा ही था फिर भी विपक्ष उन्हें प्रभावशाली तरीके से घेर नहीं सका. शशि थरूर ने सरदार पटेल को लेकर अपनी बात रखी कि धारा 370 पर नेहरू और पटेल सबके दस्तखत थे. कांग्रेस भीतर से बंटती चली गई है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ज़रूर संवैधानिक प्रक्रियाओं का सवाल उठाया है लेकिन उन्होंने भी सरकार के विधेयक का समर्थन किया है.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग : कश्मीर ताले में बंद है, कश्मीर की कोई ख़बर नहीं है

    रवीश कुमार का ब्लॉग : कश्मीर ताले में बंद है, कश्मीर की कोई ख़बर नहीं है

    कश्मीर ताले में बंद है. कश्मीर की कोई ख़बर नहीं है. शेष भारत में कश्मीर को लेकर जश्न है. शेष भारत को कश्मीर की ख़बर से मतलब नहीं है. एक का दरवाज़ा बंद कर दिया गया है. एक ने दरवाज़ा बंद कर लिया है. जम्मू कश्मीर और लद्दाख का पुनर्गठन विधेयक पेश होता है. ज़ाहिर है यह महत्वपूर्ण है और ऐतिहासिक भी. राज्यसभा में पेश होता है और विचार के लिए वक्त भी नहीं दिया जाता है. जैसे कश्मीर बंद है वैसे संसद भी बंद थी. पर कांग्रेस ने भी ऐसा किया था इसलिए सबने राहत की सांस ली. कांग्रेस ने बीजेपी पर बहुत अहसान किया है.

  • क्‍या धारा 370 की धार खत्‍म करने से पहले कश्‍मीर की राय ली गई?

    क्‍या धारा 370 की धार खत्‍म करने से पहले कश्‍मीर की राय ली गई?

    जम्मू कश्मीर और लद्दाख अब दो हिस्सों में बंट गया. पहले राज्य था अब केंद्र शासित प्रदेश हो गया. मुख्यमंत्री का पद समाप्त हो गया. राज्यपाल का पद समाप्त हो गया. दिल्ली की तरह उपराज्यपाल का पद होगा और पुलिस केंद्र सरकार के पास होगी. जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश होगा. लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश होगा. लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी.

  • कैमरे में हिमा दास का इतिहास है, उसकी जीत के क्षणों की रिकॉर्डिंग नहीं

    कैमरे में हिमा दास का इतिहास है, उसकी जीत के क्षणों की रिकॉर्डिंग नहीं

    कई बार इस वीडियो को देख चुका हूं. मैदान की तरफ से साइड एंगल का कैमरा और कमेंटेटर की आवाज़ जिस तरह से हिमा में आगे निकलने की संभावना को देखकर उत्तेजित होती है, टॉप एंगल का कैमरा उसे ठंडा कर देता है. हिमा दास चार धाविकाओं को पीछे छोड़ते हुए निकल रही हैं. लंबी छलांग लगा रही हैं. अपना सब कुछ दांव पर लगाते इस खिलाड़ी को कैमरा दूर निगाहों से देखने लगता है. वो सिर्फ उस लाइन को क्रास करते हुए दिखाना चाहता था जिससे कोई नंबर वन होता है. काफी देर तक कैमरा सिर्फ अमेरिकन चैंपियन को देख रहा था. दौड़ के अंतिम अंतिम झणों तक अमेरिकन चैंपियन ही प्रमुखता से दिखती है. तभी उसके साये से निकलती हुई एक छाया बड़ी हो जाती है. अमेरिकन चैंपियन को पीछे छोड़ देती है.

  • वित्त मंत्रालय में पत्रकारों का जाना हुआ आसान, ख़बरों का आना हुआ मुश्किल

    वित्त मंत्रालय में पत्रकारों का जाना हुआ आसान, ख़बरों का आना हुआ मुश्किल

    मैं सपने में था. सपने में वित्त मंत्रालय था. कमरे में अफ़सर फाइलों को पलट रहे थे. उनके पलटते ही नंबर बदल जाते थे. पीले-पीले पन्नों को गुलाबी होते देख रहा था. 0 के आगे 10 लगा देने से 100 हो जा रहा था. 100 से 00 हटा देने पर नंबर 1 हो जा रहा था. कुछ अफ़सरों की निगाहें भी मिल गईं. मिलते ही उन्होंने निगाहें चुरा लीं. उनकी आंखों में काजल था, पानी नहीं था.

  • टि्वटर पर झगड़ने लगे हैं क्रोधित करोड़पतिगण, क्या भक्ति से ध्यानभंग कर दिया बजट ने

    टि्वटर पर झगड़ने लगे हैं क्रोधित करोड़पतिगण, क्या भक्ति से ध्यानभंग कर दिया बजट ने

    बहुत से पत्रकार टाइमलाइन पर दैनिक प्रासंगिकता स्नान कर रहे थे. यह नए प्रकार का स्नान है. उन्होंने कई साल से कोई ख़बर नहीं की है जिससे लगे कि उनमें पत्रकारीय क्षमता है. काफी धूल जम गई है. इसलिए वे सरकार के समर्थन में ट्विट कर किसी से सवाल दाग देते हैं. फिर उनका एडिटर या मालिक नहीं पूछता कि तुम्हारी खबर कहां हैं. यह एक प्रकार का गंगा स्नान है जिसे मैं प्रांसिगकता स्नान कहता हूं.

  • पर्दे पर निर्देशक की वापसी की फिल्म है 'आर्टिकल-15'

    पर्दे पर निर्देशक की वापसी की फिल्म है 'आर्टिकल-15'

    'आर्टिकल-15' में अनुभव ने उसी उत्तर प्रदेश के सींग को सामने से पकड़ा है, जहां से देश की राजनीति अपना खाद-पानी हासिल करती है. फ़िल्म का एक किरदार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शैली में बोलता है. फ़िल्म अपनी शूटिंग के लिए योगी आदित्यनाथ का शुक्रिया भी अदा करती है. फ़िल्म बॉब डेलन को समर्पित है. एक आदमी को आदमी बनने के लिए आख़िर कितने सफ़र पूरे करने होंगे. उत्तर प्रदेश के आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे से फ़िल्म शुरू होती है.

  • सिर्फ इतनी सी बात नहीं है 'अनुच्छेद 370', रवीश के प्राइम टाइम में लॉ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने समझाया पूरा मामला

    सिर्फ इतनी सी बात नहीं है 'अनुच्छेद 370', रवीश के प्राइम टाइम में लॉ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने समझाया पूरा मामला

    जम्मू-कश्मीर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में  चर्चा के दौरान  कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर की आवाम और भारत की आवाम के बीच ‘‘एक खाई पैदा की गई क्योंकि पहले से ही भरोसा बनाने की कोशिश ही नहीं की गई .’’ शाह ने कहा, ‘‘जहां तक अनुच्छेद 370 है, ... ये अस्थायी है, स्थायी नहीं. 370 हमारे संविधान का अस्थायी मुद्दा है.’’ उन्होंने कहा कि जो देश को तोड़ना चाहते हैं उनके मन में डर होना चाहिए.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग : जेम्स बॉन्ड को मालूम है, बंगाल में 370 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड का ख़रीदार कौन है

    रवीश कुमार का ब्लॉग : जेम्स बॉन्ड को मालूम है, बंगाल में 370 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड का ख़रीदार कौन है

    क्या ऐसा हो सकता है कि कई सारी अज्ञात शक्तियां, देसी और विदेशी, एक पार्टी के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड ख़रीदती हैं. वह पार्टी उस बॉन्ड के पैसे से कुछ प्रभावशाली लोगों को ख़रीद लेती है और वो लोग उन वोटरों को जो दो से तीन हज़ार के नोट के लिए वोट बेचने के लिए तैयार बैठे हैं. 

  • 2019 का चुनाव सपनों का नहीं, एक दूसरे से आंखें चुराने का चुनाव है

    2019 का चुनाव सपनों का नहीं, एक दूसरे से आंखें चुराने का चुनाव है

    दिल्ली से जाने वाले पत्रकार लोगों के बीच मोदी-मोदी की गूंज को खोज रहे हैं. 2014 में माइक निकालते ही आवाज़ आने लगती थी मोदी-मोदी. 2019 में पब्लिक के बीच माइक निकालने पर आवाज़ ही नहीं आती है.

  • 45 साल में सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी की रिपोर्ट से डर गई सरकार

    45 साल में सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी की रिपोर्ट से डर गई सरकार

    बिज़नेस स्टैंडर्ड के सोमेश झा ने इस रिपोर्ट की बातें सामने ला दी है. एक रिपोर्टर का यही काम होता है. जो सरकार छिपाए उसे बाहर ला दे. अब सोचिए अगर सरकार खुद यह रिपोर्ट जारी करे कि 2017-18 में बेरोज़गारी की दर 6.1 हो गई थी जो 45 साल में सबसे अधिक है तो उसकी नाकामियों का ढोल फट जाएगा. इतनी बेरोज़गारी तो 1972-73 में थी. शहरों में तो बेरोज़गारी की दर 7.8 प्रतिशत हो गई थी और काम न मिलने के कारण लोग घरों में बैठने लगे थे.

  • इस कंपनी में डाल उस कंपनी से निकाल, 31000 करोड़ छू-मंतर

    इस कंपनी में डाल उस कंपनी से निकाल, 31000 करोड़ छू-मंतर

    कोबरा का मानना है कि यह भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला है. कोबरापोस्ट की कहानी में किरदार है DHFL नाम की एक संस्था. जिसने कई शेल कंपनियों को लोन दिया, ग्रांट दिया. फिर इन कंपनियों के ज़रिए उस पैसे को भारत से बाहर ले जाया गया. उनसे संपत्ति ख़रीदी गई. कोबरापोस्ट की इस रिपोर्ट में Dewan Housing Finance Corporation Limited (DHFL) के प्रमोटर की भूमिका पकड़ी गई है. इसके हिस्सेदार (stakeholders) कपिल वाधवान, अरुणा वाधवान और धीरज वाधवान की कई शेल कंपनियां हैं जिसे DHFL से लोन दिया जाता है. इस पैसे से मारिशस, श्री लंका, दुबई, ब्रिटेन में शेयर और संपत्तियां खरीदी जाती है.

  • सिर्फ बोर्ड परीक्षा नहीं, शिक्षा और नौकरियों की परीक्षाओं पर चर्चा करें प्रधानमंत्री

    सिर्फ बोर्ड परीक्षा नहीं, शिक्षा और नौकरियों की परीक्षाओं पर चर्चा करें प्रधानमंत्री

    हमने यही जाना है कि प्रधानमंत्री का एक-एक मिनट का वक्त कीमती होता है. मगर साल शुरू होते ही बीस से अधिक कार्यदिवस के बराबर समय वे सौ रैलियां निपटाने में लगे हैं. फिर बीजेपी के कार्यकर्ताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग करते हैं. जो काम बीजेपी अध्यक्ष को करना चाहिए वो भी प्रधानमंत्री को करना पड़ रहा है. फिर आप ख़ुद सोचें कि क्या प्रधानमंत्री के पास इतना अतिरिक्त समय है कि वे लगातार जनसंपर्क में ही रहते हैं. क्या प्रधानमंत्री का समय इतना फालतू हो गया है कि उपदेशक की भूमिका में बच्चों को संबोधित कर रहे हैं?

  • संस्थाओं की बर्बादी के बीच जनता की मदहोशी, यही तो हैं अच्छे दिन

    संस्थाओं की बर्बादी के बीच जनता की मदहोशी, यही तो हैं अच्छे दिन

    इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के बाद सीबीआई जो सफाई देती है वो और भी गंभीर है. एजेंसी का कहना है कि सर्च से संबंधित सूचनाएं लीक गईं इसलिए उनका तबादला किया गया. कमाल है. अगर ऐसा हुआ तो उस सूचना से फायदा किसे हुआ है, किसे लीक की गईं थीं सूचनाएं. अब उस एस पी को ही आरोपी बना दिया गया है. अगर सीबीआई का एस पी गुप्त सूचनाएं लीक करे तो क्या सिर्फ तबादले की कार्रवाई होनी चाहिए? किसकी आंखों में धूल झोंकने का खेल खेला जा रहा है? किसकी आंखों में चमक पैदा करने के लिए तबादले का खेल खेला जा रहा है? सीबीआई कहती है कि उसके खिलाफ जांच हो रही है मगर यह जवाब नहीं दे सकी कि एस पी मिश्रा ने किसकी अनुमति से एफ आई आर की?