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न जाने कितने ही देशों का किस्सा है आदित्य तोड़ी के पास

आदित्य नेपाल की अच्छी समझ तो रखते ही हैं, घाना और इस्राइल को भी वहां रहकर देखा है.

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न जाने कितने ही देशों का किस्सा है आदित्य तोड़ी के पास
सौ साल पहले नेपाल नरेश ने भारत के पांच मारवाड़ियों को नेपाल बुलाया कि वे कारोबार करें और लोगों को कारोबार की शिक्षा दें. इन पांच में से एक थे झुंझुनूं के रहने वाले और कोलकाता में जम चुके शंकरलाल केडिया. शंकरलाल बिहार से सटे वीरगंज गए थे, और 40-50 साल पहले वह वीरगंज से काठमांडू शिफ्ट हो गए. केडिया जी का लगाया चीनी मिल, मैदा का मिल आज तक चल रहा है. इन्होंने आंखों का अस्पताल भी शुरू किया. लड़कियों के लिए स्कूल खोला. वीरगंज का डीएवी स्कूल इन्हीं की देन है.

शंकरलाल केडिया की बेटी की शादी होती है चिरंजीलाल अग्रवाल के बेटे मदनलाल अग्रवाल से. नेपाल सरकार ने मदनलाल अग्रवाल के नाम से डाक टिकट भी जारी किया है. इनका भी व्यापारिक घराना अब एमसी ग्रुप कहलाता है. इसी परिवार के लड़के आदित्य तोड़ी से मुलाकात हुई थी. आदित्य हार्वर्ड के कैनेडी बिज़नेस स्कूल से अध्ययन कर रहे हैं. इससे पहले वह स्टैनफोर्ड से इंटरनेशनल रिलेशन की पढ़ाई कर चुके हैं.

आदित्य नेपाल की अच्छी समझ तो रखते ही हैं, घाना और इस्राइल को भी वहां रहकर देखा है. घाना 1957 में आज़ाद हुआ. 1957-90 के बीच पांच बार सैनिक तख्तापलट के दौर से गुज़रा. 1990 से घाना लोकतंत्र की राह पर चल पड़ता है. दो ही दल थे. बारी-बारी आते-जाते थे. 1990 से घाना की जीडीपी 5 फीसदी है. आदित्य ने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर अच्छा काम किया है. दुनिया में 17-18 देश हैं, जिन्होंने इस मसले पर बड़ा बदलाव हासिल किया है. हमें इनसे सीखना चाहिए. आदित्य ने बताया कि नेपाल ने सात नए राज्य बनाए हैं. सात नए मुख्यमंत्री बने हैं.

आदित्य नेपाल लौटकर वहां नीति निर्माण में सक्रिय हस्तक्षेप करना चाहते हैं. मैसाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी से निकलकर हम खाना खाने बैठे थे. दुनियाभर की बातचीत हो गई. काफी कुछ सीखा. नए-नए शोधकर्ताओं से मिलते रहिए. बहुत कुछ बता देते हैं. आपको भी पता चलेगा कि कितने पानी में हैं और कहां हैं!

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति NDTV उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार NDTV के नहीं हैं, तथा NDTV उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.

 


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