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CBSE में अब नहीं होगी इन 41 विषयों की पढ़ाई, 10वीं के छात्रों के पास फेल होने पर ये होगा 'विकल्प'

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CBSE में अब नहीं होगी इन 41 विषयों की पढ़ाई, 10वीं के छात्रों के पास फेल होने पर ये होगा 'विकल्प'

छात्रों को करियर संबंधी विकल्प मुहैया कराने के इरादे से शुरू किये गए थे ये कोर्स (प्रतिकात्मक तस्वीर)

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने छात्रों की कम दिलचस्पी को देखते हुए कुल 41 विषयों की पढ़ाई बंद करने का फैसला किया है. बोर्ड ने आगामी सत्र 2017-18 से बंद किये जा रहे सब्जेक्ट्स की लिस्ट जारी की है.

जिन विषयों की पढ़ाई बंद करने का फैसला किया गया है उनमें कक्षा 12वीं में एकेडमिक इलेक्टिव में सात विषयों फिलोसॉफी, क्रिएटिव राइटिंग एंड ट्रांसलेशन स्टडीज, हेरिटेज क्राफ्ट, ग्राफिक डिजायन, ह्यूमन राइट्स एंड जेंडर स्टडीज, थियेटर स्टडीज और लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस विषय शामिल हैं.

कोर्स के वर्तमान छात्रों पर नियम लागू नहीं
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड11वीं और 12वीं में पढ़ाए जाने वाले 34 वोकेशनल विषयों को बंद किया गया है. इनमें पोल्ट्री न्यूट्रीशन एंड फिजियोलॉजी, पोल्ट्री प्रोडक्ट्स एंड टेकनोलॉजी, पोल्ट्री डिजीज एंड देयर कंट्रोल, फाउंड्री टेकनोलॉजी, मैनेजमेंट ऑफ डेयरी एनिमल्स, मिल्क मार्केटिंग एंड एंटरप्रेन्योरशिप, डेयरी प्रोडक्ट टेक्नोलॉजी, नेल टेक्नोलॉजी एंड रिटेल, आर्ट्स एंड साइंस ऑफ मेकअप एंड रिटेल, एस्टिमेशन इन सिविल इंजीनियरिंग, एलीमेंट्री स्ट्रक्चरल मैकेनिक्स, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस एंड अकाउंटिंग, ऑफिस कम्युनिकेशन, एसी एंड रेफ्रिजरेशन प्रथम द्वितीय, बायोलॉजी ऑप्थेलमिक,ऑप्टिक, लैब मेडिसिन, क्लिनिकल बायो केमिस्ट्री, माइक्रो बायोलॉजी, रेडिएशन फिजिक्स, रेडियोग्राफी प्रथम द्वितीय, हेल्थ एजुकेशन, कम्युनिकेशन, फर्स्ट एड एंड इमरजेंसी मेडिकल केयर, चाइल्ड नर्सिंग, मिडवाइफरी, हेल्थ सेंटर मैनेजमेंट, इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन्स, कांफेक्शनरी, म्यूजिक एस्थेटिक्स और म्यूजिक प्रोडक्शन विषय शामिल हैं. 

करियर के लिहाज़ से शुरू हुई थी इन सब्जेक्ट्स की पढ़ाई
बोर्ड ने करीब दो साल पहले छात्रों के लिए इन वोकेश्नल कोर्स की पढ़ाई शुरू की थी, ताकि उन्हें अपना करियर चुनने के लिए और भी विकल्प और ट्रेनिंग मिल सके. सीबीएसई ने साफ किया है कि इन विषयों में कम एनरोलमेंट के चलते ही इन्हें बंद किया जाएगा.

फेल होने रपर 10वीं के छात्रों की मदद करेंगे ये विषय!
10वीं कक्षा में पढ़ाए जाने वाले वोकेश्नल विषयों को भी री-मॉडल किया गया है. अब स्कूलों में इनकी पढ़ाई छठे विषय के तहत अनिवार्य नहीं होगी. राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा (एनएसक्यूएफ) के तहत अनिर्वाय विषय के तौर पर व्यवसायिक शिक्षा दे रहे स्कूलों के लिए केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवी कक्षा की बोर्ड परीक्षा में अपने मूल्यांकन के तौर तरीकों को नये सिरे से ढाला है. अब छात्रों को ये विषय एडिश्नल सब्जेक्ट के रूप में पढ़ाए जाएंगे.

सीबीएसई ने कहा है, ‘‘अगर छात्र तीन वैकल्पिक विषयों विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित में से एक में भी फेल हो जाता है तो इसके जगह पर व्यवसायिक विषय (छठे अतिरिक्त विषय) को प्रतिस्थापित किया जा सकेगा.’’ 
 


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