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'Verdict' - 297 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • केजरीवाल सरकार Vs एलजी : दिल्ली पर किसका 'राज', सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला आज

    केजरीवाल सरकार Vs एलजी : दिल्ली पर किसका 'राज', सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला आज

    सुप्रीम कोर्ट दिल्ली सरकार बनाम उप राज्यपाल (LG) मामले में अधिकारों को लेकर गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाएगा. जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच फैसला सुनाएगी. दस याचिकाओं पर फैसला आएगा.

  • 13 साल में 3-3 जांच एजेंसियों और अदालती मुकदमे के बाद भी नहीं उठ पाया सोहराबुद्दीन की मौत से पर्दा!

    13 साल में 3-3 जांच एजेंसियों और अदालती मुकदमे के बाद भी नहीं उठ पाया सोहराबुद्दीन की मौत से पर्दा!

    इतना ही नहीं तो जज ने तुलसी प्रजापति की पुलिस मुठभेड़ में मौत को सही पाया लेकिन सोहराबुद्दीन शेख के कथित एनकाउंटर को अनसुलझा ही छोड़ दिया. दोनों मुठभेड़ों में कोई लिंक नहीं साबित होने का हवाला दे कथित साजिश की पूरी कहानी को ही दरकिनार कर दिया. पर ये नहीं बताया कि सोहरबुद्दीन को किसने मारा और कौसर बी की मौत कैसे हुई? अलबत्ता तीनों की मौत का दुख जरूर जताया. सवाल है जब मौत हुई है तो किसी ने तो मारा है पर 13 साल में सीआईडी, सीबीआई की जांच और अदालती मुकदमे के बाद भी इसका खुलासा नहीं हो पाया. आखिर क्यों?

  • रामचंद्र छत्रपति: वह पत्रकार जिसने राम रहीम के काले कारनामों का किया था भंडाफोड़, जानें पूरा केस

    रामचंद्र छत्रपति: वह पत्रकार जिसने राम रहीम के काले कारनामों का किया था भंडाफोड़, जानें पूरा केस

    छत्रपति ने अपने अखबार ‘पूरा सच’ (Poora Sach) में एक पत्र प्रकाशित किया था, जिसमें यह बताया गया था कि डेरा मुख्यालय में राम रहीम किस प्रकार महिलाओं का यौन उत्पीड़न कर रहे हैं. गुमनाम साध्वी की यह वो चिट्ठी थी, जिसमें राम रहीम के खिलाफ तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से गुहार की गई थी. इसके बाद छत्रपति को 24 अक्टूबर 2002 को गोली मार दी गई थी. गंभीर रूप से घायल होने के कारण पत्रकार की बाद में मौत हो गई थी और 2003 में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था. इस मामले को 2006 में सीबीआई को सौंप दिया गया था. जिसने जुलाई 2007 में आरोप पत्र दायर किया था.

  • पत्रकार हत्या मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा

    पत्रकार हत्या मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा

    Gurmeet Ram Rahim Singh Verdict Updates: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई. राम रहीम के साथ-साथ तीन अन्य दोषियों को भी उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया.

  • NEWS FLASH: सीबीआई से राकेश अस्‍थाना का हुआ तबादला, तीन अन्‍य अफसरों का भी ट्रांसफर

    NEWS FLASH: सीबीआई से राकेश अस्‍थाना का हुआ तबादला, तीन अन्‍य अफसरों का भी ट्रांसफर

    देश-दुनिया की राजनीति, खेल एवं मनोरंजन जगत से जुड़े समाचार इसी एक पेज पर जानें...

  • राहुल गांधी बोले- राफेल की जांच करने वाले थे CBI चीफ, इसलिए उन्हें आधी रात को हटाया गया, अभी थोड़ा न्याय मिला

    राहुल गांधी बोले- राफेल की जांच करने वाले थे CBI चीफ, इसलिए उन्हें आधी रात को हटाया गया, अभी थोड़ा न्याय मिला

    राहुल गांधी ने कहा कि सीबीआई चीफ आलोक वर्मा राफेल घोटाले (Rafale Deal) की जांच करने वाले थे, इसलिए उन्हें आधी रात एक बजे हटा दिया गया. राहुल ने कहा, 'अब उनकी बहाली हो गई है. थोड़ा तो न्याय मिला, अब देखते हैं आगे क्या होता है.' इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी राफेल मुद्दे से नहीं भाग सकते, उन्हें राफेल से कोई भी नहीं बचा सकता. सरकार ने अनिल अंबानी की मदद की है, इसके पूरे सबूत हैं.'

  • CBI vs CBI: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार की सफाई: हमने CVC की सिफारिश पर भेजा था छुट्टी

    CBI vs CBI: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार की सफाई: हमने CVC की सिफारिश पर भेजा था छुट्टी

    केंद्र सरकार द्वारा इस फैसले पर सफाई आई है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि हमने कुछ नहीं किया, हमने सीवीसी की सिफारिश पर छुट्टी पर भेजा था. उन्होंने कहा कि हमने सीबीआई की स्वतंत्रता, विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए सीवीसी की सिफारिश ईमानदारी से मानी थी और सीबीआई अधिकारी को छुट्टी पर भेजा था.

  • CBI vs CBI: केजरीवाल बोले- SC का फैसला प्रधानमंत्री पर कलंक, जानें- किसने क्या कहा?

    CBI vs CBI: केजरीवाल बोले- SC का फैसला प्रधानमंत्री पर कलंक, जानें- किसने क्या कहा?

    कोर्ट ने कहा है कि वर्मा अभी नीतिगत फैसले नहीं ले पाएंगे, अभी वे रोजाना के कामकाज में प्रशासनिक फैसले ही लेंगे. सुप्रीम कोर्ट का फैसला अभी सीजेआई, प्रधानमंत्री और नेता विपक्ष वाली सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाएगा. सेलेक्ट कमेटी आगे का फैसला लेगी कि वर्मा को पद से हटाया जाए या नहीं.

  • सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को मिली दफ्तर जाने की इजाजत, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 8 बड़ी बातें

    सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को मिली दफ्तर जाने की इजाजत, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 8 बड़ी बातें

    सीबीआई में रिश्वत कांड के बाद CBI चीफ आलोक वर्मा को जबरन छुट्टी पर भेजे जाने का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि आलोक वर्मा अभी कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकते हैं. वह अपने दफ्तर जा सकते हैं. आपको बता दें कि सीबीआई में विवाद उस समय शुरू हुआ था जब सीबीआई के दूसरे नंबर के अधिकारी राकेश अस्थाना पर रिश्वत लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी. यह अपने आप में पहली बार था जब सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर पर सीबीआई ने ही केस दर्ज किया हो. लेकिन इस कार्रवाई के बाद राकेश अस्थाना ने भी चीफ पर 2 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप लगा दिया. यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप झेल रहे मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़ा था. इसके बाद दोनों अधिकारियों मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. फिलहाल इस मामले की सुनवाई अभी कोर्ट में है. आज जस्टिस संजय किशन कौल ने फैसला सुनाया है क्योंकि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई छुट्टी पर हैं. फैसले के वक्त जस्टिस जोसेफ भी मौजूद थे. फैसला तीनों जजों की सहमति से लिखा गया है.

  • CBI vs CBI मामला : SC ने निरस्त किया छुट्टी पर भेजने का फैसला, लेकिन नीतिगत फैसले नहीं लेंगे आलोक वर्मा

    CBI vs CBI मामला : SC ने निरस्त किया छुट्टी पर भेजने का फैसला, लेकिन नीतिगत फैसले नहीं लेंगे आलोक वर्मा

    सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का फैसला निरस्त कर दिया है. लेकिन साथ ही कहा है कि आलोक वर्मा कोई भी नीतिगत फैसला नहीं लेंगे. सुप्रीम कोर्ट का फैसला सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाएगा. आगे का फैसला सेलेक्ट कमेटी करेगी. सेलेक्ट कमेटी में प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष और सीजेआई होंगी.

  • राफेल मामला: सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल, फैसला वापस लेने और खुली अदालत में सुनवाई की मांग की

    राफेल मामला: सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल, फैसला वापस लेने और खुली अदालत में सुनवाई की मांग की

    याचिका में कहा गया है कि फैसले में कई त्रुटियां हैं. यह फैसला सरकार द्वारा अदालत को एक सीलबंद कवर में दिए गए एक अहस्ताक्षरित नोट में किए गए गलत दावों पर आधारित है, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है. साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि मामले में फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद कई नए तथ्य प्रकाश में आए हैं, जिनके आधार पर मामले की जड़ तक जाने की जरूरत है.

  • 'सोहराबुद्दीन मुठभेड़ फर्जी नहीं था', कोर्ट ने सभी 22 आरोपियों को बरी किया, पढ़ें मामले की 10 बड़ी बातें

    'सोहराबुद्दीन मुठभेड़ फर्जी नहीं था', कोर्ट ने सभी 22 आरोपियों को बरी किया, पढ़ें मामले की 10 बड़ी बातें

    सोहराबुद्दीन शेख और तुलसी प्रजापति मुठभेड़ मामले में आखिरकार 13 साल बाद सीबीआई की स्पेशल कोर्ट का फैसला आ गया. सीबीआई की विशेष अदालत ने अपने फैसले में किसी तरह की साजिश से इनकार करते हुए सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है. विशेष अदालत ने कहा कि है कि जो भी साक्ष्य और सबूत पेश किए गए, उसमें किसी तरह की साजिश नहीं दिखती. इस मामले में शुरुआत में कुल 38 आरोपी थे, लेकिन मुकदमा शुरू होने से पहले ही आरोपी नेता और IPS अधिकारी आरोप मुक्त हो गए. बचे 22 आरोपियों में 21 जूनियर पुलिसकर्मी और एक बाहरी व्यक्ति हैं. हालांकि, अब इस मामले में सभी को कोर्ट ने बरी कर दिया है. 

  • सोहराबुद्दीन मुठभेड़ केस में सभी 22 आरोपी बरी, सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला

    सोहराबुद्दीन मुठभेड़ केस में सभी 22 आरोपी बरी, सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला

    सोहराबुद्दीन मुठभेड़ केस में सभी 22 आरोपी बरी, सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला

  • सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस : घटना के 13 साल बाद आज अदालत का फैसला आने की संभावना

    सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस : घटना के 13 साल बाद आज अदालत का फैसला आने की संभावना

    सोहराबुद्दीन शेख-तुलसीराम प्रजापति कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 13 साल बाद शुक्रवार को फैसला आने की संभावना है. वर्ष 2005 के इस मामले में 22 लोग मुकदमे का सामना कर रहे हैं, जिनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं. यहां की एक विशेष सीबीआई अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है.

  • 1984 का सिख दंगाः हत्यारों से भरी ट्रेन पहुंची थी दिल्ली, किसी को काटा, किसी को जिंदा जलाया

    1984 का सिख दंगाः हत्यारों से भरी ट्रेन पहुंची थी दिल्ली, किसी को काटा, किसी को जिंदा जलाया

    1984 के सिख विरोधी दंगों(1984 anti sikh riots) में हाथ होने पर कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. जानिए इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए सिख दंगे की कहानी.

  • राफेल मुद्दा: कांग्रेस पर पलटवार को BJP तैयार, घेरने के लिए 70 शहरों में उतारेगी CMs और मंत्रियों की फौज

    राफेल मुद्दा: कांग्रेस पर पलटवार को BJP तैयार, घेरने के लिए 70 शहरों में उतारेगी CMs और मंत्रियों की फौज

    भाजपा ने मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों समेत अपने प्रमुख नेताओं को सोमवार को देश के 70 शहरों में कांग्रेस पर निशाना साधने के लिये तैनात किया है. पार्टी के मीडिया प्रमुख और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने कहा, 'राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट तरीके से सच्चाई बयां करने के बाद भाजपा केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस की साजिश और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ के उसके प्रयास का पर्दाफाश करेगी.'

  • मोदी सरकार की SC से गुहार: राफेल के आदेश में 'तथ्यात्मक गलती' को सुधार दीजिए, जानें 10 बड़ी बातें

    मोदी सरकार की SC से गुहार: राफेल के आदेश में 'तथ्यात्मक गलती' को सुधार दीजिए, जानें 10 बड़ी बातें

    राफेल डील (Rafale fighter jet deal) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले (Rafale deal) के बाद राहत की सांस लेने वाली मोदी सरकार पर कांग्रेस ने एक बार फिर से मजबूती से प्रहार किया और उसे दोबारा सुप्रीम कोर्ट जाने पर मजबूर कर दिया. दरअसल, राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और इस पर मचे सियासी घमासान के बीच मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची और अपने हलफनामे में 'तथ्यात्मक गलती' को माना है. केंद्र सरकार ने याचिका दाखिल कर राफेल डील पर दिये गए फैसले में एक ''तथ्यात्मत सुधार'' की मांग की है. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से फैसले के उस पैराग्राफ में संशोधन की मांग की है, जिसमें कैग (CAG) रिपोर्ट और संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के बारे में संदर्भ है. एक विधि अधिकारी ने बताया कि अदालत को अवगत कराने के लिए याचिका दायर की गयी है कि कैग और पीएसी से जुड़े मुहरबंद दस्तावेज के मुद्दे पर अलग-अलग व्याख्या की जा रही है. आपको बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अपने फैसले में कहा था कि कैग के साथ कीमत के ब्यौरे को साझा किया गया और कैग की रिपोर्ट पर पीएसी ने गौर किया.

  • अब राफेल डील पर फैसले में 'तथ्यात्मक सुधार' की मांग को लेकर SC पहुंची केंद्र सरकार

    अब राफेल डील पर फैसले में 'तथ्यात्मक सुधार' की मांग को लेकर SC पहुंची केंद्र सरकार

    राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले  (Rafale Verdict) और इस पर मचे सियासी घमासान के बीच केंद्र सरकार एक बार फिर SC पहुंची है. सरकार ने याचिका दाखिल कर राफेल डील पर दिये गए फैसले में एक ''तथ्यात्मत सुधार'' की मांग की है. केंद्र ने उच्चतम न्यायालय से फैसले के उस पैराग्राफ में संशोधन की मांग की है, जिसमें कैग रिपोर्ट और संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के बारे में संदर्भ है.

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