NDTV Khabar

Sahitya akademi


'Sahitya akademi' - 30 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • नहीं रहीं मशहूर लेखिका कृष्णा सोबती

    नहीं रहीं मशहूर लेखिका कृष्णा सोबती

    एक किताब होती तो आपके लिए भी आसान होता लेकिन जब कोई लेखक रचते-रचते संसार में से संसार खड़ा कर देता है तब उस लेखक के पाठक होने का काम भी मुश्किल हो जाता है. आप एक किताब पढ़ कर उसके बारे में नहीं जान सकते हैं. जो लेखक लिखते लिखते समाज में अपने लिए जगह बनाता है, अंत में उसी के लिए समाज में जगह नहीं बचती है.

  • कृष्णा सोबती बहुत याद आएगा आपका जादुई व्यक्तित्व और बेबाकपन

    कृष्णा सोबती बहुत याद आएगा आपका जादुई व्यक्तित्व और बेबाकपन

    हिंदी साहित्य (Hindi Literature) में कृष्णा सोबती (Krishna Sobti) एक अलग ही मुकाम रखती थीं और उनका व्यक्तित्व उनकी किताबों जितना ही अनोखा था. 1980 में कृष्णा सोबती को उनकी किताब 'जिंदगीनामा' के लिए साहित्य अकादेमी (Sahitya Akademi Award) से नवाजा गया था तो 2017 में हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें ज्ञानपीठ (Jnanpith) पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

  • साहित्य अकादमी को हिंदी प्रकाशन के लिए मिला FICCI पुरस्कार

    साहित्य अकादमी को हिंदी प्रकाशन के लिए मिला FICCI पुरस्कार

    फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने साहित्य अकादमी को अपना 'बुक ऑफ द ईयर' प्रकाशन पुरस्कार प्रदान किया है. यह पुरस्कार साहित्य अकादमी के शीर्षक 'नागफनी वन का इतिहास' के लिए दिया गया है.

  • बच्चों के लिए हिन्दी में लिखने को दूसरे दर्जे का काम समझा जाता है : स्वयं प्रकाश

    बच्चों के लिए हिन्दी में लिखने को दूसरे दर्जे का काम समझा जाता है : स्वयं प्रकाश

    बाल साहित्य के लिए इस बार साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाने वाले वरिष्ठ कहानीकार स्वयं प्रकाश का कहना है कि हिन्दी में बच्चों के लिए लिखने को दूसरे दर्जे का काम समझा जाता है.

  • साहित्य अकदामी युवा पुरस्कार में क्षेत्रीय कवियों का दबदबा

    साहित्य अकदामी युवा पुरस्कार में क्षेत्रीय कवियों का दबदबा

    साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार 2017 में इस बार क्षेत्रीय भाषा के कवियों ने बाजी मारी है. इस साल कविता की 16 पुस्तकों, पांच लघु कथाओं तथा दो जीवनी तथा एक निबंध को यह पुरस्कार दिया गया है.

  • मशहूर आलोचक डॉ नामवर सिंह को दी गई साहित्य अकादमी की महत्तर सदस्यता

    मशहूर आलोचक डॉ नामवर सिंह को दी गई साहित्य अकादमी की महत्तर सदस्यता

    हिंदी के प्रख्यात आलोचक, लेखक और विद्वान डॉ नामवर सिंह को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में साहित्य अकादमी की प्रतिष्ठित महत्तर सदस्यता (फैलोशिप) प्रदान की गई. इस मौके पर साहित्य आकदमी के अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा, ‘‘नामवर सिंह की आलोचना जीवंत आलोचना है. भले ही लोग या तो उनसे सहमत हुए अथवा असहमत, लेकिन उनकी कभी उपेक्षा नहीं हुई.’’ इस मौके पर सिंह को सम्मान स्वरूप उत्कीर्ण ताम्र फलक और अंगवस्त्रम प्रदान किया गया.

  • लंदन पुस्तक मेले में ‘स्पॉटलाइट ऑन इंडिया’ श्रृंखला की शुरूआत

    लंदन पुस्तक मेले में ‘स्पॉटलाइट ऑन इंडिया’ श्रृंखला की शुरूआत

    भारत-ब्रिटेन सांस्कृतिक आयोजन वर्ष के तहत वार्षिक पुस्तक मेले में ‘स्पॉटलाइट ऑन इंडिया’ श्रृंखला की शुरूआत हुई. यह कार्यक्रम इंडिया एट द रेट ऑफ यूके 2017 के तहत प्रथम कार्यक्रम है. इसके तहत लंदन में भारतीय उच्चायोग और संस्कृति मंत्रालय के आपसी तालमेल से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.

  • नामवर सिंह को चुना गया साहित्य अकादेमी का महत्तर सदस्य

    नामवर सिंह को चुना गया साहित्य अकादेमी का महत्तर सदस्य

    हिंदी के प्रख्यात आलोचक, लेखक और विद्वान डॉ नामवर सिंह को साहित्य अकादेमी का महत्तर सदस्य (फैलोशिप) चुना गया है. अकादमी के सचिव के श्रीनिवासन राव ने बताया, ‘‘साहित्य अकादेमी की सामान्य सभा की 22 फ़रवरी को हुई बैठक में हिंदी के प्रख्यात आलोचक डॉ. नामवर सिंह को अकादेमी के महत्तर सदस्य चुना गया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘महत्तर सदस्य के रूप में एक समय में अकादेमी की मान्यता प्राप्त 24 भारतीय भाषाओं के कुल 21 सदस्य ही हो सकते हैं. इसलिए इसे प्रतिष्ठित माना जाता है.’’

  • पी. जयरामन सहित 22 को दिया जाएगा साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार

    पी. जयरामन सहित 22 को दिया जाएगा साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार

    तमिल, हिन्दी और संस्कृत के विद्वान और लेखक पी. जयरामन सहित 22 भाषाओं के अनुवादकों को वर्ष 2016 का 'साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार' दिया जायेगा. अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासन राव ने बताया कि अकादमी के अध्यक्ष प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की अध्यक्षता में हुई कार्यकारी मंडल की बैठक में 22 भारतीय भाषाओं के अनुवादकों को वर्ष 2016 का 'साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार' दिया जायेगा.

  • लेखक का कोई धर्म नहीं होता: नासिरा शर्मा

    लेखक का कोई धर्म नहीं होता: नासिरा शर्मा

    1948 में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में जन्मीं नासिरा शर्मा उपन्यास 'पारिजात' के लिए साहित्य अकादमी पुस्कार से सम्‍मानित किया गया. उनकी 10 कहानी संकलन, 6 उपन्यास और 3 निबंध संग्रह प्रकशित हैं. वह हिंदी के अलावा फारसी, अंग्रेजी, उर्दू और पोश्तो भाषाओं पर भी अच्छी पकड़ रखती हैं.

  • साहित्य अकादमी के पास पुरस्कार वापस लेने का कोई प्रावधान ही नहीं है: राव

    साहित्य अकादमी के पास पुरस्कार वापस लेने का कोई प्रावधान ही नहीं है: राव

    देश में कथित असहिष्णुता को लेकर साहित्य अकादमी का पुरस्कार लौटाने वालों के पुरस्कार और उनके चेक अकादमी के पास जस के तस ही पड़े हैं क्योंकि उनके पास पुरस्कार वापस लेने का कोई प्रावधान ही नहीं है. साहित्य अकादमी के सचिव के श्रीनिवास राव ने कहा कि 2015 में जो कुछ हुआ वह अकादमी के 60 साल के इतिहास में पहली बार हुआ था.

  • नासिरा शर्मा की कहानियों में रहती है स्त्री-पुरुष संबधों की प्रमुखता

    नासिरा शर्मा की कहानियों में रहती है स्त्री-पुरुष संबधों की प्रमुखता

    साहित्य अकादमी ने बुधवार को 24 भारतीय भाषाओं के रचनाकारों को साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की. हिंदी में इस वर्ष साहित्य अकादमी का प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रसिद्ध लेखिका नासिरा शर्मा को उनके उपन्यास 'परिजात' के लिए दिया जाएगा.

  • साक्षात्कार: मैथिली भाषा की पुस्तकें मुश्किल से ही बिकती हैं: दरिहरे

    <b>साक्षात्कार:</b> मैथिली भाषा की पुस्तकें मुश्किल से ही बिकती हैं: दरिहरे

    मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड के बरहा गांव के मूल निवासी, बचपन से ही लिखने के शौकीन और साहित्य में रुचि रखने वाले, 'किरण कथा सम्मान' और 'तिरहुत साहित्य सम्मान' से अलंकृत श्याम दरिहरे ने साहित्य अकादमी पुरस्‍कार के लिए चुने जाने के बाद कहीं मन की बातें-

  • हिन्दी में नासिरा शर्मा, उर्दू में निजाम सिद्दीकी और अंग्रेजी में जेरी पिंटो को साहित्य अकादमी पुरस्कार

    हिन्दी में नासिरा शर्मा, उर्दू में निजाम सिद्दीकी और अंग्रेजी में जेरी पिंटो को साहित्य अकादमी पुरस्कार

    इस वर्ष साहित्य अकादमी का प्रतिष्ठित पुरस्कार हिन्दी के लिए नासिरा शर्मा, उर्दू के लिए निज़ाम सिद्दीकी, अंग्रेजी के लिए जेरी पिंटो और संस्कृत के लिए सीतानाथ आचार्य शास्त्री सहित 24 भाषाओं के रचनाकारों को देने का ऐलान किया गया.

  • मलयाली उपन्यासकार यू के कुमारन को मिलेगा वायलार पुरस्कार

    मलयाली उपन्यासकार यू के कुमारन को मिलेगा वायलार पुरस्कार

    प्रख्यात मलयाली उपन्यासकार और लघुकथा लेखक यू के कुमारन को उनके उपन्यास ‘तक्षणकुन्नू स्वरूपम’ के लिए इस साल का नामी वायलार पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है.

  • हर वक्त का रोना तो बेकार का रोना है...निदा फ़ाज़ली की याद में इसे पढ़िए...

    हर वक्त का रोना तो बेकार का रोना है...निदा फ़ाज़ली की याद में इसे पढ़िए...

    हिंदुस्तानी शायरी के मशहूर नाम निदा फाज़ली अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्हीं की याद में पढ़िए कुछ यादगारें गज़लें -

  • उदय प्रकाश ने भी कहा, मैं साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस लेने नहीं जा रहा

    उदय प्रकाश ने भी कहा, मैं साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस लेने नहीं जा रहा

    हिन्दी कवि उदय प्रकाश ने अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने दावा किया कि ‘अवार्ड वापसी’ अभियान में शामिल लेखकों को अवार्ड फिर से स्वीकार करने के लिए राजी करके राजग सरकार महज अपनी छवि को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

  • इंतज़ार है जब खजुराहो की मूर्तियों को साड़ी पहनाई जाएगी : नयनतारा सहगल

    इंतज़ार है जब खजुराहो की मूर्तियों को साड़ी पहनाई जाएगी : नयनतारा सहगल

    'पुरस्कार वापसी’ अभियान का शुरुआत करने वाली शख्सियतों में से लेखिका नयनतारा सहगल का कहना है कि देश में इस कदर असहिष्णुता बढ़ रही है कि वह उस दिन का इंतजार कर रही हैं जब संस्कृति मंत्री खजुराहो की नग्न मूर्तियों को साड़ी पहनाएंगे।

Advertisement