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रेग्युलर मंथली इनकम के ये शानदार 5 विकल्प, जिनसे आपको होगी नियमित आय

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) और वे म्यूचुअल फंड्स, जिनसे वक्त-जरूरत पर नियम के दायरे में रहकर विदड्रॉल का ऑप्शन दिया जा रहा हो... ऐसे विकल्प हैं जो नियमित मासिक आय की जरूरतों को पूरा करते हैं.

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रेग्युलर मंथली इनकम के ये शानदार 5 विकल्प, जिनसे आपको होगी नियमित आय

रेग्युलर मंथली इनकम के ये शानदार पांच विकल्प आप जरूर आजमाना चाहेंगे... (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली:

रिटायरमेंट ले चुके लोगों के लिए अपने निवेश से नियमित आय प्राप्त करना उनकी टॉप प्रायोरिटी होता है. यहां तक कि जो पार्ट टाइम काम कर रहे हों, वे भी यह कोशिश करते ही हैं कि रेग्युलर इनकम का सोर्स जरूर हो ताकि आमद बनी रही. ऐसे में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बेहतरीन ऑप्शन माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पास पारंपरिक एफडी से इतर भी कई शानदार विकल्प मौजूद हैं. ये हैं- पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना  (PMVVY) और वे म्यूचुअल फंड्स, जिनसे वक्त-जरूरत पर नियम के दायरे में विदड्रॉल का ऑप्शन दिया जा रहा हो.

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1 अप्रैल से वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों और पोस्ट ऑफिसों में खोले गए बचत खातों और आवर्ती जमा खातों (रिकरिंग डिपॉज़िट या आरडी) पर मिलने वाले ब्याज से होने वाली आय में ज्यादा रकम पर टैक्स में छूट हासिल होगी. मौजूदा समय में बचत खातों से होने वाली आय पर प्रत्येक व्यक्ति आयकर अधिनियम की धारा 80टीटीए के तहत 10000 रुपये तक के ब्याज पर टैक्स में छूट हासिल कर सकता है, लेकिन अब टैक्स कानूनों में धारा 80टीटीबी जोड़ने के प्रस्ताव किया गया है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज से होने वाली आय में से 50,000 रुपये तक की रकम पर कर में छूट हासिल होगी.


बैंक एफडी (Bank FD) यानी साविधि जमा योजना

फिक्स्ड डिपॉजिट आम लोगों के बीच खासा लोकप्रिय विकल्प है जिससे नियमित मासिक आय प्राप्त की जा सकती है. कुछ बैंक 10 साल तक की मच्योरिटी का विकल्प भी प्रोवाइड करवाते हैं. कुछ दिन पहले ही एसबीआई ने मियादी जमाओं पर ब्याज की दरों में इजाफा किया है. ऐसे में हो सकता है कि अन्य बैंक भी ब्याज दरों में इजाफा करें जिससे आपको ब्याज के जरिए मिलने वाली आय में भी इजाफा हो. मगर इस बीच यह बता दें कि बैंक ब्याज से होने वाली 10 हजार या इससे अधिक की आय पर 10 फीसदी टीडीएस काटता है. यानी. ब्याज से होने वाली आय टैक्स स्लैब के मुताबिक कर योग्य होती है.

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (Post Office MIS)

डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स फिलहाल मंथली इनकम स्कीम (MIS)पर 7.3 फीसदी की दर से ब्याज दे रहा है. निवेश की अधिकतम लिमिट है 4.5 लाख रुपये जोकि किसी एक खाते के लिए है. जॉइंट अकाउंट के लिए 9 लाख रुपये की अधिकतम सीमा होती है. पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम यानी मासिक आय योजना के लिए मच्योरिटी पीरियड पांच साल का है.

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana-PMVVY)

प्रधानमंत्री वाया वंदना योजना सीनियर सिटीजन्स को ध्यान में रखकर शुरू की गई है.  प्रधानमंत्री वय वंदना योजना भारत सरकार द्वारा घोषित एक पेंशन योजना है जो विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए है. सरकार ने इस बजट में इसके तहत निवेश की सीमा को भी 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया है. इस योजना को मार्च, 2020 तक विस्तार देने का प्रस्ताव भी दिया है. पहले यह योजना 4 मई, 2017 से 3 मई, 2018 तक के लिए थी. वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत सुनिश्चित 8 फीसदी ब्याज दिया जाता है. एलआईसी सरकार की इस योजना को चलाती है. इस योजना को भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से (एलआईसी) ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है. भारतीय जीवन बीमा निगम को इस योजना का संचालन करने का विशेषाधिकार दिया गया है.  योजना की खरीदारी के समय पेंशन द्वारा चुनी गई मासिक/तिमाही/अर्ध-वार्षिक/वार्षिक आवृत्ति के अनुसार 10 वर्षों की पॉलिसी अवधि के दौरान हर अवधि के अंत में पेंशन देय है. इस योजना को सेवा कर और जीएसटी से छूट दी गई है.

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सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम (Senior Citizen Savings Scheme)

सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम, 2014, उन लोगों के लिए डिपॉजिट स्कीम है जिनकी आयु 60 हो चुकी है. लेकिन वे डिफेंस पर्सनल जो 50 साल के हो चुके हैं या फिर वीआरएस लेने वाले जिन्होंने 55 साल की उम्र में यह रिटायरमेंट ली है, वे भी कुछ खास नियम शर्तों से यह खाता खोल सकते हैं. इसके तहत आप 15 लाख रुपये अधिकतम निवेश कर सकते हैं. जनवरी से मार्च वाली तिमाही में इस पर मिलने वाले ब्याज की दर है 8.3 फीसदी.  इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत सेक्शन 80सी के तहत यह स्कीम टैक्स फ्री है.लेकिन इस पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री नहीं है. टीडीएस के संबंधित नियम इस पर लागू हैं.

म्यूचुअल फंड्स से नियमित आय

म्यूचुअल फंड्स के एसडब्ल्यूपी यानी सिस्टमेटिक विदड्रॉल प्लान के जरिए भी नियमित मासिक आय का लाभ लिया जा सकता है. म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर्स फंड हाउस के पास एक एसडब्ल्यूपी शुरू करके आप समय के साथ अपने म्यूचुअल फंड निवेश में से पैसा निकाल सकते हैं. एसडब्ल्यूपी के तहत एक निश्चित तारीख पर एक निश्चित रकम रिडीम होती है. इन्वेस्टर को महीने में एक तारीख चुननी होती है जिस पर वह एसडब्ल्यूपी ट्रांजैक्शन चाहता है. कई म्यूचुअल फंड्स डिविडेंड का विकल्प देते हैं लेकिन याद रखें कि डिविडेंड यानी कि लाभांश कभी भी गारंटीड नहीं होता है. यह तो स्कीम के नफे में जाने पर मिलने वाले लाभ पर निर्भर करता है. और यह लाभ मार्केट लिंक्ड होता है यानी कि शेयर बाजार की चाल पर निर्भर करता है.

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अब जब आपको ऐसे कई ऑप्शन्स के बारे में मोटामोटी जानकारी मिल गई जिनसे नियमित मासिक आय प्राप्त की जा सकती है तो अपनी जरुरत अनुसार इसमें से किसी का चयन करें और निवेश कर लें.



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