जब ऋषि कपूर ने गुस्से में कहा था- 'जब मैं मरूंगा तो कंधा देने वाला कोई नहीं होगा', जानें वजह

ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) के कुछ पुराने ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. वो एक ट्वीट में बॉलीवुड स्टार्स पर खासे नाराज हो गए थे.

जब ऋषि कपूर ने गुस्से में कहा था- 'जब मैं मरूंगा तो कंधा देने वाला कोई नहीं होगा', जानें वजह

ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) की फाइल फोटो

खास बातें

  • ऋषि कपूर बॉलीवुड के नए स्टार्स से हो गए थे खासे नाराज
  • कहा था- 'जब मैं मरूंगा तो कंधा देने वाला कोई नहीं होगा'
  • खूब वायरल हो रहा ट्वीट
नई दिल्ली:

बॉलीवुड के सदाबहार एक्टर ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन पर्दे पर किया गया उनका करिश्मा अभी भी लोगों के जेहन में ताजा है. ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) के कुछ पुराने ट्वीट सोशल मीडिया पर इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं. उन्होंने एक्टर विनोद खन्ना (Vinod Khanna) के निधन के बाद एक ट्वीट किया था, जिसमें वो बॉलीवुड की नई जेनरेशन से खासे नाराज दिखे थे. उन्होंने यहां तक कह दिया था कि मुझे कंधा देने वाला कोई नहीं होगा.  ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब पढ़ा जा रहा है.

ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) अपने ट्वीट में इसलिए नाराज दिखे थे, क्योंकि बॉलीवुड की नई जेनरेशन में से कई स्टार्स विनोद खन्ना (Vinod Khanna) के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे थे. उन्होंने ट्वीट किया था:  "यह क्यों? जब मैं मरूंगा तो मुझे मान लेना चाहिए कि मुझे कंधा देने वाला कोई नहीं होगा. आज के इन तथाकथित स्टार्स से मैं बहुत नाराज हूं." ऋषि कपूर ने इस तरह नए स्टार्स पर अपना गुस्सा निकाला था. ऋषि कपूर हमेशा अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते थे. वो किसी भी मुद्दे पर बुलंद आवाज उठाते थे.

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बता दें कि करीब दो साल से ल्यूकेमिया (रक्त का कैंसर) से जंग लड़ रहे ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) को तबीयत बिगड़ने के बाद बुधवार को एच. एन. रिलायंस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां अगले दिन सुबह पौन नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. ऋषि कपूर का निधन 30 अप्रैल को हुआ था. 

बता दें, ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) ने अपने पिता राज कपूर की फिल्म 'श्री 420' से बतौर बाल कलाकर बड़े पर्दे पर अपनी फिल्मी पारी का आगाज किया था. इसके बाद वह फिल्म 'मेरा नाम जोकर' में भी नजर आए. बतौर मुख्य अभिनेता 1973 में आई 'बॉबी' उनकी पहली फिल्म थी, जो एक बड़ी हिट थी. इसके बाद करीब तीन दशक तक उन्होंने कई रोमांटिक फिल्में की. 'लैला मजनू', 'रफू चक्कर', 'कर्ज', 'चांदनी', 'हिना', 'सागर' जैसी कई फिल्मों में उनके अभिनय को सराहा गया. अभिनेता के तौर पर अपनी दूसरी पारी को लेकर वह काफी संतुष्ट थे. इस दौरान वह अपनी पत्नी के साथ 'दो दूनी चार' में नजर आए. वहीं 'अग्निपथ', 'कपूर एंडा सन्स', '102 नॉट आउट' में अभिनय से उन्होंने एक बार फिर दिखा दिया कि बतौर कलाकार अभी वह सिनेमा जगत को और कितना योगदान दे सकते हैं.