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Sahitya


'Sahitya' - 79 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • पद्मश्री से सम्मानित और ‘पहला गिरमिटिया’ के लेखक गिरिराज किशोर का निधन

    पद्मश्री से सम्मानित और ‘पहला गिरमिटिया’ के लेखक गिरिराज किशोर का निधन

    गिरिराज का जन्म आठ जुलाई 1937 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फररनगर में हुआ था. उनके पिता ज़मींदार थे. गिरिराज ने कम उम्र में ही घर छोड़ दिया और स्वतंत्र लेखन किया. वह जुलाई 1966 से 1975 तक कानपुर विश्वविद्यालय में सहायक और उपकुलसचिव के पद पर सेवारत रहे तथा दिसंबर 1975 से 1983 तक आईआईटी कानपुर में कुलसचिव पद की जिम्मेदारी संभाली. राष्ट्रपति द्वारा 23 मार्च 2007 में साहित्य और शिक्षा के लिए गिरिराज किशोर को पद्मश्री पुरस्कार से विभूषित किया गया.

  • साल 2019: हिंदी साहित्य में इन 10 किताबों का रहा जलवा, रही सबसे ज्यादा लोकप्रिय और चर्चित

    साल 2019: हिंदी साहित्य में इन 10 किताबों का रहा जलवा, रही सबसे ज्यादा लोकप्रिय और चर्चित

    साल भर किन किताबों की सोशल मीडिया पर चर्चा हुई, समीक्षाएं प्रकाशित हुई, लेकिन ज़ाहिर है कि हज़ारों किताबों में कुछ किताबों को ही चुना जा सकता था. इसलिए एक आधार यह भी रहा कि किताबें अलग-अलग विधाओं की हों, जैसे इस साल हिंदी में कम से कम चार जीवनियां ऐसी आई, जो हिंदी के लिए नई बात रही. इसलिए इस विधा को भी रेखांकित किया जाना ज़रूरी था.

  • अपने ही घर में मृत पाए गए साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता डॉ जी नंजुंदन

    अपने ही घर में मृत पाए गए साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता डॉ जी नंजुंदन

    डॉ. नंजुंदन की ख्याति दर्जनों कन्नड़ किताबों को तमिल में अनुवाद करने की वजह से मिली. इन किताबों में ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता यू आर अनंतमूर्ति की कृति "भाव" और "अवस्थे" शामिल है. उन्हें साल 2012 में "अक्का" के लिए अकादमी अनुवाद पुरस्कार मिला. यह विभिन्न कन्नड़ लेखिकाओं की लघु कथा है जिसे उन्होंने तमिल में अनुवाद किया है. 

  • नंदकिशोर आचार्य को साहित्य अकादेमी सम्मान की ख़बर के बहाने

    नंदकिशोर आचार्य को साहित्य अकादेमी सम्मान की ख़बर के बहाने

    इस साल अपने कविता संग्रह 'छीलते हुए अपने को' के लिए साहित्य अकादेमी से सम्मानित नंदकिशोर आचार्य बीते तीन वर्षों में अकादेमी सम्मान प्राप्त हिंदी के सबसे युवा लेखक हैं- महज 74 साल के. वरना बीते साल यह सम्मान 75 साल की चित्रा मुद्गल को मिला और उसके पहले वाले साल 86 साल के रमेश कुंतल मेघ को.

  • नहीं रहीं मशहूर लेखिका कृष्णा सोबती

    नहीं रहीं मशहूर लेखिका कृष्णा सोबती

    एक किताब होती तो आपके लिए भी आसान होता लेकिन जब कोई लेखक रचते-रचते संसार में से संसार खड़ा कर देता है तब उस लेखक के पाठक होने का काम भी मुश्किल हो जाता है. आप एक किताब पढ़ कर उसके बारे में नहीं जान सकते हैं. जो लेखक लिखते लिखते समाज में अपने लिए जगह बनाता है, अंत में उसी के लिए समाज में जगह नहीं बचती है.

  • कृष्णा सोबती बहुत याद आएगा आपका जादुई व्यक्तित्व और बेबाकपन

    कृष्णा सोबती बहुत याद आएगा आपका जादुई व्यक्तित्व और बेबाकपन

    हिंदी साहित्य (Hindi Literature) में कृष्णा सोबती (Krishna Sobti) एक अलग ही मुकाम रखती थीं और उनका व्यक्तित्व उनकी किताबों जितना ही अनोखा था. 1980 में कृष्णा सोबती को उनकी किताब 'जिंदगीनामा' के लिए साहित्य अकादेमी (Sahitya Akademi Award) से नवाजा गया था तो 2017 में हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें ज्ञानपीठ (Jnanpith) पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

  • हम सबको सींचने वाले नामवर अस्पताल में हैं

    हम सबको सींचने वाले नामवर अस्पताल में हैं

    नामवर सिंह अस्पताल में हैं. 92 बरस की उम्र में उन्हें सिर पर चोट लगी है. अगर प्रार्थना जैसी कोई चीज़ होती है तो हिंदी के संसार को उनके लिए प्रार्थना करनी चाहिए. हमारी पीढ़ी का दुर्भाग्य है कि हमने उन्हें उनके उत्तरार्द्ध में देखा- उस उम्र में जब उनकी तेजस्विता का सूर्य ढलान पर था.

  • साहित्य अकादेमी मंगलवार को दिल्ली में आयोजित करेगा मैथिली काव्योत्सव

    साहित्य अकादेमी मंगलवार को दिल्ली में आयोजित करेगा मैथिली काव्योत्सव

    राष्ट्रीय राजधानी के मंडी हाउस इलाके में स्थित साहित्य अकादेमी की ओर से रवींद्र भवन के सभागार में 25 सितंबर को अखिल भारतीय मैथिली काव्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है. यह आयोजन सुबह 10 बजे शाम 6 बजे तक चलेगा. साहित्य अकादेमी की विज्ञप्ति के अनुसार, उद्घाटन सत्र में प्रेम मोहन मिश्र आरंभिक वक्तव्य देंगे.

  • साहित्य अकादमी को हिंदी प्रकाशन के लिए मिला FICCI पुरस्कार

    साहित्य अकादमी को हिंदी प्रकाशन के लिए मिला FICCI पुरस्कार

    फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने साहित्य अकादमी को अपना 'बुक ऑफ द ईयर' प्रकाशन पुरस्कार प्रदान किया है. यह पुरस्कार साहित्य अकादमी के शीर्षक 'नागफनी वन का इतिहास' के लिए दिया गया है.

  • लखनऊ : कन्हैया के साथ अभद्रता के बाद साहित्य महोत्सव रद्द

    लखनऊ : कन्हैया के साथ अभद्रता के बाद साहित्य महोत्सव रद्द

    लखनऊ में आयोजित साहित्य महोत्सव में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कन्हैया कुमार के साथ अभद्रता किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने इसे रद्द कर दिया. प्रशासन ने कहा कि आयोजकों ने पुस्तक मेले की इजाजत ली थी न कि किसी गोष्ठी या फेस्टिवल की.

  • त्रिलोचन जन्म शताब्दी के मौके पर दो दिवसीय संगोष्ठी...

    त्रिलोचन जन्म शताब्दी के मौके पर दो दिवसीय संगोष्ठी...

    सादगी और सहजता के साथ स्पष्ट अभिव्यक्ति उनकी रचनाशीलता की विशेषता रही है. वे जितने अपनी धरती, लोक संस्कृति और परंपरा के जानकार थे, उतने ही शास्त्र के ज्ञाता भी थे.

  • दिल्ली: कुसुमांजलि साहित्य सम्मान शनिवार को

    दिल्ली: कुसुमांजलि साहित्य सम्मान शनिवार को

    कुसुमांजलि फाउंडेशन हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं की सर्वश्रेष्ठ रचना के लिए लेखकों को सम्मानित करेगी. सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र, नकद 2,50,000 रुपये और स्मृति चिह्न प्रदान किया जाएगा.

  • बच्चों के लिए हिन्दी में लिखने को दूसरे दर्जे का काम समझा जाता है : स्वयं प्रकाश

    बच्चों के लिए हिन्दी में लिखने को दूसरे दर्जे का काम समझा जाता है : स्वयं प्रकाश

    बाल साहित्य के लिए इस बार साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाने वाले वरिष्ठ कहानीकार स्वयं प्रकाश का कहना है कि हिन्दी में बच्चों के लिए लिखने को दूसरे दर्जे का काम समझा जाता है.

  • साहित्य अकदामी युवा पुरस्कार में क्षेत्रीय कवियों का दबदबा

    साहित्य अकदामी युवा पुरस्कार में क्षेत्रीय कवियों का दबदबा

    साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार 2017 में इस बार क्षेत्रीय भाषा के कवियों ने बाजी मारी है. इस साल कविता की 16 पुस्तकों, पांच लघु कथाओं तथा दो जीवनी तथा एक निबंध को यह पुरस्कार दिया गया है.

  • मशहूर आलोचक डॉ नामवर सिंह को दी गई साहित्य अकादमी की महत्तर सदस्यता

    मशहूर आलोचक डॉ नामवर सिंह को दी गई साहित्य अकादमी की महत्तर सदस्यता

    हिंदी के प्रख्यात आलोचक, लेखक और विद्वान डॉ नामवर सिंह को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में साहित्य अकादमी की प्रतिष्ठित महत्तर सदस्यता (फैलोशिप) प्रदान की गई. इस मौके पर साहित्य आकदमी के अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा, ‘‘नामवर सिंह की आलोचना जीवंत आलोचना है. भले ही लोग या तो उनसे सहमत हुए अथवा असहमत, लेकिन उनकी कभी उपेक्षा नहीं हुई.’’ इस मौके पर सिंह को सम्मान स्वरूप उत्कीर्ण ताम्र फलक और अंगवस्त्रम प्रदान किया गया.

  • गीत लिखना मेरा पेशा है, लेकिन कविता मेरे जीवन का वृतान्त है: गुलजार

    गीत लिखना मेरा पेशा है, लेकिन कविता मेरे जीवन का वृतान्त है: गुलजार

    विख्यात कवि और बॉलीवुड गीतकार गुलजार का कहना है कि गीत लिखना उनका पेशा है, लेकिन कविता उनके जीवन का वृतान्त है. यह उनके जीवन के फलसफे को बयां करती है. गुलजार ने कहा कि गीत लिखना मेरा काम है, पेशा है, लेकिन कविता मेरे जीवन का वृतान्त है.

  • लंदन पुस्तक मेले में ‘स्पॉटलाइट ऑन इंडिया’ श्रृंखला की शुरूआत

    लंदन पुस्तक मेले में ‘स्पॉटलाइट ऑन इंडिया’ श्रृंखला की शुरूआत

    भारत-ब्रिटेन सांस्कृतिक आयोजन वर्ष के तहत वार्षिक पुस्तक मेले में ‘स्पॉटलाइट ऑन इंडिया’ श्रृंखला की शुरूआत हुई. यह कार्यक्रम इंडिया एट द रेट ऑफ यूके 2017 के तहत प्रथम कार्यक्रम है. इसके तहत लंदन में भारतीय उच्चायोग और संस्कृति मंत्रालय के आपसी तालमेल से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.

  • भारत-पाक सीमा पर युद्ध लड़ चुके हैं महाबलेश्वर सैल, अब साहित्‍य के मिला ये बड़ा सम्‍मान

    भारत-पाक सीमा पर युद्ध लड़ चुके हैं महाबलेश्वर सैल, अब साहित्‍य के मिला ये बड़ा सम्‍मान

    कोंकणी के जाने-माने साहित्यकार महाबलेश्वर सैल को वर्ष 2016 के 26वें सरस्वती सम्मान के लिए चुना गया है. उनके उपन्यास 'हाउटन' के लिए उनको यह सम्मान दिया जाएगा. यह उपन्यास साल 2009 में प्रकाशित हुआ था. साहित्य के क्षेत्र में यह प्रतिष्ठित सम्मान केके बिरला फाउंडेशन की ओर से दिया जाता है.

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