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'Sriharikota' - 45 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • NEWS FLASH: सुबह 9 बजकर 28 मिनट पर उड़ान भरेगा PSLV-C47

    NEWS FLASH: सुबह 9 बजकर 28 मिनट पर उड़ान भरेगा PSLV-C47

    देश-दुनिया की राजनीति, खेल एवं मनोरंजन जगत से जुड़े समाचार इसी एक पेज पर जानें...

  • Chandrayaan 2: इन दो 'रॉकेट वुमन' के बिना अधूरा रहता चंद्रयान-2 का सफर, जानिए कौन हैं वनिता मुथय्या और रितु कारिधल

    Chandrayaan 2: इन दो 'रॉकेट वुमन' के बिना अधूरा रहता चंद्रयान-2 का सफर, जानिए कौन हैं वनिता मुथय्या और रितु कारिधल

    चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) की चर्चा हर तरफ है. इसरो (ISRO) ने 22 जुलाई, 2019 को सफलतापूर्वक चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2 Mission) को चांद पर छोड़ा. इसका पूरा क्रेडिट इसरो की टीम में शामिल वनिता मुथय्या (Vanitha Muthayya) और रितु कारिधल (Ritu Karidhal) को जाता है.

  • चांद की ओर चला चंद्रयान-2, 'बाहुबली' रॉकेट लेकर उड़ा, जानें 7 बड़ी बातें

    चांद की ओर चला चंद्रयान-2, 'बाहुबली' रॉकेट लेकर उड़ा, जानें 7 बड़ी बातें

    चंद्रमा के अनछुए पहलुओं का पता लगाने के लिए चंद्रयान-2 सोमवार को यहां स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से शान के साथ रवाना हो गया. इसे ‘बाहुबली’ नाम के सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी-मार्क ।।। के जरिए अपराह्न दो बजकर 43 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया. सोमवार का यह प्रक्षेपण अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की धाक जमाएगा और यह चांद के बारे में दुनिया को नई जानकारी उपलबध कराएगा. गत 15 जुलाई को रॉकेट में तकनीकी खामी का पता चलने के बाद इसका प्रक्षेपण टाल दिया गया था. उस दिन इसका प्रक्षेपण तड़के दो बजकर 51 मिनट पर होना था, लेकिन प्रक्षेपण से 56 मिनट 24 सेकंड पहले रॉकेट में तकनीकी खामी का पता चलने के बाद चंद्रयान-2 की उड़ान टाल दी गई थी. उस दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द भी प्रक्षेपण स्थल पर मौजूद थे.

  • Chandrayaan-2 Launch: चंद्रयान-2 हुआ लांच, सोशल मीडिया पर कुछ यूं आया रिएक्शन

    Chandrayaan-2 Launch: चंद्रयान-2 हुआ लांच, सोशल मीडिया पर कुछ यूं आया रिएक्शन

    Chandrayaan-2 Launch: चांद पर भारत के दूसरे मिशन चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) को आज श्रीहरिकोटा से सबसे शक्तिशाली रॉकेट जीएसएलवी-मार्क III-एम1 (GSLV Mark III-M1) के जरिए लांच किया गया. भारत ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. 

  • Chandrayaan-2 Launch: चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग मोबाइल पर एक क्लिक में देखें Live

    Chandrayaan-2 Launch: चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग मोबाइल पर एक क्लिक में देखें Live

    चांद पर भारत के दूसरे महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 को सोमवार को यहां से सबसे शक्तिशाली रॉकेट जीएसएलवी-मार्क III-एम1 के जरिए प्रक्षेपित किया जायेगा.

  • चंद्रयान 2 से क्या मिलेगा भारत को, क्या होंगे तीन सबसे बड़े फायदे...

    चंद्रयान 2 से क्या मिलेगा भारत को, क्या होंगे तीन सबसे बड़े फायदे...

    पृथ्वी के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा, यानी चांद पर भारत अपना दूसरा महत्वाकांक्षी मिशन 'चंद्रयान-2' आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट लॉन्चर - GSLV Mk III - के ज़रिये प्रक्षेपित कर दिया गया है. 'चंद्रयान-2' चांद पर पानी की मौजूदगी तलाशने के अलावा भविष्य में यहां मनुष्य के रहने की संभावना भी तलाशेगा.

  • ISRO आज दोपहर लॉन्च करेगा चंद्रयान-2, मिशन पर खर्च हुआ है 978 करोड़ रुपये, जानें- 8 बड़ी बातें

    ISRO आज दोपहर लॉन्च करेगा चंद्रयान-2, मिशन पर खर्च हुआ है 978 करोड़ रुपये, जानें- 8 बड़ी बातें

    चांद पर भारत के दूसरे महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 को सोमवार को श्रीहरिकोटा से सबसे शक्तिशाली रॉकेट जीएसएलवी-मार्क III-एम1 के जरिए प्रक्षेपित किया जायेगा. चेन्नई से लगभग 100 किलोमीटर दूर सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र में दूसरे लांच पैड से चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण अपराह्न दो बजकर 43 मिनट पर किया जायेगा. इस मिशन की लागत 978 करोड़ रुपये है. एक सप्ताह पहले तकनीकी गड़बड़ी आने के बाद चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण रोक दिया गया था. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों ने 15 जुलाई को मिशन के प्रक्षेपण से 56 मिनट 24 सेकंड पहले मिशन नियंत्रण कक्ष से घोषणा के बाद रात 1.55 बजे इसे रोक दिया था. कई दिग्गज वैज्ञानिकों ने इस कदम के लिए इसरो की प्रशंसा भी की थी. उनका कहना था कि जल्दबाजी में कदम उठाने से बड़ा हादसा हो सकता था.

  • चंद्रयान-2 प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू, कल 2.43 बजे होगी लॉन्चिंग

    चंद्रयान-2 प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू, कल 2.43 बजे होगी लॉन्चिंग

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन ने रविवार को बताया कि आज शाम 6.43 बजे से चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. इस दौरान रॉकेट और अंतरिक्ष यान प्रणाली की जांच की जाएगी और रॉकेट के इंजन को शक्ति प्रदान करने के लिए ईंधन भरा जाएगा. और 22 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर इसकी लॉन्चिंग होगी.

  • ISRO जुलाई में ही लॉन्च करेगा चंद्रयान-2, तकनीकी खामी की वजह से आज टाल दी गई थी लॉन्चिंग- सूत्र

    ISRO जुलाई में ही लॉन्च करेगा चंद्रयान-2, तकनीकी खामी की वजह से आज टाल दी गई थी लॉन्चिंग- सूत्र

    इसरो की ओर से प्रक्षेपण टालने की की आधिकारिक पुष्टि किए जाने से पहले भ्रम की स्थिति बनी रही. इसरो के सह-निदेशक (जनसंपर्क) बीआर गुरुप्रसाद ने कहा, ‘प्रक्षेपण यान प्रणाली में टी-56 मिनट पर एक तकनीकी खामी दिखी. एहतियात के तौर पर चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण आज के लिए टाल दिया गया है.' इसरो के एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘तकनीकी खामी की वजह से प्रक्षेपण टाला जाता है. (लॉंच) विंडो के अंदर प्रक्षेपण करना संभव नहीं है. प्रक्षेपण की नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी.’ अंतरिक्ष एजेंसी ने इससे पहले प्रक्षेपण की तारीख जनवरी के पहले सप्ताह में रखी थी, लेकिन बाद में इसे बदलकर 15 जुलाई कर दिया था.

  • चंद्रयान-2 का काउंटडाउन शुरू, सोमवार तड़के श्रीहरिकोटा से होगा रवाना

    चंद्रयान-2 का काउंटडाउन शुरू, सोमवार तड़के श्रीहरिकोटा से होगा रवाना

    इसरो ने पूर्व में कहा था कि चंद्र अभियान के तीनों मॉड्यूल- ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान)- प्रक्षेपण के लिये तैयार किये जा रहे हैं और लैंडर के सितंबर की शुरुआत में चंद्रमा की सतह को छूने की उम्मीद है.

  • एक और कामयाबी: 'मिशन शक्ति' के बाद अब ISRO ने लॉन्च किया दुश्मन की रडार का पता लगाने वाला सैटेलाइट

    एक और कामयाबी: 'मिशन शक्ति' के बाद अब ISRO ने लॉन्च किया दुश्मन की रडार का पता लगाने वाला सैटेलाइट

    ISRO launches EMISAT: ISRO ने इतिहास रच दिया है.  एमिसैट सैटेलाइट लॉन्च कर दिया गया है. एमिसैट (EMISAT) का प्रक्षेपण रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के लिए किया गया है.

  • Isro's GSLV-F11/Gsat-7A: संचार उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित, मिलिट्री की ऐसे करेगा मदद- 10 खास बातें

    Isro's GSLV-F11/Gsat-7A: संचार उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित, मिलिट्री की ऐसे करेगा मदद- 10 खास बातें

    भारतीय वायुसेना (IAF) के सभी एसेट्स को जोड़ने में मदद करने तथा फोर्स मल्टीप्लायर की तरह काम करने वाला संचार उपग्रह भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO का वर्ष 2018 के दौरान 17वां और आखिरी मिशन है. बुधवार शाम को श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित हुए बहुप्रतीक्षित GSAT-7A भारतीय वायुसेना के सभी एसेट्स, यानी विमान, हवा में मौजूद अर्ली वार्निंग कंट्रोल प्लेटफॉर्म, ड्रोन तथा ग्राउंड स्टेशनों को जोड़ देगा, और केंद्रीकृत नेटवर्क बना देगा. GSAT-7A उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित हो गया. GSAT-7 और GSAT-6 के साथ मिलकर 'इंडियन एन्ग्री बर्ड' कहा जाने वाला यह नया उपग्रह संचार उपग्रहों का एक बैन्ड तैयार कर देगा, जो भारतीय सेना के काम आएगा.

  • इसरो ने किया जीसैट-29 का सफल प्रक्षेपण, देश के प्रथम मानवयुक्त मिशन की ओर एक अहम कदम

    इसरो ने किया जीसैट-29 का सफल प्रक्षेपण, देश के प्रथम मानवयुक्त मिशन की ओर एक अहम कदम

    भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (इसरो) के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हिकल मार्क III (जीएसएलवी एमके -3) ने अपनी दूसरी उड़ान में संचार उपग्रह जीसैट-29 को भू स्थिर कक्षा में सफलता पूर्वक स्थापित कर दिया.

  • ISRO का जीसैट 6-A सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च, 10 खास बातें...

    ISRO का जीसैट 6-A सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च, 10 खास बातें...

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने संचार उपग्रह जीसैट 6-A को सफलतापूर्वक लॉन्‍च कर दिया है. इसरो के GSLV-F08 मिशन के ज़रिए इस सैटेलाइट को श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया. यह उपग्रह मल्टी-बीम कवरेज सुविधा के जरिए भारत को मोबाइल संचार उपलब्ध कराएगा.

  • ISRO ने सफलतापूर्वक लॉन्‍च किया जीसैट 6-A सैटेलाइट, मोबाइल संचार के साथ-साथ सेना की ताक़त भी बढ़ेगी

    ISRO ने सफलतापूर्वक लॉन्‍च किया जीसैट 6-A सैटेलाइट, मोबाइल संचार के साथ-साथ सेना की ताक़त भी बढ़ेगी

    इसरो ने कहा कि उपग्रह की एक मुख्य बात मल्टी बीम कवरेज सुविधा के जरिये भारत को मोबाइल संचार प्रदान करना है. यह इस प्रक्षेपण यान की 12 वीं उड़ान है.

  • ISRO के GSAT-6A संचार उपग्रह की उल्टी गिनती शुरू

    ISRO के GSAT-6A संचार उपग्रह की उल्टी गिनती शुरू

    भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने संचार उपग्रह जीसैट6 ए के साथ इसरो के जीएसएलवी- एफ08 मिशन के चेन्नई से करीब 110 किलोमीटर दूर श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केन्द्र से प्रक्षेपण की गुरुवार की 27 घंटे की उल्टी गिनती शुरू हो गई.

  • ISRO कभी रॉकेट ढोने के लिए करता था बैलगाड़ी का इस्तेमाल, अब बनाया इतिहास

    ISRO कभी रॉकेट ढोने के लिए करता था बैलगाड़ी का इस्तेमाल, अब बनाया इतिहास

    इसरो का 100वां सैटेलाइट लॉन्च हुआ. आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष में सेंचुरी लगा दी है. इसरो ने एक साथ 31 सैटेलाइट अंतरिक्ष में लॉन्‍च किए.

  • ISRO की शतकीय उड़ान: 100वें सैटेलाइट समेत 31 उपग्रह अंतरिक्ष की ओर रवाना, 10 खास बातें

    ISRO की शतकीय उड़ान: 100वें सैटेलाइट समेत 31 उपग्रह अंतरिक्ष की ओर रवाना, 10 खास बातें

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आज अंतरिक्ष में शतक लगाया है. सुबह 9.28 पर श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से इसरो अपने 100वें उपग्रह को लॉन्च किया. कार्टोसैट 2 सैटेलाइट से 710 किलो वजनी है. यह निगरानी उपग्रह है और इससे तटीय क्षेत्रों और शहरों की निगरानी के लिए इस्‍तेमाल किया जाएगा. इसमें हाईरेजुलेशन कैमरा लगा है जिससे खींची फोटो का इस्‍तेमाल किया जाएगा. चार स्‍तर पर लॉन्‍च किया जाएगा. ढाई घंटे की ये प्रक्रिया है. सह-यात्री उपग्रहों में भारत का एक माइक्रो और एक नैनो उपग्रह शामिल है जबकि छह अन्य देशों - कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका के तीन माइक्रो और 25 नैनो उपग्रह शामिल किए जा रहे हैं. आपको बता दें कि चार महीने पहले 31 अगस्त 2017 इसी तरह का एक प्रक्षेपास्त्र पृथ्वी की निम्न कक्षा में देश के आठवें नेविगेशन उपग्रह को वितरित करने में असफल रहा था. पीएसएलवी-सी40 वर्ष 2018 की पहली अंतरिक्ष परियोजना है.

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