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रवीश कुमार का प्राइम टाइम : आंध्र के दो न्यूज़ चैनलों पर अघोषित पाबंदी क्यों?

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आंध्र प्रदेश में तीन महीने के भीतर चार पत्रकारों पर गंभीर हमले हुए हैं. सबसे बड़े तेलुगु अखबार आंध्र ज्योति के पत्रकार की हत्या हो गई है. पूर्वी गोदावरी ज़िले की तुनी ग्रामीण थाना क्षेत्र के सत्यनारायण की धारदार हथियारों से हत्या कर दी. सत्यनाराण 20 साल से आंध्र ज्योति अखबार के लिए काम कर रहे थे. एफआईआर में वाईएसआर कांग्रेस के विधायक रामालिंगेस्वरा राव का भी नाम है. सत्यनारायण के भाई का कहना है कि रामालिंगेस्वरा ने कई बार धमकी दी थी. सत्यनारायण ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसका जीवन खतरे में है. विधायक रामालिंगेस्वरा वाई एस आर कांग्रेस के मुख्य सचेतक भी हैं. उनका कहना है कि उनका नाम ज़बरन लिया गया है. उनका हत्यारों से संबंध नहीं है. जबकि जगन कैबिनेट ने पत्रकारों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने के एक प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि उनकी सरकार पत्रकारों को परेशान नहीं करना चाहती है लेकिन इस साल अगस्त महीने से उनकी पार्टी के विधायकों के नाम पत्रकारों पर हुए चार चार हमले में आ चुके हैं. इंडियन एक्सप्रेस की श्रीनिवास जनयाला ने रिपोर्ट की है. सीपीआई के मुखपत्र विशाल आंधरा के पत्रकार पर गंभीर हमला हुआ था. उन्हें अस्पताल में भरती कराया गया. इस हमले में भी वाईएसआर के नेता का हाथ बताया जा रहा है. सितंबर मं नागार्जुन रेड्डी पर चाकू से हमला हुआ. ओंगले ज़िले के थे. हत्यारे का संबंध पूर्व विधायक ए कृष्ण मोहन से बताया जाता है.



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