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'Vacant' - 42 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • ICAR ने खाली छोड़ीं 2500 से अधिक सीटें, RTI से हुआ खुलासा

    ICAR ने खाली छोड़ीं 2500 से अधिक सीटें, RTI से हुआ खुलासा

    एक आरटीआई से खुलासा हुआ है कि हजारों योग्यअभ्यर्थियों के होने के बावजूद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने अखिल भारतीय कोटे में से गत चार वर्षो के दौरान 2,500 से ज्यादा सीटें खाली छोड़ रखी है. भारत में कृषि शिक्षा को समन्वित करने के लिए आईसीएआर कृषि मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है. यह प्रवेश के लिए अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा(एआईईईए) के जरिए कृषि और इससे संबद्ध गतिविधियों(पशु चिकित्सा विज्ञान को छोड़कर) के क्षेत्र में स्नातक(यूजी) और परास्नातक(पीजी) के लिए पूरे देश में अपने सरकारी संस्थानों के लिए परीक्षाएं आयोजित करवाता है.

  • सुप्रीम कोर्ट का केंद्र से सवाल: सूचना आयोगों में खाली पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

    सुप्रीम कोर्ट का केंद्र से सवाल: सूचना आयोगों में खाली पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

    सूचना आयोगों में पदों की रिक्तियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से एक सप्ताह के भीतर सूचना आयोगों में रिक्तियों का विवरण दाखिल करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि इन रिक्तियों को भरने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? वहीं, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह आरटीआई अधिनियम में संशोधन कर रहा है.

  • आखिर कैसे रुकें रेल दुर्घटनाएं, जब पटरियों की मरम्मत करने वाले गैंगमैन के खाली हैं हजारों पद

    आखिर कैसे रुकें रेल दुर्घटनाएं, जब पटरियों की मरम्मत करने वाले गैंगमैन के खाली हैं हजारों पद

    पटरियों की चेकिंग से लेकर मरम्मत का कार्य जो गैंगमैन करते हैं, सिर्फ उनके 60 हजार से ज्यादा पद खाली हैं. वहीं अन्य स्तर के 1.31 पद खाली हैं. जिससे रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सही दिशा में रेलवे के प्लान आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. 

  • नौकरियों से परेशान युवा अब मुझे मैसेज भेजना बंद कर दें, प्रधानमंत्री को भेजें

    नौकरियों से परेशान युवा अब मुझे मैसेज भेजना बंद कर दें, प्रधानमंत्री को भेजें

    EPFO ने फिर से नौकरियों को लेकर डेटा जारी किया है. सितंबर 2017 से जुलाई 2018 के बीच नौकरियों के डेटा को EPFO ने कई बार समीक्षा की है. इस बार इनका कहना है कि 11 महीने में 62 लाख लोग पे-रोल से जुड़े हैं. इनमें से 15 लाख वो हैं जिन्होंने EPFO को छोड़ा और फिर कुछ समय के बाद अपना खाता खुलवा लिया. यह दो स्थिति में होता है. या तो आप कोई नई संस्था से जुड़ते हैं या बिजनेस करने लगते हैं जिसे छोड़ कर वापस फिर से नौकरी में आ जाते हैं.

  • सरकारी नौकरियों में ज्वाइनिंग में देरी क्यों?

    सरकारी नौकरियों में ज्वाइनिंग में देरी क्यों?

    मुझे पता है कि आज भी नेताओं ने बड़े-बड़े बयान दिए हैं. बहस के गरमा गरम मुद्दे दिए हैं. लेकिन मैं आज आपको सुमित के बारे में बताना चाहता हूं. इसलिए बता रहा हूं ताकि आप यह समझ सकें कि इस मुद्दे को क्यों देश की प्राथमिकता सूची में पहले नंबर पर लाना ज़रूरी है. सुमित उस भारत के नौजवानों का प्रतिनिधित्व करता है जिसकी संख्या करोड़ों में है. जिन्हें सियासत और सिस्टम सिर्फ उल्लू बनाती है. जिनके लिए पॉलिटिक्स में आए दिन भावुक मुद्दों को गढ़ा जाता है, ताकि ऐसे नौजवानों को बहकाया जा सके. क्योंकि सबको पता है कि जिस दिन सुमित जैसे नौजवानों को इन भावुक मुद्दों का खेल समझ आ गया उस दिन सियासी नेताओं का खेल खत्म हो जाएगा. मगर चिंता मत कीजिए. इस लड़ाई में हमेशा सियासी नेता ही जीतेंगे. उन्हें आप बदल सकते हैं, हरा नहीं सकते हैं. इसलिए सुमित जैसे नौजवानों को हार जाना पड़ता है.

  • सरकारी नौकरियों की भर्ती में सालों क्यों लगते हैं?

    सरकारी नौकरियों की भर्ती में सालों क्यों लगते हैं?

    हर दिन सोचता हूं कि अब नौकरी सीरीज़ बंद कर दें. क्योंकि देश भर में चयन आयोग किसी गिरोह की तरह काम कर रहे हैं. उन्होंने नौजवानों को इस कदर लूटा है कि आफ चाह कर भी सबकी कहानी नहीं दिखा सकते हैं. नौजवानों से फॉर्म भरने कई करोड़ लिए जाते हैं, मगर परीक्षा का पता ही नहीं चलता है. देश में कोई भी खबर होती है, ये नौजवान दिन रात अपनी नौकरी को लेकर ही मैसेज करते रहते हैं. मेरी नौकरी, मेरी परीक्षा का कब दिखाएंगे. परीक्षा देकर नौजवान एक साल से लेकर तीन साल तक इंतज़ार कर रहे हैं तो कई बार फॉर्म भरने के बाद चार तक परीक्षा का पता ही नहीं चलता है. यह सीरीज़ इसलिए बंद करना ज़रूरी है क्योंकि समस्या विकराल हो चुकी है. जब भी बंद करने की सोचता हूं किसी नौजवान की कहानी सुनकर कांप जाता हूं. तब लगता है कि आज एक और बार के लिए दिखा देते हैं और फिर सीरीज़ बंद नहीं कर पाता. 

  • मध्यप्रदेश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगलों का आवंटन किया निरस्त 

    मध्यप्रदेश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगलों का आवंटन किया निरस्त 

    न्यायमूर्ति हेमंत कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति ए के श्रीवास्तव की युगलपीठ ने जबलपुर के सिविल लाइन निवासी विधि छात्र रौनक यादव की तरफ से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया था. याचिकाकर्ता ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन शासकीय बंगला आवंटन किये जाने के खिलाफ यह याचिका दायर की थी.

  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, सूचना आयोग में बड़ी संख्या में खाली पद क्यों नहीं भरे जा रहे?

    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, सूचना आयोग में बड़ी संख्या में खाली पद क्यों नहीं भरे जा रहे?

    केंद्रीय सूचना आयोग और राज्य सूचना आयोग में नियुक्तियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की. कोर्ट ने नियुक्ति में देरी के लिए केंद्र और 8 राज्यों को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने केंद्र से पूछा है कि इतने पद खाली होने के बावजूद नियुक्तियां क्यों नहीं हो रहीं?

  • कई साल गुज़र जाते हैं परीक्षा के इंतज़ार में?

    कई साल गुज़र जाते हैं परीक्षा के इंतज़ार में?

    नौकरी सीरीज़ का 30वां अंक है. नेता और नौजवान आमने सामने हैं. नेता अपना मंच चुन लेते हैं और युवाओं पर भाषण दे देते हैं, नौजवान जब अपना मैदान चुनता है तो उनके बीच कोई नेता नज़र नहीं आता है. इस देश में आदमी का नंबर बन गया है मगर कितनी नौकरी मिलती है, कितनों की जाती है, इसका कोई ठोस आंकड़ा नहीं है. इसलिए गोलमोल की बात कर नेता गोलमाल कर जाते हैं.

  • परीक्षा व्यवस्था पर क्यों उठते हैं सवाल?

    परीक्षा व्यवस्था पर क्यों उठते हैं सवाल?

    नौकरी सीरीज़ का 29वां अंक हाज़िर है. दिल्ली में एसएससी मुख्यालय के बाहर हज़ारों छात्र धरने पर बैठे हैं तो पटना की सड़कों पर दारोगा की परीक्षा को लेकर लाठी खा रहे हैं. राजस्थान के अखबारों में वहां हो रही सिपाही की भर्ती को लेकर प्रश्न पत्रों के लीक होने की खबरें छप रही हैं. भारत में ईमानदार परीक्षा व्यवस्था का होना बहुत ज़रूरी है.

  • सरकारी भर्तियों पर वक़्त की पाबंदी क्यों नहीं?

    सरकारी भर्तियों पर वक़्त की पाबंदी क्यों नहीं?

    नौकरी सीरीज़ का 28वां अंक आ गया है. जहां परीक्षाएं हो रही है वहां धांधली और लीक की ख़बरें गुलज़ार हैं और जहां परीक्षा हो चुकी है वहां जांच की मांग और ज्वाइनिंग की तारीख की मांग हो रही है. अगर आप सरकारी नौकरी की भर्ती की परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे हैं तो साथ-साथ धरना प्रदर्शन की भी तैयारी कर लीजिए. जिस कॉपी में प्रैक्टिस करते हैं उसी के हाशिये पर पहले से ही मुर्दाबाद के नारे लिखना शुरू कर दीजिए.

  • संसदीय समिति ने कहा- रेलवे की खाली भूमि का हो वाणिज्यिक उपयोग 

    संसदीय समिति ने कहा- रेलवे की खाली भूमि का हो वाणिज्यिक उपयोग 

    समिति ने अपनी सिफारिश में कहा है कि रेलवे केवल रेल विकास भूमि प्राधिकरण को भूमि के वाणिज्यिक विकास का काम सौंपने की बजाए अन्य गैर परंपरागत तरीकों पर विचार करे.

  • नौकरी देने से क्यों बचती है सरकार?

    नौकरी देने से क्यों बचती है सरकार?

    नौकरी सीरीज़ का 24वां अंक आप देख रहे हैं. झारखंड, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र के छात्र लगातर हमें भांति-भांति की परीक्षाओं में होने वाली देरी और धांधली के बारे में लिख रहे हैं. हमने कई बार कहा है कि हमारे पास संसाधनों की कमी है. बहुत सी परीक्षाओं को हम कवर भी नहीं कर पाए हैं, लेकिन कोशिश है कि सबका ज़िक्र हो जाए और नौकरी सीरीज़ एक ऐसा डेटा बैंक बन जाए जिसे देखते ही आपको भारत में नौकरियां देने वाले आयोगों की रिपोर्ट मिल जाए.

  • नौजवानों के करियर से खेलते चयन आयोग

    नौजवानों के करियर से खेलते चयन आयोग

    हम नौकरी सीरीज़ के 23वें अंक पर आ गए हैं. यात्रा आगे भी जारी रहेगी. अगर सारे राज्यों से डेटा मंगाएं तो पता चलेगा कि लाख से ज़्यादा नौकरियां कोर्ट केस में फंसी हैं. ज़रूरी नहीं कि कोर्ट के कारण ही लंबित हों, कई बार जांच पूरी न होने के कारण भी ये नौकरियां फंसी हुई हैं.

  • नौकरी सीरीज का 22वां अंक : सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की सुस्ती टूटी?

    नौकरी सीरीज का 22वां अंक : सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की सुस्ती टूटी?

    नौकरी सीरीज़ का 22वां अंक आप देखने जा रहे हैं. सिस्टम के भीतर सड़न और मौसम नहीं बदलता है. सरकार बदलती है जो बादलों की तरह उड़ती हुई आती है और धूप छांव खेलती हुई चली जाती है. जिस सिस्टम के कमरों में बैठने के लिए नेता सारा ज़ोर लगा देते हैं वही अब पूछते हैं कि नौजवान सरकार की नौकरी के भरोसे क्यों बैठे हैं. सरकार यह नहीं कहती है कि हमारा भरोसा मत रखो, हम नौकरी नहीं देंगे, उल्टा भरोसा रखने वाले से ही पूछती है कि ये तो बताओ की तुम हम पर भरोसा क्यों करते हो. नौजवानों ने कभी पूछा नहीं कि तुम भी तो बताओ कि सरकार में जाने के लिए फिर क्यों दिन रात मरते हो. सवालों के दौर में इस राजनीति के पास कोई आइडिया नहीं बचा है. वह लगातार थीम की तलाश में है जिसपर बहस हो सके.

  • बेरोज़गारी दूर करने को लेकर सरकार की नीति क्या?

    बेरोज़गारी दूर करने को लेकर सरकार की नीति क्या?

    नौकरी सीरीज़ का 17वां अंक है. आख़िरकार भारतीय रेलवे को यह बात समझ में आ गई कि परीक्षा का शुल्क 500 रुपये रखने का कोई तुक नहीं था. अब फैसला हुआ है कि परीक्षा के बाद 400 रुपये वापस कर दिए जाएंगे. आरक्षित श्रेणी के छात्रों को भी 250 रुपये वापस कर दिए जाएंगे. जब आप आईएएस के इम्तहान का फार्म 100 रुपये में भर रहे हैं तो रेलवे के ग्रुप डी की परीक्षा का फार्म 500 रुपये में क्यों भरेंगे, बहरहाल रेलवे को यह बात समझ आ गई है.

  • राजस्थान सरकार इस साल देगी 1.08 लाख नौकरी, सीएम ने की घोषणा

    राजस्थान सरकार इस साल देगी 1.08 लाख नौकरी, सीएम ने की घोषणा

    सरकार द्वारा चलाई जाने वाली आईटीआई में 22500 सीटें शामिल की जाएंगी. तकनीक की ट्रेनिंग के लिए 23 करोड़ रुपये की लागत से प्रोफेशनल्स की तैनाती की जाएगी.

  • सरकारी नौकरियां हैं कहां - भाग 13

    सरकारी नौकरियां हैं कहां - भाग 13

    रोज़गार के सवाल को पकौड़ा तलने का रूपक मिल जाए और रूपक गढ़ने वाले आर्कमिडिज़ का फार्मूला समझ कर उस पर कायम रहे तो रोज़गार को लेकर मारे मारे फिर रहे नौजवानों की चुनौतियां और बढ़ जाती हैं. वो अपने रोज़गार और उसे देने की सरकारी व्यवस्था को लेकर सवाल पूछ रहे हैं मगर पूछने से पहले उन्हें पकौड़े का फार्मूला थमा दिया जा रहा है.