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स्वेच्छा से हिंदी की पढ़ाई के लिए राज्यों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए: एचआरडी समिति

समिति के सदस्यों ने राय दी कि वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिक शब्दावली आयोग को त्रिभाषीय प्रौद्योगिकीय शब्दावली तैयार करनी चाहिए. सदस्यों ने अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में शब्दावली बनाने की राय दी.

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स्वेच्छा से हिंदी की पढ़ाई के लिए राज्यों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए: एचआरडी समिति
नयी दिल्ली: मानव संसाधन विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति ने सिफारिश की है कि नौवीं और दसवीं कक्षाओं में अनिवार्य रूप से हिंदी पढ़ाने का निर्देश दिए जाने की बजाय ‘‘स्वेच्छा’’ से इस भाषा की पढ़ाई के लिए राज्यों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए.

मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय की अध्यक्षता में हुयी एक बैठक में समिति के सदस्यों ने राय दी कि वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिक शब्दावली आयोग को त्रिभाषीय प्रौद्योगिकीय शब्दावली तैयार करनी चाहिए. सदस्यों ने अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में शब्दावली बनाने की राय दी.

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि समिति ने राय दी कि मंत्रालय को मूल रूप से हिंदी में पत्राचार को बढ़ावा देना चाहिए. पैनल ने इस बात पर भी जोर दिया कि हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कठिन शब्दों के स्थान पर सरल और लोकप्रिय शब्दों का उपयोग किया जाना चाहिए.

एक संसदीय पैनल ने सिफारिश की है कि केंद्रीय विद्यालयों और सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में दसवीं कक्षा तक छात्रों के लिए हिंदी की पढ़ाई को अनिवार्य बनाया जाए.

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राष्ट्रपति ने पिछले महीने इस सिफारिश को मंजूरी प्रदान कर दी.
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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