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Sushil mohapatra


'Sushil mohapatra' - 322 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • दुनिया की सबसे कमउम्र प्रधानमंत्री, जो हफ्ते में सिर्फ 24 घंटे काम करने पर विश्वास रखती हैं

    दुनिया की सबसे कमउम्र प्रधानमंत्री, जो हफ्ते में सिर्फ 24 घंटे काम करने पर विश्वास रखती हैं

    समानता में विश्वास रखने वाली साना मरीन का मानना है कि किसी भी इंसान को एक हफ्ते में सिर्फ 24 घंटे काम करना चाहिए और ज़्यादा से ज़्यादा समय अपने परिवार को देना चाहिए. अगस्त के महीने में जब वह यह प्रस्ताव लेकर सामने आई थीं, तो इसे किसी ने नहीं माना था, लेकिन अब वह प्रधानमंत्री बन गई हैं, सो, देखना होगा कि सप्ताह में सिर्फ 24 घंटे काम करने वाला प्रस्ताव पारित हो पाएगा या नहीं. साना मरीन अपने परिवार को लेकर भी काफी सक्रिय रहती हैं, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपने परिवार के साथ तस्वीरें पोस्ट करती रहती हैं.

  • एक झूठ इस प्रधानमंत्री पर पड़ा भारी, क्या भारत के नेता भी कुछ सीखेंगे?

    एक झूठ इस प्रधानमंत्री पर पड़ा भारी, क्या भारत के नेता भी कुछ सीखेंगे?

    झूठ बोलने की वजह से फिनलैंड के प्रधानमंत्री एंटी रिने (Antti Rinne) को इस्तीफा देना पड़ा है लेकिन हमारे यहां तो सरकार बनाने और चुनाव जीतने के लिए नेता अनगिनत झूठ बोलते हैं. यहां तो राजनीति की शुरुआत ही झूठ से होती है. फिनलैंड के प्रधानमंत्री ने देश में चल रही पोस्टल स्ट्राइक को लेकर संसद को गुमराह किया था. उनका झूठ पकड़ा गया और उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा.

  • दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मदद से इस बच्चे को अस्पताल में बेड मिला

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मदद से इस बच्चे को अस्पताल में बेड मिला

    शनिवार को एनडीटीवी ने प्रदीप के समस्या के बारे में लिखा और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से प्रदीप के बेटे को मदद करने के लिए अपील की थी. सीएम अरविंद केजरीवाल ने मुस्तेदी दिखाते हुए इस बच्चे को मदद मुहैया कराई है. दिल्ली के सरकारी अस्पताल में प्रदीप के बेटे को बेड मिल गया है और इलाज भी शुरू हो गया है. 

  • दिल्ली के मुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री इस बच्चे के लिए अस्पताल में एक बेड मुहैया करा पाएंगे?

    दिल्ली के मुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री इस बच्चे के लिए अस्पताल में एक बेड मुहैया करा पाएंगे?

    एक दिन अचानक प्रदीप के बेटे को बुखार आया. दवाई खाने के बाद बुखार ठीक तो हुआ लेकिन कुछ दिन के बाद एक पैर ने काम करना बंद कर दिया. प्रदीप जब डॉक्टर के पास गए  तो डॉक्टर अल्ट्रा साउंड करने के लिए कहा. सिर के अल्ट्रासाउंड से पता चलता है की प्रदीप के बेटे सिर में पानी है जिस का असर पूरे बदन पर हो रहा है. फिर उन्हें आगरा या दिल्ली में इलाज कराने के लिए कहा गया.

  • कर्ज मुक्त किसान और आत्महत्या मुक्त भारत का सपना कब होगा पूरा?

    कर्ज मुक्त किसान और आत्महत्या मुक्त भारत का सपना कब होगा पूरा?

    कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं जिसमें महाराष्ट्र भी शामिल है. अब चुनाव से पहले बहुत कुछ वादे किए जाएंगे. किसानों की समस्या को लेकर बात होगी. किसानों के लिए कई योजनाओं की घोषणा होगी. चुनाव के बाद यह सब वादे खोखले साबित होंगे क्योंकि अगर राजनैतिक दलों ने अपना वादा पूरा किया होता तो आज किसान आत्महत्या नहीं करता.

  • जलवायु परिवर्तन को लेकर कितनी गंभीर है सरकार?

    जलवायु परिवर्तन को लेकर कितनी गंभीर है सरकार?

    शुक्रवार को कम से कम 28 देशों के 20 लाख लोग और स्कूल छात्र अपना काम और पढ़ाई छोड़कर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सड़क पर उतरे. स्पेन, न्यूज़ीलैंड, नीदरलैंड्स के कुल जनसंख्या के 3.5 प्रतिशत लोग इस प्रदर्शन में हिस्सा लिए. प्रदर्शन से पहले न्यूज़ीलैंड के लोगों ने वहां के संसद के नाम एक चिट्ठी भी लिखी. इस चिट्ठी में उन्होंने मांग की कि दश में क्लाइमेट इमरजेंसी घोषित की जाए. साथ ही जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए अलग-अलग कॉउंसिल भी बनाई जाए. उधर, कनाडा के 85 शहर में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ प्रदर्शन किया गया.

  • ...जब मैं 45 दिनों के बाद चक्रवात फोनी का असर देखने पहुंचा

    ...जब मैं 45 दिनों के बाद चक्रवात फोनी का असर देखने पहुंचा

    15 जून को पुरी के अलग-अलग गांव में जब मैं घूम रहा था, तब मैंने यह नहीं सोचा था कि लोग साइक्लोन फोनी के 45 दिनों के बाद भी संघर्ष कर रहे होंगे. भुवनेश्वर से करीब 120 किलोमीटर दूर मेरी गाड़ी जब कृष्ण-प्रसाद ब्लॉक के लिए निकली, तब मेरे मन में कई सवाल थे. मेरी गाड़ी जब धीरे-धीरे आगे बढ़ती गई, सभी सवालों ks जवाब मिलते गए. रास्ते के चारों तरफ बिखरे हुए पेड़ और टूटे हुए मकान देखकर मैं समझ गया साइक्लोन फोनी कितना खतरनाक था.

  • ब्लॉग: PM मोदी हैं 'मैन ऑफ द मैच', पत्रकार इसे अपनी जीत न समझे

    ब्लॉग: PM मोदी हैं 'मैन ऑफ द मैच', पत्रकार इसे अपनी जीत न समझे

    ऐसी सोच पत्रकारिता को खत्म करती है. किसी भी पार्टी की हार या जीत पर पत्रकार को खुश या दुखी नहीं होना चाहिए. पत्रकार को अपना काम करना चाहिए. पत्रकार का काम लोगों की समस्या पर ध्यान देना, लोगों की समस्या दिखाना है, न की किसी पार्टी की गोद में बैठ जाना. इस देश में कुछ ऐसे पत्रकार भी हैं जो सरकार की हमेशा आलोचना करते हैं, कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लगता है. इन पत्रकारों को गाली दी जाती है. परेशान किया जाता है. कई लोग यह भी कहते हैं कि यह पत्रकार सरकार की तारीफ क्यों नहीं करते. पत्रकार का काम सरकार की तारीफ करना नहीं है चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो. पत्रकार का काम है सवाल करना लोगों की समस्या को सामने रखना है. पत्रकारों को उस दिन सरकार की तारीफ करनी चाहिए जिस दिन सभी समस्या खत्म हो जाये.

  • ब्लॉग: कांग्रेस के नेता चुनाव क्षेत्र को अपनी संपत्ति न मानें, यह लोगों की संपत्ति है

    ब्लॉग: कांग्रेस के नेता चुनाव क्षेत्र को अपनी संपत्ति न मानें, यह लोगों की संपत्ति है

    ऑस्ट्रेलिया टीम इसीलिए अच्छा प्रदर्शन करती है. भारत की राजनीति में भी यह फार्मूला लागू होना चाहिए. फॉर्म में जो नेता नहीं हैं उनके जगह नए नेताओं को टिकट देना चाहिए. यह जो पुराने नेता है उन्हें टेनिस की तरह नॉन प्लेइंग कप्तान बना देना चाहिए जो बाहर बैठकर सलाह देते रहे.

  • समय के साथ-साथ कितने बदले हैं राहुल गांधी?

    समय के साथ-साथ कितने बदले हैं राहुल गांधी?

    2014 से लेकर 2019 के बीच राहुल गांधी के अंदर बहुत बदलाव आया है. इस चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने कई इंटरव्यू दिए है. शुक्रवार को राहुल गांधी ने एनडीटीवी के रवीश कुमार को इंटरव्यू दिया. मध्य प्रदेश के सुजालपुर में यह इंटरव्यू हुआ. इंटरव्यू के लिए मैं भी रवीश कुमार के साथ ट्रेवल कर रहा था. हम सबके मन में एक सवाल यह भी था क्या राहुल गांधी लाइव इंटरव्यू देंगे? समय के मुताबिक राहुल गांधी सुजालपुर पहुंचते है फिर कार्यक्रम शुरू होता है. स्टेज पर कमल नाथ समेत कई बड़े नेता मौजूद थे. मेरी नजर राहुल गांधी पर थी, यह पहला मौका था जब मैं राहुल गांधी को करीब से देख रहा था. राहुल के हावभाव पर मेरी नजर थी. मैं राहुल गांधी का आत्मविश्वास को मापने में लगा हुआ था.

  • 1999 के सुपर साइक्लोन से मेरा सामना और इस साइक्लोन से क्या सीखा ओडिशा सरकार ने

    1999 के सुपर साइक्लोन से मेरा सामना और इस साइक्लोन से क्या सीखा ओडिशा सरकार ने

    सुबह सुबह साइक्लोन की रफ्तार बढ़ती चली गई और फिर भयंकर रूप धारण कर लिया. उस समय गांव में मेरा पक्का घर था लेकिन मुझे याद है हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि घर के मुख्य दरवाज़े को मेरे परिवार के कई लोग पकड़कर रखे थे. ऐसा लग रहा था जैसे हवा दरवाज़े को उखाड़कर ले जाएगी. हवा की गति 300 किलोमीटर प्रति घंटा से भी ज्यादा थी. कितने घंटों तक हवा का तांडव चलता रहा मुझे याद नहीं लेकिन तीन दिन तक लगातार बारिश हुई थी.

  • पाकिस्तान में छाए विंग कमांडर अभिनंदन, अब चाय की दुकानों पर फोटो के साथ छपा यह संदेश

    पाकिस्तान में छाए विंग कमांडर अभिनंदन, अब चाय की दुकानों पर फोटो के साथ छपा यह संदेश

    भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan Varthaman) पाकिस्तान में भी अपना छाप छोड़कर आए हैं. पाकिस्तान के किसी इलाके में 'खान चाय दुकान' ने विंग कमांडर अभिनंदन की तस्वीर लगाई है. अभिनंदन की तस्वीर के साथ लिखा है 'ऐसी चाय जो दुश्मन को भी दोस्त बनाए.' यह तस्वीर कई संदेश दे रहा है.

  • मजदूरों की समस्या को लेकर कितनी गंभीर है सरकार और मीडिया

    मजदूरों की समस्या को लेकर कितनी गंभीर है सरकार और मीडिया

    बीते रविवार को दिल्ली रैली की राजधानी बना रहा. देश के अलग हिस्सों से हजारों की संख्या में मजदूर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर प्रदर्शन करते हुए नजर आए. संसद मार्ग पर एक तरफ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे तो दूसरी तरफ अलग-अलग राज्यों से आए मजदूर विरोध जता रहे थे. संसद मार्ग से थोड़ी दूर जंतर मंतर पर मिलिट्री फोर्स के रिटायर्ड जवान प्रदर्शन कर रहे थे. दूर-दूर तक इन मजदूरों ली आवाज सुनाई दे रही थी लेकिन इन आवाजों को कैद करने के लिए मीडिया चैनलों के कैमरे नहीं थे.

  • यह हार बीजेपी के साथ-साथ मीडिया की भी है, लेकिन जीत कांग्रेस की नहीं किसानों की हुई है

    यह हार बीजेपी के साथ-साथ मीडिया की भी है, लेकिन जीत कांग्रेस की नहीं किसानों की हुई है

    जिन किसानों ने बीजेपी को वोट दिया था आज वो परेशान है .अनाज का सही MSP नहीं मिल रहा है. किसान आज सड़क पर प्रदर्शन कर रहा है. अपना हक मांग रहा है. पांच राज्यों के चुनाव परिणाम यह दर्शाती है कि लोग बीजेपी से खुश नहीं है. मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी की बड़ी हार है. तीनों राज्यों में बीजेपी की सरकार थी. यह हार सिर्फ बीजेपी की नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी है. 

  • केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के नाम खुला खत...

    केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के नाम खुला खत...

    राजबाई ने बताया कि उनके पति किसी असंगठित क्षेत्र में काम करते थे. तीन साल पहले उनकी मौत हो गई. पेंशन के रूप में राजबाई को सिर्फ 300 रुपये मिलते हैं. 80 साल की उम्र में भी राजबाई दूसरों के खेत में काम करके गुजारा कर रही हैं.

  • फसल बीमा या फ्रॉड बीमा ? किसानों को कम, बीमा कंपनियों को भारी फायदा

    फसल बीमा या फ्रॉड बीमा ?  किसानों को कम, बीमा कंपनियों को भारी फायदा

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की जानिए कड़वी हकीकत. किसानों की जेब से और सरकार के अंशदान से कैसे बीमा कंपनियां हो रहीं मालामाल...

  • कबड्डी का गुरुकुल: यहां की छात्राएं जीतना चाहती हैं देश के लिए पदक...

    कबड्डी का गुरुकुल: यहां की छात्राएं जीतना चाहती हैं देश के लिए पदक...

    मेरठ के रहने वाली तनु को जैसे ही पता चला कि यहां अच्‍छी ट्रेनिंग दी जा रही है तो यहां पहुंच गईं. जींद की पिंकी की दो बहन भी यहीं से कोचिंग ले चुकी हैं और इंटरनेशनल लेवल पर खेल चुकी हैं. अब पिंकी खुद यहां ट्रेनिंग ले रही है. पानीपत की एक छात्रा ने बताया कि वह पिछले चार साल से यहां ट्रेनिंग ले रही है. अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं.

  • गुजरात हाई कोर्ट के जज जस्टिस अकील कुरैशी के ट्रांसफर पर क्यों उठ रहे हैं सवाल ?

    गुजरात हाई कोर्ट के  जज जस्टिस अकील कुरैशी के ट्रांसफर पर क्यों उठ रहे हैं सवाल ?

    गुजरात हाई कोर्ट के जज जस्टिस एके कुरैशी (Justice Akil Kureshi) के मुंबई हाई कोर्ट के लिए ट्रांसफर पर जानिए क्यों उठ रहे हैं सवाल.

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