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Sabarimala temple entry


'Sabarimala temple entry' - 13 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री के खिलाफ आज केरल बंद, झड़प में 1 प्रदर्शनकारी की मौत

    सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री के खिलाफ आज केरल बंद, झड़प में 1 प्रदर्शनकारी की मौत

    केरल के सबरीमाला मंदिर में सैकड़ों साल से चली आ रही परंपरा उस वक्त टूट गई, जब करीब 40 साल की उम्र वाली दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश कर एक नया इतिहास रच दिया. दरअसल, सबरीमाला में बुधवार के तड़के करीब 40 वर्ष की दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश किया और भगवान अयप्पा के दर्शन किए, जिसके बाद से ही बवाल मच गया है. मंदिर समिति इसके खिलाफ में खड़ा है, वहीं सरकार महिलाओं के पक्ष में. दो महिलाओं के प्रवेश के बाद काफी प्रदर्शन हुआ था. सीपीआईएम और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसमें एक 55 वर्ष के बरीमाला कर्म समिति के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई.

  • केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर संग्राम, आज बंद का ऐलान, इलाके में धारा 144 लागू

    केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर संग्राम, आज बंद का ऐलान, इलाके में धारा 144 लागू

    केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर हो रहा विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद भी केरल के सबरीमला मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को प्रवेश नहीं मिला. प्रदर्शनकारियों के विरोध की वजह से महिलाएं मंदिर के अंदर नहीं जा सकीं. महिला श्रद्धालुओं को प्रदर्शनकारियों ने डराया, धमकाया और यहां तक कि कुछ जगहों पर महिलाओं को बस से घसीट कर निकाला. दरअसल, बुधवार को महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे कुछ लोगों ने 4 महिला पत्रकारों पर हमला कर दिया और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की. पुलिस पर पथराव किया, जिसमें 100 से ज़्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और 25 प्रदर्शनकारी गिरफ़्तार किए गए हैं. सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओँ के प्रवेश के विरोध में आज दोपहर 12 बजे से 12 घंटे की हड़ताल बुलाई गई है. मंदिर के आस-पास में तनाव का माहौल है और किसी अप्रिय घटना के मद्देनजर कुछ इलाक़ों में धारा 144 लागू कर दी गई है. 

  • सबरीमाला मंदिर के कपाट खुले, 'प्रतिबंधित' उम्र की कोई भी महिला नहीं कर सकी भगवान अय्यप्पा के दर्शन   

    सबरीमाला मंदिर के कपाट खुले, 'प्रतिबंधित' उम्र की कोई भी महिला नहीं कर सकी भगवान अय्यप्पा के दर्शन    

    सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की इजाजत देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बुधवार को पहली बार भगवान अय्यप्पा मंदिर के दरवाजे तो खुले लेकिन 'प्रतिबंधित' उम्र समूह वाली कोई भी महिला दर्शन करने में सक्षम नहीं हो पाई. यहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच हिंसक झड़प भी हुई. प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना कुछ महिला पत्रकारों को करना पड़ा. बुधवार को उनके वाहनों पर भी हमले किए गए. इसके अलावा हिंदू दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन की वजह से बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती के बावजूद पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश की एक महिला को बुधवार को भगवान अयप्पा स्वामी के दर्शन किए बगैर पम्बा लौटना पड़ा. 

  • मुस्लिम महिलाएं कर पाएंगी मस्जिदों में प्रवेश? हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

    मुस्लिम महिलाएं कर पाएंगी मस्जिदों में प्रवेश? हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

    केरल उच्च न्यायालय में एक हिंदूवादी संगठन ने बुधवार को जनहित याचिका दायर कर अनुरोध किया की कि वह केंद्र को महिलाओं को नमाज के लिए मस्जिदों में प्रवेश पाने के वास्ते आदेश जारी करने का निर्देश दे. याचिकाकर्ता ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति संबंधी उच्चतम न्यायालय के हाल के फैसले के संदर्भ में समय की मांग है कि मुस्लिम महिला श्रद्धालुओं को भी नमाज के लिए पुरुषों के साथ मस्जिदों में प्रवेश मिले.

  • सबरीमाला मंदिर: सुप्रीम कोर्ट के आदेश को केरल सरकार ने लागू करने का लिया फैसला तो संघ ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

    सबरीमाला मंदिर: सुप्रीम कोर्ट के आदेश को केरल सरकार ने लागू करने का लिया फैसला तो संघ ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

    केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को मिली सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के फैसले पर आरएसएस का बयान आया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बुधवार को कहा कि सबरीमला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विचार करते समय श्रद्धालुओं की भावना की अनदेखी नहीं की जा सकती. इसके साथ ही आरएसएस ने सभी संबंधित पक्षों से एक साथ आने तथा ‘न्यायिक विकल्प से भी’ मसले का हल करने का आह्वान किया.

  • क्या सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाओं को मिलेगी एंट्री? सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला आज, 10 बातें

    क्या सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाओं को मिलेगी एंट्री? सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला आज, 10 बातें

    केरल के सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाएगी. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाना है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आठ दिनों तक सुनवाई करने के उपरांत 1 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

  • सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाएं प्रवेश कर सकेंगी? सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज

    सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाएं प्रवेश कर सकेंगी? सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज

    केरल के सबरीमला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ शुक्रवार को फैसला सुनाएगी. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है.

  • सबरीमाला विवाद: SC ने कहा, मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध को संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर परखा जाएगा'

    सबरीमाला विवाद: SC ने कहा, मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध को संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर परखा जाएगा'

    सबरीमाला मंदिर विवाद पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील पर सहमति नहीं जताई कि बिना किसी व्यवधान के निरंतर जारी 'परंपरा और रीति रिवाजों' को 'आधुनिक सिद्धांतों ' के आधार पर जांचा-परखा नहीं जा सकता.

  • सुप्रीम कोर्ट से बोले एमिकस चंद्रण: सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी, दलितों के साथ छुआछूत की तरह

    सुप्रीम कोर्ट से बोले एमिकस चंद्रण: सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी, दलितों के साथ छुआछूत की तरह

    केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 साल से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी राजू राम चंद्रण ने कहा कि सबरीमाला में एक उम्र सीमा के महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी उसी तरह है जैसे दलितों के साथ छुआछूत. मामले की सुनवाई के दौरान एमिकस राजू राम चंद्रन ने कहा अगर किसी महिला को मासिक धर्म की वजह से रोका जाता है तो ये भी दलितों से छुआछूत की तरह भेदभाव जैसा है. बता दें कि केरल हाईकोर्ट ने इस पाबन्दी को सही ठहराते हुए कहा था कि मंदिर जाने से पहले 41 दिन का ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करना होता है. महिलाएं मासिक धर्म की वजह से अपवित्र होती हैं और वो इसे पूर्ण नहीं कर पातीं. लिहाज़ा उनके प्रवेश पर पाबंदी जायज है. केरल हाइकोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

  • सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध नहीं करेगी केरल सरकार

    सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध नहीं करेगी केरल सरकार

    केरल की एलडीएफ सरकार ने आज कहा कि वह सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति की अपनी प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। राज्य देवस्वोम मंत्री कदकमपल्ली सुरेंद्रन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि एलडीएफ सरकार वर्ष 2007 के अपने हलफनामे के साथ खड़ी है जिसमें महिलाओं के प्रवेश का समर्थन किया गया था।

  • सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश मसले पर जागरूकता के लिए त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड करेगा यज्ञ

    सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश मसले पर जागरूकता के लिए त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड करेगा यज्ञ

    सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश देने या नहीं देने पर चल रहे राष्ट्रव्यापी विवादों के बीच त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) सदियों पुरानी इस परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं के बीच समर्थन एवं जागरूकता के लिए यज्ञ करने की तैयारी में जुटा है।

  • शशि थरूर की कांग्रेस से अलग राय, कहा-सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश मिलना चाहिए

    शशि थरूर की कांग्रेस से अलग राय, कहा-सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश मिलना चाहिए

    केरल से कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने कहा है कि हालांकि उनकी पार्टी, कांग्रेस मशहूर सबरीमाला मंदिर में पुरानी परंपरा बरकरार रखने की पक्षधर है, लेकिन उनकी निजी राय है कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटाया जाना चाहिए।

  • सबरीमाला पर SC के फैसले के बाद हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर आएगा आदेश

    सबरीमाला पर SC के फैसले के बाद हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर आएगा आदेश

    बंबई उच्च न्यायालय ने आज कहा कि वह यहां हाजी अली दरगाह मामले में महिलाओं के प्रवेश से संबंधित याचिका पर फैसले से पहले केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का इंतजार करेगा।

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