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Reported by ravish kumar


'Reported by ravish kumar' - 46 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • बॉब डिलेन इन हिन्दी मीडियम

    <b>बॉब डिलेन इन हिन्दी मीडियम</b>

    सोशल मीडिया बॉब डिलेन को नोबेल पुरस्कार मिलने की ख़बरों से भरा हुआ है। मैंने कभी नाम भी नहीं सुना था। जॉन एल्टन से कंफ्यूज़ हो गया। लेकिन जब ख़ुश थे तो हम भी मारे ख़ुशी सुनने लगे। सुनते सुनते लगा कि बॉब का कोई गाना हिन्दुस्तानी ज़ुबान में सुन चुका हूँ।

  • आखिर कौन हैं राजेंद्र कुमार, कैसे बने रहे हर सरकार में ताकतवर

    आखिर कौन हैं राजेंद्र कुमार, कैसे बने रहे हर सरकार में ताकतवर

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सबसे ताकतवर सचिव राजेंद्र कुमार कांग्रेस सरकार में भी अहम पदों पर रहे हैं। अब केजरीवाल सरकार को राजेंद्र कुमार का बचाव करने में दिक्कत आ रही है। आखिर कौन हैं राजेंद्र कुमार और कैसे वे हर सरकार में अहम पदों पर अपनी जगह बना लेते हैं?

  • जेएनयू मामला : दिल्ली सरकार की जांच रिपोर्ट में कन्हैया को दी गई क्लीन चिट

    जेएनयू मामला :  दिल्ली सरकार की जांच रिपोर्ट में कन्हैया को दी गई क्लीन चिट

    दिल्ली सरकार ने जेएनयू मामले की जांच नई दिल्ली के डीएम संजय कुमार से जांच करवाई थी, इसकी रिपोर्ट आज दिल्ली सरकार को सौंपी गई है। रिपोर्ट में कन्हैया कुमार को क्लीन चिट दी गई है। इसके मुताबिक, कन्हैया कुमार के खिलाफ न तो कोई गवाह मिला और न ही वीडियो।

  • मिलिए 9 करोड़ की कार से, जिसके सामने आग और AK47 भी है बेअसर, पंचर होकर भी चलती है

    मिलिए 9 करोड़ की कार से, जिसके सामने आग और AK47 भी है बेअसर, पंचर होकर भी चलती है

    इस कार के दरवाजे पर एके47 से गोलियों की बौछारें कर दी जाएं तब भी एक गोली पार नहीं जा सकेगी। शीशे पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर बंदूक ख़ाली हो जाएगी मगर कांच में छेद तक नहीं हो सकेगा।

  • केंद्र ने अफसरों के निलंबन को ठहराया 'अवैध' | LG के इशारे पर सरकार के ख़िलाफ़ साजिश : जैन

    केंद्र ने अफसरों के निलंबन को ठहराया 'अवैध' | LG के इशारे पर सरकार के ख़िलाफ़ साजिश : जैन

    दिल्ली सरकार द्वारा दो विशेष सचिव स्‍तरीय अधिकारियों को सस्पेंड किए जाने के कदम को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गलत ठहराया है। केंद्र अब इस मामले में दिल्‍ली सरकार को अपना रुख बताएगा।

  • रवीश कुमार : सैय्यद अयान इमाम मुस्लिम नहीं सिर्फ खिलाड़ी है...

    रवीश कुमार : सैय्यद अयान इमाम मुस्लिम नहीं सिर्फ खिलाड़ी है...

    अयान पटना ज़िला शेरपुर की महिला वॉलीबॉल टीम की एक मात्र मुस्लिम खिलाड़ी है। अंडर- 19 की टीम में सारी खिलाड़ी उससे बड़ी हैं, जिन्हें अयान दीदी कहती है।

  • बिहार की चुप्पी और चुप्पी की बोली!

    बिहार की चुप्पी और चुप्पी की बोली!

    बिहार का मतदाता बोल नहीं रहा है। सोच रहा है। एक राजनेता की सभा में मंच की सुरक्षा कर रहे कमांडो को पानी देते हुए पूछा कि आप तो कई जगहों पर जाते होंगे क्या महसूस करते हैं। कमांडो ने बिना आंखे मटकाये कहा कि सर, मोहभंग हो गया है। किससे? दोनों से। क्यों ?

  • नीतीश कुमार की चुनौती : मैं प्रधानमंत्री से बहस के लिए तैयार हूं... क्या वह तैयार हैं?

    नीतीश कुमार की चुनौती : मैं प्रधानमंत्री से बहस के लिए तैयार हूं... क्या वह तैयार हैं?

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी के पास बिहार में कारपेट बॉम्बिंग के लिए समय है, लेकिन देश के 300 सूखे ज़िलों के लिए समय नहीं है। नीतीश ने गौहत्या के मुद्दे को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है।

  • ...तो आसमान में उड़कर ज़मीन जीतने की तैयारियां हो रही हैं

    ...तो आसमान में उड़कर ज़मीन जीतने की तैयारियां हो रही हैं

    पटना एयरपोर्ट पर वाक़ई हेलीकॉप्टर की भीड़ है। अज्ञात सूत्र ने कहा कि बीस बाईस हेलीकॉप्टर में से पंद्रह के करीब बीजेपी नेताओं के लिए हैं। पांच सात हेलीकॉप्टर जो अभी और आ रहा है वो क़ौन लेगा? बताने वाला चुप रहा और कहा कि आप समझ ही रहे हैं।

  • भाजपा का विज़न है या टेलीविजन का विज़न

    भाजपा का विज़न है या टेलीविजन का विज़न

    कम से कम इस मामले में बहुजन समाज पार्टी की तारीफ की जा सकती है कि पार्टी घोषणापत्र में यक़ीन नहीं करती। दूसरे दलों का भी घोषणापत्र में कम ही यक़ीन लगता है फिर भी वे जारी करते हैं इसलिए थोड़ी तारीफ़ उनकी भी की जानी चाहिए। हमारे देश में घोषणापत्र का ब्रांड पिट चुका है।

  • आप दादरी की भीड़ से अलग हैं या उसका हिस्सा

    आप दादरी की भीड़ से अलग हैं या उसका हिस्सा

    इतना सब कुछ सामान्य कैसे हो सकता है? बसेहड़ा गांव की सड़क ऐसी लग रही थी जैसे कुछ नहीं हुआ हो और जो हुआ है वो ग़लत नहीं है। दो दिन पहले सैंकड़ों की संख्या में भीड़ किसी को घर से खींच कर मार दे। मारने से पहले उसे घर के आख़िरी कोने तक दौड़ा ले जाए।

  • क्या अंधविश्वास का विरोध नहीं होना चाहिए?

    क्या अंधविश्वास का विरोध नहीं होना चाहिए?

    नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पानसरे, एम.एम. कलबुर्गी की हत्या कर दी जाती है। नरेंद्र नायक, जोसेफ एडामराकू, जयंत पांडा इन सबको मारा पीटा जाता है। सभी धर्मों के नाम पर बने संगठन अंधविश्वास के खिलाफ किसी भी अभियान को धर्म के खिलाफ बना देते हैं।

  • दिल्ली-एनसीआर में डेंगू का प्रकोप : सिस्‍टम है कि मानता नहीं

    दिल्ली-एनसीआर में डेंगू का प्रकोप : सिस्‍टम है कि मानता नहीं

    समाज और सिस्टम के रूप में हमारी एक ख़ासियत है। हम बहुत लंबा सोते हैं और जब जागते हैं तो ऐसे जागते हैं जैसे लगता है कि अब फिर गहरी नींद आएगी ही नहीं। ऐसा नहीं है कि कहीं कुछ हो नहीं रहा या कोई कुछ कर नहीं रहा मगर कुछ तो है जो सभी के किये धरे पर पानी फेर दे रहा है।

  • मांसाहार पाबंदी पर राजनीति : क्‍या उद्धव के बयान की निंदा करेंगे पीएम?

    मांसाहार पाबंदी पर राजनीति : क्‍या उद्धव के बयान की निंदा करेंगे पीएम?

    एक अच्छी ख़बर है। अच्छी ख़बर ये है कि हमारे देश की सारी समस्याएं समाप्त हो चुकी हैं। सिर्फ एक समस्या बची है। ग़रीबी, बेरोज़गारी, कुपोषण, सड़क, अस्पताल की समस्याओं के समाप्त होने के बाद अब एक ही काम बचा है। वो ये कि हम या आप क्या खायें। इससे घर-घर में समय बचेगा और जीडीपी बढ़ेगी।

  • मैं बिहार हूं, मेरे लिए किसकी झोली में क्‍या?

    मैं बिहार हूं, मेरे लिए किसकी झोली में क्‍या?

    मैं बिहार हूं......हूं तो हूं.... मैं जो था वही हूं जो हूं वही रहूंगा। बिहार क्या है, कौन है बिहार? दरअसल ये सवाल ही क्यों है कि किसका है बिहार। ऐलान ही तो हुआ है कि पांच चरणों में मुझे लेकर चुनाव होंगे।

  • हमारे मज़दूरों के हिस्से ये अंधेरा, मज़दूरों से ये अंधेरगर्दी कब तक

    हमारे मज़दूरों के हिस्से ये अंधेरा, मज़दूरों से ये अंधेरगर्दी कब तक

    प्रधानमंत्री की इस बात में दम है कि मज़दूरों को वो सम्मान नहीं मिलता तो कोट पैंट वालों को मिल जाता है। कम से कम उन्होंने यह तो कहा कि मज़दूरों को सम्मान नहीं मिलता है। लेकिन जो उन्होंने मज़दूरों के कल्याण के नाम पर योजनाएं लॉन्‍च की हैं उसमें उन जगहों की चिन्ता नज़र नहीं आती।

  • मिलेनियम सिटी गुड़गांव का मज़दूरी लूट सूचकांक

    मिलेनियम सिटी गुड़गांव का मज़दूरी लूट सूचकांक

    फर्ज़ कीजिए कि आप किसी शहर में नौकरी करने जाते हैं। किराये का घर लेते वक्त मकान मालिक एक शर्त रखता है कि आप उसी की दुकान से ख़रीदारी करेंगे और वो जो दाम तय करेगा वही चुकाएंगे। ये आप भी कई प्रकार के हो सकते हैं।

  • आंकड़ों की बाज़ीगरी, क्या बिहार का वोटर ये समझ रहा है?

    आंकड़ों की बाज़ीगरी, क्या बिहार का वोटर ये समझ रहा है?

    मैं एक राष्ट्रीय रैली आयोग का प्रस्ताव करना चाहता हूं। विधि द्वारा स्थापित न होने के बाद भी मैं राष्ट्रीय रैली आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने पर रैलियों में आने वाले लोगों की गिनती का कोई न कोई विश्वसनीय पैमाना ज़रूर बनाऊंगा।

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