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World happiness report


'World happiness report' - 5 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • हैप्पीनेस वाले एमपी में बुजुर्ग खुश, युवा उदास

    हैप्पीनेस वाले एमपी में बुजुर्ग खुश, युवा उदास

    2001 से 2015 के बीच देश में हर दिन छह लोगों ने बेरोजगारी के कारण अपनी जान दी. यदि इसमें गरीबी के कारण को और शामि‍ल कर लें तो 13 लोगों ने हर दि‍न खुद अपनी मौत को गले लगाया. भयावह संख्याओं की इस पृष्ठभूमि को जेहन में रखते हुए देखिए कि अब बजाए नई नौकरियां पैदा करने के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाई जा रही है.

  • विश्व खुशहाली रिपोर्ट ने मटियामेट कर दी हमारी छवि

    विश्व खुशहाली रिपोर्ट ने मटियामेट कर दी हमारी छवि

    दुनिया की हर राजनीतिक व्यवस्था का एक ही लक्ष्य होता है कि उसकी जनता या प्रजा की खुशहाली बढ़े या बदहाली कम हो. लोकतांत्रिक व्यवस्था तो इसी मकसद से ईजाद हुई थी कि उसके सभी नागरिकों की खुशहाली सुनिश्चित हो सके. हर सरकार बदहाली कम करने का नारा लेकर आती है. मौजूदा सरकार इस मामले में कुछ अलग नारा लेकर आई थी, अच्छे दिन या खुशहाली ला देने का नारा. हालांकि, खुशहाली का मापने का विश्वसनीय पैमाना किसी ने नहीं बना पाया. इसीलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र ने पूरी दुनिया के अलग अलग देशों में खुशहाली को आंकना शुरू किया. छह साल से संयुक्त राष्ट्र हर साल इस तरह का आकलन करवा रहा है और बाकायदा एक सूचकांक के जरिए एक रिपोर्ट बनती है जो यह बताती है कि किस देश में खुशहाली का क्या स्तर है. इस साल का यह विश्व खुशहाली सूचकांक दो दिन पहले ही जारी हुआ है. चौंकाने और बुरी तरह से झकझोर देने वाली बात यह है कि दुनिया कि 156 देशों में हमारे देश की खुशहाली का नंबर 133वां आया है. यानी औसत से बहुत ही नीचे. पिछले साल से भी 11 नंबर नीचे. इस विश्व रिपोर्ट ने हमें डेढ़ सौ देशों के बीच सबसे बदहाल 25 देशों के संग बैठा दिया है.

  • The World Happiness Report 2017 : खुशहाल मुल्कों की सूची में पाकिस्तान और नेपाल से भी नीचे अपना देश

    The World Happiness Report 2017 : खुशहाल मुल्कों की सूची में पाकिस्तान और नेपाल से भी नीचे अपना देश

    संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, सर्वाधिक खुशहाल देशों की वैश्विक सूची में भारत 122वें पायदान पर पाया गया है, जबकि आतंकवाद से त्रस्त पाकिस्तान और गरीबी से जूझ रहे नेपाल इस सूचकांक में भारत से बेहतर स्थिति में हैं.

  • खुशी के पैमाने पर सोमालिया, पाकिस्तान, फलस्तीन और बांग्लादेश से भी पिछड़ा भारत

    खुशी के पैमाने पर सोमालिया, पाकिस्तान, फलस्तीन और बांग्लादेश से भी पिछड़ा भारत

    खुशी के वैश्विक सूचकांक में भारत की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। खुश राष्ट्रों की 156 देशों की सूची में पिछले साल के मुकाबले भारत और एक स्थान नीचे खिसकर भारत 118वें स्थान पर चला गया है। इस सूची में भारत का नंबर चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी पीछे आता है।

  • विश्व खुशी सूचकांक में भारत लुढ़का : रिपोर्ट

    विश्व खुशी सूचकांक में भारत लुढ़का : रिपोर्ट

    संयुक्त राष्ट्र की 'खुशी रपट 2015' की माने तो खुशी के मोर्चे पर भारतीय तेजी से पिछड़ते जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 158 देशों पर किए गए सर्वेक्षण में पिछले दो सालों की तुलना में भारत छह बिंदु नीचे फिसल गया है।

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