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Swati chaturvedi


'Swati chaturvedi' - 36 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • अनुच्छेद 370 तो हट गया, अब मोदी सरकार का अगला कदम क्या होगा...?

    अनुच्छेद 370 तो हट गया, अब मोदी सरकार का अगला कदम क्या होगा...?

    15 अगस्त को RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दुर्लभ तरीके से बेहद उदार शब्दों में अनुच्छेद 370 को हटाकर कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के लिए प्रधानमंत्री की सार्वजनिक रूप से सराहना की. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनावी नारे का इस्तेमाल करते हुए RSS के सरसंघचालक ने कहा, "अनुच्छेद 370 इसलिए गया, क्योंकि मोदी है, तो मुमकिन है..."

  • TikTok पर वायरल हुए 'अंकल-आंटी', पति को कहा- 'तू कंजूस है, पूरा मक्खीचूस है...' देखें Videos

    TikTok पर वायरल हुए 'अंकल-आंटी', पति को कहा- 'तू कंजूस है, पूरा मक्खीचूस है...' देखें Videos

    TikTok भारत में काफी पॉपुलर हो गया है. आंटी अंकल के लिए 'लहंगा 2' (Lehanga 2- Jass Manak) सॉन्ग पर लिप सिंकिंग कर रही है और अंकल को कंजूस कहती दिख रही हैं. कपल स्वाति कुक्कू सुन्नू (Swati kukku Sunnu) नाम के टिकटॉक अकाउंट से वीडियो शेयर करते हैं.

  • कश्मीर पर कलंक, कांग्रेस शनिवार को फिर कर सकती है अपना नुकसान

    कश्मीर पर कलंक, कांग्रेस शनिवार को फिर कर सकती है अपना नुकसान

    यदि भारत में कोई अभी भी नतीजों में रुचि रखता है, तो कांग्रेस अंततः आने वाले शनिवार को यह तय कर सकती है कि उसका अगला अध्यक्ष कौन होगा जो कि राहुल गांधी की जगह लेगा. राहुल गांधी लगभग तीन महीने पहले पद छोड़ चुके हैं.

  • अध्‍यक्ष पद के लिए कांग्रेस के पास सिर्फ एक नाम 'प्रियंका गांधी'

    अध्‍यक्ष पद के लिए कांग्रेस के पास सिर्फ एक नाम 'प्रियंका गांधी'

    आपकी नजर में राहुल गांधी जैसे अध्‍यक्ष का विकल्‍प कौन होगा? अगर आप किसी ऐसी पार्टी के सदस्‍य हैं जिसपर वंशवाद हावी रहा है या जिसे कांग्रेस के नाम से जाना जाता है, तो एक मात्र विकल्‍प होंगी उनकी बहन, प्रियंका गांधी. कांग्रेस में पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह जैसे कामयाब जननेता इन दिनों विरले ही देखने को मिलते हैं. अब उन्‍होंने भी प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी अध्‍यक्ष बनाए जाने की शशि थरूर की मांग का समर्थन कर दिया है.

  • कर्नाटक पर येदियुरप्पा ने ऐसे हासिल कर लिया अमित शाह का भरोसा...

    कर्नाटक पर येदियुरप्पा ने ऐसे हासिल कर लिया अमित शाह का भरोसा...

    तीन बार कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बने येदियुरप्‍पा कभी भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके. आखिरी बार साल 2018 में केवल दो दिन के लिए मुख्‍यमंत्री बने येदियुरप्‍पा अपनी चौथी पारी में किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते. येद्दी के नाम से मशहूर येदियुरप्‍पा ने शुक्रवार को अकेले शपथ ली.

  • अमित शाह फिर कामयाब, कांग्रेस खस्ताहाल

    अमित शाह फिर कामयाब, कांग्रेस खस्ताहाल

    कांग्रेस के सामने इस समय बहुत बड़ा संकट मौजूद है - राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी का स्थान कौन लेगा - सो, उसके पास अपनी गिनी-चुनी सरकारों में से एक के गिर जाने के बारे में गंभीरता से सोचने का वक्त तक नहीं है. कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व का कर्नाटक इकाई को भेजा गया संदेश है - हमें परवाह नहीं, अगर आपकी सरकार गिर जाती है, क्योंकि जब तक हम शीर्षहीन हैं, हम राहुल गांधी की टाल-मटोल की नीति का ही पालन करते रहेंगे.

  • कांग्रेस के लिए अकेले लड़ाई लड़ रहे डीके शिवकुमार

    कांग्रेस के लिए अकेले लड़ाई लड़ रहे डीके शिवकुमार

    कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार को "संकट मोचन" कहते हैं. और, आज कर्नाटक के यह दिग्गज नेता मुंबई के रेनिसेंस होटल के बाहर पार्टी के एक मात्र व्यक्ति के रूप में दिखाई दिए. वे उन बागी विधायकों से मिलने के लिए बारिश में घंटों इंतजार करते रहे जिनके इस्तीफे से कर्नाटक सरकार गिरने की स्थिति में आ चुकी है.

  • राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास कोई 'प्लान बी' नहीं...

    राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास कोई 'प्लान बी' नहीं...

    एक ओर राहुल गांधी ने जहां अपने फैसलों पर अडिग रहकर राजनीति में अपनी विश्‍वसनीयता को बनाए रखा, तो वहीं दूसरी ओर उनके इस दृढ़ निश्‍चय ने उनकी ही पार्टी की 'दयनीय' हालत की तरफ सबका ध्‍यान खींचा है.

  • राहुल गांधी के मिजाज से मुश्‍क‍िल में कांग्रेस

    राहुल गांधी के मिजाज से मुश्‍क‍िल में कांग्रेस

    अगर राहुल पद छोड़ने के प्रति गंभीर हैं तो उन्हें अब एक काम करने की जरूरत है कि वह रास्ता साफ करें और एक नेता को आगे लाएं जो कमियों को दूर करके जल्दी से आगे बढ़ सकता है.

  • राहुल पद छोड़ना चाहते हैं, उन्हें क्या सलाह दे रहीं सोनिया और प्रियंका

    राहुल पद छोड़ना चाहते हैं, उन्हें क्या सलाह दे रहीं सोनिया और प्रियंका

    अगले माह अपना 49वां जन्मदिन मनाने से पहले आम चुनाव में बीजेपी के हाथों धूल चाटने की पीड़ा झेल रहे राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने के अपने उस फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए तैयार नहीं हैं जिसके बारे में उन्होंने शनिवार को पार्टी को अवगत कराया था.

  • क्या हैं गठबंधन के पॉवरप्ले में सोनिया गांधी की वापसी के मायने...

    क्या हैं गठबंधन के पॉवरप्ले में सोनिया गांधी की वापसी के मायने...

    विपक्ष की राजनीति के इस दौर में नए साझीदार तलाशने के लिए उठाया गया यह पहला कदम है, और काफी अहम है, क्योंकि हाल ही में दक्षिण भारत की राजनीति के मज़बूत चेहरे और तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) प्रमुख एम.के. स्टालिन से मुलाकात की, ताकि यह चर्चा की जा सके कि एक हफ्ते में ही घोषित होने जा रहे चुनाव परिणाम के बाद कौन किसके साथ गठबंधन करेगा. बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती जैसे अन्य विपक्षी नेताओं ने तो देश के प्रशासन के शीर्ष पद पर विराजने की अपनी महत्वाकांक्षाओं को ज़ाहिर करने में कतई संकोच भी नहीं किया है.

  • नीतीश कुमार ने खुद ही लिख डाला अपनी कहानी का दुखद मोड़

    नीतीश कुमार ने खुद ही लिख डाला अपनी कहानी का दुखद मोड़

    68 वर्षीय नीतीश कुमार को लगातार साझीदार बदलते रहने की वजह से भारतीय राजनीति में बेहद कमतर माना जाने लगा है. भले ही वो अब भी बिहार के मुख्‍यमंत्री हों लेकिन पिछले महीने के आखिर में पीएम मोदी के साथ एक ही मंच पर उनके बुझे हुए चेहरे ने उनकी दशा जाहिर कर दी.

  • फिलहाल, मायावती को साथ लाने का दांव पीएम मोदी के लिए पड़ा उल्टा

    फिलहाल, मायावती को साथ लाने का दांव पीएम मोदी के लिए पड़ा उल्टा

    हो सकता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके राजनीतिक बयान आमतौर पर उल्टे न पड़ते हों लेकिन एक पासा उल्टा पड़ ही गया.  उन्होंने बयान दिया कि मायावती को कांग्रेस और उनके साथ गठबंधन कर चुके अखिलेश यादव आपस में साठगांठ करके उनको धोखा दिया है, लेकिन उनके इस बयान को एक दिन बाद ही मायावती ने ही पूरी तरह खारिज कर दिया. इतना ही नहीं मायावती ने अपने समर्थकों से अपील कर डाली कि वो रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस के शीर्ष नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पक्ष में वोट डालें. 

  • मोदी को ट्वीट कर राहुल गांधी ने सिखाया स्‍टेट्समैनशिप का पाठ...

    मोदी को ट्वीट कर राहुल गांधी ने सिखाया स्‍टेट्समैनशिप का पाठ...

    नेतृत्‍व का मतलब होता है कि आप दबाव का सामना कैसे करते हैं - एक महत्वपूर्ण लड़ाई में अपने विरोधी को बिना कोसे पूरी गरिमा और सम्‍मान के साथ. मेरे लिए, अपने दिवंगत पिता राजीव गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुच्‍छ टिप्‍पणी का जवाब देने के मामले में राहुल गांधी विजेता बनकर उभरे हैं.

  • आखिर नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी की जंग से पीछे क्यों हटीं प्रियंका गांधी वाड्रा...

    आखिर नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी की जंग से पीछे क्यों हटीं प्रियंका गांधी वाड्रा...

    अब यह कांग्रेस की आदत बन गई है कि वह सबसे बुरे हालात में पहुंचकर रुक जाती है. ताज़ातरीन उदाहरण है - कर्तव्यपरायण पुत्री ने परिवार के फैसले के सामने सिर झुका दिया है.

  • मायावती ने की तारीफ, अखिलेश यादव 'टाइगर बाम' की तरह

    मायावती ने की तारीफ, अखिलेश यादव 'टाइगर बाम' की तरह

    उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो बड़े दिग्गज मुलायम सिंह यादव और मायावती जब दशकों पुरानी दुश्मनी भुलाकर मैनपुरी की रैली में एक ही मंच पर आए तो उनकी तस्वीरें खूब वायरल हुईं देखी गईं.  दुश्मनी भुलाकर दोनों नेताओं ने अब उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी को रोकने की कोशिश करने की एक तरह से कसम खाई है. इन दोनों नेताओं को एक साथ लाने में मुलायम सिंह के बेटे और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने का बड़ा रोल रहा है. समाजवादी पार्टी की डिजिटल सेल का दावा है कि इन दोनों नेताओं की संयुक्त रैली ने यूट्यूब में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. लेकिन इस सबके होते हुए यह साफ नहीं है कि मुलायम  सिंह यादव और मायावती ने अपने-अपने कॉडर और वोटर को क्या संदेश दिया है जो कि एक दूसरे के विरोधी हैं. ऐसा लगता है कि कुछ खास नहीं. 

  • प्रज्ञा ठाकुर को चुनकर मोदी-शाह ने दिखा दिया, जीत के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं...

    प्रज्ञा ठाकुर को चुनकर मोदी-शाह ने दिखा दिया, जीत के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं...

    भोपाल में दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए BJP की पसंद हैं, 48-वर्षीय साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, जो हत्या, षड्यंत्र रचने और इससे भी ज़्यादा वर्ष 2008 में हुए मालेगांव बम ब्लास्ट केस की आरोपी हैं.

  • मायावती के रंग समझना आसान नहीं, विपक्ष के लिए बढ़ गया है सिरदर्द...

    मायावती के रंग समझना आसान नहीं, विपक्ष के लिए बढ़ गया है सिरदर्द...

    लग रहा है कि जिस तरह की 'लेन-देन की राजनीति' आज तक 'बहन जी' करती रही हैं, वह किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के साथ जा सकती हैं, जो 23 मई को आने वाले चुनाव परिणाम पर निर्भर करेगा.