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Water crisis


'Water crisis' - 100 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • पानी के संकट से घिरे इलाकों में वैज्ञानिक समस्या का स्थाई समाधान ढूंढेंगे

    पानी के संकट से घिरे इलाकों में वैज्ञानिक समस्या का स्थाई समाधान ढूंढेंगे

    देश में पानी का संकट गहराता जा रहा है. अब जल शक्ति मंत्रालय ने तय किया है कि पानी का सबसे ज्यादा संकट झेल रहे राज्यों में केंद्र सरकार वैज्ञानिकों को भेजेगी जो वहां पानी के संकट का स्थाई हल खोजेंगे. चेन्नई से दिल्ली तक और महाराष्ट्र से हिमाचल तक पानी का संकट है. गांव-देहात की हालत ज़्यादा ख़राब है जहां जल स्रोत सूखते जा रहे हैं. सरकार ने ऐसे करीब 1200 ब्लॉकों की शिनाख़्त की है जहां सबसे ज्यादा पानी का संकट है.

  • नल से पानी भरने को लेकर हुई महिलाओं के बीच कहासुनी, बर्तन से हमला करने पर हुई एक की मौत

    नल से पानी भरने को लेकर हुई महिलाओं के बीच कहासुनी, बर्तन से हमला करने पर हुई एक की मौत

    तातीपुडी पद्मा (38) पर नल से पानी लेने को लेकर कुछ महिलाओं ने कथित तौर पर स्टील के बर्तनों से हमला कर दिया. पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा कि दिक्कत तब शुरू हुई, जब नल पर कुछ महिलाओं ने लाइन को तोड़ दिया.

  • देश के 12 राज्यों में पानी का संकट, खरीफ फसल का रकबा घटा

    देश के 12 राज्यों में पानी का संकट, खरीफ फसल का रकबा घटा

    कमजोर मानसून की वजह से देश के 12 राज्यों के जलाशयों में पानी का स्तर औसत से नीचे गिर चुका है और महाराष्ट्र से लेकर तमिलनाडु तक कई बड़े राज्य पानी के संकट से जूझ रहे हैं. बारिश कम हो रही है तो किसानों को खरीफ फसलों की बुआई के लिए ज़रूरी पानी नहीं मिल पा रहा. नतीजा, बुआई का क्षेत्र घट गया है.

  • चेन्नई गई पानी की विशेष ट्रेन भी क्यों शहर का प्यास नहीं बुझा सकी

    चेन्नई गई पानी की विशेष ट्रेन भी क्यों शहर का प्यास नहीं बुझा सकी

    चेन्नई में हर रोज कम से कम 525 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता है. चेन्नई में पानी पहुंचाने के लिए यह ट्रेन शुक्रवार को तमिलनाडु के वेल्लार जिले के जोलारपेट्टाई स्टेशन से रवाना हुई थी.

  • 12 राज्‍यों में पानी का गंभीर संकट, मॉनसून नहीं सुधरा तो और बिगड़ेंगे हालात

    12 राज्‍यों में पानी का गंभीर संकट, मॉनसून नहीं सुधरा तो और बिगड़ेंगे हालात

    चेन्नई पहुंची एक रेलगाड़ी की अगवानी के लिए तकरीबन पूरी तमिलनाडु सरकार ही पहुंच गई, सबने इंजन को स्पर्श किया, प्रणाम किया. लेकिन स्वागत रेलगाड़ी का नहीं, उसमें भरकर आए पानी का हो रहा था. ये 25 लाख लीटर पानी प्यासे चेन्नई का गला तर करने के लिए वेल्लोर से लाया गया है.

  • पानी की कमी से जूझ रहे चेन्नई को आज मिलेगी राहत, पानी लेकर पहुंचेंगी 50 वैगन ट्रेन

    पानी की कमी से जूझ रहे चेन्नई को आज मिलेगी राहत, पानी लेकर पहुंचेंगी 50 वैगन ट्रेन

    चेन्नई पानी की कमी से जूझ रहा है. ऐसे में पानी से भरी 50 वैगन ट्रेन जोलरपेट रेलवे स्टेशन से चेन्नई के लिए निकल गई हैं. इनमें कुल 2.5 मिलियन लीटर पानी है. दूसरी ट्रेन भी चेन्नई में पानी लेकर जाएगी. चेन्नई मेट्रो वॉटर ने हर दिन 10 मिलियन लीटर का लक्ष्य तय किया है.

  • TOP 5 NEWS: अलकायदा चीफ ने कश्मीर को लेकर दी धमकी और चेन्नई में पानी खरीद कर डॉक्टर कर रहे हैं ऑपरेशन

    TOP 5 NEWS: अलकायदा चीफ ने कश्मीर को लेकर दी धमकी और चेन्नई में पानी खरीद कर डॉक्टर कर रहे हैं ऑपरेशन

    सरकार बचाने की जुगत में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सभी मंत्रियों के इस्तीफे करवा दिए हैं. मंगलवार को स्पीकर ने इनमें से 8 इस्तीफे नामंजूर कर दिए हैं. वहीं, पत्रकार को धमकाने पर हालही में पार्टी से सस्पेंड हुए भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बंदूकें लहराते हुए 'राणा जी माफ करना' गाने पर डांस कर रहे हैं.

  • किरण बेदी टिप्पणी का मामला पहुंचा लोकसभा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- विवाद खत्म करें

    किरण बेदी टिप्पणी का मामला पहुंचा लोकसभा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- विवाद खत्म करें

    बेदी ने अपनी टिप्पणी में चेन्नई में जल संकट के लिए तमिलनाडु की भ्रष्ट राजनीति को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि बेदी की टिप्पणी के मामले को सदन में द्रमुक नेता टी.आर. बालू ने बुधवार को उठाया भी था. उन्होंने कहा, "किरण बेदी ने बेहद खेद जताया है."

  • सूखे की मार झेल रहे चेन्नई में पूल में नजर आईं रजनीकांत की बेटी, हुईं ट्रोल तो हटाई Photo

    सूखे की मार झेल रहे चेन्नई में पूल में नजर आईं रजनीकांत की बेटी, हुईं ट्रोल तो हटाई Photo

    चेन्नई में पानी की भयानक समस्या के दौरान लोगों ने सौंदर्या रजनीकांत (Soundarya Rajinikanth) की पूल वाली फोटो देखकर उनपर तंज कसना और उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया था. इस कारण सौंदर्या रजनीकांत को यह फोटो अपने सोशल मीडिया हैंडल से भी हटानी पड़ी.

  • हमारी व्‍यवस्‍था इस गटर से बाहर कब निकलेगी?

    हमारी व्‍यवस्‍था इस गटर से बाहर कब निकलेगी?

    न्यूज़ देखना अब टिक टॉक देखने जैसा हो गया है. पूरा समाज और सिस्टम अपना केरिकेचर बन गए हैं. यानी ख़ुद का मज़ाक बन गए हैं. उन्नाव में जेल में पार्टी हो रही है तो लुधियाना की जेल में गोली चल रही है. सीआरपीएफ बुलानी पड़ती है. एक बंदा आता है जो रिवाल्वर ताने दिखता है, लेकिन उसे शायरी भी आती है. वो शायरी भी सुनाता है. व्हाट्सएप शायरी जिसके झांसे में बड़े बड़े लोग आ जाते हैं. सब कुछ का वीडियो मिल जाता है. तुरंत का नहीं मिलता है तो एक महीने बाद मिल जाता है. जैसे ही ये सब गुज़रता है योग की खूबियों पर प्रधानमंत्री का भाषण आ जाता है. जैसे लगता है कि अब सब ठीक हो जाएगा.

  • Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: गोकुलधाम सोसाइटी को गुडबाय कहने को तैयार सभी वासी, इस परेशानी ने तोड़े हौसले

    Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: गोकुलधाम सोसाइटी को गुडबाय कहने को तैयार सभी वासी, इस परेशानी ने तोड़े हौसले

    Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: परेशानी तो अब भी खत्म नहीं हुई है. क्या होगा अब? बारिश का मतलब ये तो नहीं है कि पाइपलाइन में पानी आ जाएगा? कब आएंगे गोकुलधाम के निवासी वापिस? क्या पाइपलाइन इस बारिश में ठीक हो पाएगी?

  • केंद्रीय बजट के लिए चुनौती है पानी और सूखे का संकट, इन राज्यों ने मांगा विशेष पैकेज

    केंद्रीय बजट के लिए चुनौती है पानी और सूखे का संकट, इन राज्यों ने मांगा विशेष पैकेज

    क्या पांच जुलाई के अपने पहले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जल संकट झेल रहे राज्यों के लिए विशेष पैकेज का ऐलान करेंगी? महाराष्ट्र के लिए यह मांग शुरू हो गई है. अलग-अलग राज्यों में सूखे और पानी का संकट दूसरी मोदी सरकार के पहले बजट के लिए भी एक चुनौती है.

  • ...तो हर व्यक्ति को, हर हाल में पानी देगी मध्यप्रदेश सरकार; कानून बनाने की तैयारी

    ...तो हर व्यक्ति को, हर हाल में पानी देगी मध्यप्रदेश सरकार; कानून बनाने की तैयारी

    मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जो पानी के अधिकार (Right to Water) की शुरुआत करने जा रहा है. पानी का अधिकार कानून बनाने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन हो रहा है जिसमें विषय-विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और कानून विशेषज्ञों के सुझावों पर मंथन किया जा रहा है. जनता की भागीदारी सुनिश्चित कर इसे कानून का रूप देने की योजना है.

  • बिहार में जल्दी आने वाला है ‘नीतीश सूखा’, लग रहे हैं हजारों सबमर्सिबल पंप

    बिहार में जल्दी आने वाला है ‘नीतीश सूखा’, लग रहे हैं हजारों सबमर्सिबल पंप

    जिस तरह चक्रवाती तूफानों के नाम होते हैं उसी तरह अब सूखे का भी नाम रखना चाहिए. मैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर ‘नीतीश सूखा’ रखना चाहता हूं. ‘नीतीश सूखा’ वह सूखा है जो राज्य सरकार की हज़ारों सबमर्सिबल पंप लगाने की नीति से आ चुका है या आने वाला है.

  • विकराल जल संकट से घिरे तमिलनाडु और महाराष्ट्र, जलाशय सूखे

    विकराल जल संकट से घिरे तमिलनाडु और महाराष्ट्र, जलाशय सूखे

    तमिलनाडु और दक्षिण भारत के दूसरे राज्यों में जो पेयजल संकट है, वो और खतरनाक हो सकता है. जिन जलाशयों के सहारे सरकारें लोगों को पीने का पानी मुहैया करा रही हैं, वे सब सूख रहे हैं.

  • जल संकट की अनदेखी क्यों?

    जल संकट की अनदेखी क्यों?

    सबमर्सिबल पंप पानी का ऐसा संकट लेकर आ रहा है जिसका अंदाज़ा हम सभी को है मगर नज़र हम सभी फेर ले रहे हैं. इस पंप के कारण ज़मीन के नीचे का पानी ग़ायब हो जाने वाला है. अगर ऐसा नहीं होता तो दिसंबर 2010 में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने गुड़गांव ज़िले में बोरवेल लगाने पर रोक नहीं लगाया होता.

  • केरल के CM का दावा, 'प्यासे' तमिलनाडु ने ठुकरा दी 20 लाख लीटर पेयजल की पेशकश

    केरल के CM का दावा, 'प्यासे' तमिलनाडु ने ठुकरा दी 20 लाख लीटर पेयजल की पेशकश

    हालांकि तमिलनाडु सरकार ने पेशकश ठुकराने वाली बात से इंकार किया है. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी शुक्रवार को आयोजित होने वाली एक समीक्षा बैठक में इस पर चर्चा करने के बाद उचित फैसले की घोषणा करेंगे.

  • मध्यप्रदेश में 15 साल में 35 हजार करोड़ खर्च, पानी मिला सिर्फ छह फीसदी ग्रामीणों को!

    मध्यप्रदेश में 15 साल में 35 हजार करोड़ खर्च, पानी मिला सिर्फ छह फीसदी ग्रामीणों को!

    मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण जल संकट की चपेट में है. शहर और गांवों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है. राज्य के साढ़े तीन सौ से ज्यादा नगरीय निकाय सुबह शाम पानी नहीं दे पा रहे. कुछ जगहों पर तीन तो कहीं दो दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है. यही हाल गांवों में है, जहां पानी लाने के लिए कुछ जगहों पर प्रदेश की सीमा पार करनी पड़ती है. तो कहीं सूखे कुंए में उतरकर पानी लाना पड़ता है. जानते हैं क्यों...क्योंकि सरकारी तिजोरी से पिछले 15 सालों में लगभग 35,000 करोड़ रुपये खर्च हुए लेकिन पानी मिला सिर्फ छह फीसदी ग्रामीण आबादी को ही.