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Shankar pandit


'Shankar pandit' - 149 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की राजनीति में एंट्री, नीतीश कुमार की मौजूदगी में JDU में हुए शामिल

    चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की राजनीति में एंट्री,  नीतीश कुमार की मौजूदगी में JDU में हुए शामिल

    चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अब राजनीति में एंट्री ले ली है वह नीतीश की मौजूदगी में जेडीयू में शामिल हो गए हैं.

  • लोकसभा चुनाव 2019: अगर ऐसा हुआ तो उपेंद्र कुशवाहा 'यदुवंशी के दूध और कुशवंशी के चावल' से सियासी खीर पका सकते हैं

    लोकसभा चुनाव 2019: अगर ऐसा हुआ तो उपेंद्र कुशवाहा 'यदुवंशी के दूध और कुशवंशी के चावल' से सियासी खीर पका सकते हैं

    बिहार एनडीए में लोकसभा चुनाव से पहले ही सीटों को लेकर खींचतान का दौर जारी है. हालांकि, गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी ने सीटों के बंटवारे को लेकर एक फॉर्मूला पेशकर बिहार में एनडीए के सहयोगियों के बीच सीटों की तस्वीर को साफ करने की कोशिश की. बीजेपी ने जो फॉर्मूला इजात किया है, उसके मुताबिक वह भी कॉम्प्रोमाइज की स्थिति में ही दिख रही है. कारण कि बीजेपी के फॉर्मूले के मुताबिक, बीजेपी 20 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि बीजेपी के पास पहले से ही बिहार से बीजेपी के 22 सांसद हैं. बीजेपी का यह समझौता नाराज चल रही जनता दल यूनाइटेड के साथ गठबंधन को बनाए रखने को लेकर है. बीजेपी नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को लोकसभा चुनाव में बिहार से 12 लोकसभा सीटें देने के फॉर्मूले पर विचार कर रही है. बीते कुछ समय से रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बयानों और उनके हाव-भाव से ऐसा लग रहा है कि बीजेपी का यह फॉर्मूला उन्हें रास नहीं आने वाला है. क्योंकि बीजेपी के इस फॉर्मूले के मुताबिक, रालोसपा को 2 या 3 से अधिक सीटें मिलती नहीं दिख रही है. 

  • सिंधु जल समझौते में क्यों अटकी है पाकिस्तान की 'जान', भारत अगर संधि तोड़ दे तो फिर क्या होगा?

    सिंधु जल समझौते में क्यों अटकी है पाकिस्तान की 'जान', भारत अगर संधि तोड़ दे तो फिर क्या होगा?

    सिंधु जल समझौता अथवा सिंधु जल संधि पर काफी लंबे समय से भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद जारी है. इसके लिए कई बैठकों का दौर चल चुका है. एक बार फिर से पाकिस्तान में नई सरकार बनने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पहली द्विपक्षीय वार्ता के रूप में सिंधु जल संधि को ही चुना गया है. हालांकि, पाकिस्तान का आतंकवाद को लेकर जिस तरह का रवैया रहा है, उससे लग नहीं रहा है कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच फिलहाल को आम सहमति बन पाएगी. भारतीय जल आयोग का एक प्रतिनिधिमंडल सिंधु जल संधि के विभिन्न पहलुओं पर अपने समकक्षों से महत्वपूर्ण बातचीत करने के लिए पाकिस्तान गये. जहां बुधवार और गुरुवार को बातचीत का कार्यक्रम तय है. इमरान खान के 18 अगस्त को प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच यह पहली अधिकारिक वार्ता है. पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री बनने पर खान को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों देशों के बीच अच्छे पड़ोसियों के संबंध बनाने का भारत का संकल्प व्यक्त किया था. 

  • पॉलिटिक्स के लिए क्यों IAS-IPS को लुभा रही बीजेपी, ओपी चौधरी से पहले ये भी थाम चुके हैं दामन

    पॉलिटिक्स के लिए क्यों IAS-IPS को लुभा रही बीजेपी, ओपी चौधरी से पहले ये भी थाम चुके हैं दामन

    दरअसल, सिर्फ हाल की ही ये दो घटनाएं इस बात की तस्दीक नहीं करती कि आईएएस अथवा आईपीएस अधिकारियों की पहली पसंद भारतयी जनता पार्टी है. बल्कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भी पूर्व आईएएस-आईपीएस अधिकारियों की एक लंबी फेहरिस्त है, जो बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़े हैं और आज भारतीय जनता पार्टी या मोदी सरकार में अहम ओहदे पर हैं. फिलहाल, रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी ने बीजेपी का दामन औपचारिक रूप से थाम लिया है और उम्मीद है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में खरसिया से चुनाव लड़ सकते हैं. यह सीट रायगढ़ जिले में कांग्रेस का गढ़ है और चौधरी का पैतृक नगर भी. तो चलिए एक नजर डालते हैं उन लोगों पर जो बीजेपी से पहले प्रशासनिक अधिकारी रहे और अब बीजेपी में अलग-अलग ओहदों पर काबिज हैं. 

  • बाढ़ से तबाह केरल को उबारने में मोदी सरकार ने झोंकी ताकत, केंद्र ने अब तक क्या-क्या किया, जानें पूरी डिटेल

    बाढ़ से तबाह केरल को उबारने में मोदी सरकार ने झोंकी ताकत, केंद्र ने अब तक क्या-क्या किया, जानें पूरी डिटेल

    केरल में आई सदी की सबसे ब़ड़ी बाढ़ ने उसकी कमर तोड़ दी है. केरल में बाढ़ की तबाही से न सिर्फ लोगों की जानें गईं, बल्कि हजारों करोड़ रुपयों को नुकसान हुआ, जान-माल की क्षति हुई और जिंदगी बेपटरी हो गई है. केरल की बाढ़ ने उसे कई साल पीछे धकेल दिया. हालांकि, अब केरल में बाढ़ की त्रासदी से निपटने के लिए चारों ओर से मदद के हाथ भी उठे. केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, और व्यक्तिगत तौर पर भी केरल की सबने जितन बन सका, उतनी मदद की. बहरहाल, केरल में अब राहत और बचाव का काम लगभग पूरा हो चुका है. जिंदगियों को पटरी पर लाने के लिए अब उनके पुनर्वास के काम पर हो रहा है. दरअसल, केरल में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हवाई सर्वे किया और 500 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता की. इसके अलावा, कई राज्यों ने केरल के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद का ऐलान किया और राहत सामग्रियां भेजी. 

  • Exclusive: कांग्रेस ज्वाइन करने के सवाल पर AAP से अलग हुए आशीष खेतान बोले- कल क्या होगा, पता नहीं

    Exclusive: कांग्रेस ज्वाइन करने के सवाल पर AAP से अलग हुए आशीष खेतान बोले- कल क्या होगा, पता नहीं

    आम आदमी पार्टी से हाल ही में नाता तोड़ने वाले आशीष खेतान ने एनडीटीवी इंडिया से इस्तीफे की वजहों को लेकर बातें कीं. एनडीटीवी की एक्सक्लूसिव बातचीत में आशीष खेतान ने कहा कि पिछले एक-डेढ़ साल से आत्म संदेह में था कि चुनावी राजनीति करनी चाहिए या फिर इसमें और गहरे तौर पर उतरना चाहिए. मुझे लगा कि जीवन के इस क्षण में और चुनावी राजनीति नहीं करना चाहिए. इसलिए अब दोबारा लिखने-पढ़ने का काम करूंगा. हो सकता है कि कभी किसी मोड़ पर पत्रकारिता भी करूं. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अभी वक़ालत पर फोकस करना चाहता हूं, इसलिए पार्टी छोड़ी.

  • अपनों से दूर होती जा रही अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी, किसी ने खुद छोड़ा तो कोई हुआ बेदखल

    अपनों से दूर होती जा रही अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी, किसी ने खुद छोड़ा तो कोई हुआ बेदखल

    अपने गठन के दिनों से ही देश में एक नई तरह की राजनीति की नींव रखने वाली आम आदमी पार्टी कई सारी आंतरिक चीजों से जूझ रही है. बीते कुछ समय से आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही सियासी खींचतान पर गौर करें तो ऐसा लगता है कि पार्टी के भीतर काफी उठा पटक है और वह अपने ही लोगों से जूझ रही है. एक के बाद एक आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफों से यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल पार्टी को एकजुट रख पाने में असफल साबित हुए हैं. दरअसल, बुधवार को आप नेता आशीष खेतान की भी इस्तीफे की खबर आई. इससे पहले पत्रकार से नेता बने आशुतोष ने भी इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, बाद में यह स्पष्ट हो गया कि आशीष खेतान ने आशुतोष के साथ ही 15 अगस्त को पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और अब वह लीगल प्रैक्टिस पर ध्यान दे रहे हैं. आशीष खेतान ने ट्वीट कर स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल वह सक्रिय राजनीति से किनारा ले रहे हैं. 

  • उम्र 62 साल, जुर्म 113, नाम बशीरन उर्फ मम्मी, पढ़ें खौफ का पर्याय बन चुकी 'लेडी डॉन' की कहानी

    उम्र 62 साल, जुर्म 113, नाम बशीरन उर्फ मम्मी, पढ़ें खौफ का पर्याय बन चुकी 'लेडी डॉन' की कहानी

    इस लेडी डॉन के खौफ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह 45 साल पहले ही जुर्म की दुनिया में कदम रख चुकी थी, मगर पुलिस को पकड़ने में उसे इतने साल लग गये. लेडी डॉन का तमगा हासिल कर चुकी बशीरन को उसके साथी गैंगस्टर और सिपहसालार मम्मी कहकर बुलाते हैं. हैरानी होगी यह जानकर कि 62 वर्षीय बशीरन पर हत्या सहित करीब 113 आपराधिक मामलें हैं. खैर, पुलिस ने 17 अगस्त को दिल्ली के संगम विहार इलाके से उसे धरदबोचा है. 

  • ...जब एक वोट से गिर गई थी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार

    ...जब एक वोट से गिर गई थी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार

    इस बार संसद के मॉनसून सत्र में विपक्ष द्वारा लाए गये अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा जोरों पर रही और मोदी सरकार काफी आसानी से विश्वास मत हासिल करने में कामयाब रही. मगर एक वक्त ऐसा भी था, जब अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए सरकार को सदन में बहुमत साबित करना पड़ा था और इस अग्नि परीक्षा में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार विफल साबित हुई थी और महज एक वोट से उनकी सरकार गिर गई थी. बात दरअसल, 1999 में की है, जब तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता ने अपनी पार्टी को एनडीए से अलग कर लिया था और वाजपेयी सरकार विश्वास मत साबित करने के लिए मजबूर हो गई थी.

  • असम के CM की फिसली जुबान, केंद्रीय मंत्री को बता दिया सितार वादक और उड़ा मजाक, जानें पूरा मामला

    असम के CM की फिसली जुबान, केंद्रीय मंत्री को बता दिया सितार वादक और उड़ा मजाक, जानें पूरा मामला

    असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को ‘पंडित रविशंकर’ कहकर संबोधित किया. ‘डिजिटल नॉर्थ ईस्ट विजन 2022’ के दस्तावेज का यहां लोकार्पण करने के दौरान, अपने भाषण की शुरूआत में सोनोवाल ने कहा, ‘‘ मैं खासतौर पर पंडित रविशंकर जी का धन्यवाद करना चाहूंगा’’.

  • मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड पर नीतीश कुमार ने तोड़ी चुप्पी, कहा- इस घटना से हम शर्मसार हो गये, दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी

    मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड पर नीतीश कुमार ने तोड़ी चुप्पी, कहा- इस घटना से हम शर्मसार हो गये, दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी

    बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड पर पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर की घटना को शर्मसार कर देने वाली घटना करार दिया है. उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में ऐसी घटना घट गई कि हम शर्मसार हो गये हैं. सीबीआई जांच कर रही है, हाईकोर्ट इसकी मॉनिटिरिंग करें. 

  • लोकसभा चुनाव 2019 से पहले अभिनेत्री कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिया बड़ा बयान

    लोकसभा चुनाव 2019 से पहले अभिनेत्री कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिया बड़ा बयान

    बॉलीवुड की मशहूर और नेशनल अवार्ड जीतने वालीं एक्ट्रेस कंगना रनौत ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अभिनेत्री कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न सिर्फ तारीफ की, बल्कि कहा कि पीएम मोदी 2019 लोकसभा चुनाव में सत्ता में आने के लिए इस लोकतंत्र के सबसे योग्य नेता हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी सबसे योग्य और सही नेता हैं. 

  • मुजफ्फरपुर रेप कांड की बच्चियों की दास्तां: मैंने खिड़की से देखा, 'वह मेरी सहेली के मुंह में कपड़े ठूंसकर बलात्कार कर रहा था...'

    मुजफ्फरपुर रेप कांड की बच्चियों की दास्तां: मैंने खिड़की से देखा, 'वह मेरी सहेली के मुंह में कपड़े ठूंसकर बलात्कार कर रहा था...'

    बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय गृह में मासूम बच्चियों के साथ दरिंदगी का जो घिनौना खेल खेला गया, उसकी आपबीती सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाएंगे. बालिका गृह में रहने वाली पीड़ित बच्चियों ने पूछताछ के दौरान अपने साथ हुए जुल्मों-सितम की जो दर्दनाक कहानी सुनाई है, वह यह बताता है कि समाज में जिनके ऊपर रक्षा करने की जिम्मेवारी है, वही किस कदर राक्षसी प्रवृत्ति से सिक्त भक्षक बना बैठा है. दरअसल, मुजफ्फरपुर बाल संरक्षण पदाधिकारी रवि रौशन के खिलाफ बच्चियों ने जो बयान दिये हैं, वह काफी चौंकाने वाले हैं. दरअसल, मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में अब तक 42 में से 34 बच्चियों के साथ रेप की पुष्टि हो गई है. बता दें कि बिहार सरकार इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे चुकी है. बहरहाल, मुजफ्फरपुर के बाल संरक्षण पदाधिकारी रहे रवि रौशन के खिलाफ बच्चियों ने जो बयान दिये है, वह काफी डरावने हैं. इस मामले में पुलिस ने रवि रौशन के खिलाफ भी चार्ज शीट दाखिल किया है. ध्यान देने वाली बात यह बी है कि रवि रौशन की पत्नी के बयाने के बाद ही समाज क्लायण मंत्री मंजू वर्मा के पति पर भी आरोप लगे हैं.

  • ...कहीं 'नवरुणा कांड' न बन जाए मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड

    ...कहीं 'नवरुणा कांड' न बन जाए मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड

    बिहार का मुजफ्फरपुर विरले ही राष्ट्रीय मीडिया में अपनी जगह बना पाता है, मगर 29 बच्चियों से बलात्कार की खबरों से यह राष्ट्रीय फलक पर इस तरह के निगेटिव हेडलाइन्स से शहर का छीछालेदर करवाएगा, इसकी उम्मीद तो हमें कतई नहीं थी. लीचियों के लिए फेमस बिहार का मुजफ्फरपुर इस बार बालिका गृह में बच्चियों के साथ घिनौने कृत्य का गवाह बना हुआ है. असहाय, मजबूर बच्चियों से बलात्कार का गवाह बना मुजफ्फरपुर काफी समय से चीख-चीख कर अपनी दास्तां सुना रहा था, मगर इसकी गूंज को, तंत्र और अपराधियों के षड्यंत्र ने ऐसे दबाए रखा कि महीनों-महीनों तक मीडिया को इसकी भनक तक न लगी. मगर अफसोस, मुजफ्फरपुर की जुर्म की दीवारें इतनी ऊंची हो चुकी हैं कि लाख पुलिसिया मुस्तैदी के बाद भी उसमें दरार पड़ने का नाम नहीं ले रही. बहरहाल, इस बार का मामला नवरुणा कांड से भी ज्यादा सिहरन पैदा करने वाला है.

  • ... जब 15 साल पहले अटल सरकार के खिलाफ लाया गया था अविश्वास प्रस्ताव

    ... जब 15 साल पहले अटल सरकार के खिलाफ लाया गया था अविश्वास प्रस्ताव

    मोदी सरकार आज विपक्ष के द्वारा लाए गये अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है. संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन लोकसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही है. यह बीते 15 सालों में ऐसा पहली बार है, जब संसद में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया हो. इससे पहले साल 2003 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नीत विपक्ष ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था और उस पर वोटिंग भी हुई थी. अगर आज विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव फेल होता है, तो मोदी सरकार भी अटल सरकार की तरह ही सरकार बचाने में कामयाब हो जाएगी. हालांकि, मोदी सरकार के पास जितनी संख्या है, उससे सरकार के ऊपर किसी तरह का खतरा नहीं है. 

  • आखिर पीएम मोदी आजमगढ़ से ही क्यों फूंक रहे हैं चुनावी बिगुल, क्या बीजेपी 2019 में सपा का किला भेद पाएगी?

    आखिर पीएम मोदी आजमगढ़ से ही क्यों फूंक रहे हैं चुनावी बिगुल, क्या बीजेपी 2019 में सपा का किला भेद पाएगी?

    मिशन 2019 की अहमियत भले ही सभी पार्टियां समझती हों, मगर भारतीय जनता पार्टी ने तो अभी से तैयारियां भी शुरू कर दी है. मोदी सरकार और बीजेपी के कार्यक्रमों से ऐसा लगने लगा है कि पार्टी पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है और 2014 के लोकसभा चुनाव की तरह, इस बार भी कमान पीएम मोदी ने संभाल ली है. पीएम मोदी की नजर अब उन इलाकों पर टिकी है, जहां पिछले लोकसभा चुनाव में 'मोदी लहर' के बाद भी बीजेपी जीत दर्ज नहीं कर पाई थी. यही वजह है कि पीएम मोदी आज पूर्वांचल में सपा और बसपा खिलाफ हुंकार भरेंगे और परोक्ष रूप से मिशन 2019 के लिए चुनावी बिगुल फूकेंगे. दरअसल, पीएम मोदी आज से दो दिन के पूर्वांचल दौरे पर हैं. यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां मुलायम सिंह के गढ़ यानी सपा के गढ़ में जाकर पीएम मोदी चुनौती देंगे और सपा के किले को तोड़ने के लिए अभी से ही तैयारी शुरू कर देंगे. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि पीएम मोदी  ने एक बार कहा था, चार साल काम, पांचवे साल राजनीति'. 

  • नीतीश-शाह डिनर पर तेजस्वी का तंज : अब गिरिराज के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता से लड़ेंगे 'चाचा'

    नीतीश-शाह डिनर पर तेजस्वी का तंज : अब गिरिराज के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता से लड़ेंगे 'चाचा'

    बिहार में गुरुवार को सीएम नीतीश कुमार और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की मुलाकात ने राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को हमला बोलने का एक और मौका दे दिया. बिहार एनडीए में चल रही खींचतान के बीच सीएम नीतीश कुमार और अमित शाह के बीच मुलाकात पर लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने तंज कसा और कहा कि अब नीतीश कुमार अपने पसंदीदा साथी गिरिराज सिंह के साथ मिलकर सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई तेज कर देंगे. 

  • जन्मदिन विशेष: बीजेपी में 'राम-लक्ष्मण की जोड़ी' के बीच ऐसे बने थे राजनाथ सिंह अध्यक्ष, पढ़ें सियासी सफर

    जन्मदिन विशेष: बीजेपी में 'राम-लक्ष्मण की जोड़ी' के बीच ऐसे बने थे राजनाथ सिंह अध्यक्ष, पढ़ें सियासी सफर

    भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सियासत के काफी माहिर खिलाड़ी रहे हैं. सियासत में इनके रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अटल-आडवाणी के दौर में भी राजनाथ सिंह की तूती बोलती थी और आज जब मोदी-अमित शाह का दौर है, तब भी वह गृह मंत्री के रूप में सत्ता में नबंर दो की कुर्सी पर काबिज हैं. राजनाथ सिंह को राजनीति में काफी सुलझे हुए राजनेता के रूप में जाना जाता है. राजनाथ सिंह की जितनी भारतीय जनता पार्टी में लोकप्रियता है, उतनी ही बीजेपी की मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी आरएसएस में स्वीकार्यता है. यही वजह है कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के बाद बीजेपी अध्यक्ष के रूप में किसी की ताजपोशी की बारी आई, तो राजनाथ सिंह को ही इस पद के लिए सबसे योग्य चुना गया. खास बात है कि अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवानी सरीखे ही राजनाथ सिंह भी बीजेपी के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं. आज इनके बारे में जानना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आज राजनाथ सिंह 67 साल के हो गये हैं. 

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