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GST दरों में कटौती के बाद कंपनियों को नए MRP स्टीकर लगाने के लिए दिसंबर तक का वक्त

सरकार ने कंपनियों को पैकेट वाले उत्पादों पर न्यूनतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के मूल्य स्टीकर लगाने के लिए दिसंबर तक का समय दिया है.

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GST दरों में कटौती के बाद कंपनियों को नए MRP स्टीकर लगाने के लिए दिसंबर तक का वक्त

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली: जीएसटी परिषद ने हाल ही में लगभग 200 उत्पादों की जीएसटी दरों में बदलाव किया था, जिसके बाद सरकार ने कंपनियों को पैकेट वाले उत्पादों पर न्यूनतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के मूल्य स्टीकर लगाने के लिए दिसंबर तक का समय दिया है. केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने पिछले दिनों कहा था कि जीएसटी परिषद द्वारा 10 नवंबर को 200 सामानों पर टैक्स की दरों में किए गए बदलाव के बाद अब उसी हिसाब ने नया अधिकतम बिक्री मूल्य (एमआरपी) छपवाना होगा. पासवान ने कहा कि ऐसा नहीं करनेवालों पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि उत्पादकों को घटी हुई एमआरपी के साथ पुरानी एमआरपी को भी लगाना होगा, ताकि जीएसटी की दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों को दिया जा सके.

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1 जुलाई, 2017 से माल और सेवाकर (जीएसटी) के कार्यान्वयन के बाद पैकेट वाली कुछ वस्तुओं के खुदरा मूल्य में बदलाव की जरूरत महसूस हुई थी. उपभोक्ता मामलों, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने निर्माताओं सहित अन्य संबद्ध इकाइयों को पैकेट-बंद वस्तुओं पर एमआरपी स्टीकर लगाने के लिए पहले 30 सितंबर तक का समय दिया था, जिसे अब बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2017 कर दिया गया है.

VIDEO : जीएसटी में कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने की पहल
इसके अनुसार जीएसटी की दरों में संशोधन को देखते हुए पासवान ने वैधानिक माप-तोल (डिब्बा-बंद वस्तुएं) नियम 2011 के नियम 6 के उपनियम (3) के तहत अतिरिक्त स्टीकर या मोहर या ऑनलाइन प्रिंटिंग के जरिए पैकेजिंग पूर्व वस्तुओं के घटे खुदरा मूल्य को घोषित करने की अनुमति दे दी है. (इनपुट भाषा से)


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