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Sc judgement


'Sc judgement' - 9 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • सुप्रीम कोर्ट जल्द ही इस मामले में दुनिया में सबसे अलग पहचान बना लेगा

    सुप्रीम कोर्ट जल्द ही इस मामले में दुनिया में सबसे अलग पहचान बना लेगा

    सुप्रीम कोर्ट में अब जल्द ही अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाओं में भी जजमेंट मिलेंगे. फिलहाल इस महीने से हिंदी, असमिया, उड़िया, कन्नड़, मराठी और तेलुगू भाषाओं में भी जजमेंट ट्रांसलेट किए जाएंगे. इसके बाद तमिल समेत अन्य भाषाओं में भी यह जजमेंट ट्रांसलेट होंगे.

  • Flashback 2018: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सुनाये ये 5 अहम फैसले, जो बन गए नजीर

    Flashback 2018: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सुनाये ये 5 अहम फैसले, जो बन गए नजीर

    सुप्रीम कोर्ट के लिहाज से यह साल ऐतिहासिक रहा. कोर्ट के कई फैसले समानता और सशक्तिकरण की दिशा में नजीर बने. एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने 158 साल पुराने व्यभिचार-रोधी कानून को रद्द कर दिया है और कहा है कि व्यभिचार अपराध नहीं है. तो दूसरी तरफ धारा 377 को रद्द करते हुए कहा कि अब समलैंगिकता अपराध नहीं है.

  • सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का अब हिन्दी में अनुवाद होगा : सीजेआई रंजन गोगोई

    सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का अब हिन्दी में अनुवाद होगा : सीजेआई रंजन गोगोई

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में अब जजमेंट को अंग्रेजी से हिन्दी में ट्रांसलेट किया जाएगा. इसके बाद इसका क्षेत्रीय भाषाओं में भी अनुवाद करने की कोशिश होगी. 500 पन्नों जैसे बड़े जजमेंट को संक्षिप्त करके एक या दो पन्नों में करेंगे ताकि आम लोगों को समझ में आ जाए.

  • Sabarimala Temple Case: अब सभी महिलाओं के लिए खुला सबरीमाला मंदिर का दरवाजा, सुप्रीम कोर्ट ने प्रवेश पर से बैन हटाया

    Sabarimala Temple Case:  अब सभी महिलाओं के लिए खुला सबरीमाला मंदिर का दरवाजा, सुप्रीम कोर्ट ने प्रवेश पर से बैन हटाया

    केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर लगे बैन को हटा दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सबरीमाला मंदिर के दरवाजे सभी महिलाओं के लिए खोल दिये गये.  फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आठ दिनों तक सुनवाई करने के उपरांत 1 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन और अन्य ने इस प्रथा को चुनौती दी है. उन्होंने यह कहते हुए कि यह प्रथा लैंगिक आधार पर भेदभाव करती है, इसे खत्म करने की मांग की है. याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह संवैधानिक समानता के अधिकार में भेदभाव है. एसोसिएशन ने कहा है कि मंदिर में प्रवेश के लिए 41 दिन से ब्रहचर्य की शर्त नहीं लगाई जा सकती क्योंकि महिलाओं के लिए यह असंभव है.

  • आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अगर अब भी हैं कन्फ्यूज, तो यहां जानें अपने सवालों के जवाब

    आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अगर अब भी हैं कन्फ्यूज, तो यहां जानें अपने सवालों के जवाब

    आधार की संवैधानिकता पर काफी समय से चल रही बहस पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने विराम लगा दिया और कुछ बदलावों के साथ कोर्ट ने आधार की संवैधानिकता को वैध ठहराया. आधार मामले पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों संविधान पीठ ने केन्द्र की महत्वाकांक्षी योजना आधार को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया लेकिन उसने बैंक खाते, मोबाइल फोन और स्कूल दाखिले में आधार अनिवार्य करने सहित कुछ प्रावधानों को रद्द कर दिया. चीफ दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में आधार को आयकर रिटर्न भरने और पैन कार्ड बनाने के लिए अनिवार्य बताया. हालांकि अब आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना जरूरी नहीं है और मोबाइल फोन का कनेक्शन देने के लिए टेलीकॉम कंपनियां आपसे आधार नहीं मांग सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट का फैसला तो आ गया, मगर अब भी आम लोग इस कनफ्यूजन में है कि कहां पर आधार देना होगा और कहां पर नहीं. अगर आप भी इसी उहापोह में है या आपके मन में आधार के इस्तेमाल को लेकर कई तरह के सवाल आ रहे हैं, तो आपके हर सवाल का जवबा इसी स्टोरी में हैं...

  • सुप्रीम कोर्ट ने आधार को संवैधानिक रूप से वैध बताया, मगर कुछ प्रावधानों को किया रद्द, जानें फैसले की अहम बातें

    सुप्रीम कोर्ट ने आधार को संवैधानिक रूप से वैध बताया, मगर कुछ प्रावधानों को किया रद्द, जानें फैसले की अहम बातें

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने फैसले में केन्द्र की महत्वाकांक्षी योजना आधार को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया लेकिन उसने बैंक खाते, मोबाइल फोन और स्कूल दाखिले में आधार अनिवार्य करने सहित कुछ प्रावधानों को रद्द कर दिया. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में आधार को आयकर रिटर्न भरने और पैन कार्ड बनाने के लिए अनिवार्य बताया. हालांकि अब आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना जरूरी नहीं है और मोबाइल फोन का कनेक्शन देने के लिए टेलीकॉम कंपनियां आपसे आधार नहीं मांग सकती हैं.

  • आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अब स्कूल-सिम और बैंक के लिए आधार जरूरी नहीं, जानें कहां जरूरी और कहां गैर जरूरी होगा आधार

    आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अब स्कूल-सिम और बैंक के लिए आधार जरूरी नहीं, जानें कहां जरूरी और कहां गैर जरूरी होगा आधार

    आधार की अनिवार्यता (Aadhaar verdict) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने (Supreme Court) अहम फैसला सुना दिया. सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिक वैधता को कुछ बदलावों के साथ बरकरार रखा. आधार की संवैधानिकता (Aadhaar constitutional validity) को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया और कहा कि आधार को अब से बैंक खातों से लिंक करना अनिवार्य नहीं होगा. साथ ही कोर्ट ने कहा मोबाइल कंपनियां भी अब आधार नहीं मांग सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत का फैसला पढ़ते हुए यह माना कि आधार आम आदमी की पहचान है.  प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 38 दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद 10 मई को मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. मामले में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश के एस पुत्तास्वामी की याचिका सहित कुल 31 याचिकाएं दायर की गयी थीं.

  • Aadhaar Case: आधार की संवैधानिकता बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बैंक खाते से आधार को लिंक करने का फैसला रद्द

    Aadhaar Case: आधार की संवैधानिकता बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बैंक खाते से आधार को लिंक करने का फैसला रद्द

    आधार की अनिवार्यता (Aadhaar verdict) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  ने अपना अहम फैसला सुनाया.  केंद्र के महत्वपूर्ण आधार कार्यक्रम और इससे जुड़े 2016 के कानून की संवैधानिक वैधता (Aadhaar constitutional validity) को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं पर आज यानी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाने से पहले बहुमत का फैसला पढ़ते हुए यह माना कि आधार आम आदमी की पहचान है. सुप्रीम कोर्ट ने कुछ बदलावों के साथ आधार की संवैधानिकता को बरकरार रखा है.

  • CJI दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर को होंगे रिटायर, सुप्रीम कोर्ट से इस महीने आ सकते हैं कई ऐतिहासिक फैसले

    CJI दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर को होंगे रिटायर, सुप्रीम कोर्ट से इस महीने आ सकते हैं कई ऐतिहासिक फैसले

    इस महीने सुप्रीम कोर्ट से कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले आएंगे. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर को रिटायर हो जाएंगे, लेकिन इससे पहले वह कई चर्चित मामलों की सुनवाई करेंगे. ऐसे में उनकी अगुवाई में बेंच ने कई अहम मुद्दों की सुनवाई की जिन पर फैसला सुरक्षित रखा गया. अब ये बड़े फैसले कभी भी एक के बाद एक आ सकते हैं. जिन चर्चित मामलों में सीजेआई दीपक मिश्रा फैसला सुना सकते हैं उनमें आधार, अयोध्या मामला, समलैंगिकता, सबरीमाला मंदिर मामला और नौकरी में आरक्षण सहित कई अहम मामले शामिल हैं.