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Reservation for economically weak


'Reservation for economically weak' - 14 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से किया इनकार

    आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से किया इनकार

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 10 फीसदी आर्थिक आरक्षण पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि इस संबंध में कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं करेंग. उन्होंने कहा कि हम इस मामले को संविधान पीठ के पास भेजकर न्यायिक परीक्षण करने पर अगली तारीख को विचार करेंगे.

  • आरक्षित कोटे के 28 हजार से ज्यादा पद खाली, OBC कैटेगरी की बड़ी चिंता और अब 10% सवर्ण आरक्षण

    आरक्षित कोटे के 28 हजार से ज्यादा पद खाली, OBC कैटेगरी की बड़ी चिंता और अब 10% सवर्ण आरक्षण

    भारत सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमज़ोर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण की सुविधा इसी साल से देने की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन संसद में पेश सरकार के अपने आंकड़े बताते हैं कि भारत सरकार में SC/ST और OBC कोटे की हज़ारों सीटें खाली पड़ी हैं.

  • आर्थिक आधार पर आरक्षण पर RJD का यूटर्न: रघुवंश प्रसाद बोले- संसद में हमसे चूक हुई, हम सवर्ण आरक्षण के खिलाफ नहीं

    आर्थिक आधार पर आरक्षण पर RJD का यूटर्न: रघुवंश प्रसाद बोले- संसद में हमसे चूक हुई, हम सवर्ण आरक्षण के खिलाफ नहीं

    राजद प्रमुख लालू प्रसाद के छोटे बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने 7 जनवरी को कहा था कि 15 फीसदी आबादी वाले को अगर दस प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है तो 85 प्रतिशत आबादी वाले अनुसूचित जाति जनजाति और समाज के अन्य पिछडे वर्ग को 90 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए. इस बीच बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस ने आशा जतायी है कि प्रदेश में नीतीश सरकार जल्द से जल्द आरक्षण की इस व्यवस्था को शुरू करेगी.

  • सवर्ण आरक्षण पर बोले केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत, कहा- 8 लाख की आय सीमा में बदलाव संभव

    सवर्ण आरक्षण पर बोले केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत, कहा- 8 लाख की आय सीमा में बदलाव संभव

    सरकार का कहना है कि जल्द ही नियम बना दिए जाएंगे कि आरक्षण का दायरा क्या होगा. सरकार ने यह फैसला क्यों किया? क्या उसे इसका सियासी फायदा मिलेगा? सुप्रीम कोर्ट में कानून को चुनौती पर वो क्या करेगी? इन तमाम सवालों के जवाब दिए सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने. 

  • शिवसेना ने मोदी सरकार से पूछा: आरक्षण तो दे दिया, नौकरियां कहां है? अगर यह चुनावी चाल है तो महंगा पड़ेगा

    शिवसेना ने मोदी सरकार से पूछा: आरक्षण तो दे दिया, नौकरियां कहां है? अगर यह चुनावी चाल है तो महंगा पड़ेगा

    शिवसेना ने कहा कि मराठा समुदाय (Maratha Reservation) को भी महाराष्ट्र में आरक्षण दिया गया है लेकिन सवाल अभी भी यही बना हुआ है कि नौकरियां कहां है? संसद ने बुधवार को सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी.

  • सवर्णों के आरक्षण पर संसद की मुहर: किसी ने बताया 'राजनीतिक स्टंट', तो किसी ने सवर्णों से 'धोखा', 10 खास बातें

    सवर्णों के आरक्षण पर संसद की मुहर: किसी ने बताया 'राजनीतिक स्टंट', तो किसी ने सवर्णों से 'धोखा', 10 खास बातें

    सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को बुधवार को संसद की मंजूरी मिल गयी. राज्यसभा ने करीब 10 घंटे तक चली बैठक के बाद संविधान (124 वां संशोधन), 2019 विधेयक को सात के मुकाबले 165 मतों से मंजूरी दे दी. इससे पहले सदन ने विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधनों को मत विभाजन के बाद नामंजूर कर दिया. लोकसभा ने इस विधेयक को मंगलवाार को ही मंजूरी दी थी जहां मतदान में तीन सदस्यों ने इसके विरोध में मत दिया था. उच्च सदन में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने इस विधेयक का समर्थन किया. कुछ विपक्षी दलों ने इस विधेयक को लोकसभा चुनाव से कुछ पहले लाये जाने को लेकर सरकार की मंशा तथा इस विधेयक के न्यायिक समीक्षा में टिक पाने को लेकर आशंका जतायी. हालांकि सरकार ने दावा किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिये लाया गया है. केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए इसे सरकार का एक ऐतिहासिक कदम बताया. 

  • RJD सांसद मनोज झा ने सदन में दिखाया झुनझुना, सरकार की नीति और नीयत पर उठाए सवाल

    RJD सांसद मनोज झा ने सदन में दिखाया झुनझुना, सरकार की नीति और नीयत पर उठाए सवाल

    RJD सांसद मनोज झा (Manoj Jha) ने राज्यसभा में आरक्षण बिल (General Category Reservation Bill) पर चर्चा के दौरान सरकार की नीति और नीयत दोनों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश में जातिव्यवस्था बहुत खतरनाक स्थिति में है.

  • आर्थिक आधार पर आरक्षण: राम विलास पासवान बोले- देश में नौकरियों की कमी, प्राइवेट सेक्टर में भी हो आरक्षण, कांग्रेस ने किया समर्थन

    आर्थिक आधार पर आरक्षण: राम विलास पासवान बोले- देश में नौकरियों की कमी, प्राइवेट सेक्टर में भी हो आरक्षण, कांग्रेस ने किया समर्थन

    कांग्रेस (Congress) ने प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की राम विलास पासवान की मांग का समर्थन किया है. कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा, 'हम प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की पासवान की मांग का समर्थन करते हैं.' इसके अलावा इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा, 'मैं प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की राम विलास पासवान की मांग का समर्थन करता हूं. इससे गरीब पिछड़ों को फायदा होगा.'

  • मोदी सरकार की बड़ी जीत, राज्यसभा से भी पास हुआ सवर्ण आरक्षण बिल, समर्थन में पड़े 165 वोट

    मोदी सरकार की बड़ी जीत, राज्यसभा से भी पास हुआ सवर्ण आरक्षण बिल, समर्थन में पड़े 165 वोट

    लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार ने अपने मास्टरस्ट्रोक के तहत आर्थिक तौर पर कमजोर सवर्णों (quota Bill for economically weak in general category) को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फ़ैसला किया है.

  • आर्थिक आधार पर आरक्षण: 'लोकसभा में पास, राज्यसभा से आस', मोदी सरकार की 'अग्निपरीक्षा' आज, 10 बड़ी बातें

    आर्थिक आधार पर आरक्षण: 'लोकसभा में पास, राज्यसभा से आस', मोदी सरकार की 'अग्निपरीक्षा' आज, 10 बड़ी बातें

    लोकसभा चुनाव 2019 से पहले मोदी सरकार (Modi Govt) ने बड़ा दांव खेलकर विपक्ष के चुनावी हमलों को एक तरह से कमजोर कर दिया है. मोदी सरकार ने अपने मास्टरस्ट्रोक के तहत आर्थिक तौर पर कमजोर सवर्णों (quota Bill for economically weak in general category) को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फ़ैसला किया है. आर्थिक रूप से पिछड़े तबके को आरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में संविधान संशोधन बिल पेश किया और उसे पारित भी करा लिया. बिल के समर्थन में जहां 323 वोट पड़े वहीं, विरोध में महज 3 वोट. हालांकि, राज्यसभा में आज यानी बुधवार को इस बिल को पेश किया जाएगा. राज्यसभा में इस बिल को लेकर सरकार की अग्निपरीक्षा होगी. हालांकि, लोकसभा में जिस तरह से विपक्षी पार्टियों ने अपने तेवर दिखाए, उससे नहीं लगता कि सरकार को यहां से पास कराने में खासा परेशानी होगी, मगर कांग्रेस की जेपीसी की मांग इस बिल को लटका सकती है. 

  • आर्थिक आधार पर सवर्णों को आरक्षण का बिल लोकसभा से पास, PM मोदी ने इसे देश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया

    आर्थिक आधार पर सवर्णों को आरक्षण का बिल लोकसभा से पास, PM मोदी ने इसे देश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया

    नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े तबके को 10 फीसदी आरक्षण (Quota For Economically Weak) का प्रावधान करने वाला विधेयक मंगलवार को लोकसभा से पास हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने विधेयक के पास होने पर इसे देश के इतिहास में 'ऐतिहासिक क्षण' करार दिया. लोकसभा में यह विधेयक पारित होने के बाद किए गए ट्वीट में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इसने एक ऐसे प्रभावी उपाय को हासिल करने की प्रक्रिया को गति दी है, जिससे समाज के सभी वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित होगा. पीएम मोदी ने कहा, 'यह सुनिश्चित करना हमारा प्रयास है कि हर गरीब व्यक्ति, चाहे वह किसी भी जाति या संप्रदाय का हो, गरिमापूर्ण जीवन जिये और उसे हर संभव मौके मिलें.'

  • अगड़ों को आरक्षण का बिल लोकसभा से पास, राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में बिल पेश होने से पहले जताई यह उम्मीद

    अगड़ों को आरक्षण का बिल लोकसभा से पास, राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में बिल पेश होने से पहले जताई यह उम्मीद

    लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार (Modi Govt) ने आर्थिक तौर पर कमजोर सवर्णों (Quota For Economically Weak) को 10 फ़ीसदी आरक्षण देने का फ़ैसला किया है. इसके लिए सरकार ने आज लोकसभा में संविधान संशोधन बिल पेश किया और उसे पारित भी करवा लिया. बिल के समर्थन में 323 वोट और विरोध में महज 3 वोट पड़े. राज्यसभा में बुधवार को इस बिल को पेश किया जाएगा. इस विधेयक को लेकर मंगलवार को करीब 5 घंटे तक चली बहस में लगभग सभी दलों ने इसका पक्ष लिया, लेकिन किसी ने भी इसका खुलकर विरोध नहीं किया. 

  • आर्थिक आधार पर आरक्षण : कौन सा दल है पक्ष में और कौन खड़ा है विपक्ष में? जानें- विस्तार से

    आर्थिक आधार पर आरक्षण : कौन सा दल है पक्ष में और कौन खड़ा है विपक्ष में? जानें- विस्तार से

    जनरल कैटेगरी के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाला संविधान का 124वां संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश कर दिया गया. केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने यह विधेयक पेश किया. एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी प्रदान की थी. आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण को सोमवार को मंजूरी दी थी.  सूत्रों के अनुसार, यह कोटा मौजूदा 50 प्रतिशत आरक्षण से अलग होगा. सामान्य वर्ग को अभी आरक्षण हासिल नहीं है.  समझा जाता है कि यह आरक्षण आर्थिक रूप से पिछड़े ऐसे गरीब लोगों को दिया जाएगा, जिन्हें अभी आरक्षण का फायदा नहीं मिल रहा है. आरक्षण का लाभ उन्हें मिलने की उम्मीद है जिनकी वार्षिक आय आठ लाख रूपये से कम होगी और 5 एकड़ तक जमीन होगी. मोदी सरकार के इस फैसले का ज्यादातर विपक्षी दलों ने स्वागत किया है, हालांकि कुछ दलों ने सरकार की मंशा पर सवाल भी खड़े किये हैं और इसे महज चुनावी स्टंट बताया है. आइये आपको बताते हैं कि आर्थिक आधार पर आरक्षण के मुद्दे पर विभिन्न राजनैतिक दलों की क्या राय है. 

  • आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर मायावती ने केंद्र की मंशा पर उठाए सवाल, कही यह बात...

    आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर मायावती ने केंद्र की मंशा पर उठाए सवाल, कही यह बात...

    लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) से पहले मोदी सरकार (Modi Govt) ने बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है. मोदी सरकार ने आर्थिक तौर पर कमजोर सवर्णो (Quota For Economically Weak) को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फ़ैसला किया है. गरीब सवर्णों के लिए 10 फ़ीसदी का यह आरक्षण 50 फ़ीसदी की सीमा से अलग होगा. मोदी सरकार के इस फैसले का बसपा प्रमुख मायावती (Mayawti) ने स्वागत करते हुए इसे चुनावी स्टंट बताया है.