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Ravish kumar s blog


'Ravish kumar s blog' - 76 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • सरकार जब पीछे पड़ जाए तो क्या होता है?

    सरकार जब पीछे पड़ जाए तो क्या होता है?

    एक सरकार किसी के पीछे पड़ जाए तो वह क्या-क्या कर सकती है यह जानना हो तो इस वक्त एक कहानी काफी है. डॉ. कफ़ील ख़ान की कहानी. सोमवार को अलीगढ़ के चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ज़मानत देते हैं लेकिन उन्हें 72 घंटे तक रिहा नहीं किया जाता है. 72 घंटे बाद यूपी की पुलिस को ख्याल आता है और वह डॉ. कफील ख़ान पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगा देती है जिसके तहत 1 साल तक जेल में रखा जा सकता है.

  • शाहीन बाग़ की रोज़ा पार्क्स के नाम

    शाहीन बाग़ की रोज़ा पार्क्स के नाम

    रोज़ा बराबरी के अधिकार के लिए लड़ने वाली कार्यकर्ता थीं. उस 1 दिसंबर को बस की सीट से उठने से इंकार न किया होता तो रोज़ा को उनका अपना नाम और वजूद वापस न मिलता. रोज़ा का विद्रोह अकेले का था बाद में सबका बन गया. मार्टिन लूथर किंग ने उस आंदोलन का नेतृत्व किया था. यक़ीन जानिये उस आंदोलन में कितनी पवित्रता होगी. समझ कितनी साफ़ होगी और मक़सद कितना मज़बूत होगा. तभी तो एक साल चला था.

  • योगी जी अपने मंत्रियों से कहिए लोक पत्र देखा करें

    योगी जी अपने मंत्रियों से कहिए लोक पत्र देखा करें

    इतना लिखने के बाद भी कोई नहीं कहता कि हम सांप्रदायिक थे, मगर इसके झांसे से निकल रहे हैं. निकला नहीं जा रहा है, आप मदद कीजिए. या किसी को बुरा भी नहीं लगता कि हम सांप्रदायिक नहीं हैं, आपने ऐसा क्यों लिखा. तब मैं पूछता कि फिर यूनिवर्सिटी हिंसा को लेकर इस पत्र में एक पंक्ति क्यों नहीं है. अगर आप हिंसा के समर्थन में हैं तो वही लिखिए. कम से कम आपकी ईमानदारी तो झलकेगी.

  • गहलोत सरकार का फ़ोकस BJP पर निशाना साधने में ही है, अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में कम है

    गहलोत सरकार का फ़ोकस BJP पर निशाना साधने में ही है, अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में कम है

    ऐसा लगता है कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार का फ़ोकस बीजेपी पर निशाना साधने में ही है. अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में कम है. कोटा के जे के लोन अस्पताल का मामला एक हफ़्ते से पब्लिक में है. इसके बाद भी एक्सप्रेस के रिपोर्टर दीप ने पाया है कि इंटेंसिव यूनिट में खुला डस्टबिन है. उसमें कचरा बाहर तक छलक रहा है. क़ायदे से तो दूसरे दिन वहां की सारी व्यवस्था ठीक हो जानी चाहिए थी. लेकिन मीडिया रिपोर्ट से पता चल रहा है कि वहां गंदगी से लेकर ख़राब उपकरणों की स्थिति जस की तस है. जबकि मुख्यमंत्री की बनाई कमेटी ही लौट कर ये सब बता रही है. सवाल है कि क्या एक सरकार एक हफ़्ते के भीतर इन चीजों को ठीक नहीं कर सकती थी?

  • पुलिस बर्बरता पर मीडिया की चुप्पी से वायरल वीडियो पर बढ़ा भरोसा

    पुलिस बर्बरता पर मीडिया की चुप्पी से वायरल वीडियो पर बढ़ा भरोसा

    एक वीडियो में लोग एक दूसरे पर गिरे पड़े हैं और उन पर पुलिस बेरहमी से लाठियां बरसाती जा रही है. जब कोई पकड़े जाने की स्थिति में हैं तो उसे मारने का क्या मतलब? जब कोई घर में है और वहां हिंसा नहीं कर रहा है तो फिर घर में मारने का क्या मतलब? ज़ाहिर है पुलिस की दिलचस्पी आम गरीब लोगों को मारने में ज़्यादा है. उसके पास किसी को भी उपद्रवी बताकर पीटने का लाइसेंस है.

  • दो साल में आएगी NRC-राम माधव, अभी इसकी चर्चा नहीं- नक़वी, NRC लेकर आएंगे- अमित शाह

    दो साल में आएगी NRC-राम माधव, अभी इसकी चर्चा नहीं- नक़वी, NRC लेकर आएंगे- अमित शाह

    इसलिए बार बार कहता हूं कि अख़बारों को पढ़ने और चैनलों को देखने का तरीक़ा बदल लें. सभी अख़बार पढ़ते हैं लेकिन सभी को अख़बार पढ़ना नहीं आता है. यह ख़बर आपसे मदद मांगी रही है. आपको इशारा कर रही है कि आप पाठक ही प्रेस को बचा सकते हैं. इसलिए समाचार संपादक बिना कुछ कहे कुछ और भी कह देता है लेकिन हेडलाइन वही रखता है जो हुज़ूर ए हिन्द को पसंद हो.

  • गुजरात के 11 लाख नौजवानों को मेरा पत्र, नागरिकता का नवजीवन मुबारक

    गुजरात के 11 लाख नौजवानों को मेरा पत्र, नागरिकता का नवजीवन मुबारक

    गांधी जी कहते थे साधन की पवित्रता साध्य से ज़्यादा ज़रूरी है. हम सभी गांधी नहीं हो सकते मगर उनके बताए रास्ते पर थोड़ा थोड़ा चल सकते हैं. आपने अपने अनेक ट्विट में अपने आंदोलन को गांधीवादी कहा है, उम्मीद है हिंसा न होने के अलावा आप अपने नारों में भी शुचिता रखेंगे.

  • महाराष्ट्र का सियासी संग्राम बनाम संविधान दिवस का सरकारी विधान

    महाराष्ट्र का सियासी संग्राम बनाम संविधान दिवस का सरकारी विधान

    23 लाख केस ऐसे हैं जो 10 साल से लंबित हैं. ये ठीक है कि लंबित मुकदमों के मामले में भारत ने प्रगति की है मगर 5 साल का औसत बहुत ज़्यादा है. वो भी सिर्फ नीचली अदालत के स्तर पर. पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अनुसार हर साल साढ़े पांच करोड़ भारतीय महंगे इलाज के कारण ग़रीबी में धकेल दिए जाते हैं. नेशनल स्टैस्टिकल ऑफिस का आंकड़ा भी इसकी पुष्टि करता है.

  • रवीश कुमार का ब्‍लॉग : आपके लिए भी दरवाज़े खुल सकते हैं, कोशिश तो कीजिए

    रवीश कुमार का ब्‍लॉग : आपके लिए भी दरवाज़े खुल सकते हैं, कोशिश तो कीजिए

    स्वाति जिस मशीन पर काम करती है उसका नाम है AOSLO Adaptive optics scanning laser ophthalmoscope. दुनिया भर में बहुत कम जगहों पर रिसर्च के लिए यह मशीन है. अधिक से अधिक दस जगहों पर होगी. आम तौर पर डॉक्टर आंखों के आले से यानी ophthalmoscope से कुछ हिस्से को नहीं देख पाते हैं.

  • कोई है जो मुझे बचा लेता है...

    कोई है जो मुझे बचा लेता है...

    कोई है जो मुझे बचा लेता है, किसी कहानी से भिड़ा देता है. एक बुजुर्ग ज़िंदगी के थपेड़ों से मुलायम होकर रैक के नीचे बैठे थे. नज़रें मिलीं और आगे बढ़ने ही वाला था कि ठहर गया. हाथ जोड़ा और नमस्कार किया फिर हाथ मिला लिया. जनाब उठ कर खड़े हो गए और पहले वाक्य में कहा, मैं भरत सिंह चौहान. चौहान राजपूत हूं.

  • इंसाफ़ के पहलू, अमेरिका का लिंचिंग म्यूज़ियम

    इंसाफ़ के पहलू, अमेरिका का लिंचिंग म्यूज़ियम

    भारत माता की जय करने वालों ने आरोपी का ख़्याल रखा, रखना भी चाहिए लेकिन जो मारा गया वो उनके जय के उद्घोष से बाहर कर दिया गया. आरोपी बरी हुए हैं, पहलू ख़ान को इंसाफ़ नहीं मिला है. हमारी पब्लिक ओपिनियन में इंसाफ़ की ये जगह है. जिसकी हत्या होगी उस पर चुप रहा जाएगा, आरोपी बरी होंगे तो भारत माता की जय कहा जाएगा. सब कुछ कितना बदल गया है. भारत माता की जय. भारत माता ने जयकारा सुनकर ज़रूर उस पुलिस की तरफ देखा होगा जो दो साल की तफ्तीश के बाद इंसाफ नहीं दिला सकी. पुलिस ने किस तरफ देखा होगा, ये बताने की ज़रूरत नहीं है.

  • 69,000 और अन्य भर्तियों को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी जी को रवीश कुमार का पहला पत्र

    69,000 और अन्य भर्तियों को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी जी को रवीश कुमार का पहला पत्र

    फिलहाल 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती के मामले के बारे में छात्र पत्र लिख रहे हैं कि मैं इसे उठाऊं ताकि आपकी सरकार अदालत में इस मामले की सुनवाई जल्दी निपटाने में मदद करें और नौजवानों को नियुक्ति पत्र मिले.

  • फ़ीस वृद्धि का दौर शुरू हो गया, चुनाव ख़त्म हो गया है...

    फ़ीस वृद्धि का दौर शुरू हो गया, चुनाव ख़त्म हो गया है...

    नेशनल लॉ स्कूल की फ़ीस बढ़ा दी गई है. हर साल की फ़ीस 50 हज़ार महंगी हो गई है. डिजिटल इंडिया के छात्रों को इंटरनेट फ़ीस साढ़े बारह हज़ार देने होते हैं और लाइब्रेरी फ़ीस के लिए दस हज़ार. 27 फ़ीसदी वृद्धी हुई है. पांच साल की पढ़ाई ढाई लाख और महंगी हो गई है. छात्रों ने मुझे मैसेज किया है.

  • जय श्री राम- राजनीतिक समाज का नया हथियार

    जय श्री राम- राजनीतिक समाज का नया हथियार

    अभी तक गाय के नाम पर कमज़ोर मुसलमानों को भीड़ ने मारा. अब जय श्री राम के नाम पर मार रही है. दोनों ही एक ही प्रकार के राजनीतिक समाज से आते हैं. यह वही राजनीतिक समाज है जिसके चुने हुए प्रतिनिधि लोकसभा में एक सांसद को याद दिला रहे थे कि वह मुसलमान है और उसे जय श्री राम का नाम लेकर चिढ़ा रहे थे. सड़क पर होने वाली घटना संसद में प्रतिष्ठित हो रही थी.

  • श्रीनिवास आप कहानी बन कर मुझ तक आए, आपकी कहानी लोगों तक पहुंचा रहा हूं

    श्रीनिवास आप कहानी बन कर मुझ तक आए, आपकी कहानी लोगों तक पहुंचा रहा हूं

    पिता का नाम भारत के पहले कार्डियोलॉजिस्ट का नाम है. डॉ. श्रीनिवास. आज के समस्तीपुर के गढ़सिसाई गांव के रहने वाले थे. 1932 में समस्तीपुर के किंग एडवर्ड इंगलिश हाईस्कूल से आठवीं तक पढ़े. पटना साइंस कालेज आए. प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से 1944 में एमबीबीसी की पढ़ाई की. अब यह कॉलेज पीएमसीएच के नाम से जाना जाता है. स्वर्ण पदक हासिल किया. 1948 में एला लैमन काबेट फेलोशिप लेकर हार्वर्ड जाते हैं. वहां से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन, डॉक्टर ऑफ साइंस की डिग्री लेते हैं.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग: बिहार में बच्चों की मौत पर रिपोर्टिंग करती टीवी पत्रकारिता को टेटेनस हो गया

    रवीश कुमार का ब्लॉग: बिहार में बच्चों की मौत पर रिपोर्टिंग करती टीवी पत्रकारिता को टेटेनस हो गया

    आम तौर पर तीन बेड पर एक डॉक्टर होना चाहिए. अगर 1500 बेड की बात कर रहे हैं तो करीब 200-300 डॉक्टर तो चाहिए ही नहीं. बेड बनाकर फोटो खींचाना है या मरीज़ों का उपचार भी करना है. जिस मेडिकल कालेज की बात कर गए हैं वहां मेडिकल की पढ़ाई की मात्र 100 सीट है. 2014 में हर्षवर्धन 250 सीट करने की बात कर गए थे. यहां सीट दे देंगे तो प्राइवेट मेडिकल कालेजों के लिए शिकार कहां से मिलेंगे. गेम समझिए. इसलिए नीतीश कुमार की घोषणा शर्मनाक और मज़ाक है. अस्पताल बनेगा उसकी घोषणा पर मत जाइये. देश में बहुत से अस्पताल बन कर तैयार हैं मगर चल नहीं रहे हैं. गली-गली में खुलने वाले एम्स की भी ऐसी ही हालत है.

  • ऐसे हास्यास्पद दावे क्यों करते हैं मोदी?

    ऐसे हास्यास्पद दावे क्यों करते हैं मोदी?

    दुनिया में डिजिटल कैमरा कब आया, दुनिया में आने के बाद भारत कब आया, दुनिया में ईमेल कब लॉन्‍च हुआ और भारत में ईमेल कब लॉन्‍च हुआ. प्रधानमंत्री ने जब से एक इंटरव्यू में जवाब दिया है 2019 के चुनाव का आखिरी चरण क्विज़ शो में बदल गया है. जितने भी लोग इस सवाल को लेकर टेंशन में थे कि कौन जीतेगा, बीजेपी को कितनी सीटें आएंगी, यूपी में महागठबंधन का क्या होगा, वे सारे लोग डिजिटल कैमरा कब आया, यह पता लगाने में व्यस्त हैं.

  • ट्विटर पर मतदान के दिन चौकीदार हैंडल सक्रिय हो उठते हैं, माहौल बनने लगता है

    ट्विटर पर मतदान के दिन चौकीदार हैंडल सक्रिय हो उठते हैं, माहौल बनने लगता है

    एक तो सबसे सक्रिय चौकीदार निकला जिसने अध्ययन के दौरान के समय में 9000 बार ट्वीट किया है. 70 प्रतिशत ट्वीट सिर्फ 10 प्रतिशत ही चौकीदार कर रहे हैं. 24,000 चौकीदार नाम बदल कर खुश हो गए. चुप रह गए.

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