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Uttar pradesh lok sabha


'Uttar pradesh lok sabha' - 663 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • SP-BSP गठबंधन टूटने की खबरों पर BJP का तंज, यूपी के डिप्टी सीएम ने कही यह बात...

    SP-BSP गठबंधन टूटने की खबरों पर BJP का तंज, यूपी के डिप्टी सीएम ने कही यह बात...

    यूपी में बना महागठबंधन लोकसभा चुनावों में अपने लक्ष्य पाने में नाकाम रहा और उसके बाद अब वह टूटता नज़र आ रहा है. इसके लेकर बीजेपी ने तंज कसा है. मायावती (Mayawati) के फैसले के बाद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, 'चुनाव के पहले जो गठबंधन हुआ था हार के बाद आज वह अंतिम सांसे, अंतिम हिचकियां ले रहा है, एक तरह से वह वेंटिलेटर पर है, कभी भी, वेंटिलेटर पर जो हिचकियां है वह और बढ़ सकती है.'

  • SP-BSP गठबंधन में दरार के बीच मायावती का बड़ा बयान- अखिलेश तो डिंपल को भी नहीं जीत दिला पाए, क्योंकि...

    SP-BSP गठबंधन में दरार के बीच मायावती का बड़ा बयान- अखिलेश तो डिंपल को भी नहीं जीत दिला पाए, क्योंकि...

    मायावती (Mayawati) ने टिप्पणी की कि अखिलेश अपनी पत्नी डिंपल यादव (Dimple Yadav) तक को नहीं जिता पाए. बता दें कि डिंपल यादव ने कन्नौज से चुनाव लड़ा था और बीजेपी (BJP) से हार गईं.

  • यूपी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भविष्यवाणी 100% सच साबित हुई, जानिये PM ने क्या कहा था? 10 बातें...

    यूपी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भविष्यवाणी 100% सच साबित हुई, जानिये PM ने क्या कहा था? 10 बातें...

    यूपी में बना महागठबंधन (Mahagathbandhan) पहले लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Elections) में अपने लक्ष्य पाने में नाकाम रहा और उसके बाद अब वह टूटता नज़र आ रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के साथ-साथ कई नेताओं ने बुआ-बबुआ की जोड़ी को चुनाव परिणाम के बाद टूटने की बात कही थी. बता दें कि दिल्ली में कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक में मायावती (Mayawati) ने साफ कर दिया कि विधानसभा की 11 सीटों पर होने वाले उपचुनावों में BSP अकेले लड़ेगी. वैसे ये भी एक नया चलन है, क्योंकि बीएसपी (BSP) आम तौर पर उपचुनाव लड़ने से अब तक परहेज करती रही है, लेकिन आज की बैठक में मायावती ने जो कुछ कहा, उससे साफ है कि वो नई राजनीतिक लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही हैं और गठबंधन उनके लिए अप्रासंगिक हो रहा है. बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले 12 जनवरी को उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो कट्टर प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने मिलकर आम चुनाव लड़ने का ऐतिहासिक फैसला लिया था, लेकिन चुनाव में इस गठबंधन को उम्मीद के मुताबिक कामयाबी नहीं मिली. बसपा के खाते में 10 सीटें आईं, जबकि सपा को 5 सीट से ही संतोष करना पड़ा. हालांकि गठबंधन तोड़ने का ऐलान अभी तक बसपा प्रमुख मायावती ने औपचारिक रूप से नहीं किया है. इन सबके बाद अब पीएम नरेंद्र मोदी की यह भविष्यवाणी सच साबित हो गई कि चुनाव बात यह गठबंधन टूट जाएगा. पीएम मोदी के साथ-साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चुनाव बाद इस गठबंधन के टूटने की बात कही थी.

  • सपा-बसपा की राह हुई अलग? इन 5 वजहों से टूट गया गठबंधन

    सपा-बसपा की राह हुई अलग? इन 5 वजहों से टूट गया गठबंधन

    समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच लोकसभा चुनाव से पहले हुए गठबंधन का अंत हो गया है. हालांकि इसकी कोई अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन मायावती ने 11 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अकेले दम पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर गठबंधन की स्‍थ‍िति साफ कर दी है. इस मसले पर अभी सपा की ओर से कोई बयान नहीं आया है. सपा-बसपा गठबंधन को पहले भी राजनीतिक विश्‍लेषक बेमेल समझौता बताते आ रहे थे. इस दौरान मायावती की चालाकी का भी जिक्र आया कि कैसे उन्‍होंने अखिलेश यादव के खाते में उन सीटों को दे दिया जिस पर उनकी जीत की कोई गुंजाइश नहीं बन पा रही थी. लखनऊ, गोरखपुर, बनारस, गाजियाबद जैसी लोकसभा सीटें इसके उदाहरण हैं. गठबंधन को लेकर सपा के संस्‍थापक और पूर्व मुख्‍यमंत्री मुलायम सिंह यादव खुश नहीं थे. अपनी नाराजगी उन्‍होंने साफ जाहिर कर दी थी. सपा से अलग होकर शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पार्टी बनाई और अपने उम्‍मीदवार सभी सीटों पर उतारे. शिवपाल यादव ने भी इस गठबंधन का मजाक उड़ाया था. गेस्‍ट हाउस कांड का भी जिक्र आया लेकिन कहा गया कि दोनों पार्टियां अब इस हादसे से उबर चुकी हैं. मंच पर मायावती के साथ मुलायम और अखिलेश की कई तस्‍वीरें सामने आईं. हालांकि एक चुनावी भाषण में मायावती यह कहने से नहीं चूकीं कि सपा के कार्यकर्ताओं को बसपा के लोगों से काफी कुछ सीखने की जरूरत है.

  • मायावती ने तोड़ा सपा से गठबंधन? कहा- यादव वोट ट्रांसफर नहीं हुए, विधानसभा उप चुनाव अकेले लड़ेगी बीएसपी

    मायावती ने तोड़ा सपा से गठबंधन? कहा- यादव वोट ट्रांसफर नहीं हुए, विधानसभा उप चुनाव अकेले लड़ेगी बीएसपी

    SP BSP alliance: बीएसपी सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने कहा है कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) में यादव वोट बीएसपी (BSP) के पक्ष में ट्रांसफर नहीं हुए हैं इसलिए बीएसपी अब उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर होने वाले विधानसभा उप चुनाव में अकेले लड़ेगी.

  • राजस्थान में कांग्रेस की करारी शिकस्त की जिम्मेदारी लेते हुए अशोक गहलोत को इस्तीफा दे देना चाहिए: दिनेश शर्मा

    राजस्थान में कांग्रेस की करारी शिकस्त की जिम्मेदारी लेते हुए अशोक गहलोत को इस्तीफा दे देना चाहिए: दिनेश शर्मा

    यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस के सफाए के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को हार की जिम्मेदारी लेते हुए त्यागपत्र दे देना चाहिए.

  • आने वाले पांच सालों में काशी विकास की दृष्टि से अद्भुत नगरी बनेगी : अमित शाह

    आने वाले पांच सालों में काशी विकास की दृष्टि से अद्भुत नगरी बनेगी : अमित शाह

    भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में अभी विकास की झलक मात्र दिखायी है और आने वाले पांच वर्षों में काशी विकास की दृष्टि से भी अद्भुत नगरी बनेगी.  वाराणसी से दोबारा सांसद बनने के बाद काशी आये मोदी के साथ यहां पहुंचे शाह ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा ‘‘मोदी ने काशी के विकास के लिए जो गहरी योजना बनायी है, अभी आपने उसकी एक ही झलक देखी है. मुझे पूरा भरोसा है कि मोदी के दूसरे कार्यकाल में काशी विकास की दृष्टि से भी विश्व की अद्भुत नगरी बनेगी.’’

  • समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ आखिर वही हुआ जिसका मार्च में लगाया गया था अंदाजा

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ आखिर वही हुआ जिसका मार्च में लगाया गया था अंदाजा

    लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा और बीएसपी के बीच सीटों का जिस तरह से बंटवारा  हुआ था उसे देखकर ऐसा लग गया था अखिलेश यादव मायावती की चतुराई समझ नहीं पाए हैं. एनडीटीवी ने 4 मार्च 2019 को ही सीटों का विश्लेषण कर अंदाजा लगाया गया था कि सपा की क्या हालत हो सकती है. रिपोर्ट में कहा गया था कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सीटों के बंटवारे में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बाजी मार ली है. शायद इस हालात को सपा के सबसे वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव भांप गए थे. यही वजह है कि उन्होंने टिकटों के गलत बंटवारे की बात कही थी. दरअसल सपा के खाते में कई सीटें ऐसी आई थीं जहां पर उसका प्रदर्शन पहले बहुत ही खराब था और सीट बंटवारे में मायावती ने वो सारी सीटें ले लीं, जहां जातीय गणित के लिहाज से जीत का भरोसा था.

  • लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार पर पार्टी में मंथन जारी

    लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार पर पार्टी में मंथन जारी

    लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी(सपा) को महज पांच सीटें मिली हैं. पिछले चुनाव में भी सपा को पांच सीटें मिली थीं. पिछले चुनाव में सपा अकेले चुनाव लड़ी थी. इस बार उसका दो दलों -बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रीय लोकदल (रालोद)- के साथ गठबंधन था. इस गठबंधन को अपराजेय माना जा रहा था. लेकिन ढाक के वही तीन पात. गठबंधन में बसपा को भले ही लाभ हुआ. उसने 10 सीटें जीत लीं, लेकिन बाकी दो दल जहां के तहां रह गए. मुलायम परिवार के तीन सदस्य चुनाव हार गए. रालोद अपने हिस्से की तीनों सीटें हार गया. इस चुनाव में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव क्रमश: आजमगढ़ और मैनपुरी से चुनाव जीतने में कामयाब रहे.

  • प्रचंड जीत के बाद PM मोदी ने काशी में कहा- मैं BJP का एक कार्यकर्ता, हर घर का मोदी चुनाव लड़ रहा था

    प्रचंड जीत के बाद PM मोदी ने काशी में कहा- मैं BJP का एक कार्यकर्ता, हर घर का मोदी चुनाव लड़ रहा था

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  उन पर फिर से विश्वास जताने पर लोगों का आभार व्यक्त करने और प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए वाराणसी पहुंच गए हैं. वाराणसी पहुंचने के बाद मोदी सड़क मार्ग से पुलिस लाइन से बांसफाटक तक जायेंगे. उनका काफिला शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरेगा. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों के अनुसार वह आज सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा करेंगे और बाद में अपनी पार्टी भाजपा के कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करेंगे.

  • Results 2019: राहुल गांधी ने समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि वह जनता के लिए ही समस्या बन गए थे: स्मृति ईरानी

    Results 2019: राहुल गांधी ने समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि वह जनता के लिए ही समस्या बन गए थे: स्मृति ईरानी

    Results 2019: स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने शुक्रवार को कहा कि उनकी जीत कोई 'राकेट विज्ञान' नहीं है, क्योंकि अमेठी के लोगों को ऐसा प्रतिनिधि चाहिये था जो उनके लिए अगले पांच साल काम कर सके.

  • Results 2019: ...तो इन वजहों से यूपी में फेल हो गया सपा-बसपा गठबंधन

    Results 2019: ...तो इन वजहों से यूपी में फेल हो गया सपा-बसपा गठबंधन

    लोकसभा चुनावों में सपा-बसपा गठबंधन यूपी में फेल हो गया. सपा को सिर्फ 5 सीटें मिलीं और बसपा को 10, जबकि यूपी में दलित, ओबीसी और मुस्लिम वोट करीब 78 फीसदी हैं लेकिन करीब 37 फीसद दलित और पिछड़ा वोट बीजेपी में चला गया.

  • Results 2019: PM मोदी के नए कैबिनेट में स्मृति ईरानी को मिल सकता है अमेठी जीत का इनाम

    Results 2019: PM मोदी के नए कैबिनेट में स्मृति ईरानी को मिल सकता है अमेठी जीत का इनाम

    नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में BJP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की. मोदी देश के पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में वापसी की है.

  • मजबूत महागठबंधन और गोरखपुर-फूलपुर के नतीजों से परेशान थी BJP,तब अमित शाह ने निकाला पुराना फॉर्मूला

    मजबूत महागठबंधन और गोरखपुर-फूलपुर के नतीजों से परेशान थी BJP,तब अमित शाह ने निकाला पुराना फॉर्मूला

    लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन को आपेक्षित सफलता नहीं मिली है. इन दलों की 80 सीटों पर जातिगत गोलबंदी की कोशिश सफल नहीं हो सकी. जातियों में बंटी इन दोनों पार्टियों का हर समीकरण धरातल पर नाकाम साबित हुआ. इस तरह सपा-बसपा गठबन्धन के जातीय समीकरण के मिथक ध्वस्त हो गए. दोनों दल राज्य में हो रहे परिवर्तन को समझने में नाकाम रहे. वे लोगों तक अपनी बात को जनता तक पहुंचाने में कामयाब नहीं हो सके. दलित, पिछड़ा और मुस्लिम वोटों की फिराक में हुए इस गठबन्धन के सारे गणित ध्वस्त हो गए. गठबन्धन में कांग्रेस को शामिल न करना भी कुछ हदतक नुकसानदायक गया है. कांग्रेस के उतारे प्रत्याशी किसी-किसी सीट पर सपा बसपा पर भारी पड़ते दिखे. वह इनके लिए सचमुच वोटकटवा साबित हुए हैं. लेकिन बीजेपी के लिए उत्तर प्रदेश में लड़ाई बिलकुल आसान नहीं थी. गोरखपुर-फूलपुर और कैराना में हुए उपचुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी के पक्ष में माहौल बिलकुल नहीं था.

  • उत्तर प्रदेश : मछलीशहर में बीएसपी से मात्र 181 वोटों से जीती BJP, पढ़ें ऐसी ही सीटें जहां कुछ भी हो सकता था

    उत्तर प्रदेश : मछलीशहर में बीएसपी से मात्र 181 वोटों से जीती BJP, पढ़ें ऐसी ही सीटें जहां कुछ भी हो सकता था

    उत्तर प्रदेश में बीजेपी तमाम कयासों और गढ़बंधन के चक्रव्यूह के बाद भी 62 सीटें  जीतने में कामयाब रही जबकि राजनीतिक पंडित 40 से ऊपर नहीं दे रहे थे.  इन 61 सीटों में तकरीबन 16 ऐसी सीटे हैं जो 50 हज़ार से काम की हार जीत वाली रहीं. जबकि 2 ऐसी है जो 50 हज़ार से ज़्यादा लेकिन 60 हज़ार कम की हार जीत वाली रहीं.  कहने का मतलब ये कि यहां कांटे की लड़ाई रही इस लड़ाई में भाजपा का पलड़ा ज़्यादा भारी रहा और नतीजों में बीजेपी 62, अपना दल 2, बसपा 10, सपा को 5 सीटें मिलीं. आपको बता दें कि अपना दल ने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ी हैं.

  • लोकसभा चुनाव : उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की बुरी हार, राज बब्बर ने यूपी अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

    लोकसभा चुनाव : उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की बुरी हार, राज बब्बर ने यूपी अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख राज बब्बर ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है. बब्बर ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है.

  • Election Results के बाद बोलीं मायावती: जनता के गले नहीं उतरे रहे नतीजे, EVM से उठा भरोसा, कुछ तो गड़बड़ है, सुप्रीम कोर्ट करे विचार

    Election Results के बाद बोलीं मायावती: जनता के गले नहीं उतरे रहे नतीजे, EVM से उठा भरोसा, कुछ तो गड़बड़ है, सुप्रीम कोर्ट करे विचार

    मायावती ने चुनाव के परिणाम (Election Results) आने के बाद शाम को मीडिया से कहा, 'देश के राजनीतिक इतिहास में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे हैं समाज के दलित उपेक्षित वर्गों की सत्ता में भागीदारी भी बढ़ी है लेकिन इसे भी अब ईवीएम के माध्यम से सत्ताधारी पार्टी (भाजपा एंड कंपनी) ने पूरे तौर से हाईजैक कर लिया है. ईवीएम से चुनाव कराने की यह कैसी व्यवस्था है जिसमें अनेकों प्रमाण हमारे सामने आये हैं इसलिये पूरे देश में ईवीएम का लगातार विरोध हो रहा है, और आज आये नतीजों के बाद से तो जनता का इस पर से काफी कुछ विश्वास ही खत्म हो जायेगा. जबकि इस मामले में देश की अधिकतर पार्टियों का चुनाव आयोग में यह कहना रहा है कि ईवीएम के बजाये बैलट पेपर से चुनाव करायें. चुनाव आयोग और बीजेपी को इस पर आपत्ति क्यों होती है. न तो चुनाव आयोग तैयार है और न ही भाजपा मानने को तैयार है तो इसका मतलब कुछ तो गड़बड़ है.'

  • Lok Sabha Election 2019: गिरिराज सिंह ने कन्हैया को दी विशाल अंतर से मात, पर मनोज सिन्हा की गाजीपुर में हार

    Lok Sabha Election 2019: गिरिराज सिंह ने कन्हैया को दी विशाल अंतर से मात, पर मनोज सिन्हा की गाजीपुर में हार

    गिरिराज को बेगूसराय में डाले गए कुल 12.17 लाख वोटों में से 6.88 लाख वोट मिले. जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष पद पर रहने के दौरान राजद्रोह के एक मुकदमे में गिरफ्तार किए जाने से पहली बार चर्चा में आए कन्हैया को 2.68 लाख वोट मिले