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प्राइम टाइम : कुछ नेताओं के लिए ऐसा जुनून कैसे आता है?

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चेन्नई से आने वाली हर तस्वीर यही बता रही है कि कोई उनके दिलों पर राज करता है. यह महज़ कोरी भावुकता नहीं है. हम सब को भावुकता लग सकती है लेकिन भावुकता क्षणिक होती है. राजनीति में थोड़ी लंबी हो जाती है मगर जब भावुकता इतनी लंबी हो जाए कि चालीस पैंतालीस साल से भी ज़्यादा का लम्हा गुज़र जाए तो उसे सिर्फ भावुकता के चश्मे से नहीं देखना चाहिए. अपोलो अस्पताल के बाहर रोते चेहरे सिर्फ भावुकता के प्रमाण नहीं हैं. फिल्मी पर्दे की नायिका को राजनीति में अम्मा का ख़िताब सिर्फ भावुकता से नहीं मिल जाता होगा.



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