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सर सैयद अहमद लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलने पर जामिया के कुलपति को CDOL ने किया सम्‍मानित

जामिया के कुलपति प्रोफेसर तलत अहमद को सर सैयद अहमद लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलने पर अर्जुन सिंह सेन्टर फॉर डिस्टेंस एंड ओपन लर्निंग सेन्टर( CDOL) ने सम्मानित किया.

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सर सैयद अहमद लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलने पर जामिया के कुलपति को CDOL ने किया सम्‍मानित

जाम‍िया के वीसी तलत अहमद को गुलदस्‍ता भेंट करते हुए कर्मचारी

नई द‍िल्‍ली : जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति प्रोफेसर तलत अहमद को सर सैयद अहमद लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलने पर जामिया के अर्जुन सिंह सेन्टर फॉर डिस्टेंस एंड ओपन लर्निंग सेन्टर( CDOL) ने सम्मानित किया. यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. तलत अहमद को शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व छात्र संघ-न्यूयार्क (एएएनआइ) ने हाल ही में अमरीका के न्यूयॉर्क में सर सय्यद लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया था. इसी खुशी में CDOL ने  ये सम्मान समारोह आयोजित किया था. CDOL के ओएसडी प्रोफेसर मुज्तबा खान और कर्मचारियों के अलावा जामिया के सभी पदाधिकारियों और कुछ अध्यापकों ने प्रो. अहमद को फूलों का गुलदस्ता पेश कर मुबारकबाद दी.

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कुलपति प्रोफेसर तलत ने इस मौके पर कहा, 'सर सैयद अवॉर्ड मिला इसलिए बहुत खुशी है क्योंकि जामिया में भी ज़्यादातर लोग AMU से पढ़ कर आए हैं और यहां काम करते हैं. जामिया को गौवंवित महसूस करना चाहिए कि उनके वीसी को ये अवॉर्ड मिला और क्योंकि वीसी को अवॉर्ड मिला मतलब, जामिया को  ये अवॉर्ड मिला.'

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प्रोफेसर अहमद ने सेन्टर के नौजवान कर्मचारियों को संदेश दिया और कहा कि वो अपना 100 परसेंट परफॉर्मेन्स दें ताकि उनका भी नाम हो और संस्थान का भी. उन्होंने यह भी कहा कि भारत की तीनों सेनाओं के साथ जामिया ने समझौता किया है. हाल ही में भारतीय सेना से भी समझौता हुआ है ऐसे में सेन्टर पर काफी काम बढ़ेगा और इसको एक चुनौती की तरह लें और ये खुशी की भी बात है कि सेन्टर पर ये भरोसा है कि वो नई चुनौती ले सकते हैं.

गौरतलब है कि जामिया मिलिया इस्लामिया और भारतीय सेना के बीच हाल ही में एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं जिसके तहत सेना के जवान और अधिकारी इस विश्वविद्यालय से ओपन लर्निंग के ज़रिए ग्रेजुएट एवं पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई कर सकेंगे. भारतीय वायु सेना और नौसेना के 12 हज़ार से अधिक जवान पहले ही पूर्व में हुए इस तरह के सहमति पत्र के तहत यहां से शिक्षा ले रहे हैं.

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