क्या आप पोस्ट ऑफिस की इन बचत योजनाओं को जानते हैं, आपका पैसा भी सुरक्षित और ब्याज भी बढ़िया

बहुत-से लोग ऐसे हैं, जिन्हें आज भी नहीं मालूम कि किस योजना में निवेश से मिलने वाला रिटर्न टैक्सफ्री होगा और किस-किस योजना में निवेश करने पर कितना-कितना ब्याज हासिल होगा. हम आपको बता रहे हैं कि भारतीय डाक विभाग की किस बचत योजना में निवेश करने पर आपको कितना ब्याज हासिल हो सकता है.

क्या आप पोस्ट ऑफिस की इन बचत योजनाओं को जानते हैं, आपका पैसा भी सुरक्षित और ब्याज भी बढ़िया

इंडिया पोस्ट की इन बचत योजना में निवेश करने पर जानिए कितना मिलेगा ब्याज.

खास बातें

  • इंडिया पोस्ट की इन योजनाओं में कर सकते हैं निवेश
  • इन योजनाओं पर मिलती है इनकम टैक्स में छूट
  • जानिए क्या हैं ब्याज दरें

सरकार देश में कई सारी बचत योजनाएं चलाती है. इन योजनाओं में निवेश करके आप अपना भविष्य तो सुरक्षित कर ही सकते हैं, इन पर आप इनकम टैक्स भी बचा सकते हैं और इन्हें निवेश के लिहाज से सुरक्षित भी माना जाता है. ऐसी अधिकतर योजनाओं के लिए भारतीय डाक विभाग, यानी इंडिया पोस्ट का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन बहुत-से लोग ऐसे हैं, जिन्हें आज भी नहीं मालूम कि किस योजना में निवेश से मिलने वाला रिटर्न टैक्सफ्री होगा और किस-किस योजना में निवेश करने पर कितना-कितना ब्याज हासिल होगा. आइए, आज हम आपको बता रहे हैं कि भारतीय डाक विभाग की किस बचत योजना में निवेश करने पर आपको कितना ब्याज हासिल हो सकता है.

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizen Savings Scheme - SCSS):  इस समय इस योजना के तहत देश में किसी भी योजना से ज़्यादा यानी कि 7.9 फीसदी सालाना ब्याज दिया जा रहा है. इस खाते में एक ही बार कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 15 लाख रुपए का निवेश किया जा सकता है, लेकिन यह योजना सिर्फ उन लोगों के लिए है, जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है. वे लोग भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं, जिनकी आयु 55 से 60 वर्ष के बीच है, और जो सुपरएन्युएशन या VRS लेकर सेवानिवृत्त हो चुके हैं. इस खाते की मैच्योरिटी अवधि पांच साल है.

Income Tax Act, 1961 की धारा 80C के तहत SCSS अकाउंट में 1.5 लाख रुपए तक की मूल राशि निवेश करने पर टैक्स में छूट मिलता है. हालांकि, Budget 2020 के दौरान इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव के आधार पर आप एक बार जरूर चेक कर सकते हैं कि नए नियमों के हिसाब से आपपर कितना टैक्स लगेगा.

सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Accounts - SSA): यह योजना सिर्फ उन लोगों के लिए है, जो अपनी 10 वर्ष से कम आयु की बिटिया के लिए बचत करना चाहते हैं. यह अकाउंट अपनी बेटी के नाम पर ही खोला जा सकता है और इसके तहत दो बेटियों के लिए लाभ लिया जा सकता है. इस खाते में प्रतिवर्ष कम से कम 250 रुपए और अधिकतम 1,50,000 रुपये का निवेश किया जा सकता है, और इस पर मौजूदा समय में 7.6 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है. इस खाते की मैच्योरिटी अवधि 21 साल है.

Income Tax Act, 1961 की धारा 80C के तहत इस स्कीम में 1.5 लाख रुपए तक के अमाउंट पर टैक्स में छूट मिलता है. खाते में सालाना बनने वाले ब्याज (च्रकवृद्धि ब्याज) पर कोई टैक्स नहीं लगता है, वहीं इसमें मैच्योरिटी के बाद मिलने वाले अमाउंट या फिर विथड्रॉअल के बाद के अमाउंट पर भी कोई टैक्स नहीं लगता है.

लोक भविष्य निधि (15-year Public Provident Fund Account - PPF): यह खाता नौकरीपेशा वर्ग में सर्वाधिक लोकप्रिय खाता है, जिसकी मैच्योरिटी अवधि 15 साल है. इस खाते में प्रत्येक वर्ष कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1,50,000 रुपये का निवेश किया जा सकता है. यह खाता सबसे ज़्यादा लाभदायक इसलिए भी है, क्योंकि यह EEE वर्ग का निवेश खाता है, यानी इसमें निवेश की गई रकम पर तो आप इनकम टैक्स बचाते ही हैं, बल्कि इस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली समूची रकम कतई टैक्सफ्री होती है. इस खाते में जमा की गई रकम पर मौजूदा समय में 7.1 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है.

इस स्कीम के तहत आपने जितना भी सालाना निवेश किया है, उसपर Income Tax Act, 1961 की धारा 80C के तहत टैक्स बेनेफिट क्लेम कर सकते हैं. 

राष्ट्रीय बचत पत्र (National Savings Certificates - NSC): इस योजना में रकम का पांच साल के लिए निवेश किया जाता है, और इस पर सरकार इस वक्त 6.8 फीसदी ब्याज अदा कर रही है, जिसका भुगतान मैच्योरिटी के समय किया जाता है. वार्षिक रूप से मिलने वाले चक्रवृद्धि ब्याज की वजह से इस वक्त यदि आप इस योजना में 1,000 रुपए का निवेश करते हैं, तो पांच साल बाद आपको 1,463 रुपए का भुगतान किया जाएगा.

अगर इनकम टैक्स बचत की बात करें तो इस योजना में भी अकाउंटहोल्डर को 1.5 लाख के सालाना निवेश पर Income Tax Act, 1961 की धारा 80C के तहत छूट मिलती है. इसमें सालाना चक्रवृद्धि ब्याज जुड़ता है, जो मैच्योरिटी पीरियड के बाद बिना TDS काटे मिलता है.

डाकघर बचत खाता (Post Office Savings Account) : यह खाता किसी भी साधारण बैंक खाते की तरह काम करता है, और इसमें ATM कार्ड तथा चेकबुक और पासबुक की सुविधा उपलब्ध होती है. इसमें निवेश की गई रकम पर चार फीसदी सालाना ब्याज अदा किया जाता है, जिसपर टैक्स लगता है, हालांकि, इसपर TDS नहीं कटता.

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80TTF के तहत इस बचत खाते पर मिलने वाला 10,000 रुपए तक का ब्याज टैक्सफ्री होता है. 

डाकघर मासिक आय योजना (Post Office Monthly Income Scheme Account - MIS): इस योजना के तहत एकल खाते में न्यूनतम 1,000 तथा 4.5 लाख रुपये एक बार में निवेश किए जा सकते हैं. जमा की गई रकम पर मिलने वाले ब्याज का भुगतान हर मास बचत खाते में कर दिया जाता है. अगर संयुक्त खाता खोला जाता है, तो उसमें निवेश की सीमा बढ़कर नौ लाख रुपए हो जाती है. इस योजना के तहत मौजूदा समय में 6.6 प्रतिशत सालाना ब्याज अदा किया जाता है.

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हालांकि, इस स्कीम पर कोई टैक्स बेनेफिट नहीं है, वहीं प्रति महीने बनने वाले ब्याज पर टैक्स कटता है. हां, मिलने वाले ब्याज पर कोई TDS नहीं कटता और डिपॉजिट टैक्सफ्री जरूर है. 

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