NDTV Khabar

बिहार : विवादित जमीन की रखवाली में लगाए गए पुलिस कर्मी ने ही खरीद ली जमीन

मतलब साफ है कि जमीन पर कब्जा रोकने की जिम्मेदारी जिनपर थी उन्हीं लोगों ने जमीन खरीदकर सरकारी सिस्टम का माखौल उड़ा डाला. 

8 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
बिहार : विवादित जमीन की रखवाली में लगाए गए पुलिस कर्मी ने ही खरीद ली जमीन

बिहार पुलिस.

पटना: बिहार की राजधानी पटना के दीघा इलाके में 1024.25 एकड़ जमीन पर आवास बोर्ड की ओर से अधिग्रहण का दावा पिछले 40 वर्षों से किया जा रहा था. यहां के स्थानीय लोग इसका विरोध भी लगातार करते आ रहे हैं. इसी भूखंड की रखवाली एवं इस जमीन पर किसी तरह का निर्माण को रोकने के लिए यहां पुलिस वाले तैनात किए गए. इसके लिए यहां पर राजीव नगर थाना खोला गया. अब इस मामले में जानकारी आ रही है कि इस थाने के पुलिस अधिकारी एवं पुलिसकर्मियों ने ही अपने सगे संबंधियों के नाम से जमीन खरीद ली है. मतलब साफ है कि जमीन पर कब्जा रोकने की जिम्मेदारी जिनपर थी उन्हीं लोगों ने जमीन खरीदकर सरकारी सिस्टम का माखौल उड़ा डाला. 

इवेंट मैनजर बन कर रह गए हैं नीतीश कुमार, बिहार का गरीब-गुरबा उनसे ऊब गया है- शिवानंद तिवारी

यह मामला बिलकुल वैसे ही है जैसे की दूध की रखवाली के लिए बिल्ली को लगा दिया हो. फ़िलहाल ऐसे सात लोगों की लिस्ट बनाई गई है जिसपर आवास बोर्ड संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है. इस जमीन की खरीदारी में पुलिसकर्मी से लेकर सीआरपीएफ के अधिकारी तक का नाम आ रहा है. 

जिन पुलिस कर्मियों के नाम आ रहे हैं उनमें से राजीव नगर थाने के कांस्टेबल रहे अरुण कुमार सिन्हा अपनी पत्नी आशा सिन्हा के  नाम से खरीदी. इसी थाने के पुलिस कर्मी प्रभात कुमार ने अपनी सास सुनीता सिंह के नाम से जमीन खरीदी, इसी थाने के प्रभारी रहे रमाकांत तिवारी ने अपने ससुर मंकेश्वर पांडेय के नाम से खरीदी.


राजीव नगर थाने में रहे सीआरपीएफ कांस्टेबल विपिन कुमार ने तीन जगहों पर जमीन खरीदी. इसके अलावे एजी ऑफिस में कार्यरत चंद्रभूषण सिंह एवं राजीव नगर के सीआरपीएफ कमांडिंग ऑफिसर दिलीप कुमार चौधरी ने भी जमीन खरीदी.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement