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Swati chaturvedi


'Swati chaturvedi' - 28 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • राहुल गांधी के मिजाज से मुश्‍क‍िल में कांग्रेस

    राहुल गांधी के मिजाज से मुश्‍क‍िल में कांग्रेस

    अगर राहुल पद छोड़ने के प्रति गंभीर हैं तो उन्हें अब एक काम करने की जरूरत है कि वह रास्ता साफ करें और एक नेता को आगे लाएं जो कमियों को दूर करके जल्दी से आगे बढ़ सकता है.

  • राहुल पद छोड़ना चाहते हैं, उन्हें क्या सलाह दे रहीं सोनिया और प्रियंका

    राहुल पद छोड़ना चाहते हैं, उन्हें क्या सलाह दे रहीं सोनिया और प्रियंका

    अगले माह अपना 49वां जन्मदिन मनाने से पहले आम चुनाव में बीजेपी के हाथों धूल चाटने की पीड़ा झेल रहे राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने के अपने उस फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए तैयार नहीं हैं जिसके बारे में उन्होंने शनिवार को पार्टी को अवगत कराया था.

  • क्या हैं गठबंधन के पॉवरप्ले में सोनिया गांधी की वापसी के मायने...

    क्या हैं गठबंधन के पॉवरप्ले में सोनिया गांधी की वापसी के मायने...

    विपक्ष की राजनीति के इस दौर में नए साझीदार तलाशने के लिए उठाया गया यह पहला कदम है, और काफी अहम है, क्योंकि हाल ही में दक्षिण भारत की राजनीति के मज़बूत चेहरे और तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) प्रमुख एम.के. स्टालिन से मुलाकात की, ताकि यह चर्चा की जा सके कि एक हफ्ते में ही घोषित होने जा रहे चुनाव परिणाम के बाद कौन किसके साथ गठबंधन करेगा. बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती जैसे अन्य विपक्षी नेताओं ने तो देश के प्रशासन के शीर्ष पद पर विराजने की अपनी महत्वाकांक्षाओं को ज़ाहिर करने में कतई संकोच भी नहीं किया है.

  • नीतीश कुमार ने खुद ही लिख डाला अपनी कहानी का दुखद मोड़

    नीतीश कुमार ने खुद ही लिख डाला अपनी कहानी का दुखद मोड़

    68 वर्षीय नीतीश कुमार को लगातार साझीदार बदलते रहने की वजह से भारतीय राजनीति में बेहद कमतर माना जाने लगा है. भले ही वो अब भी बिहार के मुख्‍यमंत्री हों लेकिन पिछले महीने के आखिर में पीएम मोदी के साथ एक ही मंच पर उनके बुझे हुए चेहरे ने उनकी दशा जाहिर कर दी.

  • फिलहाल, मायावती को साथ लाने का दांव पीएम मोदी के लिए पड़ा उल्टा

    फिलहाल, मायावती को साथ लाने का दांव पीएम मोदी के लिए पड़ा उल्टा

    हो सकता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके राजनीतिक बयान आमतौर पर उल्टे न पड़ते हों लेकिन एक पासा उल्टा पड़ ही गया.  उन्होंने बयान दिया कि मायावती को कांग्रेस और उनके साथ गठबंधन कर चुके अखिलेश यादव आपस में साठगांठ करके उनको धोखा दिया है, लेकिन उनके इस बयान को एक दिन बाद ही मायावती ने ही पूरी तरह खारिज कर दिया. इतना ही नहीं मायावती ने अपने समर्थकों से अपील कर डाली कि वो रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस के शीर्ष नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पक्ष में वोट डालें. 

  • मोदी को ट्वीट कर राहुल गांधी ने सिखाया स्‍टेट्समैनशिप का पाठ...

    मोदी को ट्वीट कर राहुल गांधी ने सिखाया स्‍टेट्समैनशिप का पाठ...

    नेतृत्‍व का मतलब होता है कि आप दबाव का सामना कैसे करते हैं - एक महत्वपूर्ण लड़ाई में अपने विरोधी को बिना कोसे पूरी गरिमा और सम्‍मान के साथ. मेरे लिए, अपने दिवंगत पिता राजीव गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुच्‍छ टिप्‍पणी का जवाब देने के मामले में राहुल गांधी विजेता बनकर उभरे हैं.

  • आखिर नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी की जंग से पीछे क्यों हटीं प्रियंका गांधी वाड्रा...

    आखिर नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी की जंग से पीछे क्यों हटीं प्रियंका गांधी वाड्रा...

    अब यह कांग्रेस की आदत बन गई है कि वह सबसे बुरे हालात में पहुंचकर रुक जाती है. ताज़ातरीन उदाहरण है - कर्तव्यपरायण पुत्री ने परिवार के फैसले के सामने सिर झुका दिया है.

  • मायावती ने की तारीफ, अखिलेश यादव 'टाइगर बाम' की तरह

    मायावती ने की तारीफ, अखिलेश यादव 'टाइगर बाम' की तरह

    उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो बड़े दिग्गज मुलायम सिंह यादव और मायावती जब दशकों पुरानी दुश्मनी भुलाकर मैनपुरी की रैली में एक ही मंच पर आए तो उनकी तस्वीरें खूब वायरल हुईं देखी गईं.  दुश्मनी भुलाकर दोनों नेताओं ने अब उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी को रोकने की कोशिश करने की एक तरह से कसम खाई है. इन दोनों नेताओं को एक साथ लाने में मुलायम सिंह के बेटे और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने का बड़ा रोल रहा है. समाजवादी पार्टी की डिजिटल सेल का दावा है कि इन दोनों नेताओं की संयुक्त रैली ने यूट्यूब में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. लेकिन इस सबके होते हुए यह साफ नहीं है कि मुलायम  सिंह यादव और मायावती ने अपने-अपने कॉडर और वोटर को क्या संदेश दिया है जो कि एक दूसरे के विरोधी हैं. ऐसा लगता है कि कुछ खास नहीं. 

  • प्रज्ञा ठाकुर को चुनकर मोदी-शाह ने दिखा दिया, जीत के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं...

    प्रज्ञा ठाकुर को चुनकर मोदी-शाह ने दिखा दिया, जीत के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं...

    भोपाल में दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए BJP की पसंद हैं, 48-वर्षीय साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, जो हत्या, षड्यंत्र रचने और इससे भी ज़्यादा वर्ष 2008 में हुए मालेगांव बम ब्लास्ट केस की आरोपी हैं.

  • मायावती के रंग समझना आसान नहीं, विपक्ष के लिए बढ़ गया है सिरदर्द...

    मायावती के रंग समझना आसान नहीं, विपक्ष के लिए बढ़ गया है सिरदर्द...

    लग रहा है कि जिस तरह की 'लेन-देन की राजनीति' आज तक 'बहन जी' करती रही हैं, वह किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के साथ जा सकती हैं, जो 23 मई को आने वाले चुनाव परिणाम पर निर्भर करेगा.

  • जब मायावती को पसंदीदा आइसक्रीम खिलाकर अखिलेश यादव ने 'गठबंधन' को दिया अंतिम रूप

    जब मायावती को पसंदीदा आइसक्रीम खिलाकर अखिलेश यादव ने 'गठबंधन' को दिया अंतिम रूप

    बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती के दिल्ली स्थित आवास पर समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव के साथ दो घंटे तक चली उनकी मुलाकात उन डरावने सपनों का हिस्सा जरूर होगी, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को आते होंगे.

  • डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने 2 साल के बेटे का कराया आंगनबाड़ी में दाखिला, जानिए क्या है पीछे की वजह

    डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने 2 साल के बेटे का कराया आंगनबाड़ी में दाखिला, जानिए क्या है पीछे की वजह

    उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) की डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (जिलाधिकारी) स्वाति भदौरिया (Swati Bhadoria) ने उदाहरण पेश किया.

  • EXCLUSIVE: केजरीवाल बोले, 'बॉस' के आदेश पर काम कर रहे हैं LG, मेरे पास कोई चारा नहीं बचा था

    EXCLUSIVE: केजरीवाल बोले, 'बॉस' के आदेश पर काम कर रहे हैं LG, मेरे पास कोई चारा नहीं बचा था

    लेखिका एवं पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी को NDTV के लिए फोन पर यह एक्सक्लूसिव इंटरव्यू अरविंद केजरीवाल ने राजनिवास के वेटिंग रूम से दिया, जहां वह अपने डिप्टी मनीष सिसोदिया, अपने दो मंत्रियों सत्येंद्र जैन (जो अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं) तथा गोपाल राय के साथ दो रात बिता चुके हैं

  • अरविंद केजरीवाल और कुमार विश्वास के बीच 'जंग' ले सकती है 'घमासान' का रूप

    अरविंद केजरीवाल और कुमार विश्वास के बीच 'जंग' ले सकती है 'घमासान' का रूप

    इस वक्त भले ही अरविंद केजरीवाल का पलड़ा भारी हो, लेकिन अब दोनों ही पक्ष अपना-अपना खेल खेलेंगे. इस माहौल में 'जानी-मानी हस्तियों' ने तो इंकार करना ही था...

  • बीजेपी के 'जनेऊ जाल' में फंस गई कांग्रेस!

    बीजेपी के 'जनेऊ जाल' में फंस गई कांग्रेस!

    निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की निर्णायक जीत का मतलब 45 साल के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अपने घरेलू राज्य में और निखरकर सामने आना है. योगी ने पूरे उत्तर प्रदेश मे तूफानी प्रचार अभियान चलाया और चुनाव के परिणाम यह साबित करते हैं कि उनका यह बड़ा दांव पूरी तरह से सही था.

  • कुमार विश्‍वास ने कहा, 'सोचिए, मुझसे असुरक्षा किसे महसूस हो रही है...' (इशारा : केजरीवाल)

    कुमार विश्‍वास ने कहा, 'सोचिए, मुझसे असुरक्षा किसे महसूस हो रही है...' (इशारा : केजरीवाल)

    कुमार विश्वास, अपनी छवि के अनुरूप, शायराना अंदाज़ में ही अपनी तकलीफ भी बांट रहे हैं कि कैसे राजनीति की दुनिया में उनके अगले तार्किक कदम - राज्यसभा सदस्यता पाना - को नाकाम करने की कोशिश की जा रही है.

  • मोदी-शाह की जोड़ी का सामना करने के लिए कितनी तैयार है कांग्रेस?

    मोदी-शाह की जोड़ी का सामना करने के लिए कितनी तैयार है कांग्रेस?

    कांग्रेस पीढ़ीगत बदलाव को मैनेज करने में विफल रही है और इसी यही बात हर बार निकलकर सामने आई है. कांग्रेस की कमान अध्यक्ष सोनिया गांधी के हाथ में है. वह इसकी जिम्मेदारी अपने बेटे राहुल गांधी को देने के उत्सुक हैं, लेकिन राहुल गांधी जिम्मेदारी संभालने के इच्छुक दिखाई नहीं दे रहे हैं. इसी वजह से पार्टी में ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवड़ा, जितिन प्रसाद जैसे युवा और प्रतिभाशाली नेताओं भी संगठन में पीछे बने हुए हैं. हालांकि ये सभी पार्टी में नई जान फूंक सकते हैं.

  • क्या सच में नया वोटर कांग्रेस से जुड़ना नहीं चाहता?

    क्या सच में नया वोटर कांग्रेस से जुड़ना नहीं चाहता?

    कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल ने अपनी प्रतिष्ठा बचा ली है. दिनभर चले सियासी ड्रामे के बाद कल देर रात ढाई बजे चुनाव जीतने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली. लेकिन इस दौरान कांग्रेस को भारी मशक्क्त करनी पड़ी. पी चिदंबरम जैसे कांग्रेस के बड़े नेताओं को मोर्चा संभालना पड़ा था. यह ऐसा चुनाव था जिसमें गुजरात कांग्रेस का बिखराव खुलकर नजर आया. इससे अहमद पटेल मुश्किल में पड़ गए.

  • हां, यह निजी लड़ाई है - बीजेपी प्रमुख अमित शाह के मामले में बोले अहमद पटेल

    हां, यह निजी लड़ाई है - बीजेपी प्रमुख अमित शाह के मामले में बोले अहमद पटेल

    कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनैतिक सचिव तथा पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार अहमद पटेल राज्यसभा में फिर पहुंचने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष अमित शाह की ओर से अपने जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष झेल रहे हैं.

  • गुजरात के कांग्रेसी नेताओं ने कहा, राहुल गांधी फिर गलती कर रहे हैं

    गुजरात के कांग्रेसी नेताओं ने कहा, राहुल गांधी फिर गलती कर रहे हैं

    गुजरात में बीजेपी को चुनौती देने की आधी ईमानदार कोशिश भी कांग्रेस के लिए गेम चेंजर साबित होती. यह असंतुष्‍ट पार्टी कार्यकर्ताओं में भी नया जोश पर देती जो लगातार मिल रही हार के कारण धीरे-धीरे पार्टी से दूर होते जा रहे हैं और जिन्‍होंने राहुल गांधी को नेता के रूप में और गंभीरता से लेने का मौका दिया.