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मंदिर में गाने से मेरा मज़हब नहीं बदल जाएगा : ग़ुलाम अली

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मशहूर गज़ल गायक उस्ताद ग़ुलाम अली बुधवार को काशी के ऐतिहासिक संकटमोचन मंदिर में ठुमरी प्रस्तुत करेंगे। बनारस के प्राचीन हनुमान मंदिर में गाने वाले वे पहले पाकिस्तानी कलाकार हैं। एनडीटीवी से ख़ास बातचीत में उस्ताद ग़ुलाम अली ने कहा, 'दोनों देशों के बीच सिर्फ़ मोहब्बत की दीवार होनी चाहिए। बाकी सभी दीवारें गिरनी चाहिए क्योंकि पूरी दुनिया में संगीत की भाषा एक है और उसकी कोई सरहद नहीं होती। मुझे उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच ताज़ा हवा ज़रूर चलेगी।'



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