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'Sabarimala' - 113 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • Sabarimala Temple Case: IIT से पढ़े इंजीनियर वकील ने सुप्रीम कोर्ट में लड़ा सबरीमाला मंदिर का केस, मगर जिता न सके

    Sabarimala Temple Case: IIT से पढ़े इंजीनियर वकील ने सुप्रीम कोर्ट में लड़ा सबरीमाला मंदिर का केस, मगर जिता न सके

    सबरीमाला मंदिर केस में मंदिर प्रबंधन की तरफ से ऐसे वकील ने वकालत की, जो कि वकील बनने से पहले इंजीनियर बने. बात हो रही है वकील जे साई दीपक ( Sai Deepak J) की.

  • Sabarimala Temple Verdict: सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जानें मंदिर के प्रमुख पुजारी ने क्या कहा 

    Sabarimala Temple Verdict: सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जानें मंदिर के प्रमुख पुजारी ने क्या कहा 

    केरल में सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं की रोक पर से शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बैन हटा दिया. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में केरल के सबरीमाला स्थित अय्यप्पा स्वामी मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दे दी. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने 4:1 के बहुमत के फैसले में कहा कि केरल के सबरीमाला मंदिर में रजस्वला आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लैंगिक भेदभाव है और यह परिपाटी हिन्दू महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करती है. मगर इस फैसले पर सबरीमाला मंदिर के मुख्य पुजारी ने निराशा जताई है. 

  • जानिए, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर बहुमत से अलग क्यों रहा जस्टिस इंदु मल्होत्रा का फैसला

    जानिए, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर बहुमत से अलग क्यों रहा जस्टिस इंदु मल्होत्रा का फैसला

    केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर लगे रोक से बैन हटा दिया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर के दरवाजे हर उम्र की महिलाओं के लिए खोल दिये. साथ ही बहुमत के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक असंवैधानिक है. बता दें कि अब तक 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. मगर अब सब मंदिर में दर्शन करने जा सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 4-1 के बहुमत से आया. क्योंकि जस्टिस इंदु मल्होत्रा की इस मामले में अलग राय थी. 

  • इन 5 पवित्र स्थलों के द्वार महिलाओं के लिए आज भी है BAN

    इन 5 पवित्र स्थलों के द्वार महिलाओं के लिए आज भी है BAN

    केरल के सबसे प्रसिद्ध और विवादित सबरीमाला मंदिर में औरतों के प्रेवश को लेकर सुनवाई हो चुकी है. अब इस मंदिर में हर उम्र की महिलाएं प्रवेश कर सकेंगी.

  • Sabarimala Verdict: जस्टिस चंद्रचूड़ बोले- महिलाओं को भगवान की कमतर रचना मानना संविधान से आंख मिचौली, 10 बातें

    Sabarimala Verdict: जस्टिस चंद्रचूड़ बोले- महिलाओं को भगवान की कमतर रचना मानना संविधान से आंख मिचौली, 10 बातें

    केरल के सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में अब सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दे दी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को हटा दिया और इस प्रथा को असंवैधानिक करार दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सबरीमाला मंदिर के दरवाजे सभी महिलाओं के लिए खोल दिये गये. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. मगर अब सब मंदिर में दर्शन करने जा सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धर्म एक है गरिमा और पहचान है. अयप्पा कुछ अलग नहीं हैं. जो नियम जैविक और शारीरिक प्रक्रिया पर बने हैं वो संवैधानिक टेस्ट पर पास नहीं हो सकते. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 4-1 के बहुमत से आया. क्योंकि जस्टिस इंदू मल्होत्रा की अलग राय थी. उन्होंने कहा कि कोर्ट को धार्मिक परंपराओं में दखल नहीं देना चाहिए.

  • Sabarimala Temple Case: अब सभी महिलाओं के लिए खुला सबरीमाला मंदिर का दरवाजा, सुप्रीम कोर्ट ने प्रवेश पर से बैन हटाया

    Sabarimala Temple Case:  अब सभी महिलाओं के लिए खुला सबरीमाला मंदिर का दरवाजा, सुप्रीम कोर्ट ने प्रवेश पर से बैन हटाया

    केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर लगे बैन को हटा दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सबरीमाला मंदिर के दरवाजे सभी महिलाओं के लिए खोल दिये गये.  फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आठ दिनों तक सुनवाई करने के उपरांत 1 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन और अन्य ने इस प्रथा को चुनौती दी है. उन्होंने यह कहते हुए कि यह प्रथा लैंगिक आधार पर भेदभाव करती है, इसे खत्म करने की मांग की है. याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह संवैधानिक समानता के अधिकार में भेदभाव है. एसोसिएशन ने कहा है कि मंदिर में प्रवेश के लिए 41 दिन से ब्रहचर्य की शर्त नहीं लगाई जा सकती क्योंकि महिलाओं के लिए यह असंभव है.

  • क्या सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाओं को मिलेगी एंट्री? सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला आज, 10 बातें

    क्या सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाओं को मिलेगी एंट्री? सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला आज, 10 बातें

    केरल के सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाएगी. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाना है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आठ दिनों तक सुनवाई करने के उपरांत 1 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

  • सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाएं प्रवेश कर सकेंगी? सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज

    सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाएं प्रवेश कर सकेंगी? सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज

    केरल के सबरीमला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ शुक्रवार को फैसला सुनाएगी. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है.

  • बाढ़ के बाद भक्तों के लिए फिर खुलेगा सबरीमाला मंदिर, इस तारीख से कर सकेंगे दर्शन

    बाढ़ के बाद भक्तों के लिए फिर खुलेगा सबरीमाला मंदिर, इस तारीख से कर सकेंगे दर्शन

    सबरीमाला मंदिर सिर्फ 5 दिन के लिए मलयालम महीने ‘कान्नी’ के दौरान होने वाली पांच दिवसीय परंपरागत पूजा के लिए खोले जाएंगे.

  • CJI दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर को होंगे रिटायर, सुप्रीम कोर्ट से इस महीने आ सकते हैं कई ऐतिहासिक फैसले

    CJI दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर को होंगे रिटायर, सुप्रीम कोर्ट से इस महीने आ सकते हैं कई ऐतिहासिक फैसले

    इस महीने सुप्रीम कोर्ट से कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले आएंगे. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर को रिटायर हो जाएंगे, लेकिन इससे पहले वह कई चर्चित मामलों की सुनवाई करेंगे. ऐसे में उनकी अगुवाई में बेंच ने कई अहम मुद्दों की सुनवाई की जिन पर फैसला सुरक्षित रखा गया. अब ये बड़े फैसले कभी भी एक के बाद एक आ सकते हैं. जिन चर्चित मामलों में सीजेआई दीपक मिश्रा फैसला सुना सकते हैं उनमें आधार, अयोध्या मामला, समलैंगिकता, सबरीमाला मंदिर मामला और नौकरी में आरक्षण सहित कई अहम मामले शामिल हैं. 

  • सबरीमाला मंदिर को फिर खोलने की तैयारी, सेना की इस मदद के बाद खुलेंगे द्वार

    सबरीमाला मंदिर को फिर खोलने की तैयारी, सेना की इस मदद के बाद खुलेंगे द्वार

    बाढ़ से बुनियादी ढांचे को करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है. भारी बारिश के बाद सबरिगिरी परियोजना के एक हिस्से के दो बांधों के जलद्वारा को खोले जाने के बाद आई बाढ़ से मंदिर व आसपास का क्षेत्र में भारी तबाही हुई है.

  • सबरीमाला मंदिर हुआ बंद, मंदिर को 100 करोड़ का नुकसान

    सबरीमाला मंदिर हुआ बंद, मंदिर को 100 करोड़ का नुकसान

    मंदिर को बाढ़ के कारण बंद कर दिया गया था. मंदिर प्रशासन के अनुसार, बाढ़ के कारण मंदिर को 100 करोड़ का नुकसान हुआ है. 

  • सबरीमला में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी पर अनजान बने नहीं रह सकते: न्यायालय 

    सबरीमला में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी पर अनजान बने नहीं रह सकते: न्यायालय 

    सीजेआई ने कहा कि आपकी (वकील) दलीलें प्रभावशाली हैं, मैं यह स्वीकार करता हूं. पीठ ने कहा लेकिन अदालत इस मामले के इस तथ्य पर अनजान बनकर नहीं रह सकते कि महिलाओं के एक वर्ग को शारीरिक कारणों (मासिक धर्म) से अनुमति नहीं दी जा रही. पाबंदी को चुनौती देने वाली इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पीठ ने पूछा कि क्या एक आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर सबरीमला मंदिर में पाबंदी धार्मिक संप्रदाय की जरूरी और अभिन्न परंपरा है.

  • सबरीमाला विवाद: SC ने कहा, मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध को संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर परखा जाएगा'

    सबरीमाला विवाद: SC ने कहा, मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध को संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर परखा जाएगा'

    सबरीमाला मंदिर विवाद पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील पर सहमति नहीं जताई कि बिना किसी व्यवधान के निरंतर जारी 'परंपरा और रीति रिवाजों' को 'आधुनिक सिद्धांतों ' के आधार पर जांचा-परखा नहीं जा सकता.

  • सुप्रीम कोर्ट से बोले एमिकस चंद्रण: सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी, दलितों के साथ छुआछूत की तरह

    सुप्रीम कोर्ट से बोले एमिकस चंद्रण: सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी, दलितों के साथ छुआछूत की तरह

    केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 साल से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी राजू राम चंद्रण ने कहा कि सबरीमाला में एक उम्र सीमा के महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी उसी तरह है जैसे दलितों के साथ छुआछूत. मामले की सुनवाई के दौरान एमिकस राजू राम चंद्रन ने कहा अगर किसी महिला को मासिक धर्म की वजह से रोका जाता है तो ये भी दलितों से छुआछूत की तरह भेदभाव जैसा है. बता दें कि केरल हाईकोर्ट ने इस पाबन्दी को सही ठहराते हुए कहा था कि मंदिर जाने से पहले 41 दिन का ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करना होता है. महिलाएं मासिक धर्म की वजह से अपवित्र होती हैं और वो इसे पूर्ण नहीं कर पातीं. लिहाज़ा उनके प्रवेश पर पाबंदी जायज है. केरल हाइकोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

  • सबरीमाला मंदिर मामले में CJI की टिप्पणी, अगर पुरुषों को प्रवेश की अनुमति है, तो महिलाओं को भी मिलनी चाहिए

    सबरीमाला मंदिर मामले में CJI की टिप्पणी, अगर पुरुषों को प्रवेश की अनुमति है, तो महिलाओं को भी मिलनी चाहिए

    केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 साल से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक के मामले में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि देश में प्राइवेट मंदिर का कोई सिद्धांत नहीं है, ये सार्वजनिक संपत्ति है. सावर्जनिक संपत्ति में अगर पुरुषों को प्रवेश की इजाजत है तो फिर महिला को भी प्रवेश की इजाजत मिलनी चाहिए. मंदिर खुलता है तो उसमें कोई भी जा सकता है.

  • सबरीमाला का प्रसाद बदला, पहले से ज्यादा स्वादिष्ट प्रसादम देने की तैयारी

    सबरीमाला का प्रसाद बदला, पहले से ज्यादा स्वादिष्ट प्रसादम देने की तैयारी

    सबरीमाला के प्रसादम का बदलेगा रूप, रंग और स्वाद

  • जब शबरी ने भगवान राम को चख-चख कर खि‍लाए जूठे बेर

    जब शबरी ने भगवान राम को चख-चख कर खि‍लाए जूठे बेर

    शबरी हर दिन रास्ते पर फूल बिछाती और भोग का इंतजाम करके रखती. इस आस में कि भगवान राम जरूर उन्हें दर्शन देंगे.

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