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Sachin pilot


'Sachin pilot' - 132 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • सचिन पायलट बोले- निकाय चुनावों में मिलेगी कांग्रेस को जीत

    सचिन पायलट बोले- निकाय चुनावों में मिलेगी कांग्रेस को जीत

    कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने आगामी निकाय चुनावों में पार्टी की जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि सभी निकायों में कांग्रेस के बोर्ड बनेंगे. पायलट ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘स्वाभाविक रूप से लोगों ने सरकार के काम को, हमारे नेतृत्व को हमारे संगठन की मजबूती को पहचाना है और हम मिलकर काम कर रहे हैं. इसलिए प्रदर्शन भी कर रहे हैं.

  • Election Results: कांग्रेस नेता सचिन पायलट बोले- 'थोड़ी कसर रह गई नहीं तो...'

    Election Results: कांग्रेस नेता सचिन पायलट बोले- 'थोड़ी कसर रह गई नहीं तो...'

    राजस्थान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने शुक्रवार को कहा हालिया विधानसभा चुनावों के परिणाम तमाम अनुमानों से हटकर हैं और इनसे कांग्रेस को ताकत मिली है.

  • राजस्थान में 5 उप मुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं : सचिन पायलट

    राजस्थान में 5 उप मुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं : सचिन पायलट

    राजस्थान में और भी उप मुख्यमंत्री बनाये जाने की संभावना से जुड़ी खबरों के बीच सचिन पायलट ने शुक्रवार को कहा कि यदि राज्य में कानून व्यवस्था ठीक हो सकती है और किसानों की कर्ज माफी के वादे को पूरा किया जा सकता है, तो राज्य में पांच उप मुख्यमंत्री भी बनाये जा सकते हैं.

  • BLOG : अब बाहर निकलना चाह रहे हैं कांग्रेस के ‘लॉस्ट ब्वॉयज़’

    BLOG : अब बाहर निकलना चाह रहे हैं कांग्रेस के ‘लॉस्ट ब्वॉयज़’

    एक वक्त था, जब कांग्रेस के लिए सब कुछ ठीक चल रहा था. वे बड़े परिवारों (उनमें से एक तो पूर्व राजपरिवार का सदस्य है) के उत्तराधिकारियों के रूप में चांदी का चम्मच लिए पैदा हुए थे, उनकी जमकर खातिर की गई, उनकी सुनी गई, और प्रशासन का तजुर्बा दिलवाने के लिए उन्हें राज्यमंत्री भी बनाया गया. अब माहौल बहुत बदल गया है. उम्र के पांचवें दशक में कदम रख चुके ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, मिलिंद देवड़ा, जितिन प्रसाद तथा दीपेंद्र हुड्डा 'पीटर पैन सिन्ड्रोम' से पीड़ित हैं, और सुधार के लिए संघर्षरत दिख रहे हैं.

  • कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन? मिलिंद देवड़ा ने की सचिन पायलट या ज्योतिरादित्य सिंधिया की पैरवी

    कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन? मिलिंद देवड़ा ने की सचिन पायलट या ज्योतिरादित्य सिंधिया की पैरवी

    मिलिंद देवड़ा (Milind Deora) ने राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) या फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के नाम की पैरवी की है.

  • क्या प्रियंका गांधी बनेंगी अध्यक्ष? जानिये कांग्रेस महासचिव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को क्या दिया जवाब...

    क्या प्रियंका गांधी बनेंगी अध्यक्ष? जानिये कांग्रेस महासचिव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को क्या दिया जवाब...

    कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए माथापच्ची जारी है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रियंका गांधी से कांग्रेस के सीनियर नेताओं द्वारा अध्यक्ष पद के बारे में पूछा गया था कि क्या वह पार्टी की बागडोर संभालना चाहेंगी? इस सवाल के जवाब में प्रियंका ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से कहा कि इसका सवाल ही पैदा नहीं होता है. और इसे विकल्प भी न माना जाए. उन्होंने कहा कि वह पार्टी में महासचिव के पद पर आगे भी काम करती रहेंगी.

  • अशोक गहलोत ने खुदको मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- मेरे सिवाय कोई और बन ही नहीं सकता था

    अशोक गहलोत ने खुदको मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- मेरे सिवाय कोई और बन ही नहीं सकता था

    बता दें कि वर्ष 2018 में राजस्थान में कांग्रेस ने बीजेपी को हराकर राज्य में सरकार बनाई थी. विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री के दौड़ में अशोक गहलोत के साथ-साथ सचिन पायलट भी थे. लेकिन बाद में कांग्रेस हाईकमान ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री का पद दिया था. इसके बाद ही सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था.

  • कर्ज में डूबे किसान ने की खुदकुशी, लिखा- मेरी मौत के जिम्मेदार गहलोत और पायलट, इनके वादे का क्या हुआ?

    कर्ज में डूबे किसान ने की खुदकुशी, लिखा- मेरी मौत के जिम्मेदार गहलोत और पायलट, इनके वादे का क्या हुआ?

    बताया जा रहा है कि मृतक के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है. जिसमें उसने सरकार द्वारा कर्ज माफी का वादा पूरा न करने को अपनी मौत की वजह का कारण बताया है. हालांकि परिजनों व पुलिस ने इस सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं की है.

  • राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मतभेद गहराया, 'प्रार्थना सभा' से मिले संकेत

    राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मतभेद गहराया, 'प्रार्थना सभा' से मिले संकेत

    लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद से ही राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच तनातनी की खबरें आ रही हैं. इन खबरों को मंगलवार को तब और हवा मिली जब सचिन पायलट के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री गहलोत (Ashok Gehlot) अनुपस्थित नजर आए

  • लोकसभा चुनाव में हार के बाद राजस्थान कांग्रेस में खींचतान, सचिन पायलट को CM बनाने की उठी मांग

    लोकसभा चुनाव में हार के बाद राजस्थान कांग्रेस में खींचतान, सचिन पायलट को CM बनाने की उठी मांग

    लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राजस्थान कांग्रेस का मतभेद सतह पर आ गया है. अब राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के एक विधायक ने कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेनी चाहिए. पार्टी के विधायक पृथ्वीराज मीणा ने उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की भी मांग की है.

  • इफ्तार पार्टी में साथ दिखाई दिए सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट

    इफ्तार पार्टी में साथ दिखाई दिए सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट

    राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट मंगलवार को जयपुर में कांग्रेस ऑफिस में हुई इफ्तार पार्टी में साथ दिखाई दिए. जबकि इससे पहले एक इंटरव्यू के दौरान गहलोत ने कहा था कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को उनके बेटे वैभव गहलोत की हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए.

  • लोकसभा चुनाव में बेटे की हार पर बोले अशोक गहलोत, सचिन पायलट को जिम्मेदारी लेनी चाहिए

    लोकसभा चुनाव में बेटे की हार पर बोले अशोक गहलोत, सचिन पायलट को जिम्मेदारी लेनी चाहिए

    लोकसभा चुनाव में हार के बाद राजस्थान कांग्रेस में अब आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है. इससे पहले कांग्रेस कार्यसमिति में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने साफ तौर पर कहा था कि कांग्रेस के नेता अपने बेटों का ही चुनाव प्रचार करने में लगे रहे. लेकिन अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को उनके बेटे वैभव गहलोत की हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. गौरतलब है कि दिसंबर के महीने में सरकार बनाने वाली कांग्रेस लोकसभा चुनाव में राज्य में एक भी सीट नहीं जीत पाई है.

  • राहुल गांधी को क्यों इस्तीफ़ा देना चाहिए...?

    राहुल गांधी को क्यों इस्तीफ़ा देना चाहिए...?

    यह सच है कि 2014 और 2019 के आम चुनाव में राहुल गांधी और कांग्रेस बुरी तरह पराजित हुए हैं. नरेंद्र मोदी और BJP की ऐतिहासिक जीत के आईने में यह हार कुछ और बड़ी और दुखी करने वाली लगती है. लेकिन अतीत में देखें तो ऐसे इकतरफ़ा परिणाम और अनुमान कांग्रेस और BJP दोनों के हक़ में आते रहे हैं और दोनों को हंसाते-रुलाते रहे हैं. 1984 में जब राजीव गांधी को 400 से ज्यादा सीटें मिली थीं और अटल-आडवाणी को महज 2, तब भी कुछ लोगों को लगा था कि अब तो BJP का सफ़ाया हो गया. लेकिन 1989 आते-आते BJP वीपी सिंह की सत्ता का एक पाया बनी हुई थी.

  • राहुल गांधी बोले- संसद में जिम्मेदारी लेने को तैयार, महीने भर में पार्टी चुने नया अध्यक्ष

    राहुल गांधी बोले- संसद में जिम्मेदारी लेने को तैयार, महीने भर में पार्टी चुने नया अध्यक्ष

    राहुल गांधी ने 25 मई को हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक में लोकसभा चुनाव में राजस्थान और मध्य प्रदेश में पार्टी के सफाए को लेकर विशेष रूप से नाराजगी जताई थी. सूत्रों और मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी ने गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम सहित कुछ बड़े क्षेत्रीय नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा था कि इन नेताओं ने बेटों-रिश्तेदारों को टिकट दिलाने के लिए जिद की और उन्हीं को चुनाव जिताने में लगे रहे और दूसरे स्थानों पर ध्यान नहीं दिया. इसी बैठक में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी. हालांकि, सीडब्ल्यूसी ने प्रस्ताव पारित कर इसे सर्वसम्मति से खारिज कर दिया और पार्टी में आमूलचूल बदलाव के लिए उन्हें अधिकृत किया.

  • लालू प्रसाद यादव बोले- राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटना होगा आत्मघाती, फंस जाएंगे BJP के जाल में

    लालू प्रसाद यादव बोले- राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटना होगा आत्मघाती, फंस जाएंगे BJP के जाल में

    लोकसभा चुनाव 2019 के परिणामों का विश्लेषण करते हुए लालू प्रसाद यादव ने साफ कहा कि विपक्ष इस बार मोदी के नेतृत्व में BJP से हार गया है, और इस सच्चाई को साम्प्रदायिक और फासीवादी ताकतों से लड़ने वाली सभी विपक्षी पार्टियों को कबूल करना होगा, और इसे सामूहिक हार के रूप में स्वीकार कर आत्ममंथन करना होगा कि गलती कहां हुई.

  • संकट में राजस्थान सरकार? राहुल से मिलने पहुंची प्रियंका गांधी, अशोक गहलोत और सचिन पायलट

    संकट में राजस्थान सरकार? राहुल से मिलने पहुंची प्रियंका गांधी, अशोक गहलोत और सचिन पायलट

    लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब कांग्रेस को अलग-अलग साइड इफेक्ट भी मिल रहे हैं. मध्य प्रदेश और कर्नाटक में सरकार बचा रही पार्टी के सामने अब राजस्थान सरकार में भी संकट में खड़ा होता दिखाई दे रहा है. सोशल मीडिया पर सीएम अशोक गहलोत के करीबी मंत्री का एक इस्तीफ़ा खूब शेयर किया जा रहा है. उनके इस्तीफ़े की अटकलें जारी हैं और वे अब लापता बताये जा रहे हैं. वहीं दो और मंत्रियो ने भी राजस्थान में हार के आकलन की बात कही है. इन सभी अटकलों के बीच राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और प्रियंका गांधी मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे.

  • इस्तीफा देने पर अड़े राहुल गांधी को मनाने पहुंची प्रियंका, 4:30 बजे होगी राहुल के घर पर बैठक

    इस्तीफा देने पर अड़े राहुल गांधी को मनाने पहुंची प्रियंका, 4:30 बजे होगी राहुल के घर पर बैठक

    सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने स्पष्ट रूप से पार्टी से कहा है कि वह पद छोड़ने के अपने फैसले से पीछे नहीं हट रहे हैं. बैठक में राहुल गांधी को अंतिम बार मनाने की कोशिश की जाएगी, साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा. बता दें कि शनिवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे की पेशकश की थी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका का नाम भी आगे न बढ़ाया जाए. इससे पहले सोमवार को उन्होंने कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और अहमद पटेल से मुलाकात की. इस दौरान राहुल गांधी ने उनसे कहा कि आप मेरा विकल्प ढूंढ़ लीजिए, क्योंकि मैं इस्तीफा वापस नहीं लूंगा.

  • नतीजों के बाद संकट में कांग्रेस : राजस्थान में भी नेतृत्व परिवर्तन की अटकलबाजी, असंतोष के सुर फूटे

    नतीजों के बाद संकट में कांग्रेस : राजस्थान में भी नेतृत्व परिवर्तन की अटकलबाजी, असंतोष के सुर फूटे

    राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलबाजी के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट लोकसभा चुनाव में राज्य में पार्टी की पराजय के कारणों को गिनाने गुरुवार से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. भाजपा ने राज्य में 24 सीटें जीती, जबकि एक अन्य सीट पर उसकी सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने जीत दर्ज की. कांग्रेस की यह हार काफी शर्मनाक रही, क्योंकि पार्टी अभी छह महीने पहले ही विधानसभा चुनाव जीत कर सत्ता में आई है.

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