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Supreme court hearing


'Supreme court hearing' - 142 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • अयोध्‍या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की समीक्षा आप कैसे करेंगे?

    अयोध्‍या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की समीक्षा आप कैसे करेंगे?

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला कैसा है, इससे पहले कि आप जवाब दें, लोग ख़ुद ही बोल देते हैं कि चलो बवाल ख़त्म हुआ. लेकिन तब भी पहला सवाल तो रह ही जाता है कि फैसला कैसा था. यह वाकई तारीफ की बात है कि जनता ने संयम और परिपक्वता के साथ सामना किया. वो जनता यह भी जानना चाहेगी कि फैसला कैसा है. फैसले की नुक्ताचीनी से वह नहीं घबराने वाली. आम सहमति से आए इस फैसले को जब कानून की क्लास में पढ़ाया जाएगा तब शायद ही छात्रों के बीच आम सहमति बन पाएगी. ऐतिहासिक फैसला है इसलिए इसकी समीक्षा आज ही नहीं, लंबे समय तक होती रहेगी.

  • Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट में पूरी हुई अयोध्या मामले की सुनवाई, अब फैसले का इंतजार

    Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट में पूरी हुई अयोध्या मामले की सुनवाई, अब फैसले का इंतजार

    Ayodhya verdict today:  सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई पूरी कर ली, फैसला नवंबर महीने में सुनाया जाएगा. CJI रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जंजों की बेंच ने इस मामले में 40 दिन तक सुनवाई करने के बाद दलीलें पूरी कर लीं

  • Ayodhya Case: कैसा है अयोध्या का माहौल, 10 प्वाइंट्स में जानिए

    Ayodhya Case: कैसा है अयोध्या का माहौल, 10 प्वाइंट्स में जानिए

    सुप्रीम कोर्ट, अयोध्या मामले (Ayodhya Case Hearing) में बुधवार को आखिरी सुनवाई करेगा. मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान एक हिन्दू पक्ष ने दलील दी कि भारत विजय के बाद मुगल शासक बाबर द्वारा करीब 433 साल पहले अयोध्या में भगवान राम के जन्म स्थान पर मस्जिद का निर्माण कर ‘ऐतिहासिक भूल' की गयी थी और अब उसे सुधारने की आवश्यकता है. अयोध्या मामले अभी तक 39 दिन सुनवाई चली है. बता दें, सीजेआई रंजन गोगोई ने उम्मीद जताई थी कि 17 अक्टूबर तक इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली जाएगी और 17 नवंबर को अयोध्या मसले पर फैसला सुना दिया जाएगा. 17 नवंबर को ही सीजेआई रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं.

  • Ayodhya Case Updates: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद में नवंबर में आएगा फैसला

    Ayodhya Case Updates: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद में नवंबर में आएगा फैसला

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आखिरी सुनवाई बुधवार को शाम चार बजे पूरी कर ली. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले की सुनवाई पूरी करने के पश्चात अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

  • Ayodhya Case: मुस्लिम पक्ष के वकील बोले- हमारी मांग है कि 5 दिसंबर 1992 में जैसा ढांचा था, वैसी ही हालत में मस्जिद सौंपी जाए

    Ayodhya Case: मुस्लिम पक्ष के वकील बोले- हमारी मांग है कि 5 दिसंबर 1992 में जैसा ढांचा था, वैसी ही हालत में मस्जिद सौंपी जाए

    धवन ने माना कि पुरातात्विक साक्ष्य को प्रमाणित किया जा सकता है. हालांकि, इससे पहले पुरातत्व को मुस्लिम पक्षकारों ने एक सामाजिक विज्ञान के रूप में माना था और उसे खारिज कर दिया था. धवन ने कहा कि ASI रिपोर्ट में कभी ये नहीं कहा गया कि मंदिर को तोडकर मस्जिद बनाई गई. इस जगह पर हमेशा मुस्लिमों का कब्जा रहा. हिंदुओं ने बहुत बाद में जमीन के टाइटल का दावा किया लेकिन उसे खारिज कर दिया गया. उन्होंने 1934 से प्रतिकूल कब्जे का दावा किया जिसके लिए कोई सबूत नहीं है.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- मस्जिद तो मीर बाकी ने बनवाई...

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- मस्जिद तो मीर बाकी ने बनवाई...

    अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहे प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि पीठ शनिवार को सुनवाई नहीं करेगी. आज इस केस की लगातार 37वें दिन सुनवाई हुई. मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत मिली अपरिहार्य शक्तियों के तहत दोनों ही पक्षों कि गतिविधियों को ध्यान में रखकर इस मामले का निपटारा करे. उन्होंने कहा कि इस मामले में मस्जिद पर जबरन कब्जा किया गया. लोगों को धर्म के नाम पर उकसाया गया, रथयात्रा निकाली गई, लंबित मामले में दबाव बनाया गया.  धवन ने कहा कि मस्जिद ध्वस्त की गई और उस समय मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह ने एक दिन कि जेल अवमानना के चलते काटी थी. अदालत से गुजारिश है कि तमाम घटनाओं को ध्यान में रखे.

  • Ayodhya Case: रामलला विराजमान ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- SC को फैसला लेने दें, हम मध्यस्थता में भाग नहीं लेंगे

    Ayodhya Case: रामलला विराजमान ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- SC को फैसला लेने दें, हम मध्यस्थता में भाग नहीं लेंगे

    उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने 1885 के फैसले को भी माना. हिन्दू पक्षकारों ने सीमित अधिकार माना था, उन्होंने अपने अधिकार बढ़ाने की कोशिश की और सीता रसोई पर दावा भी किया. जबकि हिन्दुओं  का अंदरूनी आंगन में कोई अधिकार नहीं था. इस बात को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने भी माना था. जिरह के दौरान नाफड़े ने कहा कि हिंदुओं का वहां पर सीमित अधिकार था, और उस जगह पर मस्जिद मौजूद थी. अंदरूनी आंगन मस्जिद का हिस्सा था.

  • सुप्रीम कोर्ट से आज नहीं मिली राहत तो पी चिदंबरम को जाना पड़ सकता है जेल, 15 दिनों से सीबीआई हिरासत में

    सुप्रीम कोर्ट से आज नहीं मिली राहत तो पी चिदंबरम को जाना पड़ सकता है जेल, 15 दिनों से सीबीआई हिरासत में

    उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. उच्चतम न्यायालय उनकी उस याचिका पर भी आदेश जारी कर सकता है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को चुनौती दी है.

  • अयोध्या केस : सुप्रीम कोर्ट में दलील, बाबर के वंशज किसी इमारत के मालिक हो सकते हैं लेकिन मस्जिद के नहीं

    अयोध्या केस : सुप्रीम कोर्ट में दलील, बाबर के वंशज किसी इमारत के मालिक हो सकते हैं लेकिन मस्जिद के नहीं

    अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज भी जारी रही. सुनवाई के दौरान श्रीरामजन्मभूमि पुनरोद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा ने हदीस के हवाले से इस्लामी कानून के ज़रिए ज़मीन के खरीद और इस्तेमाल के नियमों का जिक्र किया. उन्होंने हज़रत मोहम्मद साहब, उनके अनुयायियों हजरत उमर, सईद बुखारी और यहूदियों के बीच हुए वाकयों का बयान किया. उन्होंने कहा कि मस्जिद के लिए कई कायदे नियम और बुनियादी चीज़े होती हैं.

  • अयोध्या केस: SC ने कहा- 500 साल बाद बाबर के मस्जिद बनाने के विषय की जांच करना थोड़ी समस्या वाली बात

    अयोध्या केस: SC ने कहा- 500 साल बाद बाबर के मस्जिद बनाने के विषय की जांच करना थोड़ी समस्या वाली बात

    'अखिल भारतीय श्री राम जन्म भूमि पुनरुद्धार समितट के वकील ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ से कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यह कहकर गलती की कि वह इस मामले में नहीं जाएगा कि क्या बाबर ने बिना 'शरिया' 'हदीस' और अन्य इस्लामिक परंपराओं का पालन किये बिना मस्जिद का निर्माण कराया.    

  • स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ आरोपों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, सुनवाई आज

    स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ आरोपों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, सुनवाई आज

    पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ आरोपों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इस मामले में कुछ वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाली छात्रा तीन दिनों से गायब है लिहाजा सुप्रीम कोर्ट दखल दे. सुप्रीम कोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया. जस्टिस आर बानुमति की पीठ कल सुनवाई करेगी.

  • Ayodhya Case: हिंदू संस्था ने SC में कहा- मस्जिद का निर्माण बाबर ने नहीं बल्कि औरंगजेब ने कराया था

    Ayodhya Case: हिंदू संस्था ने SC में कहा- मस्जिद का निर्माण बाबर ने नहीं बल्कि औरंगजेब ने कराया था

    एक मुस्लिम पार्टी द्वारा दायर मुकदमे में प्रतिवादी अखिल भारतीय श्री राम जन्म भूमि पुनरुद्धार समिति ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष बाबरनामा, हुमायूंनामा, अकबरनामा और तुजुक-ए-जहांगीरी जैसी ऐतिहासिक पुस्तकों का उल्लेख किया.

  • SC में अयोध्या मामले पर सुनवाई: एक पक्ष ने कहा- बाबर कभी अयोध्या नहीं आया, उसने कोई मस्जिद नहीं बनाई

    SC में अयोध्या मामले पर सुनवाई: एक पक्ष ने कहा- बाबर कभी अयोध्या नहीं आया, उसने कोई मस्जिद नहीं बनाई

    अखाड़ा ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को इस रुख के बारे में बताया. उससे पूछा गया था कि क्या वह इस तथ्य के आलोक में राम लला की याचिका का विरोध कर रहा है कि 'शबैत' (उपासक) के तौर पर संपत्ति पर उसका अधिकार तभी हो सकता है जब 'राम लला विराजमान' के वाद को विचारार्थ स्वीकार किया जाए.

  • अयोध्या केस सुनवाई: जब सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा से कहा- ...तो आप विवादित भूमि पर मालिकाना हक खो देंगे

    अयोध्या केस सुनवाई: जब सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा से कहा- ...तो आप विवादित भूमि पर मालिकाना हक खो देंगे

    इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने 2010 के फैसले में अयोध्या में 2.77 एकड़ की विवादित जमीन को तीन पक्षों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बराबर-बराबर बांटने को कहा था.

  • राम लला के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दी दलील, कहा- "हिन्‍दुओं का विश्‍वास अयोध्‍या में जन्‍मे थे राम, इससे आगे न जाए कोर्ट"

    राम लला के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दी दलील, कहा-

    सीनियर एडवोकेट वैद्यनाथ ने मंगलवार को कोर्ट को बताया था कि भगवान राम की जन्मस्थली अपने आप में देवता है और मुस्लिम 2.77 एकड़ विवादित जमीन पर अधिकार होने का दावा नहीं कर सकते क्योंकि संपत्ति को बांटना ईश्वर को 'नष्ट करने' और उसका 'भंजन' करने के समान होगा.

  • Ayodhya Case Hearing: जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इसे देश का शीर्ष न्यायालय ही रहने दें

    Ayodhya Case Hearing: जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इसे देश का शीर्ष न्यायालय ही रहने दें

    बुधवार को उच्चतम न्यायालय में दलील दी गयी कि करोड़ों श्रद्धालुओं की ‘अटूट आस्था’ ही यह साबित करने के लिये पर्याप्त है कि अयोध्या में समूचा विवादित स्थल ही भगवान राम का जन्म स्थान है. शीर्ष अदालत ने जोर देकर कहा कि अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि पर कब्जा होने संबंधी हिन्दू पक्षकारों का दावा साबित करने के लिये राजस्व रिकार्ड, अन्य दस्तावेज और मौखिक दस्तावेज ‘बहुत ही महत्वपूर्ण साक्ष्य’ होंगे. इस विवाद में एक पक्षकार ‘राम लला विराजमान’ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन ने कहा कि राम जन्मभूमि अपने आप में ही हिन्दुओं के लिये मूर्ति का आदर्श और पूजा का स्थान हो गया है. उन्होंने पीठ से जानना चाहा कि इतनी सदियों के बाद इस स्थान पर ही भगवान राम का जन्म होने के बारे में सबूत कैसे पेश किया जा सकता है.

  • अयोध्या मामले की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई, गोविंदाचार्य ने की थी मांग

    अयोध्या मामले की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई, गोविंदाचार्य ने की थी मांग

    चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई ने मांग को ठुकरा दी. निर्मोही अखाड़ा की ओर से सुशील जैन ने बहस किया. CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठी में जस्टिस एस ए बोबड़े, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं.

  • बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

    बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

    बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश के मामले की सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि CBI जज एसके यादव जब तक फैसला नहीं देते तब तक उन्हें रिटायर न किया जाए. इसके लिए क्या किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा था कि जज एसके यादव के कार्यकाल को कैसे बढ़ाया जा सकता है? साथ ही कानूनी प्रावधान क्या है?