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राजधानी के 575 निजी स्कूल ब्याज के साथ वापस करें बढ़ी हुई फीस: दिल्ली सरकार

उच्च न्यायालय ने समिति का गठन छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के संबंध में निजी स्कूलों के रिकार्ड की जांच करने के लिए किया था.

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राजधानी के 575 निजी स्कूल ब्याज के साथ वापस करें बढ़ी हुई फीस: दिल्ली सरकार

स्कूली बच्चों की फाइल फोटो

खास बातें

  1. हाई कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में फीस वापसी की बात कही
  2. कमेटी ने दिल्ली के 1169 स्कूलों के ऑडिट के बाद लिया गया फैसला
  3. स्कूलों को दिया गया है एक सप्ताह का समय
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार  ने राजधानी के 575 निजी स्कूलों को बढ़ी फीस वापस करने का आदेश दिया है. सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि इन स्कूलों को जून 2016 से जनवरी 2018 के बीच वसूली गई बढ़ी हुई फीस को नौ प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाना होगा. गौरतलब है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा गठित एक समिति की रिपोर्ट के बाद आया है. उच्च न्यायालय ने संबंधित समिति का गठन छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के संबंध में निजी स्कूलों के रिकार्ड की जांच करने के लिए किया था.

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इस समिति ने अभी तक राजधानी के 1169 स्कूलों का ऑडिट के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है. दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के एक आदेश में कहा गया है कि समिति ने अपनी रिपोर्ट में ऐसे 575 स्कूलों की पहचान की है, जिन्होंने फीस को लेकर नियमों का पालन नहीं किया. लिहाजा अब इन्हें वसूली गई बढ़ी फीस को नौ प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाना होगा. खास बात यह है कि स्कूलों को फीस वापस करने के लिए एक सप्ताह का ही समय दिया गया है.

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इन सभी स्कूलों को सरकार द्वारा दी गई समय सीमा के अंदर ही फीस वापस करना होगा. सरकार द्वारा स्कूलों को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि वह फीस वापस करें और साथ ही यदि कोई वेतन बकाया है तो उसका भी भुगतान सुनिश्चित करें.

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जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूलों द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं करने को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी स्कूलों के खिलाफ दिल्ली स्कूल शिक्षा कानून , 1973 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. (इनपुट भाषा से) 


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