NDTV Khabar

पढ़ें आखिर क्यों IRCTC ने दी सफाई, बैंकों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर नहीं लगी है कोई रोक

आईआरसीटीसी ने कहा कि उसके पास 7 पेमेंट गेटवे हैं जिसके जरिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए टिकट बुकिंग की पेमेंट स्वीकार की जा रही है. रेलवे ने कहा कि उन्होंने किसी प्रकार से कोई भी रोक नहीं लगाई है. 

122 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
पढ़ें आखिर क्यों IRCTC ने दी सफाई, बैंकों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर नहीं लगी है कोई रोक

भारतीय रेलवे में बैंकों से विवाद पर दिया बयान.

खास बातें

  1. आईआरसीटीसी का बैंकों से लेन देने पर हुआ था विवाद
  2. विवाद के बाद बैंकों ने बयान देकर कहा था, रोक लगाई गई
  3. रेलवे ने दो टूक कहा. झूठ है. हम जांच कराने को तैयार
नई दिल्ली: भारतीय रेल ने कुछ समाचारों और वेबसाइट पर आई उन खबरों का खंडन किया है कि जिसमें दावा किया गया था कि रेल टिकट बुकिंग की वेबसाइट आईआरसीटीसी (IRCTC) से टिकट बुकिंग में कोई भी क्रेडिट या डेबिट कार्ड अब मान्य नहीं है. यह पूरा मामला बैंकों और रेलवे में टिकट बुकिंग में कुछ लेन-देन को लेकर पैदा हुआ था. आईआरसीटीसी ने कहा कि उसके पास 7 पेमेंट गेटवे हैं जिसके जरिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए टिकट बुकिंग की पेमेंट स्वीकार की जा रही है. रेलवे ने कहा कि उन्होंने किसी प्रकार से कोई भी रोक नहीं लगाई है. 

बता दें कि एक अखबार ने दावा किया था कि बैंकरों ने उन्हें बताया है कि आईआरसीटीसी ने अपनी वेबसाइट से उनके डेबिट व क्रेडिट कार्ड के पेमेंट पर रोक लगा दी है. बैंकों का कहना था कि यात्रियों से लिए जा रहे सुविधा शुल्क में रेलवे अपनी हिस्सेदारी मांग रहा है. यह न देने के कारण रेलवे ने आईआरसीटीसी से टिकट बुकिंग में बैंकों के क्रेडिट व डेबिट कार्ड से टिकट खरीदी पर रोक लगा दी है.

यह भी पढ़ें : रेल टिकट की ऑनलाइन बुकिंग पर सेवा शुल्क से अब सितंबर तक छूट, 40 रु तक का लाभ

वहीं, शुक्रवार को ही रेलवे ने साफ कर दिया कि उसने कोई भी डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई है. किसी थर्ड पार्टी से इसका ऑडिट कराकर इसे परखा भी जा सकता है. ऐसा दावा भी रेलवे की ओर से किया गया. इसमें कहा गया कि सात गेटवे से किसी के जरिए किसी भी भारतीय बैंक से पेमेंट की जा सकती है. रेलवे ने कहा कि कुछ बैंकों के साथ सीधे गठजोड़ किया गया है जिससे बिना गेटवे के बैंक से सीधे पेमेंट हो जाती है. ऐसे में जो एडिश्नल चार्ज आया है, उसके लिए आईआरसीटीसी ने बैंकों से ट्रांसजेक्शन फीस से कुछ हिस्सा रेलवे से बांटने को कहा है. रेलवे ने यह भी कहा कि बाद में यह हिस्सा कस्टमर के चार्जेज से कम करने के लिए कहा गया है और रेलवे ने अपने हिस्से की बात को समाप्त भी कर दिया.

बता दें कि वर्तमान में बैंकों को 1000 रुपये तक के टिकट पर 0.25 प्रतिशत की दर से एमडीआर चार्ज मिता है. इसके अलावा 1000रुपये से 2000 रुपये तक  0.5 प्रतिशत की दर से चार्ज लगता है. इससे ज्यादा रुपये के टिकट बुक होने पर 1 प्रतिशत की दर से चार्ज लगता है. यह दर आरबीआई द्वारा जारी गाइडलाइंस के मुताबिक है. यह गाइडलाइंस नोटबंदी के दौरान आई थी.  
VIDEO: रेलमंत्री रहते लालू ने किया भ्रष्टाचार? हो रही है जांच

क्योंकि 66 प्रतिशत टिकटों की बुकिंग 1000 रुपये से कम की होती है इसलिए आईआरसीटीसी ने बैंकों से आरबीआई के गाइडलाइंस को फॉलो करने का आदेश दिया था.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement