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Unemployement


'Unemployement' - 148 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • नवजोत सिंह सिद्धू का BJP सरकार पर हमला, 'ना राम मिला, ना रोजगार.. हर गली में मोबाइल चलाता बेरोजगार मिला'

    नवजोत सिंह सिद्धू का BJP सरकार पर हमला, 'ना राम मिला, ना रोजगार.. हर गली में मोबाइल चलाता बेरोजगार मिला'

    सिद्धू ने बेरोजगारी मुद्दे को सामने लाया है और मीडिया के सामने कई आधिकारिक कंपनियों के आंकड़ों को पेश करते हुए दावा किया कि मोदी सरकार में नौवजवानों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ा.

  • नोटबंदी के बाद भारत में 50 लाख लोगों ने गंवाई नौकरी: रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    नोटबंदी के बाद भारत में 50 लाख लोगों ने गंवाई नौकरी: रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर ससटेनेबल एम्पलॉयमेंट द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 8 नवंबर 2016 की आधी रात लागू हुई नोटबंदी के बाद 50 लाख लोगों की नौकरियां चली गई हैं.

  • राहुल कहते हैं मार्च 2020 तक 20 लाख केंद्रीय पदों को भर देंगे, मोदी क्यों नहीं कहते ऐसा?

    राहुल कहते हैं मार्च 2020 तक 20 लाख केंद्रीय पदों को भर देंगे, मोदी क्यों नहीं कहते ऐसा?

    राहुल गांधी ने शिक्षा और सरकारी नौकरी से संबंधित दो बातें कही हैं. उन्होंने मालदा में कहा कि गांव और कस्बों में सरकारी कालेजों के नेटवर्क को दुरुस्त करेंगे. दूसरा सरकार में आने पर मार्च 2020 तक केंद्र सरकार के खाली पड़े 20 लाख पदों को भर देंगे. डेढ़ साल से नौकरी सीरीज़ और यूनिवर्सिटी सीरीज़ कर रहा हूं.

  • सिद्धू का पीएम मोदी पर निशाना, बोले- जिन्हें हम हार समझे थे गले में सजाने को, वही अब नाग बन बैठे हैं काट खाने को

    सिद्धू का पीएम मोदी पर निशाना, बोले- जिन्हें हम हार समझे थे गले में सजाने को, वही अब नाग बन बैठे हैं काट खाने को

    नवजोत सिंह सिद्धू ने पीएम (PM Narendra Modi) का यह वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है, ''जिन्हें हम हार समझे थे, गला अपना सजाने को, वही अब नाग बन बैठे हमारे काट खाने को''

  • राहुल गांधी का ऐलान- सत्ता में आए तो अगले साल 31 मार्च तक भर देंगे 22 लाख वैकेंसी

    राहुल गांधी का ऐलान- सत्ता में आए तो अगले साल 31 मार्च तक भर देंगे 22 लाख वैकेंसी

    राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट किया, ‘आज सरकार में 22 लाख नौकरी की रिक्तियां हैं. हम 31 मार्च 2020 तक इन रिक्तियों को भरेंगे.’ उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के लिए केंद्र द्वारा प्रत्येक राज्य सरकार को धनराशि हस्तांतरण को भरे जाने वाले इन रिक्त पदों से जोड़ा जाएगा.

  • मेरा नंबर भारत का इमरजेंसी नंबर, रेल मंत्री जी कुछ काम भी कीजिए, लोगों की सुन लीजिए

    मेरा नंबर भारत का इमरजेंसी नंबर, रेल मंत्री जी कुछ काम भी कीजिए, लोगों की सुन लीजिए

    अच्छा भी लगता है कि लोग इस काबिल समझते हैं कि मुसीबत के वक्त फोन करने लगते हैं. बुरा लगता है कि सबके काम नहीं आ पाता हूं. दिल पर पत्थर रखते हुए इस नंबर को अब बंद करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है. हर फोन कॉल नए सिरे से उदास कर जाता है. आख़िर एक के बाद एक इस तरह की बातों को सुनकर कैसे खुश रहे.

  • वित्त वर्ष 2012 से लेकर 2018 तक 2 करोड़ लोग हुए बेरोजगार : एनएसएसओ

    वित्त वर्ष 2012 से लेकर 2018 तक 2 करोड़ लोग हुए बेरोजगार : एनएसएसओ

    राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2011-12 से लेकर वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान पांच साल में देश में पुरुष कार्यबल में करीब दो करोड़ की कमी आई. एनएसएस की इस रिपोर्ट को हाल ही में सरकार ने दबा दिया. एनएसएसओ की आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) रिपोर्ट 2017-18 की समीक्षा में बताया गया है कि वर्ष 2017-18 के दौरान सिर्फ 28.6 करोड़ पुरुष देश में रोजगार में थे जबकि 2011-12 में 30.4 करोड़ पुरुष रोजगार में थे. यह समीक्षा अभी सार्वजनिक नहीं हुई है. 

  • सरकारी रिपोर्ट से हुआ खुलासा, छह साल में दो करोड़ लोग हुए बेरोजगार

    सरकारी रिपोर्ट से हुआ खुलासा, छह साल में दो करोड़ लोग हुए बेरोजगार

    राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2011-12 से लेकर वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान पांच साल में देश में पुरुष कार्यबल में करीब दो करोड़ की कमी आई.

  • हमारी पार्टियों के लिए बेरोज़गारी कोई मुद्दा है?

    हमारी पार्टियों के लिए बेरोज़गारी कोई मुद्दा है?

    2019 के चुनाव में बेरोज़गारी की बात बहुत हो रही है, मगर इस पर न तो सरकार की तरफ से कुछ ठोस आ रहा है और न ही विपक्ष की तरफ से. पक्ष और विपक्ष की उदासीनता के बीच बेरोज़गारों को भी समझ नहीं आ रहा है कि वे अपने मुद्दों का क्या करें. 20 मार्च के इंडियन एक्सप्रेस में जे मजूमदार की खबर छपी है. इस खबर के अनुसार वर्क फोर्स यानी काम करने वालों की तादाद में तेज़ी से गिरावट आई है. पांच साल पहले की तुलना में इस वक्त कम लोग काम पर लगे हुए हैं. 1993-94 के बाद पहली बार आई कार्य बल में गिरावट आई है.

  • बेरोजगारी पर सवाल पूछना युवक को पड़ा भारी, कैमरों के सामने ही बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कर दी पिटाई

    बेरोजगारी पर सवाल पूछना युवक को पड़ा भारी, कैमरों के सामने ही बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कर दी पिटाई

    उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक युवक को बेरोजगारी पर सवाल करना भारी पड़ गया. चुनावी माहौल में सवाल पूछने वाले युवक की भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पिटाई कर दी. घटना गुरुवार की है. इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है. दरअसल यह घटना एक टीवी चैनल के शूट के दौरान की है. पीड़ित युवक एक छात्र है. बताया जा रहा है कि टीवी शो के शूट के दौरान युवक ने बीजेपी सरकार के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी तो वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ता नाराज हो गए और उसकी पिटाई शुरू कर दी.

  • आसमान छूती बेरोज़गारी, राष्ट्रवाद के सहारे हवा हवाई प्रधानमंत्री मोदी

    आसमान छूती बेरोज़गारी, राष्ट्रवाद के सहारे हवा हवाई प्रधानमंत्री मोदी

    आप समझ सकते हैं कि क्यों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेरोज़गारी पर बात नहीं कर रहे हैं. पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक उनके लिए बहाना बन गया है. देश प्रेम-देश प्रेम करते हुए चुनाव निकाल लेंगे और अपनी जीत के पीछे भयावह बेरोज़गारी छोड़ जाएंगे. प्रधानमंत्री का एक ही देश प्रेम है जो चुनाव में जीत प्रेम है. मोदी सरकार के पांच साल में शिक्षा क्षेत्र का कबाड़ा हुआ. जो यूपीए के समय से होता चला आ रहा था.

  • किसानों, मज़दूरों के मुद्दे मीडिया से ग़ायब क्यों?

    किसानों, मज़दूरों के मुद्दे मीडिया से ग़ायब क्यों?

    रेलवे के ग्रुड-डी के नतीजे आए हैं, बड़ी संख्या में परीक्षार्थी रेल मंत्री पीयूष गोयल की टाइम लाइन पर लिख रहे हैं कि जो अंक मिले हैं उसकी प्रक्रिया जानना चाहते हैं. मुझे भी बहुत से मैसेज आए हैं कि 100 अंक के पेपर में किसी को 110 या 148 नंबर कैसे मिल सकते हैं. नौजवान किसी नॉर्मलाइज़ेशन की बात कर रहे थे, जिसके कारण ऐसा हुआ है, उनके मन में तरह-तरह के सवाल हैं. एक सवाल यही कि पहले मूल अंक दिखाना चाहिए फिर नॉर्मलाइज़ेशन के अंक को जोड़कर औसत अंक बताना चाहिए. बेहतर है कि रेल मंत्री या रेल मंत्रालय छात्रों को प्रक्रिया के बारे में बताए और उनके सवालों के जवाब दे. वे काफी परेशान हैं. कई बार हम ये सोचते हैं कि जिनका नहीं हुआ है वही हल्ला कर रहे हैं, तब भी परीक्षा की विश्वसनीयता के लिए ज़रूरी है कि प्रक्रिया के बारे में सबको बताया जाए.

  • बेरोज़गारी के आंकड़े क्यों छुपा रही है सरकार?

    बेरोज़गारी के आंकड़े क्यों छुपा रही है सरकार?

    बेरोज़गारी से ही कहना होगा कि अगर वह कहीं है तो सरकार को दिख जाए. क्योंकि सरकार के पास नौकरियों के जो आंकड़े हैं उससे लगता है कि बेरोज़गार नौकरी लेकर मुझसे व्हाट्सऐप मैसेज से मज़ाक करते रहते हैं कि हमारी ख़बर दिखा दीजिए.

  • बेरोजगारी के आंकड़ों की कोई ड्राफ्ट रिपोर्ट नहीं, फाइनल रिपोर्ट आई: सांख्यिकी आयोग के पूर्व प्रमुख

    बेरोजगारी के आंकड़ों की कोई ड्राफ्ट रिपोर्ट नहीं, फाइनल रिपोर्ट आई: सांख्यिकी आयोग के पूर्व प्रमुख

    केंद्रीय सांख्यिकी आयोग के पूर्व प्रमुख पीसी मोहनन ने अचानक 28 जनवरी को पद छोड़ दिया. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि सरकार ने रोजगार पर NSSO (नेशनल सेंपल सर्वे ऑर्गनइजेशन) की रिपोर्ट जारी नहीं की. उन पर पद छोड़ने के लिए दबाव बनाया. उन्होंने दावा किया कि आयोग को क्रमश: परे किया जाने लगा. उन्होंने कहा कि जब NSSO की रिपोर्ट आई और हमने उसे 5 दिसंबर को एप्रूव किया तो वह जारी हो गई.

  • बेरोजगारी : नोएडा के लेबर चौक पर दिहाड़ी तलाशते पोस्ट ग्रेजुएट और ग्रेजुएट

    बेरोजगारी : नोएडा के लेबर चौक पर दिहाड़ी तलाशते पोस्ट ग्रेजुएट और ग्रेजुएट

    लेबर चौक सुनते ही अनपढ़ या कम पढ़े लिखे लोग आपके ज़ेहन में आते हैं. पर बेरोज़गारी की दौड़ में मास्टर्स से लेकर ग्रेजुएट्स तक आपको लेबर चौक पर मिलेंगे.

  • नीति आयोग ने दी सफाई, कहा- बेरोजगारी के ऊंचे आंकड़े दिखाने वाली NSSO की रिपोर्ट अंतिम नहीं

    नीति आयोग ने दी सफाई, कहा- बेरोजगारी के ऊंचे आंकड़े दिखाने वाली NSSO की रिपोर्ट अंतिम नहीं

    देश में बेरोजगारी दर 2017-18 में 45 साल के उच्च स्तर 6.1 प्रतिशत पर पहुंच जाने संबंधी रिपोर्ट को लेकर छिड़े विवाद के बीच सरकार ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) की यह रिपोर्ट अंतिम नहीं है.

  • 45 साल में सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी की रिपोर्ट से डर गई सरकार

    45 साल में सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी की रिपोर्ट से डर गई सरकार

    बिज़नेस स्टैंडर्ड के सोमेश झा ने इस रिपोर्ट की बातें सामने ला दी है. एक रिपोर्टर का यही काम होता है. जो सरकार छिपाए उसे बाहर ला दे. अब सोचिए अगर सरकार खुद यह रिपोर्ट जारी करे कि 2017-18 में बेरोज़गारी की दर 6.1 हो गई थी जो 45 साल में सबसे अधिक है तो उसकी नाकामियों का ढोल फट जाएगा. इतनी बेरोज़गारी तो 1972-73 में थी. शहरों में तो बेरोज़गारी की दर 7.8 प्रतिशत हो गई थी और काम न मिलने के कारण लोग घरों में बैठने लगे थे.

  • पिछले 45 साल में 2017-18 में सबसे ज्यादा रही बेरोजगारी, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    पिछले 45 साल में 2017-18 में सबसे ज्यादा रही बेरोजगारी, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय की पीएलएफएस की रिपोर्ट के मुताबिक देश में साल 2017-18 में बेरोजगारी दर पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा थी. अंग्रेजी अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड ने इस रिपोर्ट का खुलासा किया है. दिसंबर महीने में राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग द्वारा मंजूरी मिलने के बाद भी इस रिपोर्ट को जारी नहीं किया गया. इसके बाद आयोग के कार्यकारी चेयरपर्सन सहित दो सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया. सरकार के अंतरिम बजट से कुछ दिन पहले ही यह रिपोर्ट सामने आई है, ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले काफी विवाद हो सकता है. विपक्षी दल रोजगार के आंकड़ों को लेकर लगातार सरकार को निशाना बना रहे हैं.