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'कश्मीर मुद्दे पर नेहरू दखल न देते तो बखेड़ा नहीं होता'

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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगर आजादी के बाद देश के गृहमंत्री को उनके हिसाब से करने दिया जाता तो आज जम्मू-कश्मीर भी भारत के अन्य राज्यों की तरह होता. लेकिन पंडित नेहरू ने मामले को उलझा दिया. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जब भारतीय सेनाएं मीरपुर तक पहुंच गई तो उन्होंने एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा कर दी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंडित नेहरू जी ने भी कहा अनुच्छेद 370 अस्थाई है. लेकिन जब उनकी आलोचना होती तो कहते कि चिंता न करो अनुच्छेद 370 एक दिन घिसते-घिसते घिस जाएगा. जितेंद्र सिंह ने कहा जब आपातकाल में इंदिरा जी ने विधानसभा का कार्यकाल 6 साल कर दिया तो जम्मू-कश्मीर के उस समय के मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला ने उसे मान लिया तो उस समय 370 नहीं था लेकिन जब 3 साल बाद मोरार जी देसाई ने फिर से पुराना नियम लागू तो किया उसे नहीं माना. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कहा जा रहा है कि हमने स्टेक होल्डर से बात नहीं की. अगर जम्मू-कश्मीर देश का हिस्सा है तो हर नागरिक स्टेक होल्डर है. कांग्रेस पर तंज कसते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि हमने ऐसा तो नहीं किया रात में राष्ट्रपति को जगाकर उनसे दस्तखत लेकर आपातकाल लगा दिया हो.



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