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पोस्टर हटाने पर भड़के बीजेपी के महासचिव ने अफसरों से अपशब्द कहे, देखें- VIDEO

मध्यप्रदेश के गुना में प्रशासन ने नगरपालिका के किराये वाली दुकान से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के पोस्टर-बैनर निकाल फेंके

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पोस्टर हटाने पर भड़के बीजेपी के महासचिव ने अफसरों से अपशब्द कहे, देखें- VIDEO

गुना में अधिकारियों से बहस करते हुए बीजेपी के महासचिव अनिल जैन.

खास बातें

  1. महासचिव अनिल जैन और वीडी शर्मा अफसरों से भिड़ गए
  2. आचार संहिता के मद्देनजर डिप्टी कलेक्टर विशाखा देशमुख ने आपत्ति ली
  3. घटना के वीडियो में अनिल जैन प्रशासन को गालियां देते भी दिखे
भोपाल: "चुनाव के बाद इन्हें #&*रहना नहीं है क्या ... चुनाव के बाद इन्हें #%*देंगे ..." ऐसे असंसदीय शब्द तैश में आकर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव, हरियाणा-छत्तीसगढ़ के प्रभारी सांसद अनिल जैन के मुंह से निकले. नेताजी गुस्सा हो गए क्योंकि प्रशासन ने नगरपालिका के किराये वाली दुकान से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के पोस्टर-बैनर निकाल फेंके.
      
मंगलवार को गुना में हनुमान चौक के पास जब अमित शाह के पोस्टर हटाने के लिए प्रशासनिक अफसर पहुंचे तो अनिल जैन और बीजेपी मध्यप्रदेश के महामंत्री वीडी शर्मा उनसे भिड़ गए. पोस्टर बैनर को हटाने को लेकर चुनाव आचार संहिता का हवाला देते हुए डिप्टी कलेक्टर विशाखा देशमुख ने आपत्ति जताई. इस पर प्रदेश महामंत्री बीडी शर्मा और राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन से बहस हो गई.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के ग्वालियर-चंबल संभाग के दौरे के तहत गुना में रोड शो करना था. बाद में अनिल जैन किसी को फोन लगाकर अफसरों को शिकायत करते और धमकाने वाले अंदाज में किसी से बात करते सुने गए.

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वीडियो में अनिल जैन प्रशासन को गालियां भी दे रहे हैं. अनिल जैन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेहद करीबी माने जाते हैं. जब किसी पार्टी कार्यकर्ता ने उन्हें बताया कि कैमरे उनकी तरफ हैं तब भी जैन के तेवर कम नहीं हुए कैमरे देखकर उन्होंने पूछा कौन हैं ये.
     
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का सिंधिया के गढ़ में यह पहला दौरा था. इस मामले में गुना कलेक्टर विजय दत्त ने कहा वे अपना पक्ष रख रहे थे उनका मानना था कि ये आचार संहिता में नहीं आता लेकिन ऐसी कोई बात नहीं थी. हमने आचार संहिता में नोडल अधिकारी बनाए हैं, हम आज नहीं कल भी ये करेंगे जहां रैली रहेगी जहां अनधिकृत रूप से ये लगाएंगे... आज भी कुछ लाउडस्पीकर हटवाए हैं.

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उन्होंने कहा कि हमने परमीशन की पूरी व्यवस्था की है. एसडीएम रिटर्निंग अधिकारी होते हैं. वे अपने दफ्तर में मौजूद थे. कोई निजी संपत्ति में भी पोस्टर-बैनर लगाते हैं तो उन्हें पर्ची लेकर उसकी एक प्रति अपने पास भी रखनी होगी. जो नगर पालिका की बिल्डिंग है या कोई शासकीय संपत्ति जिसको किराये पर लिया हो इनमें कहीं नहीं रखा जा सकता और इसी कारण से कार्रवाई की गई है.


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