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Ravish kumar s blog


'Ravish kumar s blog' - 64 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • फ़ीस वृद्धि का दौर शुरू हो गया, चुनाव ख़त्म हो गया है...

    फ़ीस वृद्धि का दौर शुरू हो गया, चुनाव ख़त्म हो गया है...

    नेशनल लॉ स्कूल की फ़ीस बढ़ा दी गई है. हर साल की फ़ीस 50 हज़ार महंगी हो गई है. डिजिटल इंडिया के छात्रों को इंटरनेट फ़ीस साढ़े बारह हज़ार देने होते हैं और लाइब्रेरी फ़ीस के लिए दस हज़ार. 27 फ़ीसदी वृद्धी हुई है. पांच साल की पढ़ाई ढाई लाख और महंगी हो गई है. छात्रों ने मुझे मैसेज किया है.

  • जय श्री राम- राजनीतिक समाज का नया हथियार

    जय श्री राम- राजनीतिक समाज का नया हथियार

    अभी तक गाय के नाम पर कमज़ोर मुसलमानों को भीड़ ने मारा. अब जय श्री राम के नाम पर मार रही है. दोनों ही एक ही प्रकार के राजनीतिक समाज से आते हैं. यह वही राजनीतिक समाज है जिसके चुने हुए प्रतिनिधि लोकसभा में एक सांसद को याद दिला रहे थे कि वह मुसलमान है और उसे जय श्री राम का नाम लेकर चिढ़ा रहे थे. सड़क पर होने वाली घटना संसद में प्रतिष्ठित हो रही थी.

  • श्रीनिवास आप कहानी बन कर मुझ तक आए, आपकी कहानी लोगों तक पहुंचा रहा हूं

    श्रीनिवास आप कहानी बन कर मुझ तक आए, आपकी कहानी लोगों तक पहुंचा रहा हूं

    पिता का नाम भारत के पहले कार्डियोलॉजिस्ट का नाम है. डॉ. श्रीनिवास. आज के समस्तीपुर के गढ़सिसाई गांव के रहने वाले थे. 1932 में समस्तीपुर के किंग एडवर्ड इंगलिश हाईस्कूल से आठवीं तक पढ़े. पटना साइंस कालेज आए. प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से 1944 में एमबीबीसी की पढ़ाई की. अब यह कॉलेज पीएमसीएच के नाम से जाना जाता है. स्वर्ण पदक हासिल किया. 1948 में एला लैमन काबेट फेलोशिप लेकर हार्वर्ड जाते हैं. वहां से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन, डॉक्टर ऑफ साइंस की डिग्री लेते हैं.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग: बिहार में बच्चों की मौत पर रिपोर्टिंग करती टीवी पत्रकारिता को टेटेनस हो गया

    रवीश कुमार का ब्लॉग: बिहार में बच्चों की मौत पर रिपोर्टिंग करती टीवी पत्रकारिता को टेटेनस हो गया

    आम तौर पर तीन बेड पर एक डॉक्टर होना चाहिए. अगर 1500 बेड की बात कर रहे हैं तो करीब 200-300 डॉक्टर तो चाहिए ही नहीं. बेड बनाकर फोटो खींचाना है या मरीज़ों का उपचार भी करना है. जिस मेडिकल कालेज की बात कर गए हैं वहां मेडिकल की पढ़ाई की मात्र 100 सीट है. 2014 में हर्षवर्धन 250 सीट करने की बात कर गए थे. यहां सीट दे देंगे तो प्राइवेट मेडिकल कालेजों के लिए शिकार कहां से मिलेंगे. गेम समझिए. इसलिए नीतीश कुमार की घोषणा शर्मनाक और मज़ाक है. अस्पताल बनेगा उसकी घोषणा पर मत जाइये. देश में बहुत से अस्पताल बन कर तैयार हैं मगर चल नहीं रहे हैं. गली-गली में खुलने वाले एम्स की भी ऐसी ही हालत है.

  • ऐसे हास्यास्पद दावे क्यों करते हैं मोदी?

    ऐसे हास्यास्पद दावे क्यों करते हैं मोदी?

    दुनिया में डिजिटल कैमरा कब आया, दुनिया में आने के बाद भारत कब आया, दुनिया में ईमेल कब लॉन्‍च हुआ और भारत में ईमेल कब लॉन्‍च हुआ. प्रधानमंत्री ने जब से एक इंटरव्यू में जवाब दिया है 2019 के चुनाव का आखिरी चरण क्विज़ शो में बदल गया है. जितने भी लोग इस सवाल को लेकर टेंशन में थे कि कौन जीतेगा, बीजेपी को कितनी सीटें आएंगी, यूपी में महागठबंधन का क्या होगा, वे सारे लोग डिजिटल कैमरा कब आया, यह पता लगाने में व्यस्त हैं.

  • ट्विटर पर मतदान के दिन चौकीदार हैंडल सक्रिय हो उठते हैं, माहौल बनने लगता है

    ट्विटर पर मतदान के दिन चौकीदार हैंडल सक्रिय हो उठते हैं, माहौल बनने लगता है

    एक तो सबसे सक्रिय चौकीदार निकला जिसने अध्ययन के दौरान के समय में 9000 बार ट्वीट किया है. 70 प्रतिशत ट्वीट सिर्फ 10 प्रतिशत ही चौकीदार कर रहे हैं. 24,000 चौकीदार नाम बदल कर खुश हो गए. चुप रह गए.

  • हिन्दू विवेक का होलिका दहन हो रहा है, परमाणु बम का ज़िक्र दीवाली में हो रहा है

    हिन्दू विवेक का होलिका दहन हो रहा है, परमाणु बम का ज़िक्र दीवाली में हो रहा है

    भारत के लाखों स्कूलों में न्यूक्लियर बम की विनाशलीला के बारे में बताया गया होगा. न्यूक्लियर बम बच्चों का खिलौना नहीं है. इसने लाखों लोगों की जान ली है. पीढ़ियां नष्ट की है. दुनिया भर में यही सीखाया जाता है कि न्यूक्लियर बम धरती पर इंसान के वजूद को मिटा देने का बम है. विज्ञान का अभिशाप है.

  • क्या प्रधानमंत्री मोदी के लिए चुनाव आयोग में कोई शाखा खुली है?

    क्या प्रधानमंत्री मोदी के लिए चुनाव आयोग में कोई शाखा खुली है?

    आप सभी 18 अप्रैल के चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस का वीडियो देखिए. यह वीडियो आयोग के पतन का दस्तावेज़ (document of decline) है. जिस वक्त आयोग का सूरज डूबता नज़र आ रहा था उसी वक्त एक आयुक्त के हाथ की उंगलियों में पन्ना और माणिक की अंगूठियां चमक रही थीं.

  • क्या पीएम के हेलीकॉप्टर की जांच नहीं की जा सकती?

    क्या पीएम के हेलीकॉप्टर की जांच नहीं की जा सकती?

    क्या ऐसा कोई कानून है कि चुनाव की ड्यूटी पर तैनात अधिकारी प्रधानमंत्री के काफिले की गाड़ी चेक नहीं कर सकता है? अगर ऐसा कोई कानून है तो चुनाव आयोग को पब्लिक को इसके बारे में बताना चाहिए. और अगर किसी अधिकारी ने हेलिकाप्टर की जांच कर दी तो क्या यह इस हद तक का अपराध है कि उस अधिकारी को निलंबित कर दिया जाए.

  • प्रधानमंत्री का इंटरव्यू पढ़ते समय गूगल भी करते रहें, मज़ा आएगा

    प्रधानमंत्री का इंटरव्यू पढ़ते समय गूगल भी करते रहें, मज़ा आएगा

    प्रधानमंत्री अपने इंटरव्यू में साफ़ साफ़ की जगह तथ्यों को यहां-वहां से मिला जुलाकर बोलते हैं. उनके हर बयान की जांच करेंगे तो महीना गुज़र जाएगा.

  • कॉरपोरेट सेक्टर में घटी नौकरियां और सैलरी, देश छोड़ कर भागे 36 बिजनेसमैन

    कॉरपोरेट सेक्टर में घटी नौकरियां और सैलरी, देश छोड़ कर भागे 36 बिजनेसमैन

    अगर मीडिया रिपोर्ट सही है, उनसे नौजवानों ने यही कहा है तो फिर नरेंद्र मोदी का यह कमाल ही माना जाएगा कि उन्होंने बेरोज़गारों के बीच ही बेरोज़गारी का मुद्दा ख़त्म कर दिया.

  • वायु सेना, सरकार के पराक्रम के बीच पत्रकारिता का पतन झांक रहा है

    वायु सेना, सरकार के पराक्रम के बीच पत्रकारिता का पतन झांक रहा है

    पहली ख़बर पाकिस्तान के सैनिक प्रवक्ता मेजर जनरल गफूर ने 5 बजकर 12 मिनट पर ट्वीट कर बता दिया कि भारतीय सेना अंदर तक आ गई है बस हमने उसे भगा दिया. डिटेल आने वाला है. फिर 7 बजकर 06 मिनट पर ट्वीट आता है कि मुज़फ्फराबाद सेक्टर में भारतीय जहाज़ घुस आए. पाकिस्तानी वायुसेना ने समय पर जवाबी कार्रवाई की तो भागने की हड़बड़ाहट में बालाकोट के करीब बम गिरा गए. कोई मरा नहीं, कोई क्षति नहीं. इनका तीसरा ट्वीट 9 बजकर 59 मिनट पर आया कि ‘भारतीय कश्मीर ने आज़ाद कश्मीर के 3-4 मील के भीतर मुज़फ़्फ़राबाद सेक्टर में घुसपैठ की है. जवाब देने पर लौटने के लिए मजबूर जहाज़ों ने खुले में बम गिरा दिया. किसी भी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा है, तकनीकी डिटेल और अन्य ज़रूरी सूचनाएं आने वाली हैं.’

  • क्या न्यूज़ चैनल आम आदमी की आवाज़ हैं?

    क्या न्यूज़ चैनल आम आदमी की आवाज़ हैं?

    11 लाख आदिवासियों को उनकी ज़मीन से बेदखल किया जाएगा क्या ये स्टोरी चैनलों की दुनिया से गायब नहीं कर दी गई. 900 चैनलों में से दो चार पर आई होगी तो उस पर ध्यान न दें. जब 11 लाख लोगों से जुड़ी स्टोरी गायब कर दी गई तो क्या आप वाकई आश्वास्त हैं कि जिस माध्यम के सामने बैठे हैं वो आपकी आवाज़ का प्रतिनिधि है. वो आपकी आवाज़ का प्रतिनिधि है या आप उसके प्रोपेगैंडा के प्रतिनिधि बनते जा रहे हैं. दर्शक बनना रिमोट से चैनल बदलना नहीं होता है.

  • सीएजी की रिपोर्ट से सरकार को क्या क्लीन चिट?

    सीएजी की रिपोर्ट से सरकार को क्या क्लीन चिट?

    आज गजब हो गया. राफेल पर सीएजी की रिपोर्ट तो आई, मगर सार्वजनिक होकर भी गोपनीय नज़र आई. अभी तक दि वायर और हिन्दी में गोपनीय रिपोर्ट सार्वजनिक हो रही थी मगर आज सार्वजनिक होकर भी रिपोर्ट के कई अंश गोपनीय नज़र आए. सीएजी ने यूरो और रुपये के आगे संख्या की जगह अंग्रेज़ी वर्णमाला के वर्म लिखे हैं. इस तरह रिपोर्ट पढ़ते हुए आपको ये तो दिखेगा कि मिलियन और बिलियन यूरो लिखा है मगर मिलियन के आगे जो कोड इस्तेमाल किए हैं उसे पढ़ने के लिए जग्गा जासूस को हायर करना पड़ेगा. आप पेज 120 और 121 पर जाकर देखिए. राफेल विमान कितने में खरीदा गया, कितने का प्रस्ताव था इनकी जगह जो संकेत चिन्ह लिखे गए हैं, उन्हें पढ़ने के लिए आईआईटी में एडमिशन लेकर फेल होना ज़रूरी है.

  • कार्टून कैरेक्टर की भाषा बोल रफाल विवाद पर लीपापोती कर गई CAG

    कार्टून कैरेक्टर की भाषा बोल रफाल विवाद पर लीपापोती कर गई CAG

    सोचिए 6 फरवरी तक रक्षा मंत्रालय बता रहा है कि डील को लेकर कीमतों के बारे में नहीं बताना है. 13 फरवरी को रिपोर्ट संसद में रखी जाती है. आप चाहें तो अनुमान लगा सकते हैं कि यह सब मैनेज किए जाने की निशानी है या सीएजी आखिरी वक्त तक काम करती है. वैसे मंत्री लोग ही अलग अलग चरणों में दाम बता चुके थे.

  • रफाल का एक और सच हुआ बाहर

    रफाल का एक और सच हुआ बाहर

    इस नोटिंग में रक्षा सचिव इस बात पर एतराज़ ज़ाहिर करते हैं कि अगर प्रधानमंत्री कार्यालय को भरोसा नहीं है तो वह डील के लिए अपनी कोई नई व्यवस्था बना ले. जाहिर है जो कमेटी कई साल से काम कर रही है, अचानक उसे बताए बगैर या भंग किए बगैर प्रधानमंत्री कार्यालय सक्रिय हो जाए तो किसी को भी बुरा लगेगा.

  • क्या भारत का कोई नेता झूठ बोलने में ट्रंप को नहीं हरा सकता?

    क्या भारत का कोई नेता झूठ बोलने में ट्रंप को नहीं हरा सकता?

    ट्रंप कितना झूठ बोलते हैं, इसका हिसाब रखने वाला भी खलिहर होगा. वाशिंगटन पोस्ट के दफ्तर में स्टूल पर बिठा दिया होगा कि लो गिनो कि राष्ट्रपति कितना झूठ बोलते हैं. अब उसने गिन दिया है कि अब तक कार्यकाल में 8,158 झूठ और भ्रामक बयान दे चुके हैं. यह ख़बर दुनिया भर में छप गई है.

  • गोदाम, चेक पोस्ट, बाइपास के उद्घाटन के लिए मोदी की 100 रैलियां

    गोदाम, चेक पोस्ट, बाइपास के उद्घाटन के लिए मोदी की 100 रैलियां

    पांच साल में सरकार के काम के विज्ञापन पर पांच हज़ार करोड़ से अधिक ख़र्च करने और लगातार रैलियां करते रहने के बाद भी प्रधानमंत्री सरकारी ख़र्चे से 100 रैलियां कर लेना चाहते हैं. आचार संहिता से पहले उन्होंने 100 रैलियां करने की ठानी है. इस लिहाज़ से 100 ज़िलों में उनकी रैली की तैयारी चल रही होगी.