NDTV Khabar

रवीश कुमार का प्राइम टाइम : वास्‍तविक प्रदर्शन की जगह नहीं ले सकता ट्रेंड कराना

 Share

हवाई जहाज़ के पायलट की ट्रेनिंग सिमुलेटर पर होती है. एक आभासी दुनिया बनाई जाती है जहां पायलट वैसा ही अनुभव करता है जैसा वास्तविक आकाश में. फिर भी असली ट्रेनिंग तो आकाश में होती है जब वह हर चीज़ सामने से देखता है. क्या ट्विटर पर ट्रेंड कराना भी एक किस्म का सिमुलटर का अनुभव है, जहां आपको लगता है कि आप लोकतंत्र में भागीदारी कर रहे हैं लेकिन वहां किसी का ध्यान ही नहीं जाता है. कई ट्रेंड के बाद हमने देखा है कि लोग निराश हुए हैं वैसे ही जैसे असली सड़क पर होते हैं. फिर भी जो असर भागीदारी से होता है, सड़क पर उतरने से होता है, वो ट्रेंड कराने के सिमुलेशन से नहीं होता है. लोकतंत्र में मैदान और सड़क का कोई मुकाबला नहीं है. फिर भी आप क्या करेंगे जब मीडिया आपको तवज्जो न दे. कई बार लोग मीडिया में कवरेज का विकल्प ढूंढने के लिए भी ट्विटर और फेसबुक पर ट्रेंड कराने लगते हैं. क्योंकि वास्तविक रूप से प्रदर्शन करने की जगह राजधानियों और ज़िलों में गायब कर दी जा रही है. प्रदर्शन करने की शर्तें मुश्किल बना दी गई हैं.



संबंधित

Advertisement

 
 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com