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UGC NET के सिलेबस में 10 साल बाद होगा बदलाव, बनाई गई समितियां

विश्वविद्यालयों में बदले सिलेबस ने यूजीसी को किया बाध्य, समीति जल्द देगी अपनी रिपोर्ट

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UGC NET के सिलेबस में 10 साल बाद होगा बदलाव, बनाई गई समितियां

प्रतीकात्मक चित्र

खास बातें

  1. 25 से ज्यादा समितियां बनाई गई है, जो जल्द सौपेंगी अपनी रिपोर्ट
  2. देश भर के विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम को आधार रखकर होंगे बदलाव
  3. 90 से ज्यादा विषयों में आयोजित होती है नेट की परीक्षा
नई दिल्ली : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) पहली बार अपने सिलेबस में बदलाव करने जा रहा है. बीते एक दशक में यह पहला मौका है जब यूजीसी एेसा बदलाव करने जा रहा है. यह बदलाव असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फैलोशिप (जेआरएफ) के लिए होगा. अब परीक्षार्थियों को राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) की तैयारी नए सिरे से करनी होगी.

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नए बदलाव को लागू करने के लिए यूजीसी ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन भी किया है. यह विशेषज्ञ समिति उन सभी विषयों के सिलेबस में संशोधन और बदलाव करेगी जिसकी परीक्षा यूजीसी-नेट के तहत होती है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह विशेषज्ञ समिति विभिन्न विश्वविद्यालयों में अभी पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम के आधार पर नेट के सिलेबस में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार करेगी. जिसे आयोग और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद यह फैसला लिया जाएगा कि इसे कब लागू करना है। 

गठित की गईं 25 समितियां
अभी तक यूजीसी नेट की परीक्षा 90 विषयों में कराई जाती है. इन सभी विषयों के सिलेबस में बदलाव के लिए आयोग ने अभी तक 25 विशेषज्ञ समितियों का गठन किया है। आधुनिक पाठ्यक्रम के तहत इन सभी विषयों के सिलेबस को संशोधित किया जाएगा. यूजीसी से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस कार्य के लिए अभी और समितियां बनाई जा सकती हैं.

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आउटडेटेड है नेट का सिलेबस
यूजीसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार मौजूदा सिलेबस दस साल पुराना है.बीते दस वर्षों में विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम में कई बार बदलाव किया है.

VIDEO: नेट को लेकर पहले भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं छात्र
ऐसे में नेट परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी जब असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर विश्वविद्यालयों में पढ़ाने जाते हैं तो उन्हें अपडेटेड पाठ्यक्रम के मुताबिक छात्रों के पढ़ाने में दिक्कत आती है.


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