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Sanjay kishore


'Sanjay kishore' - 172 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • FIFA WORLD CUP: जब पिछली बार मिस्र की टीम यहां थी तब सालाह पैदा भी नहीं हुए थे

    FIFA WORLD CUP: जब पिछली बार मिस्र की टीम यहां थी तब सालाह पैदा भी नहीं हुए थे

    जब बॉल सालाह के बूट से टकराकर गोलपोस्ट के भीतर जाती है, तो लिवरपूल फुटबॉल क्लब स्टेडियम का नज़ारा कुछ ऐसा हो उठता है - पहले जश्न और शोर, फिर कुछ क्षण की खामोशी, फिर हाथ आसमान की तरफ उठता है खुदा को शुक्रिया कहने के लिए, और फिर जब वह धरती को चूमता है, तो उन लम्हों की पवित्रता के लिए ज़रूरी शांति का उसके प्रशंसक सम्मान करते हैं.

  • विराट कोहली ने की फुटबॉल कप्तान सुनील छेत्री के समर्थन की अपील

    विराट कोहली ने की फुटबॉल कप्तान सुनील छेत्री के समर्थन की अपील

    भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली ने प्रशंसकों से भारतीय फ़ुटबॉल टीम का समर्थन करने की अपील की है. दरअसल मुंबई में इस समय इंटर कॉन्टिनेंटल खेल जा रहा है. भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने एक वीडियो ट्वीट कर स्टेडियम में आकर टीम की हौसलाआफ़जाई करने की गुज़ारिश की थी. उनके वीडियो को री-ट्वीट करते हुए कोहली ने लिखा है-मेरे अच्छे दोस्त और फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील क्षेत्री की बात सुनिए और अपनी तरफ से कोशिश कीजिए

  • इसलिए लिवरपूल के लाड़ले बन गए नए सुपरस्टार फुटबॉलर मोहम्मद सालाह

    इसलिए लिवरपूल के लाड़ले बन गए नए सुपरस्टार फुटबॉलर मोहम्मद सालाह

    उनके बूट से टकरा कर जब गेंद गोल पोस्ट के अंदर जाती है तो लीवरपूल फुटबॉल क्लब स्टेडियम का नज़ारा कुछ ऐसा ही होता है. पहले जश्न और शोर. फिर कुछ क्षण की खामोशी. हाथ खुदा का शुक्रिया कहने के लिए आसमान की तरफ उठता है और फिर जब वो धरती को चूमते हैं तो उन लम्हों की पवित्रता के लिए जरुरी शांति का उनके प्रशंसक सम्मान करते हैं. यह फुटबॉल के नए सुपर स्टार मोहम्मद सालाह हैं और वह किए कारनामे से वह लिवरपूल क्लब के लाड़ले बन गए हैं

  • हमारा नेता कैसा हो – नॉर्थईस्ट का जवाब, ‘टशनी’ हो...

    हमारा नेता कैसा हो – नॉर्थईस्ट का जवाब, ‘टशनी’ हो...

    'मॉर्निंग वॉक' के समय 'वॉक' कम, 'टॉक' ज़्यादा होने लगा है. पहले यह बीमारी 'काउ बेल्ट' तक सीमित थी, जहां हर चर्चा राजनीति से शुरू होकर राजनीति पर खत्म होती है. इसलिए भी, क्योंकि छोटे शहरों में भागमभाग कम है और समय ज़्यादा. फुर्सत ही फुर्सत. लिहाज़ा, चाय की चुस्की के साथ राजनीति पर बहसबाज़ी सबसे पसंदीदा शगल है.

  • मेरे हिस्से की श्रीदेवी

    मेरे हिस्से की श्रीदेवी

    अस्सी के दशक के शुरुआती साल थे. बाज़ार में VHS नया-नया आया था. आज जैसे हर गली और नुक्कड़ पर सेल-फ़ोन की दुकानें हैं. ठीक उसी तरह वीडियो पार्लर कुकुरमुत्तों की भांति मानों रातो-रात उग आए थे. धक्के खाकर बदमिजाज ब्लैकिए से महंगे टिकट खरीदने की बजाए, 10 रुपये में पूरा परिवार घर के सुकून में पूरी फ़िल्म देख रहा था. जो वीसीआर-वीडियो कैसेट्स रिकॉर्डर खरीद नहीं पाए वे भाड़े पर ले आते और 3 से 4 फ़िल्म एक ही रात में देख जाते.

  • 'वरियर' और 'वॉरियर' की कशमकश

    'वरियर' और 'वॉरियर' की कशमकश

    नाम में 'किशोर' जोड़ लेने से कुदरत की अदालत से उम्र पर 'स्टे ऑर्डर' थोड़े ही मिल जाता है... ज़िन्दगी का अर्द्धशतक कुछ ही साल के फासले पर इंतज़ार कर रहा है... 'मिड-लाइफ क्राइसिस' जैसी कोई बात नहीं है, शायद इसलिए, क्योंकि बचपना बचा हुआ है.

  • 'दुनिया रखूं जूतों के नीचे' वाले विराट कोहली... 'व्हॉट अ गाई!'

    'दुनिया रखूं जूतों के नीचे' वाले विराट कोहली... 'व्हॉट अ गाई!'

    'व्हॉट अ गाई!' शतक दर शतक के बाद हीरोइन हैरान थी. जवाब में ऐतिहासिक जीत के बाद हीरो ने दुनिया के सामने एक बार फिर अपने इश्क़ का इज़हार कर दिया... “यह दौरा काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. मैदान के बाहर के लोगों को इसका श्रेय मिलना चाहिए. मेरी पत्नी मुझे लगातार प्रेरित करती रहती है उसे भी काफी श्रेय दिया जाना चाहिए.”

  • एक 'कनखी' पर फिदा समूचा देश...

    एक 'कनखी' पर फिदा समूचा देश...

    एक मुस्कान पर देश न्योछावर हुए जा रहा है. पलक की एक झपकन करोड़ों दिलों से आहें भरवा रही है. केरल के त्रिशूर के विमला कॉलेज की 18 साल की बीकॉम की छात्रा और आने वाली एक मलयालम फ़िल्म की नायिका प्रिया प्रकाश वारियर ने सिर्फ़ 24 घंटों में सोशल मीडिया के जरिए दिलों को जीत लिया. जनमानस पर छा गयीं. नेशनल क्रश बन गयीं.

  • IND vs SA: सेंचुरियन टेस्‍ट से पहले टीम इंडिया के लिए चिंता के एक नहीं, कई कारण...

    IND vs SA: सेंचुरियन टेस्‍ट से पहले टीम इंडिया के लिए चिंता के एक नहीं, कई कारण...

    सेंचुरियन का सुपर स्पोर्ट्स ग्राउंड भारत-दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ के दूसरे टेस्ट के लिए तैयार है. विराट कोहली की टीम इंडिया के लिहाज से चिंता की बात यह है कि इस मैदान की पिच और आउट फ़ील्ड तेज़ है. पिच पर घास छोड़े जाने की तैयारी है ताकि दक्षिण अफ्रीका यहां भी केपटाउन की तरह जीत को दोहरा पाए. वैसे भी ये मैदान दक्षिण अफ़्रीका के लिए बेहद भाग्यशाली रहा है.

  • स्विंग के किंग : भुवनेश्वर कुमार ने वर्ल्ड की नंबर-2 टेस्ट टीम को बैकफुट पर धकेला

    स्विंग के किंग : भुवनेश्वर कुमार ने वर्ल्ड की नंबर-2 टेस्ट टीम को बैकफुट पर धकेला

    तीन ओवर, तीन विकेट, पहले डीन एल्गर... फिर एडन मार्कराम और तीसरे ओवर में हाशिम आमला. भुवनेश्वर कुमार ने एक के बाद एक 3 शिकार कर वर्ल्ड की नंबर-2 टेस्ट टीम को उनके ही मैदान पर बैकफुट पर धकेल दिया.

  • टेस्ट का लेखा-जोखा-5 : टीम विराट ने शानदार अंदाज के साथ किया साल 2017 का समापन

    टेस्ट का लेखा-जोखा-5 : टीम विराट ने शानदार अंदाज के साथ किया साल 2017 का समापन

    टीम विराट के साल 2017 की समीक्षा की आखिरी किस्त लेकर आपके सामने हाजिर हैं. साल का समापन होते-होते टीम इंडिया ने टेस्ट में कई धमाल मचाए. विराट कोहली और रोहित शर्मा के बल्ले ने जमकर आग उगली और लंकाई इसमें पूरी तरह भस्म हो गए.

  • साल 2017 : टेस्ट का लेखाजोखा-3 : ...और नाकाम हो गईं ऑस्ट्रेलिया की तमाम रणनीतियां !

    साल 2017 : टेस्ट का लेखाजोखा-3 : ...और नाकाम हो गईं ऑस्ट्रेलिया की तमाम रणनीतियां !

    बात आज हम फिर से टीम इंडिया के साल 2017 में टेस्ट प्रदर्शन की अपनी तीसरी किश्त की चर्चा करेंगे. साल 2017 में भारत की धरती पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई सीरीज को अगर सर्वश्रेष्ठ करार दिया जाए, तो एक बार को गलत नहीं ही होगा. इस सीरीज में टीम स्टीव स्मिथ ही नहीं बल्कि पूर्व क्रिकेटरों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों ने बर्ताव के मामले में हदें बार कर दी,

  • टेस्ट का लेखा-जोखा-2 : साल 2017 में टेस्ट में नंबर-1 पायदान बरकरार रखी भारत ने

    टेस्ट का लेखा-जोखा-2  :  साल 2017 में टेस्ट में नंबर-1 पायदान बरकरार रखी भारत ने

    भारतीय क्रिकेट टीम के लिहाज से साल 2017 खत्म हो चुका है. इस साल विराट कोहली के वीरों ने जमकर धमाल मचाया. लेकिन सबसे ज्यादा टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया टेस्ट में. टीम इंडिया को अप्रैल में आईसीसी रैंकिंग में नंबर-1 बनने के लिए 'गदा' मिली थी.और इस नंबर एक पायदान को इस युवा टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ बरकरार रखा है.

  • खेल के मैदान पर कोच होता है शिक्षक

    खेल के मैदान पर कोच होता है शिक्षक

    खेल के मैदान पर कोच शिक्षक होता है. कोच का ईमानदार प्रयास और खिलाड़ी की मेहनत से ही कामयाबी की कहानी लिखी जाती है. एक अकेले शख्स पुलेला गोपीचंद की प्रतिबद्धता ने भारतीय बैडमिंटन को बदल दिया है. भारतीय बैडमिंटन में सुनहरे युग की शुरुआत हो चुकी है. वर्ल्ड और ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट पीवी सिंधु और ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल इन्‍हीं गोपीचंद की शागिर्द हैं.

  • हिटलर के सम्मान को ठुकराने वाले 'दद्दा' को देश ने क्या दिया?

    हिटलर के सम्मान को ठुकराने वाले 'दद्दा' को देश ने क्या दिया?

    हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को देश वो सम्मान आज भी नहीं दे पाया है जो दुनिया के सबसे बड़े तानाशाह एडॉल्फ़ हिटलर तक के प्रस्ताव को ठुकरा आया था.

  • ब्रो कोहली, वर्ल्ड कप में आपके 'लड़कों' को इस 'आदमी' की ज़रुरत पड़ेगी!

    ब्रो कोहली, वर्ल्ड कप में आपके 'लड़कों' को इस 'आदमी' की ज़रुरत पड़ेगी!

    कल मैच देखने बैठ गया. बहुत दिनों बाद हुआ कि टेलीविजन स्क्रीन के सामने से उठ नहीं पाया. आमतौर पर स्पोर्ट्स रिपोर्टर से लोग रश्क करते हैं-क्या नौकरी है!

  • पापा, यहां 'ढंग' का कोई है भी?

    पापा, यहां 'ढंग' का कोई है भी?

    सच है कि हम अपने बच्चों को भीड़ का हिस्सा नहीं बनाना चाहते. हर मां-बाप की ख़्वाहिश होती है कि उनके बच्चे भीड़ नहीं, भीड़ में चेहरा बनें. लेकिन किसी भी हालत में कल इन्हें भीड़ का सामना तो करना ही पड़ेगा, जहां हर क़िस्म की शख्सियतें मिलेंगी. एक न एक दिन बच्चों पर से हमें अपना सुरक्षा चक्र हटाना होगा. ये आवरण एकाएक हटेगा तो ज़्यादा तकलीफ़देह हो सकता है. इसलिए समय-समय पर 'एक्सपोज़र' जरुरी है.

  • आख़िर नाम भी तो संजय है...

    आख़िर नाम भी तो संजय है...

    "मेरे साथ ऐसा नहीं हो सकता'. खीज के साथ झुंझलाहट बढ़ती जा रही थी. कंप्यूटर पर अक्षर धुंधले नज़र आ रहे थे. आंखें फैलाई. मिचमिचाई. मल कर भी देखी. वाशरूम जाकर पानी से धो भी ली. (दिल्ली में 23 साल से रहते-रहते "बाथरूम" कब "वाशरूम" बन गया पता ही नहीं चला.)

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