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Saraswati


'Saraswati' - 47 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • रामालय ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सबसे सक्षम होने का दावा किया, PMO को ज्ञापन सौंपा

    रामालय ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सबसे सक्षम होने का दावा किया, PMO को ज्ञापन सौंपा

    अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) के निर्माण की जिम्मेदारी पूरी करने का वहां के एक ट्रस्ट ने दावा किया है. रामालय ट्रस्ट के सेक्रेटरी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आज पीएमओ और गृह मंत्रालय को एक ज्ञापन सौंपा. ट्रस्ट ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए किसी नए ट्रस्ट के गठन की जरूरत नहीं है. रामालय ट्रस्ट पहले से है और यह दुनिया का सबसे भव्य मंदिर बनाएगा. इस मंदिर में एक लाख से अधिक श्रद्धालु पूजा कर सकेंगे. अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से मंदिर के लिए तीन माह में एक ट्रस्ट गठित करने का निर्देश दिया है.

  • Book Review: 'येरूशलम से कश्मीर तक', ऐतिहासिक तथ्यों के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का तारतम्य है यह किताब

    Book Review: 'येरूशलम से कश्मीर तक', ऐतिहासिक तथ्यों के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का तारतम्य है यह किताब

    Book Review: ईसा मसीह की भारत यात्रा को पुष्ट करने के लिए योजेफ़ बानाश ने और भी ढेरों प्रतीकों का सहारा लिया है. कथ्य में उन्हें इस तरह पिरोया गया है कि वह सच प्रतीत होते हैं. मसलन किताब के अनुसार ईसा मसीह की गंभीर रोगियों को ठीक कर देने की 'ईश्वरीय' अनुकंपा प्राचीन तक्षशिला विश्वविद्यालय में उपलब्ध चिकित्सा शास्त्र की अनगिनत किताबों की देन थी.

  • IIT Kharagpur ला रहा है प्रदूषित जल को उपयोग लायक बनाने की नई तकनीक

    IIT Kharagpur ला रहा है प्रदूषित जल को उपयोग लायक बनाने की नई तकनीक

    भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर (IIT Kharagpur), प्रदूषित जल के उपचार के बाद उसे पुन: प्रयोग के योग्य बनाने के लिए प्रौद्योगिकियां विकसित करने संबंधी परियोजना आरम्भ करेगा जिसके लिए यूरोपीय संघ (ईयू) धन मुहैया कराएगा. संस्थान की ओर से बुधवार को जारी एक बयान में बताया गया कि आईआईटी खड़गपुर जल के उपचार एवं पुन: प्रयोग के लिए बहुसंस्थागत और कई करोड़ रुपए की ‘सरस्वती 2.0’ परियोजना का मुख्य भारतीय साझेदार है.

  • योग दिवस पर एक छोटा सा संवाद

    योग दिवस पर एक छोटा सा संवाद

    जीवन शैली बदलिए. क्या वो आपके बस में है? अगर नहीं तो योग आपके बस में नहीं हो सकता? फिर भी योग करते रहिए. सेल्फी के लिए नहीं, सेल्फ के लिए. अभ्यास से आगे जाइये. योग का सच्चा साधक आत्म प्रचार नहीं करता. वह भीड़ नहीं बनाता है. वह एकांत प्राप्त करता है.

  • स्वामी दयानंद सरस्वती ने दिया था स्वराज का नारा, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक चाहते थे एक भाषा

    स्वामी दयानंद सरस्वती ने दिया था स्वराज का नारा, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक चाहते थे एक भाषा

    स्वामी दयानंद सरस्वती की आज जयंती (Swami Dayanand Saraswati Jayanti) है. स्वामी दयानंद (Swami Dayanand Saraswati) आर्य समाज के संस्थापक, आधुनिक भारत के महान चिंतक, समाज-सुधारक और देशभक्त थे. स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म (Swami Dayanand Saraswati Birthday) 12 फरवरी 1824 को गुजरात के टंकारा में हुआ था. मूल नक्षत्र में जन्म होने के कारण उनका नाम मूलशंकर रखा गया था. स्वामी दयानंद सरस्वती ने वेदों के प्रकांड विद्वान स्वामी विरजानंद जी से शिक्षा ग्रहण की थी.

  • कैटरीना कैफ का सरस्वती पूजा पर दिखा ऐसा अंदाज, Photo हो रहीं वायरल

    कैटरीना कैफ का सरस्वती पूजा पर दिखा ऐसा अंदाज, Photo हो रहीं वायरल

    कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) इन तस्वीरों में पीले रंग की ड्रेस में नजर आ रही हैं. पीले रंग को देवी सरस्वती का रंग माना जाता है. यही नहीं, कैटरीना कैफ ने सरस्वती पूजा (Saraswati Pooja) भी की.

  • बसंत पंचमी के दिन कैसे की जाती है सरस्वती पूजा?

    बसंत पंचमी के दिन कैसे की जाती है सरस्वती पूजा?

    मां सरस्वती (Saraswati Mata) को ज्ञान, संगीत, कला की देवी कहा जाता है. बसंत पंचमी (Vasant Panchami) के दिन मां सरस्वती (Saraswati  Maa) की खास पूजा की जाती है.

  • Basant Panchami 2019: बसंत पंचमी के इन खास मैसेजेस से दें सबको Vasant Panchami की बधाई

    Basant Panchami 2019: बसंत पंचमी के इन खास मैसेजेस से दें सबको Vasant Panchami की बधाई

    Basant Panchami 2019: ऋतुओं का राजा कहे जाने वाला मौसम बसंत पंचमी (Basant Panchami) खुशियां लेकर आता है. सर्दियां सुहावनी होने लगती हैं, खेतों में पीली सरसों लहलहा उठती हैं. पेड़-पौधों में फिर से नई कलियां खिल उठती हैं और हर तरफ सकारात्मक माहौल हो उठता है.

  • Basant Panchami 2019: जानिए क्यों करते हैं सरस्वती पूजा, पढ़ें इससे जुड़े कुछ रोचक रिवाज

    Basant Panchami 2019: जानिए क्यों करते हैं सरस्वती पूजा, पढ़ें इससे जुड़े कुछ रोचक रिवाज

    बसंत पंचमी (Basant Panchami 2019) हर वर्ष हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बड़े उल्लास से मनाया जाता है.

  • बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का क्या है महत्व? जानिए यहां

    बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का क्या है महत्व? जानिए यहां

    बसंत पंचमी (Basant Panchami) 10 फरवरी को मनाई जा रही है. उत्तर भारत के कई राज्यों में श्री पंचमी (Shri Panchami), वसंत पंचमी (Vasant Panchami) और सरस्वती पंचमी (Saraswati Panchami) के नाम से जानी जाने वाली ये पंचमी 9 फरवरी को भी मनाई जाएगी.

  • Basant Panchami 2019: कब है बसंत पंचमी, शुभ मुहूर्त, सरस्वती वंदना, सरस्वती की आरती और मालपुआ और खीर रेसिपी...

    Basant Panchami 2019: कब है बसंत पंचमी, शुभ मुहूर्त, सरस्वती वंदना, सरस्वती की आरती और मालपुआ और खीर रेसिपी...

    Basant Panchami 2019: बसंत पंचमी (Basant Panchami) 10 फरवरी को है. हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली पंचमी तिथि को बसंत पंचमी (Basant Panchami 2019) का त्योहार मनाया जाता है. इसलिए ही इसे माघ पंचमी (Magh Panchami) भी कहा जाता है. इसके अलावा बसंत पंचमी को वसंत पंचमी (Vasant Panchami), सरस्वती पंचमी (Saraswati Panchami) और श्री पंचमी (Shri Panchami) के नाम से भी जाना जाता है. इस साल यह नौ फरवरी को भी मनाई जा रही है. असल में बसंत ऋतु (Vasant) में पेड़ पौधों में नई कोंपलें निकलती हैं. इस मौसम में कई तरह के फूल खिलते हैं और इसी मौसम में खेतों में पीली सरसों की चादर छा जाती है. इस साल पड़ने वाली बसंत पंचमी खास है, क्योंकि इस बार बसंत पंचमी के दिन प्रयागराज में कुंभ में इस मेले का चौथा शाही स्नान होगा. 

  • Basant Panchami 2019: 10 फरवरी को है बसंत पंचमी, जानिए पूजा-विधि, मंत्र और महत्व

    Basant Panchami 2019: 10 फरवरी को है बसंत पंचमी, जानिए पूजा-विधि, मंत्र और महत्व

    बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन मां सरस्वती (Saraswati) को समर्पित होता है. माता सरस्वती को ज्ञान, संगीत और कला की देवी माना जाता है. बसंत पंचमी (Basant Panchami) को श्री पंचमी (Shri Panchami) और सरस्वती पंचमी (Saraswati Panchami) भी कहा जाता है.

  • Kumbh Mela 2019 Quiz: बसंत पंचमी को किस देवी का जन्मदिवस माना जाता है?

    Kumbh Mela 2019 Quiz: बसंत पंचमी को किस देवी का जन्मदिवस माना जाता है?

    Kumbh Mela 2019: कुंभ मेले का अगला शाही स्नान 10 फरवरी को है. उस दिन पूरे भारत में बसंत पंचमी (Basant Panchami) मनाई जाएगी. बसंत पचंमी (Vasant Panchami) को माघ पंचमी (Magh Panchami) के नाम से भी जाता जाता है.

  • कुंभ में धर्म संसद का ऐलान: 21 फरवरी को होगा राम मंदिर का शिलान्यास,गोलियां खाने को भी तैयार

    कुंभ में धर्म संसद का ऐलान: 21 फरवरी को होगा राम मंदिर का शिलान्यास,गोलियां खाने को भी तैयार

    प्रयागराज में कुंभ के दौरान परम धर्म संसद (Dharm Sansad) में राम मंदिर बनाने का एलान किया गया. ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वरूपानंद सरस्वती की अगुवाई में 3 दिन तक चली धर्म संसद में कहा गया कि साधू संत प्रयागराज से सीधे अयोध्या जाएंगे और 21 फरवरी को अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास का कार्यक्रम होगा.

  • कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक एक भाषा चाहते थे स्वामी दयानंद सरस्वती

    कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक एक भाषा चाहते थे स्वामी दयानंद सरस्वती

    आर्य समाज के संस्थापक और भारत के महान चिंतक स्वामी दयानंद सरस्वती की आज पुन्यतिथि है. स्वामी दयानंद का नाम मूलशंकर था. उनका जन्म 12 फरवरी 1824 को गुजरात के टंकारा में हुआ था. आर्य समाज की स्थापना करने वाले स्वामी दयानंद सरस्वती ने बाल विवाह, सती प्रथा जैसी कुरीतियों को दूर करने में अपना खास योगदान दिया है. उन्होंने वेदों को सर्वोच्च माना और वेदों का प्रमाण देते हुए हिंदू समाज में फैली कुरीतियों का विरोध किया.

  • दिल्‍ली : थाने में परिवार की पिटाई के संबंध में मामला दर्ज, छह पुलिसकर्मी निलंबित

    दिल्‍ली : थाने में परिवार की पिटाई के संबंध में मामला दर्ज, छह पुलिसकर्मी निलंबित

    दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के एक थाने में एक व्यक्ति और उसके परिवार की कथित पिटाई के सिलसिले में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है.

  • शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, कार सेवकों ने मस्जिद नहीं, मंदिर तोड़ा था

    शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, कार सेवकों ने मस्जिद नहीं, मंदिर तोड़ा था

    शंकराचार्य सरस्वती ने भोपाल में कहा, ‘‘रामजन्मभूमि में मस्जिद कभी थी ही नहीं. कोई ऐसा चिन्ह नहीं था, जिससे उसे मस्जिद कहा जा सके.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कार सेवकों ने मस्जिद नहीं, मंदिर तोड़ा है.’’

  • विजयेंद्र सरस्वती बने कांची मठ के प्रमुख, पीठाधिपति का कार्यभार संभाला

    विजयेंद्र सरस्वती बने कांची मठ के प्रमुख, पीठाधिपति का कार्यभार संभाला

    कांची मठ के 69वें प्रमुख शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के निधन के बाद उनके कनिष्ठ श्री विजयेंद्र सरस्वती ने पीठाधिपति का कार्यभार संभाल लिया है.