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Review petition


'Review petition' - 54 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • राष्ट्रपति और राज्यपाल की दया याचिका की शक्ति की भी हो सकती है न्यायिक समीक्षा

    राष्ट्रपति और राज्यपाल की दया याचिका की शक्ति की भी हो सकती है न्यायिक समीक्षा

    राष्ट्रपति और राज्यपाल की दया याचिका की शक्ति की न्यायिक समीक्षा भी हो सकती है. संविधान के अनुच्छेद 72 और 161 के तहत शक्तियों के प्रयोग पर न्यायिक समीक्षा की सीमाओं को संविधान पीठ द्वारा मारू राम बनाम भारत संघ मामले में सीमित कर दिया गया था. यह कहा गया था कि संवैधानिक शक्ति सहित सभी सार्वजनिक शक्ति को मनमाने ढंग से या दुर्भावनापूर्ण तरीके से नहीं किया जाना चाहिए. पीठ ने इस बात पर जोर दिया था कि "शक्ति सबसे महान क्षण है, स्वयं के लिए कोई कानून नहीं हो सकता है लेकिन इसे संवैधानिकता के महीन सिद्धांत द्वारा सूचित किया जाना चाहिए.

  • निर्भया रेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका, मौत की सजा बरकरार

    निर्भया रेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका, मौत की सजा बरकरार

    निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में दोषी अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर जस्टिस आर बानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ में बुधवार को सुनवाई की गई.

  • निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट में दोषी के वकील की दलील- 'जियो और जीने दो' में भारतीय संस्कृति का यकीन

    निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट में दोषी के वकील की दलील- 'जियो और जीने दो' में भारतीय संस्कृति का यकीन

    अक्षय की ओर से पेश हुए वकील एपी सिंह ने कहा कि इस मामले में अभी तक मीडिया प्रेशर है. इसके साथ ही एपी सिंह ने जांच पर सवाल उठाए. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब कोर्ट का फैसला आ चुका है, तब ये नया फेक्ट कहां से लाये? कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्ष आधे घंटे में बहस पूरी करें. एपी सिंह ने कहा कि इस मामले में राजनीतिक दबाव और मीडिया का दबाव बेहद रहा है. मीडिया का दबाव अभी भी है. सिंह ने साथ ही गुरुग्राम के एक स्कूल में छात्र की हत्या का उदाहरण दिया.

  • निर्भया केस: दोषी अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

    निर्भया केस: दोषी अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

    दिसंबर, 2012 में हुए निर्भया बलात्कार और हत्याकांड में दोषियों की मौत की सजा बरकरार रखने के शीर्ष अदालत के 2017 के फैसले के खिलाफ एक मुजरिम अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ गठित की है जो बुधवार को सुबह 10.30 बजे मामले के दोषी की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करेगी.

  • NEWS FLASH: उत्तर प्रदेश में लगी धारा 144, यूपी के DGP ने किया ट्वीट- 'एक जगह इकट्ठे न हों लोग'

    NEWS FLASH: उत्तर प्रदेश में लगी धारा 144, यूपी के DGP ने किया ट्वीट- 'एक जगह इकट्ठे न हों लोग'

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  • निर्भया की मां ने SC में हस्तक्षेप याचिका दायर की, कहा- दोषी कानूनी दांवपेंच खेलकर सजा से बच रहे

    निर्भया की मां ने SC में हस्तक्षेप याचिका दायर की, कहा- दोषी कानूनी दांवपेंच खेलकर सजा से बच रहे

    निर्भया की मां आशा देवी की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि दोषी कानूनी दांवपेंच खेलकर सजा से बच रहे हैं, पहले ही इस मामले को सात साल हो चुके हैं. गौरतलब है कि निर्भया (Nirbhaya) के दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह (Akshay Kumar Singh)  की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 17 दिसंबर को सुनवाई करने का फैसला किया है.

  • Ayodhya Case: रिव्यू पिटीशन खारिज होने पर हिंदू महासभा ही नहीं, कुछ मुस्लिम पक्षकार भी खुश

    Ayodhya Case: रिव्यू पिटीशन खारिज होने पर हिंदू महासभा ही नहीं, कुछ मुस्लिम पक्षकार भी खुश

    Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट ने आज अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में दाखिल की गईं सभी 19 रिव्यू पिटीशन (Review Petition) खारिज कर दीं. कोर्ट ने कहा कि याचिका में उपलब्ध कराए गए सभी दस्तावेजों पर गौर किया गया लेकिन उन्हें सुनने का कोई आधार नहीं बनता. मस्जिद के लिए मुकदमा लड़ने वाले जफरयाब जिलानी ने कहा है कि वे सीनियर वकील से बात करने के बाद तय करेंगे कि उन्हें क्यूरेटिव पिटीशन दखिल करना है या नहीं.

  • अयोध्या पर फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर सभी पुनर्विचार याचिकाएं खारिज

    अयोध्या पर फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर सभी पुनर्विचार याचिकाएं खारिज

    Ayodhya Case: अयोध्या (Ayodhya) के राम जन्मभूमि - बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के खिलाफ दाखिल की गईं सभी पुनर्विचार याचिकाएं गुरुवार को सुनवाई के बाद खारिज कर दी गईं. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या जमीन विवाद मामले में नौ नवंबर को अपना फैसला सुनाया था. अदालत ने विवादित जमीन रामलला को यानी राम मंदिर बनाने के लिए देने का फैसला किया था. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की विशेष पीठ के 9 नवम्बर के फैसले पर पुनर्विचार के लिए कुल 18 याचिकाएं दाखिल की गई थीं. इनमें 9 याचिकाएं पक्षकारों की ओर से और बाकी नौ अन्य याचिकाकर्ताओं की थीं.

  • Ayodhya Case : शिया वक्फ बोर्ड और हिंदू महासभा ने मस्जिद के लिए जमीन देने का विरोध किया, 18 याचिकाएं; कल सुनवाई

    Ayodhya Case : शिया वक्फ बोर्ड और हिंदू महासभा ने मस्जिद के लिए जमीन देने का विरोध किया, 18 याचिकाएं; कल सुनवाई

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं (Review Petition) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में गुरुवार को सुनवाई होगी. यह सुनवाई चेंबर में होगी. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या जमीन विवाद मामले में नौ नवंबर को अपना फैसला सुनाया था. अदालत ने विवादित जमीन रामलला को यानी राम मंदिर बनाने के लिए देने का फैसला किया था. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की विशेष पीठ के 9 नवम्बर के फैसले पर पुनर्विचार के लिए कुल 18 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. इनमें 9 याचिकाएं पक्षकारों की ओर से हैं और बाकी नौ अन्य याचिकाकर्ता हैं.

  • Ayodhya Case : निर्मोही अखाड़ा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, रिव्यू पिटीशन में केंद्र पर सवाल

    Ayodhya Case : निर्मोही अखाड़ा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, रिव्यू पिटीशन में केंद्र पर सवाल

    राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ निर्मोही अखाड़े ने भी रिव्यू पिटीशन दाखिल कर दी है. अयोध्या मामले में निर्मोही अखाड़ा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. अखाड़े ने फैसले के मुताबिक ट्रस्ट में उसका स्थान अब तक केंद्र सरकार द्वारा स्पष्ट न किए जाने का मुद्दा उठाया है.

  • निर्भया के दोषी की SC में दलील- दिल्ली में प्रदूषण का बुरा हाल, पानी भी जहरीला...जिंदगी छोटी हो ही रही फिर फांसी क्यों?

    निर्भया के दोषी की SC में दलील- दिल्ली में प्रदूषण का बुरा हाल, पानी भी जहरीला...जिंदगी छोटी हो ही रही फिर फांसी क्यों?

    Nirbhaya Case: निर्भया के दोषी अक्षय ने यह दलील दी है कि दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है. दिल्ली गैस चेंबर में तब्दील हो चुकी है. पानी भी जहरीला हो चुका है. उम्र पहले से ही कम से कम होती जा रही है फिर फांसी की सजा की जरूरत क्यों है?

  • Nirbhaya Case: तिहाड़ जेल में फांसी की तैयारियों की खबरों के बीच दोषी अक्षय पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

    Nirbhaya Case: तिहाड़ जेल में फांसी की तैयारियों की खबरों के बीच दोषी अक्षय पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

    Nirbhaya Case: निर्भया के दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. अक्षय को ट्रायल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी. इसकी सजा को दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था.

  • Ayodhya Case: हिंदू महासभा भी SC में दाखिल करेगी रिव्यू पिटिशन, कोर्ट के इस फैसले को देगी चुनौती

    Ayodhya Case: हिंदू महासभा भी SC में दाखिल करेगी रिव्यू पिटिशन, कोर्ट के इस फैसले को देगी चुनौती

    वहीं, विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने मांग की कि सुन्नी वक्फ बोर्ड (Sunni Waqf Board) को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या (Ayodhya) की नगर पालिका की सीमा से बाहर जमीन आवंटित की जाए.

  • Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट में चार पुनर्विचार याचिकाएं, कहा- अवैध रूप से रखी गई मूर्ति के पक्ष में फैसला

    Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट में चार पुनर्विचार याचिकाएं, कहा- अवैध रूप से रखी गई मूर्ति के पक्ष में फैसला

    अयोध्या (Ayodhya) के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चार पुनर्विचार याचिकाएं (Review petitions) दायर की गई हैं. याचिकाओं में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सन 1992 में मस्जिद ढहाए जाने को मंजूरी देने जैसा है. अवैध रूप से रखी गई मूर्ति के पक्ष में फैसला सुनाया गया. अवैध हरकत करने वालों को ज़मीन दी गई. याचिकाओं में कहा गया है कि हिंदुओं का कभी वहां पूरा कब्ज़ा नहीं था. मुसलमानों को पांच एकड़ जमीन देने का फैसला पूरा इंसाफ नहीं कहा जा सकता. सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि वह अपने नौ नवंबर के फैसले पर रोक लगाए. मामले पर दोबारा विचार करे.

  • Ayodhya Case: अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भारतीय पीस पार्टी ने दाखिल की पुनर्विचार याचिका, उठाए ये 5 सवाल

    Ayodhya Case: अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भारतीय पीस पार्टी ने दाखिल की पुनर्विचार याचिका, उठाए ये 5 सवाल

    अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ आज 4 पुनर्विचार याचिकाएं दायर की जाएंगी. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से मिसबाहुद्दीन, मौलाना हसबुल्ला, हाजी महबूब और रिजवान अहमद द्वारा पुनर्विचार याचिकाएं दायर की जाएंगी. इन सभी याचिकाओं के वकील राजीव धवन होंगे. वहीं भारतीय पीस पार्टी की ओर से पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी गई है. गौरतलब है कि नवंबर महीने में सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले में फैसला सुनाया था कि विवादित जमीन रामलला को दे दी जाए और मुस्लिमों को किसी दूसरी जगह 5 एकड़ जमीन दी जाए. लेकिन इस फैसले के खिलाफ सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से इनकार कर दिया है. वहीं जमीयत उलेमा हिन्द ने इस मामले से जुड़े एक पक्ष के साथ मिलकर याचिका दाखिल की है.

  • Ayodhya Case: SC में पुनर्विचार याचिका दाखिल, फैसले के इन बिंदुओं पर किया गया फोकस

    Ayodhya Case: SC में पुनर्विचार याचिका दाखिल, फैसले के इन बिंदुओं पर किया गया फोकस

    याचिका में सुप्रीम कोर्ट से 9 नवंबर के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की गई. सूत्रों के मुताबिक जमीअत ने कोर्ट के फैसले के उन तीन बिंदुओं को फोकस किया है.

  • Ayodhya Verdict: पुनर्विचार याचिका के हिमायती हैं मुल्‍क के 99 फीसद मुस्लिम: मौलाना रहमानी

    Ayodhya Verdict: पुनर्विचार याचिका के हिमायती हैं मुल्‍क के 99 फीसद मुस्लिम: मौलाना रहमानी

    मौलाना रहमानी ने एक सवाल पर कहा ‘हमें शुबहा (आशंका) है कि हमारी पुनर्विचार याचिका ठुकरा दी जाएगी, मगर इसका मतलब यह नहीं है कि हम इसे पेश भी न करें. यह हमारा कानूनी हक है. अदालत के फैसले की कई बातें एक-दूसरे को काटती हैं. कोई भी मुस्लिम या सुलझे हुए हिन्‍दू भाई दिल पर हाथ रखकर सोचें तो समझ जाएंगे कि बाबरी मस्जिद का फैसला कितना दुरुस्‍त है?’

  • Ayodhya Case- दिसंबर के पहले सप्ताह में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा AIMPLB, कहा- अभी आखिरी फैसला आना बाकी

    Ayodhya Case- दिसंबर के पहले सप्ताह में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा AIMPLB, कहा- अभी आखिरी फैसला आना बाकी

    मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की तरफ से 3 या 4 दिसम्बर को रिव्यू पिटीशन दाखिल किया जाएगा. बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के सद्स्य क़ासिम रसूल इलियास ने कहा है कि बोर्ड की वर्किंग कमेटी की मीटिंग में इस मुद्दे पर फैसला हुआ था जिससे पीछे हटने का अब सवाल ही नहीं है. हम कानून का रास्ता अख्तियार कर रहे है इसमें किसी को ऐतराज क्यों है?

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