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Shyamnandan


'Shyamnandan' - 444 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • मंदिरों से निकलने वाले बासी पुष्प-पत्र हैं बड़े काम के चीज, यह संस्था बनाती इससे बनाती है खाद

    मंदिरों से निकलने वाले बासी पुष्प-पत्र हैं बड़े काम के चीज, यह संस्था बनाती इससे बनाती है खाद

    सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया ने कंपनी सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत बासी पुष्प-पत्र से उर्वरक बनाने के लिये दक्षिणेश्वर काली मंदिर और झारखंड के देवघर में बाबाधाम मंदिर में दो परियोजनाएं शुरू की है...

  • हिंदुओं को 20 साल बाद मिली इस देश के मंदिर में पूजा-अर्चना की इजाजत

    हिंदुओं को 20 साल बाद मिली इस देश के मंदिर में पूजा-अर्चना की इजाजत

    पाकिस्तान की एक अदालत ने हिंदुओं को 20 साल बाद ऐबटाबाद जिले में एक शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की इजाजत दी है. पेशावर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अतीक हुसैन शाह की अध्यक्षता वाली पीठ ने हिंदू समुदाय के लोगों को संविधान की धारा 20 के तहत खबर पख्तूनख्वाह प्रांत के शिवजी मंदिर में पूजा-अर्चना की इजाजत दी.

  • SSC भर्त्ती 2017: सब इंस्पेक्टर के 2221 पदों पर भर्ती के लिए 15 मई तक करें आवेदन

    SSC भर्त्ती 2017: सब इंस्पेक्टर के 2221 पदों पर भर्ती के लिए 15 मई तक करें आवेदन

    स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (Staff Selection Commission - SSC) द्वारा सब इंस्पेक्टर के 2221 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किया है. इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 15 मई, 2017 तक आवेदन कर सकते हैं.

  • Good Friday 2017: जानिए क्या है ‘गुड फ्राइडे' और क्या थे ईसा मसीह के अंतिम शब्द

    Good Friday 2017: जानिए क्या है ‘गुड फ्राइडे' और क्या थे ईसा मसीह के अंतिम शब्द

    ईसाई धर्म के प्रवर्तक ईसा मसीह को जिस दिन सलीब (सूली) पर चढ़ाया गया और उन्होंने प्राण त्यागे थे, बाइबिल के अनुसार, उस दिन शुक्रवार यानी फ्राइडे था. इसलिए इस दिन को गुड फ्राइडे मनाया जाता है. यह अंग्रेज़ी कैलेंडर के हिसाब से प्रायः अप्रैल के महीने में पड़ता है. इस दिन ईसा मसीह ने अमानवीय यातनाएं सहते हुए मानवता के लिए अपने प्राण त्याग दिए.

  • बैसाखी 2017 स्पेशल : जानिए इस त्यौहार से जुड़ी वो बातें जिन्हें कम लोग ही जानते हैं

    बैसाखी 2017 स्पेशल : जानिए इस त्यौहार से जुड़ी वो बातें जिन्हें कम लोग ही जानते हैं

    अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार बैसाखी का त्यौहार हर साल 13 अप्रैल (अधिकांशतः) और कभी-कभी 14 अप्रैल को मनाया जाता है. सवाल उठता है, यह तारीख इतना निश्चित क्यों है? इसका जवाब इतना मुश्किल नहीं है, बस इसे अधिक लोग जानते नहीं है.

  • हनुमान जयंती आज, सैकड़ों साल बाद बन रहे हैं ये विशेष योग, जानिए क्या हैं मान्यताएं

    हनुमान जयंती आज, सैकड़ों साल बाद बन रहे हैं ये विशेष योग, जानिए क्या हैं मान्यताएं

    बजरंग बली धीर-वीर परम रामभक्त हनुमान जी के भक्तों के लिए भगवान हनुमान का जन्मदिन यानी उनकी जयंती विशेष महत्त्व रखती है. पंडितों और ज्योतिषियों की मानें तो इस साल की हनुमान जयंती विशेष महत्त्वपूर्ण है. बताया जा रहा है कि 120 सालों के बाद बाद इस साल की हनुमान जयंती पर बड़े ही खास संयोग बन रहे हैं. इसलिए इस दिन हनुमानजी की पूजा-अर्चना से भक्तों पर ख़ास अनुकम्पा होगी.

  • Mahavir Jayanti 2017: भगवान महावीर स्वामी के 10 अनमोल विचार जो दिखाती हैं जीवन को सही दिशा

    Mahavir Jayanti 2017: भगवान महावीर स्वामी के 10 अनमोल विचार जो दिखाती हैं जीवन को सही दिशा

    जैन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, वर्द्धमान ने कठोर तप द्वारा अपनी समस्त इन्द्रियों पर विजय प्राप्त कर जिन अर्थात विजेता कहलाए. इन्द्रियों को जीतने के कारण वे जितेन्द्रिय कहे जाते हैं.यह कठिन तप पराक्रम के समान माना गया, इसलिए वे ‘महावीर’ कहलाए.

  • महावीर जयंती 2017: जानिए जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर महावीर स्वामी के बारे में ये बातें

    महावीर जयंती 2017: जानिए जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर महावीर स्वामी के बारे में ये बातें

    सम्पूर्ण मानव समाज को अन्धकार से प्रकाश की ओर लाने वाले महापुरुष भगवान श्री महावीर स्वामी का जन्म ईसा से 599 वर्ष पूर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में त्रयोदशी तिथि को बिहार में लिच्छिवी वंश के महाराज श्री सिद्धार्थ और माता त्रिशिला रानी देवी के यहां हुआ था.

  • Ram Navami 2017: भगवान राम की आराधना के लिए ये हैं 7 मंत्र, श्लोक और दोहे

    Ram Navami 2017: भगवान राम की आराधना के लिए ये हैं 7 मंत्र, श्लोक और दोहे

    हिन्दू धर्मग्रंथों और पुराणों में यूं तो भगवान विष्णु के 24 अवतार बताए गए हैं, लेकिन दस अवतारों की चर्चा सबसे अधिक होती है. इन दस अवतारों में भी श्रीराम का अवतार सबसे अधिक व्यापक और पूजित माना जाता है. विष्णुजी का यह सातवां अवतार लंकापति रावण को मारने और धर्म की स्थापना के लिए माना जाता है.

  • Ram Navami 2017: जानिए भगवान राम के जन्मोत्सव से जुड़ी मान्यताएं और परम्पराएं

    Ram Navami 2017: जानिए भगवान राम के जन्मोत्सव से जुड़ी मान्यताएं और परम्पराएं

    राम नवमी पर्व भगवान विष्णु के अवतार के रूप में मानव शरीर में जन्म लेने वाले भगवान राम को को समर्पित है. अगस्त्यसंहिता के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन पुनर्वसु नक्षत्र में कर्कलग्‍न में जब सूर्य पांच ग्रहों की शुभ दृष्टि के साथ मेष राशि पर विराजमान थे, तब भगवान् श्रीराम का माता कौशल्या के गर्भ से जन्म हुआ था.

  • राम नवमी 2017:  आजीवन मर्यादा का पालन करते हुए मर्यादापुरुषोत्तम कहलाए श्रीराम

    राम नवमी 2017:  आजीवन मर्यादा का पालन करते हुए मर्यादापुरुषोत्तम कहलाए श्रीराम

    राम नवमी का पर्व हर वर्ष चैत्र मास शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है. इस पावन दिन को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्म हुआ था. श्री राम को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, जो पृथ्वी पर अजेय लंकापति रावण से युद्ध लड़ने के लिए अवतरित हुए थे.

  • गुडी पाडवा पर्व : जानिए इस त्यौहार से जुड़ी कुछ रोचक, कुछ अनसुनी बातें

    गुडी पाडवा पर्व : जानिए इस त्यौहार से जुड़ी कुछ रोचक, कुछ अनसुनी बातें

    गुडी पाडवा पर्व से महाराष्ट्र में हिन्दू नव संवत्सरारम्भ माना जाता है. यह हर साल चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को होता है, जब हिन्दू पंचांग का नया साल शुरू होता है. उल्लेखनीय है कि भारतीय नववर्ष का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही माना जाता है और इसी दिन से ग्रहों, वारों, मासों और संवत्सरों का प्रारंभ गणितीय और खगोल शास्त्रीय संगणना के अनुसार माना जाता है.

  • दिल्ली में पहली बार 65 मंदिरों में आयोजित की जाएगी सामूहिक महावीर जयंती

    दिल्ली में पहली बार 65 मंदिरों में आयोजित की जाएगी सामूहिक महावीर जयंती

    जैन समाज के इतिहास में पहली बार पूर्वी दिल्ली के सभी मंदिर एक साथ मिलकर सामूहिक रूप से महावीर जयंती आयोजित करने जा रहे हैं. यमुना विहार के एम.टी.एन.एल पार्क में नौ अप्रैल को होने वाले इस विशाल समारोह का आयोजन यमुनापार दिगम्बर जैन समाज के तत्वाधान में हो रहा है.

  • बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत अब नहीं कर सकेंगे मनमानी

    बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत अब नहीं कर सकेंगे मनमानी

    मंदिर के प्रबंधक मुनीश शर्मा एवं उमेश सारस्वत ने मंदिर के रिसीवर न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह द्वारा पारित आदेश की जानकारी देते हुए बताया, ‘मंदिर के रिसीवर अक्सर व्यवस्थाओं का जायजा लेने मंदिर आते रहते हैं. इस बीच उन्होंने श्रद्घालुओं को होने वाली जो परेशानियां खुद की महसूस कीं और मंदिर प्रबंधन के माध्यम से दर्शनार्थियों की जो शिकायतें उन्हें प्राप्त हुईं, उनमें कई दुश्वारियां मंदिर के सेवायत पुजारियों द्वारा भी उत्पन्न की जा रही थीं.’

  • चैत्र नवरात्र 28 मार्च से, जानिए किस दिन होगी किस देवी की आराधना और घटस्थापना मुहूर्त

    चैत्र नवरात्र 28 मार्च से, जानिए किस दिन होगी किस देवी की आराधना और घटस्थापना मुहूर्त

    साल 2017 की चैत्र नवरात्र 28 मार्च से शुरू होगी. इसकी शुरुआत घटस्थापना से होगी, जिसका शुभ मुहूर्त सुबह 08 बजकर 26 मिनट से लेकर 10 बजकर 24 मिनट तक का है. नौ दिनों तक चलने इस पूजा में तक देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों आराधना की जाएगी.

  • आज शीतलाष्टमी व्रत के अवसर पर श्रद्धालुओं ने लगाया बासी भोजन का भोग

    आज शीतलाष्टमी व्रत के अवसर पर श्रद्धालुओं ने लगाया बासी भोजन का भोग

    आज शीतलाष्टमी व्रत के अवसर पर देश के अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने अपने परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य एवं सुख समृद्धि की कामना को लेकर माता शीतला का पूजन किया. इस मौके पर राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार आदि के शीतला माता मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं का आवागमन बना हुआ है.

  • महाभारत से पहले युद्ध जीतने के लिए यहां पांडवों ने की थी शस्त्र-पूजा

    महाभारत से पहले युद्ध जीतने के लिए यहां पांडवों ने की थी शस्त्र-पूजा

    हरियाणा राज्य के करनाल जिले के नीलोखेड़ी क्षेत्र में एक गांव है पूजम. यह गांव महाभारत की यादें समेटे हुए है. कहा जाता है कि यह वह ऐतिहासिक गांव है, जहां महाभारत युद्ध से पहले पांडवों ने कौरवों पर विजय हासिल करने के लिए अपने-अपने अस्त्र-शस्त्र की पूजा की थी.

  • जानिए क्यों मनाते हैं रंग पंचमी त्यौहार और इससे जुड़ी मान्यताएं

    जानिए क्यों मनाते हैं रंग पंचमी त्यौहार और इससे जुड़ी मान्यताएं

    रंग पंचमी त्यौहार हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि मनाया जाता है. देखा जाए तो यह रंगों के त्यौहार होली का विस्तार है, जो उत्तर भारत, विशेषकर हिंदी भाषी क्षेत्र, में लोकप्रिय है. उत्तर भारत में होली की शुरुआत श्री पंचमी से ही हो जाती है, जो कि चैत्र माह की पंचमी तिथि तक चलती रहती है.

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