NDTV Khabar

प्राइम टाइम : महिलाओं के सम्मान को लेकर हम कितने फिक्रमंद?

 Share

जिस देश और समाज में बात बात में औरतों को मार देना आसान हो, वहां औरतों के खिलाफ होने वाली हिंसा को लेकर हम कभी ईमानदार हो ही नहीं सकते हैं. बलात्कार की घटना के प्रति कई बार हम इतने सामान्य हो जाते हैं कि फर्क ही नहीं पड़ता और कई बार इतना गुस्सा हो जाते हैं कि बहुत से लोग फांसी की बात करने लगते हैं.



Advertisement