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अगर आपका आधार और पैन आपस में लिंक नहीं हैं तो भी कर सकते हैं रिटर्न फाइल

कई लोगों को पैन और आधार लिंक करने में समस्‍या आ रही थी, मसलन नाम, जन्‍म की तारीख और जेंडर का न मिलना इत्‍यादि. हालांकि लोगों को अपने आधार नंबर का जिक्र आईटीआर में करना जरूरी है.

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अगर आपका आधार और पैन आपस में लिंक नहीं हैं तो भी कर सकते हैं रिटर्न फाइल

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

खास बातें

  1. लोगों को आधार को पैन से लिंक करने में कई तरह की परेशानी आ रही थी
  2. जिनके पास आधार नहीं है उनको सुप्रीम कोर्ट से मिली थी आंशिक राहत
  3. वित्त अधिनियम 2017 के तहत आधार नंबर देना अनिवार्य किया गया था
नई दिल्‍ली: आधार नंबर और पैन नंबर लिंक नहीं होने की वजह से आयकर रिटर्न फाइल करने में जिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, उनके लिए राहत की खबर है. केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बिना आधार और पैन लिंक किए भी आईटीआर स्‍वीकार करना शुरू कर दिया है. कई लोगों को पैन और आधार लिंक करने में समस्‍या आ रही थी, मसलन नाम, जन्‍म की तारीख और जेंडर का न मिलना इत्‍यादि. हालांकि लोगों को अपने आधार नंबर का जिक्र आईटीआर में करना जरूरी है.

गौरतलब है कि 30 जून को ही सरकार ने स्‍पष्‍ट कर दिया था कि एक जुलाई से आधार संख्या या उसके लिए नामांकन आईडी के बिना ऑनलाइन आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल नहीं किया जा सकेगा. यानी आईटीआर की ई-फाइलिंग के लिए आधार या आधार के लिए नामांकन की आईडी होना जरूरी होगा. साथ ही आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि जिन लोगों ने अपने आधार को पैन के साथ संबद्ध नहीं किया है, उनके पास यह विकल्प होगा कि अपने आधार का उल्लेख ईआईटीआर में कर दें. इसे भी वैध माना जाएगा.

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इससे पहले 10 जून को सरकार ने स्पष्ट किया था कि 1 जुलाई से आयकर रिटर्न दाखिल करने और स्थायी खाता संख्या (पैन) हासिल करने के लिए आधार और पैन को आपस में जोड़ना अनिवार्य होगा. सरकार की तरफ से यह स्पष्टीकरण सुप्रीम कोर्ट के इस संबंध में दिए फैसले के एक दिन बाद आया था. शीर्ष अदालत ने आयकर अधिनियम में किए गए उस प्रावधान को वैध माना था जिसमें पैन कार्ड आवंटन और आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार को अनिवार्य किया गया है, लेकिन निजता के अधिकार से जुड़े मामले पर संवैधानिक पीठ का फैसला आने तक इसके क्रियान्वयन पर आंशिक स्थगन लगा दिया था.

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आयकर विभाग की नीति निर्माता संस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक वक्तव्य जारी कर स्पष्ट किया था कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने फैसले में केवल उन लोगों को आंशिक राहत दी है, जिनके पास आधार नंबर नहीं है अथवा जिन्होंने आधार में पंजीकरण नहीं कराया है, ऐसे में कर अधिकारी उन लोगों के पैन को निरस्त नहीं करेंगे.

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सीबीडीटी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में तीन बिंदुओं का स्पष्टीकरण जारी किया था. करदाताओं में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से किसी तरह की आशंका को दूर करने के लिए यह स्पष्टीकरण दिया गया था.

सरकार ने वित्त अधिनियम 2017 के तहत करदाताओं के लिए आधार नंबर अथवा आधार पंजीकरण आवेदन संख्या को आयकर रिटर्न दाखिल करते समय उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया था. इसके साथ ही एक जुलाई 2017 से पैन के लिये आवेदन करने में भी आधार का उल्लेख अनिवार्य कर दिया गया था.

VIDEO: आयकर रिटर्न फाइल करने के लिए आधार नंबर जरूरी


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