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Ravish kumar ndtv


'Ravish kumar ndtv' - 63 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों की गुलामी जीकर आप भारत को विश्व गुरु नहीं बना सकते

    प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों की गुलामी जीकर आप भारत को विश्व गुरु नहीं बना सकते

    अमेरिका में पिछले पांच साल में निजी मुनाफे पर चलने वाले 1200 कॉलेज बंद हो गए हैं. हर महीने 20 कालेज बंद होने का औसत निकलता है. निजी मुनाफे के लिए खुले कॉलेजों में छात्रों का एडमिशन घटता जा रहा है. 2014 में जितना था उसका अब आधा हो गया है. यह होना था, इसकी वजह है. मुनाफे के लिए खोले गए इन निजी कालेजों का प्रदर्शन बहुत ख़राब हो रहा था.

  • फ्रांस के लोग प्रदूषण के कारण कंपनी को भगा रहे हैं, भारत में कंपनी को घर में घुसा रहे हैं

    फ्रांस के लोग प्रदूषण के कारण कंपनी को भगा रहे हैं, भारत में कंपनी को घर में घुसा रहे हैं

    स्थानीय लोगों ने इस अमरीकी कंपनी के खिलाफ मुकदमा कर दिया है. उनका कहना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट आउटडेटेड हो गए हैं. हमें सोचना होगा कि कम प्रदूषण के साथ समाज को कैसे जीने के लिए बेहतर बनाया जा सके. अमेजन कंपनी के खिलाफ खूब प्रदर्शन हो रहे हैं. एक मांग यह भी है कि इन कंपनियों को टैक्स में बहुत छूट मिलती है जबकि इन्हीं के भीतर काम करने वाले कर्मचारियों को सारे टैक्स देने पड़ते हैं. दिन भर मज़दूरी करने वाला, कम कमाने वाला ज़्यादा टैक्स देता है, कंपनी को कम से कम देना पड़ता है. ऐसा कैसे हो सकता है.

  • राहुल कहते हैं मार्च 2020 तक 20 लाख केंद्रीय पदों को भर देंगे, मोदी क्यों नहीं कहते ऐसा?

    राहुल कहते हैं मार्च 2020 तक 20 लाख केंद्रीय पदों को भर देंगे, मोदी क्यों नहीं कहते ऐसा?

    राहुल गांधी ने शिक्षा और सरकारी नौकरी से संबंधित दो बातें कही हैं. उन्होंने मालदा में कहा कि गांव और कस्बों में सरकारी कालेजों के नेटवर्क को दुरुस्त करेंगे. दूसरा सरकार में आने पर मार्च 2020 तक केंद्र सरकार के खाली पड़े 20 लाख पदों को भर देंगे. डेढ़ साल से नौकरी सीरीज़ और यूनिवर्सिटी सीरीज़ कर रहा हूं.

  • वैज्ञानिक कथाकार नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन और चुनाव आयोग का समापन

    वैज्ञानिक कथाकार नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन और चुनाव आयोग का समापन

    इसरो और रक्षा अनुसंधान का इस्तमाल नरेंद्र मोदी अपने राजनीतिक हित के लिए कर रहे हैं. उनका राष्ट्र के नाम संबोधन करना और कुछ नहीं बल्कि मतदाताओं को प्रभावित करना था. वे पुलवामा के बाद ऐसा कुछ चाहते थे जिससे पांच साल की नाकामी पर चर्चा और सवाल ग़ायब हो जाएं.

  • चुनाव 2019 - मतदाता का हल्का होना लोकतंत्र का खोखला हो जाना है

    चुनाव 2019 - मतदाता का हल्का होना लोकतंत्र का खोखला हो जाना है

    मैं फील्ड में कभी यह सवाल नहीं करता कि आप किसे वोट देंगे. इस सवाल में मेरी दिलचस्पी नहीं होती है. मैं यह ज़रूर देखना चाहता हूं कि एक मतदाता किस तरह की सूचनाओं और धारणाओं से ख़ुद को वोट देने के लिए तैयार करता है. बाग़पत ज़िले के कई नौजवानों से मिला. शहरी नौजवानों की तरह किसी ने कहा नहीं या फिर जताया नहीं कि वे मुझे जानते हैं. मैं ऐसे ही नौजवानों के बीच जाना चाहता था जो मुझे ठीक से नहीं जानते हों.

  • चीन को लेकर अभी-अभी देखा गया एक सपना, सपने में सुना मोदी का भाषण

    चीन को लेकर अभी-अभी देखा गया एक सपना, सपने में सुना मोदी का भाषण

    हमने पाकिस्तान को घुस कर मारा. अब चीन को पिचकारी से मार देंगे. होली के पहले जितनी भी पिचकारियां आई हैं, मैं हर देशभक्त से अपील करूंगा कि वह सिर्फ तीन चीज़ें लेकर सीमा पर पहुंचे. एक बाल्टी पानी, रंग और चीन की पिचकारी. इसके बाद हम सब पिचकारी से ही चीन की सेना को ज़ुकाम करा देंगे. छींकते छींकते चीन की बोलती बंद हो जाएगी.

  • 2019 का चुनाव- पैसा बहेगा पानी की तरह और झूठ अमृत की तरह

    2019 का चुनाव- पैसा बहेगा पानी की तरह और झूठ अमृत की तरह

    चुनाव आयोग ने जो चरण बांधे हैं उसे लेकर सवाल उठ रहे हैं. 2014 में बिहार में छह चरणों में चुनाव हुए थे. 2019 में 7 चरणों में होंगे. एक शांतिपूर्ण राज्य में सात चरणों में चुनाव का क्या मतलब है. 2014 में झंझारपुर, मधुबनी, दरभंगा को मधेपुरा, समस्तीपुर, बेगुसराय और खगड़िया के साथ चौथे चरण में रखा गया था. झंझारपुर, मधुबनी और दरभंगा एक दूसरे से सटा हुआ है. इस बार इन तीनों पड़ोसी ज़िले को अलग-अलग चरणों में रखा गया है. झंझारपुर में मतदान तीसरे चरण में यानी 23 अप्रैल को होगा. दरभंगा में मतदान 29 अप्रैल में हैं. मधुबनी में पांचवें चरण में 6 मई को होगा.

  • किसानों को उल्लू बनाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं राष्ट्रवाद के नारे

    किसानों को उल्लू बनाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं राष्ट्रवाद के नारे

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी इस असफलता को आतंकवाद और राष्ट्रवाद के जोशीले नारों से ढंकने की कोशिश में हैं मगर पांच साल में उस जगह को बर्बाद किया है जहां से किसान आता है और सेना के लिए जवान आता है. इसके बाद भी अगर चैनलों के सर्वे में मोदी की लोकप्रियता 100 में 60 और 70 के स्केल को छू रही है तो इसका मतलब है कि लोग वाकई अपनी आमदनी गंवा कर इस सरकार से बेहद ख़ुश हैं. यह एक नया राजनीतिक बदलाव है.

  • निजी चैनल के बैनर को लेकर रवीश ने की टिप्पणी, कहा- रवीश का टाइम कभी खत्म नहीं होने वाला 

    निजी चैनल के बैनर को लेकर रवीश ने की टिप्पणी, कहा- रवीश का टाइम कभी खत्म नहीं होने वाला 

    पत्रकारिता में तब भी आम आदमी कोई रवीश जैसा ही कोई ढूंढ़ेंगे. गौरतलब है कि शनिवार को NDTV इंडिया को बेस्ट न्यूज चैनल ऑफ द ईयर के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. ENBA अवॉर्ड्स 2018 में इसकी घोषणा की गई. इस मौके पर NDTV इंडिया के रिपोर्टर सौरभ शुक्ला को यंग प्रोफेशनल ऑफ द ईयर (एडिटोरियल हिंदी) चुना गया. NDTV इंडिया की तरफ से यह पुरस्कार लेने के लिए रवीश कुमार के साथ-साथ NDTV इंडिया की पूरी टीम मौजूद थी.

  • NDTV इंडिया बना बेस्ट न्यूज चैनल ऑफ द ईयर, रवीश ने कहा- हम न भीड़ बनते हैं और न भीड़ बनाते हैं

    NDTV इंडिया बना बेस्ट न्यूज चैनल ऑफ द ईयर, रवीश ने कहा- हम न भीड़ बनते हैं और न भीड़ बनाते हैं

    NDTV इंडिया को बेस्ट न्यूज चैनल ऑफ द ईयर के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. ENBA अवॉर्ड्स 2018 में इसकी घोषणा की गई. इस मौके पर NDTV इंडिया के रिपोर्टर सौरभ शुक्ला को यंग प्रोफेशनल ऑफ द ईयर (एडिटोरियल हिंदी) चुना गया.

  • किसके लिए रफाल डील में डीलर और कमीशनखोर पर मेहरबानी की गई?

    किसके लिए रफाल डील में डीलर और कमीशनखोर पर मेहरबानी की गई?

    सरकार बार-बार कहती है कि रफाल डील में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है. वही सरकार एक बार यह भी बता दे कि रफाल डील की शर्तों में भ्रष्टाचार होने पर कार्रवाई के प्रावधान को क्यों हटाया गया? वह भी प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली रक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इसे हटाया गया.

  • प्रधानमंत्री मोदी ने भी 356 लगाकर विरोधी दल की सरकारें गिराई हैं

    प्रधानमंत्री मोदी ने भी 356 लगाकर विरोधी दल की सरकारें गिराई हैं

    प्रधानमंत्री मोदी इस आधार पर भाषण की शुरूआत करते हैं कि जनता को सिर्फ वही याद रहेगा जो वह उनसे सुनेगी. उनका यकीन इस बात पर लगता है और शायद सही भी हो कि पब्लिक तो तथ्यों की जांच करेगी नहीं, बस उनके भाषण के प्रवाह में बहती जाएगी. इसलिए वे अपने भाषण से ऐसी समां बांधते हैं जैसे अब इसके आर-पार कोई दूसरा सत्य नहीं है. लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के जवाब में उनका लंबा भाषण टीवी के ज़रिए प्रभाव डाल रहा था मगर इस बात से बेख़बर कि जनता जब तथ्यों की जांच करेगी तब क्या होगा.

  • इस कंपनी में डाल उस कंपनी से निकाल, 31000 करोड़ छू-मंतर

    इस कंपनी में डाल उस कंपनी से निकाल, 31000 करोड़ छू-मंतर

    कोबरा का मानना है कि यह भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला है. कोबरापोस्ट की कहानी में किरदार है DHFL नाम की एक संस्था. जिसने कई शेल कंपनियों को लोन दिया, ग्रांट दिया. फिर इन कंपनियों के ज़रिए उस पैसे को भारत से बाहर ले जाया गया. उनसे संपत्ति ख़रीदी गई. कोबरापोस्ट की इस रिपोर्ट में Dewan Housing Finance Corporation Limited (DHFL) के प्रमोटर की भूमिका पकड़ी गई है. इसके हिस्सेदार (stakeholders) कपिल वाधवान, अरुणा वाधवान और धीरज वाधवान की कई शेल कंपनियां हैं जिसे DHFL से लोन दिया जाता है. इस पैसे से मारिशस, श्री लंका, दुबई, ब्रिटेन में शेयर और संपत्तियां खरीदी जाती है.

  • सिर्फ बोर्ड परीक्षा नहीं, शिक्षा और नौकरियों की परीक्षाओं पर चर्चा करें प्रधानमंत्री

    सिर्फ बोर्ड परीक्षा नहीं, शिक्षा और नौकरियों की परीक्षाओं पर चर्चा करें प्रधानमंत्री

    हमने यही जाना है कि प्रधानमंत्री का एक-एक मिनट का वक्त कीमती होता है. मगर साल शुरू होते ही बीस से अधिक कार्यदिवस के बराबर समय वे सौ रैलियां निपटाने में लगे हैं. फिर बीजेपी के कार्यकर्ताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग करते हैं. जो काम बीजेपी अध्यक्ष को करना चाहिए वो भी प्रधानमंत्री को करना पड़ रहा है. फिर आप ख़ुद सोचें कि क्या प्रधानमंत्री के पास इतना अतिरिक्त समय है कि वे लगातार जनसंपर्क में ही रहते हैं. क्या प्रधानमंत्री का समय इतना फालतू हो गया है कि उपदेशक की भूमिका में बच्चों को संबोधित कर रहे हैं?

  • कबाड़ से तैयार ताजमहल और एफिल टावर

    कबाड़ से तैयार ताजमहल और एफिल टावर

    दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बड़ौदा स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स के कलाकारों को बुलाया है. संदीप और अनुज ने बताया कि इससे पहले भी वे बड़ौदा में 70 से अधिक कलाकृतियां बना चुके हैं. शिल्पकार अनुज और संदीप ने बताया कि कबाड़ देखते ही उनके भीतर का कलाकार जाग जाता है कि इसका कुछ किया जाए. एक भी कबाड़ ख़रीदकर नहीं लाया गया, बल्कि ज़रूरत के हिसाब नगर निगम के गोदामों से ही खोजा गया.

  • राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बेटे का विदेशों में काले धन का कारखाना : 'कैरवां' की रिपोर्ट

    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बेटे का विदेशों में काले धन का कारखाना : 'कैरवां' की रिपोर्ट

    कौशल श्रॉफ नाम के एक खोजी पत्रकार ने अमेरिका, इंग्लैंड, सिंगापुर और केमैन आइलैंड से दस्तावेज़ जुटाकर डोभाल के बेटों की कंपनी का खुलासा किया है. 'कैरवां' पत्रिका के अनुसार ये कंपनियां हेज फंड और ऑफशोर के दायरे में आती हैं. टैक्स हेवन वाली जगहों में कंपनी खोलने का मतलब ही है कि संदिग्धता का प्रश्न आ जाता है और नैतिकता का भी. यह कंपनी 13 दिन बाद 21 नवंबर 2016 को टैक्स केमन आइलैंड में विवेक डोभाल अपनी कंपनी का पंजीकरण कराते हैं.

  • लड़कियों को लेकर समाज में इतनी हिंसा क्यों?

    लड़कियों को लेकर समाज में इतनी हिंसा क्यों?

    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ. यह नारा आपको अब हर टैम्पो ट्रक के पीछे दिख जाता है. अक्सर इस नारे में हमारा ज़ोर बेटियों के पढ़ाने पर होता है लेकिन ज़ोर होना चाहिए पहली लाइन पर. बेटी बचाओ पर. किससे बचाओ और क्यों बचाओ. क्या यह नारा इसलिए नहीं है कि हमारा समाज बेटियों को गर्भ में मारने वाला रहा है और गर्भ से बेटियां बाहर भी आ गईं तो सड़कों पर जला कर मार देता है या बलात्कार से मार देता है

  • NDTV Exclusive: सुबोध कुमार सिंह के बेटे ने कहा- प्लीज बंद कीजिए हिंदू-मुस्लिम वायलेंस

    NDTV Exclusive: सुबोध कुमार सिंह के बेटे ने कहा- प्लीज बंद कीजिए हिंदू-मुस्लिम वायलेंस

    बुलंदशहर में हुई हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई. कथित गोकसी को लेकर यह हिंसा हुई. इंस्पेक्टर सिंह के बेटे अभिषेक सिंह से रवीश कुमार ने बातचीत की. अभिषेक का कहना है कि इस मॉब लिंचिंग कल्चर से कुछ हासिल नहीं होने वाला है. यदि हम हिंदू-मुस्लिम के नाम पर आपस में लड़ते रहे तो पाकिस्तान या चीन को कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.