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रवीश कुमार का प्राइम टाइम: अर्थव्यवस्था को लेकर रंगकर्मी प्रसन्ना अनशन पर

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रेटिंग एजेंसी मूडी ने कहा है कि भारत की जीडीपी विकास दर 5.8 प्रतिशत रहेगी. मूडी का यह अनुमान भारतीय रिज़र्व बैंक के 6.1 प्रतिशत के अनुमान से भी कम है. मूडी ने अगस्त महीने में भारत की जीडीपी दर का अनुमान 6.8 से घटाकर 6.2 कर दिया था. अब 6.2 प्रतिशत से घटाकर 5.8 प्रतिशत कर दिया है. मूडी ने कहा है कि आने वाले दो साल में जीडीपी में कुछ सुधार हो सकता है लेकिन अब 8 प्रतिशत जीडीपी की संभावना काफी कमज़ोर हो चुकी है. हम जीडीपी का पीछा सपने की तरह करते आ रहे हैं. क्या कोई दूसरा विकल्प है, उस रास्ते पर जाने से भी घबराते हैं. बंगलुरु में मशहूर रंगकमी प्रसन्ना एक पवित्र अर्थव्यवस्था की बात कर रहे हैं और उसे लोगों तक पहुंचाने के लिए बंगुलुरु के वल्लभ निकेतन में अनशन कर रहे हैं. प्रसन्ना कहते हैं कि ज़ीरो टैक्स व्यवस्था हो. ज्यादातर सामान 100 किमी के दायरे से भीतर से आए, अत्याधुनिक उपकरणों के दौर में तो हालत ये है कि नई-नई मशीनें लगातार इंसानों का श्रम खा रही हैं. एक मशीन सैकड़ों लोगों की रोज़ी रोटी छीन लेती है. इन हालात में अर्थव्यवस्था को कैसे संभाला जाए ताकि वो लोगों के प्रति ज़्यादा उदार दिखे बाज़ार के प्रति कम. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री अश्वथ नारायण ने भी उनसे मुलाकात कर अनशन तोड़ने की बात कही है. प्रसन्ना का कहना है कि जब तक उनकी केंद्र से बात नहीं होगी, अनशन नहीं तोड़ेंगे. प्रसन्ना के संगठन ग्राम सेवा संघ ने अपने विचार को समझाने के लिए यू ट्यूब पर एक वीडियो भी डाला है.



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